दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजीव शर्मा नाम के स्वतंत्र पत्रकार को ‘ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट’ के तहत गिरफ्तार किया है। उसके पास से रक्षा सम्बन्धी गोपनीय दस्तावेज़ मिले थे। डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