हिंदू समाज पार्टी के प्रमुख और अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के पूर्व अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्याकांड में एक बड़ा ख़ुलासा हुआ है। दोनों हत्यारे लखनऊ के ही नाका थाना क्षेत्र के खालसा होटल में ठहरे थे। हत्या करने वाले दोनों आरोपितों के भगवा कपड़े और बैग बरामद कर लिए गए हैं। होटल के कमरे से जो भगवा वस्त्र मिले हैं उन पर ख़ून के निशान लगे हुए हैं। पुलिस ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मिलकर पूरे कमरे की सघन जाँच की और संदिग्ध सामान को क़ब्ज़े में ले लिया है। हत्या करने के बाद दोनों आरोपितों की लोकेशन भी ट्रेस हो गई है। लखनऊ से निकल के हरदोई और बरेली होते हुए गाज़ियाबाद तक की लोकेशन मिली है।
इससे साफ़ पता चलता है कि कमलेश तिवारी की हत्या करने के बाद भी हमलावर शहर में घूमते रहे। इसके बाद वो होटल पहुँचे और वहाँ अपने कपड़े बदले। काफ़ी देर वहाँ रुकने के बाद वो शनिवार की सुबह वहाँ से फ़रार हो गए। जाँच में पता चला है कि अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन ने होटल का कमरा बुक कराया था। दोनों असली नाम से ही होटल में रुके थे। जानकारी के मुताबिक़, 17 अक्तूबर को रात 11 बजे होटल आए थे। 18 अक्टूबर को सुबह साढ़े 10 बजे होटल से निकल गए। इसके बाद दोपहर 1.21 बजे होटल में वापस आए और दोपहर को 1.37 बजे वापस निकल गए। उद्योगनगरी एक्सप्रेस से दोनों हत्यारे कानपुर पहुँचे थे। सड़क से दोनों हत्यारे लखनऊ पहुँचे थे। इस बात का ख़ुलासा पुलिस ने प्रेस रिलीज़ में किया है।
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि दोनों हमलावरों की आख़िरी लोकेशन बरेली थी। हमलावर कुछ समय तक बरेली में रहे और फिर शहर से भाग गए। फ़िलहाल, यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) समेत कई पुलिस दल आरोपितों की धर-पकड़ में जुटे हुए हैं।
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