आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
जब तक पिछली यूपीए सरकार से दाना-पानी मिलता रहा, ठीक था, लेकिन 2014 में सत्ता परिवर्तन होने पर हराम का मिलना बंद होने पर शुरू कर दिया #award vapasi गैंग। मजे की बात यह है की इस गैंग ने अवार्ड तो वापस किए लेकिन अवार्ड के साथ मिले माल को नहीं, क्यों? यह दिखाता है इनकी बीमार मानसिकता। सत्ता परिवर्तन होते ही मानसिकता को इतनी जोर का झटका लगा कि वेंटीलेटर पर जाकर बीमारी काबू में आने की बजाए बिगड़ती ही जा रही है। जिसका प्रमाण जस्टिस रंजन गोगोई पर रामजन्मभूमि पर उगला जहर। जबकि शायर का काम अपनी शायरी से वास्तविकता को जनता के सम्मुख लाना होता है, लेकिन जो बिकाऊ शायर हो, कुंठित मानसिकता रखता हो, उसे झूठ और चोरी की कविताओं से वाह वाही लूट अपनी तिजोरी भरने में रामजन्मभूमि की वास्तविकता का बोध हो ही नहीं सकता।
मां पर शायरी लिखकर फेमस हुआ मुनव्वर राणा तो रंडियों का सौदागर निकलना। मुनव्वर राणा ने अयोध्या में श्री राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर अपनी जात दिखा दी है। उन्होंने कहा है कि भारत के पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिन्दुस्तान की एक रंडी भी नहीं बिकती है। जिस मुनव्वर राणा को एक शायर समझता था वो तो कुछ और ही निकला। इस कथित शायर ने साबित कर दिया है कि वो एक मुसलमान से अधिक कुछ नहीं है।
हाल ही में भारत के मशहूर शायर राहत इंदौरी की मौत हो गई। उनके साथ सैकड़ों बार मंच साझा कर चुके मुनव्वर राना अक्सर अपने विवादित बोल की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। अब उन्होंने एक बार फिर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवम्बर 2019 में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “भारत के पूर्व CJI रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिंदुस्तान की एक ₹#डी भी नहीं बिकती है।“
साथ ही उन्होंने रंगन गोगोई को राज्यसभा सदस्य बनाए जाने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि राम मंदिर पर उनका फैसला अच्छा था या बुरा, उन्हें राज्यसभा की सदस्यता नहीं दी जानी चाहिए थी। इसके बाद उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर मामले में न्याय नहीं हुआ बल्कि धोखाधड़ी हुई। उन्होंने कहा कि वो ये सब कुछ आरोप नहीं लगा रहे हैं बल्कि फैक्ट कह रहे हैं, ये सच्चाई है।
‘न्यूज़ नेशन’ से बातचीत करते हुए मुनव्वर राना ने इस्लाम की अच्छाइयाँ बताते हुए कहा कि अगर आप किसी मौलवी से ताबीज लिखवाते हैं तो वो रुपए नहीं लेता है, एक कप चाय तक नहीं पीता है। इसकी तुलना उन्होंने रंजन गोगोई द्वारा राज्यसभा की सदस्यता लेने से करते हुए पूछा कि इसका क्या मतलब हुआ साहब? साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में 2 लोगों ने मिल कर फैसला कर दिया, सब गलत हुआ और सब कुछ अपनी मर्जी से कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर ऐतिसासिक सुनवाई के लिए 5 सदस्यीय पीठ का गठन किया था, जिसने गहन सुनवाई के बाद इस पर फैसला किया। लेकिन इन सब के बावजूद मुनव्वर राना ने इसे भारत का आंतरिक मामला मानने से भी इंकार कर दिया और कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि क्या हुआ लेकिन कहने के लिए कोई भी मुल्क कह दे कि फलाँ मेरा अंदरूनी मामला है। उन्होंने कहा कि दिलों में जो नफ़रतें होती हैं, उसका क्या?
इसके बाद उन्होंने भारत के इतिहास के बारे में बोलना शुरू कर दिया और कहा कि हिंदुस्तान एक ऐसा देश हुआ है, जहाँ हर शताब्दी में कोई न कोई महात्मा पैदा हुए हैं, कोई साधु-संत या सूफी-फ़क़ीर पैदा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा की जो सीट 1 करोड़ या 50 लाख रुपए में बिकती थी, उसके लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश ने बेईमानी कर दी। साथ ही उन्होंने रंजन गोगोई की तुलना तानाशाह हिटलर और मुसोलोनी से की।
मुनव्वर राना ने इस पूरी बहस में रामायण को भी घुसाते हुए कहा कि जहाँ भगवान राम ने वचन के पालन के लिए अपनी गद्दी तक छोड़ दी थी, वहीं रंजन गोगोई ने अपने पद की भी प्रतिष्ठा नहीं रखी। मुनव्वर राना ने अपने बयानों पर माफ़ी माँगने से इंकार करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ गलत कहा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि माफ़ी माँगने का अर्थ है कि हम भी बिक गए और थक-हार कर बैठ गए।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने मुनव्वर राना के इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि ताउम्र ‘माँ’ के नाम पर संवेदनाओं की भरपूर कमाई खाने वाले एक शायर की खाल में छुपा रंगा सियार देखिए, एक नारी और देश की सर्वोच्च अदालत के लिए इनकी ज़ुबान देखिए, फिर ग़द्दार कहो तो कुंठित आत्माएँ तड़प उठेंगी। बता दें कि मुनव्वर राना ‘माँ’ पर अक्सर शायरी करते रहे हैं।
इससे पहले मुनव्वर राना ने माँग की थी कि अयोध्या के धन्नीपुर गाँव में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद के लिए जो 5 एकड़ ज़मीन मिली है, वहाँ भगवान राम के पिता राजा दशरथ के नाम पर अस्पताल बनवाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर उक्त माँग की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार द्वारा दी गई या जबरदस्ती हासिल की गई ज़मीन पर मस्जिद नहीं बनता। साथ ही मस्जिद के लिए रायबरेली में अपनी 5 एकड़ की ज़मीन ऑफर की।
जब तक पिछली यूपीए सरकार से दाना-पानी मिलता रहा, ठीक था, लेकिन 2014 में सत्ता परिवर्तन होने पर हराम का मिलना बंद होने पर शुरू कर दिया #award vapasi गैंग। मजे की बात यह है की इस गैंग ने अवार्ड तो वापस किए लेकिन अवार्ड के साथ मिले माल को नहीं, क्यों? यह दिखाता है इनकी बीमार मानसिकता। सत्ता परिवर्तन होते ही मानसिकता को इतनी जोर का झटका लगा कि वेंटीलेटर पर जाकर बीमारी काबू में आने की बजाए बिगड़ती ही जा रही है। जिसका प्रमाण जस्टिस रंजन गोगोई पर रामजन्मभूमि पर उगला जहर। जबकि शायर का काम अपनी शायरी से वास्तविकता को जनता के सम्मुख लाना होता है, लेकिन जो बिकाऊ शायर हो, कुंठित मानसिकता रखता हो, उसे झूठ और चोरी की कविताओं से वाह वाही लूट अपनी तिजोरी भरने में रामजन्मभूमि की वास्तविकता का बोध हो ही नहीं सकता।
मां पर शायरी लिखकर फेमस हुआ मुनव्वर राणा तो रंडियों का सौदागर निकलना। मुनव्वर राणा ने अयोध्या में श्री राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर अपनी जात दिखा दी है। उन्होंने कहा है कि भारत के पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिन्दुस्तान की एक रंडी भी नहीं बिकती है। जिस मुनव्वर राणा को एक शायर समझता था वो तो कुछ और ही निकला। इस कथित शायर ने साबित कर दिया है कि वो एक मुसलमान से अधिक कुछ नहीं है।
हाल ही में भारत के मशहूर शायर राहत इंदौरी की मौत हो गई। उनके साथ सैकड़ों बार मंच साझा कर चुके मुनव्वर राना अक्सर अपने विवादित बोल की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। अब उन्होंने एक बार फिर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवम्बर 2019 में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “भारत के पूर्व CJI रंजन गोगोई जितने कम दाम में बिके, उतने में हिंदुस्तान की एक ₹#डी भी नहीं बिकती है।“
साथ ही उन्होंने रंगन गोगोई को राज्यसभा सदस्य बनाए जाने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि राम मंदिर पर उनका फैसला अच्छा था या बुरा, उन्हें राज्यसभा की सदस्यता नहीं दी जानी चाहिए थी। इसके बाद उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर मामले में न्याय नहीं हुआ बल्कि धोखाधड़ी हुई। उन्होंने कहा कि वो ये सब कुछ आरोप नहीं लगा रहे हैं बल्कि फैक्ट कह रहे हैं, ये सच्चाई है।
‘न्यूज़ नेशन’ से बातचीत करते हुए मुनव्वर राना ने इस्लाम की अच्छाइयाँ बताते हुए कहा कि अगर आप किसी मौलवी से ताबीज लिखवाते हैं तो वो रुपए नहीं लेता है, एक कप चाय तक नहीं पीता है। इसकी तुलना उन्होंने रंजन गोगोई द्वारा राज्यसभा की सदस्यता लेने से करते हुए पूछा कि इसका क्या मतलब हुआ साहब? साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में 2 लोगों ने मिल कर फैसला कर दिया, सब गलत हुआ और सब कुछ अपनी मर्जी से कर दिया गया।
इस शायर ने रंजन गोगोई को राज्यसभा सदस्य बनाए जाने पर कहा है कि राम मंदिर पर उनका फैसला अच्छा था या बुरा, उन्हें राज्यसभा की सदस्यता नहीं दी जानी चाहिए थी। सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर मामले में न्याय नहीं हुआ बल्कि धोखाधड़ी हुई है। मुन्नवर राणा के इस दोगलेपन पर सोशल मीडिया में थू-थू हो रही है। प्रकाश शुक्ला नाम के एक यूजर ने लिखा है कि मुन्नवर राणा की हालत उस तवायफ जैसी हो चुकी है, जिसकी जवानी ढल गयी है और कोठा उजड़ चुका है। इस पर लोग अब इन्हीं की भाषा में ट्विटर पर जवाब दे रहे हैं:ताउम्र ‘ माँ ‘ के नाम पर संवेदनाओं की भरपूर कमाई खाने वाले एक शायर की खाल में छुपा रंगा सियार देखिए, एक नारी और देश की सवोच्च अदालत के लिए इनकी ज़ुबान देखिए, फिर ग़द्दार कहो तो कुंठित आत्माएँ तड़प उठेंगी। pic.twitter.com/YaE6zCzLRR— Shalabh Mani Tripathi (@shalabhmani) August 17, 2020
ये पढ़े लिखे और इज़्ज़तदार मुसलमान हैं तब ये हाल है बिना पढ़े लिखे मुसलमानो के अंदर कितना ज़हर भरा होगा इसका अंदाज़ा लगा लीजिये सब लोग और यहाँ हम सब लोग अलग अलग जातियों में लड़कर मरे जा रहें हैं— Akhilesh Singh Rathore Beenu (@AsRathoreBJP) August 17, 2020
थोड़ा करेक्शन भैया,— Ravi Tiwari 🇮🇳 (@itsRaviTiwari) August 17, 2020
ताउम्र दूसरे की चुराई हुई "माँ" वाली लाइन के संवेदनाओं की मलाई चाटने वाले..!
दर्द हैं तो चिल्लाएगा ही😩— 🇮🇳Raman 🇮🇳⛳ (@RamanJagtap3) August 17, 2020
ये जितना ज्ञान हमें बांटते हैं यही अगर धार्मिक कट्टरता के पीछे भाग रहे आतंकवाद करने वालों पर खर्च करते तो देश दुनिया से आतंकवाद खत्म हो सकता था लेकिन उनके खिलाफ बोलने में इनकी शायरी के पजामे गीले हो जातें हैं !
राहत से तो राहत मिली राणा से भी मिल जाएगी
हिंदुस्तान में रहकर सिर्फ हिंदुस्तान के लिए दिल मे नफरत ही है इनके यहां की कमाई पाकिस्तान में उड़ाते हैं तभी तो इनको हम देशद्रोही बताते हैं।— वकील साहिबा (@Lawyer_Kalpana) August 17, 2020
शलभ मणि त्रिपाठी जी— Dr. Sunil #जय_भारत🇮🇳 (@DrSunilOjha2) August 17, 2020
ट्वीट आप कर दिए दादा बहुत अच्छा किये
लेकिन मेरा अनुरोध है कि इसकी गिरफ्तारी हो और जेल मे डालो और ऐसी सजा दो की 7 पीढ़ी याद रखे ! दुबारा ये आत्मा जिओ शायरी न करें
CJI को क्या बोल रहा है ये ????
कोर्ट की अवमानना है
तुरंत कार्यवाही हो माननीय@myogiadityanath
😵😡Absolutely right Shalabh ji. This is condemned of court even rather than bigger crime. He is direct blaming former CJI for bribing without any evidence. I am unable to understand that why Govt. Is not taking any action and why Ranjan Gogoi is silent. He should be arrested😎🕵️♂️— Avnish Nigam (@AvnishNigam2) August 17, 2020
इसने आदरणीय अटल जी के घुटने पर सूवरों वाला शेर बोला था— Vedprakashsrivastava (@Vedprak73431455) August 18, 2020
इस हरामखोर कमीने को तो शायद यह भी मालूम नहीं की इसके पहले भी कई रीटायर्ड सीजेआई ने राज्य सभा की सदस्यता स्वीकार कर देश और समाज की सेवा की है।इस चुतीए की नजर में तो मंदिर तोड़ने वाला,हिन्दुओं का कत्लेआम करने वाले,मुसलमान और मुगल आक्रांता ही बड़े देशभक्त हैं।— Krishnakant (@bharadwaj23) August 18, 2020
इस सोच के इन्सान अपने माँ- बहन को किस गन्दी नजरों से देखते होंगे जो समाज में ऐसे बयान दे रहे।— Chandra Bhushan Patwa (@Bhushan_Patwa) August 17, 2020
इन जैसे बेशर्म इन्सान को जिनके नजरों में हमारे देश के संविधान के लिए ऐसी सोच हो तो इन्हें सलाखों के पीछे होना चाहिए।
मुझे योगी जी पर भरोसा हैं कि वो ही ऐसे जानवरों को सजा दे सकते हैं।🙏
देश में पिछले 6 साल से मोदी नामक कीटनाशक दवाई का छिड़काव किया जा रहा है, इसलिए ऐसे कीड़े मकोड़े लगातार अपने बिलों से बाहर आ रहे हैं और बिलबिला रहे हैं, इसलिए कीटनाशक दवाई का छिड़काव जारी रखने के लिए कमल का बटन दबाते रहें कीड़े मकोड़ों से छुटकारा पाते रहें 😄— पृथ्वीराज पंडित (@PrithviPandit7) August 17, 2020
यह बेशर्म जाहिल आदमी CJ I को बैठकर गाली दे रहा है , इसके ऊपर अदालत की अवमानना का केस होना चाहिए। लखनऊ की नाक कटा दी इस कुत्ते ने। इटली वाली के तलवे चाटते चाटते इस की जुबान भी गन्दी हो चुकी है।— Astrologer Usha Saxena (@AstrologerUsha) August 17, 2020
Ye kutta nahi Suwar hai, wo bhi gandi nali na suwar sala harami pata nahi kiski nazayaz aulad hoga, Ye sala jo bol raha hai na "Randi" , ye pakka kisi aisi ki hi aulad hoga— Jitu devpuriya (@jituDevpuriya) August 17, 2020
माननीय जज साहब की तो नही,लेकिन ये चोरी के शेर से शायर बने कि असलियत जरूर सामने आ रही है, आज डर वाले महानुभाव की भी टर्की की फर्स्ट लेडी के साथ डर दिख ही गया है,ज्यादा नही 10 साल मोदीजी pm और रह जाए,ये सब भेड़ के खाल में छिपे भेड़िये हुआ हुआ चिल्लाते हुए बाहर होंगे!!— Shakti Harsh tripathi (@hshakti6) August 18, 2020
ये शायर नही गद्दार है ,,,ये जिन्ना के खानदान का जिहादी मुल्ला है ।।— Alok Srii (@AlokSrii) August 17, 2020
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर पर ऐतिसासिक सुनवाई के लिए 5 सदस्यीय पीठ का गठन किया था, जिसने गहन सुनवाई के बाद इस पर फैसला किया। लेकिन इन सब के बावजूद मुनव्वर राना ने इसे भारत का आंतरिक मामला मानने से भी इंकार कर दिया और कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि क्या हुआ लेकिन कहने के लिए कोई भी मुल्क कह दे कि फलाँ मेरा अंदरूनी मामला है। उन्होंने कहा कि दिलों में जो नफ़रतें होती हैं, उसका क्या?
इसके बाद उन्होंने भारत के इतिहास के बारे में बोलना शुरू कर दिया और कहा कि हिंदुस्तान एक ऐसा देश हुआ है, जहाँ हर शताब्दी में कोई न कोई महात्मा पैदा हुए हैं, कोई साधु-संत या सूफी-फ़क़ीर पैदा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा की जो सीट 1 करोड़ या 50 लाख रुपए में बिकती थी, उसके लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश ने बेईमानी कर दी। साथ ही उन्होंने रंजन गोगोई की तुलना तानाशाह हिटलर और मुसोलोनी से की।
मुनव्वर राना ने इस पूरी बहस में रामायण को भी घुसाते हुए कहा कि जहाँ भगवान राम ने वचन के पालन के लिए अपनी गद्दी तक छोड़ दी थी, वहीं रंजन गोगोई ने अपने पद की भी प्रतिष्ठा नहीं रखी। मुनव्वर राना ने अपने बयानों पर माफ़ी माँगने से इंकार करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ गलत कहा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि माफ़ी माँगने का अर्थ है कि हम भी बिक गए और थक-हार कर बैठ गए।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने मुनव्वर राना के इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि ताउम्र ‘माँ’ के नाम पर संवेदनाओं की भरपूर कमाई खाने वाले एक शायर की खाल में छुपा रंगा सियार देखिए, एक नारी और देश की सर्वोच्च अदालत के लिए इनकी ज़ुबान देखिए, फिर ग़द्दार कहो तो कुंठित आत्माएँ तड़प उठेंगी। बता दें कि मुनव्वर राना ‘माँ’ पर अक्सर शायरी करते रहे हैं।
इससे पहले मुनव्वर राना ने माँग की थी कि अयोध्या के धन्नीपुर गाँव में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद के लिए जो 5 एकड़ ज़मीन मिली है, वहाँ भगवान राम के पिता राजा दशरथ के नाम पर अस्पताल बनवाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर उक्त माँग की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार द्वारा दी गई या जबरदस्ती हासिल की गई ज़मीन पर मस्जिद नहीं बनता। साथ ही मस्जिद के लिए रायबरेली में अपनी 5 एकड़ की ज़मीन ऑफर की।
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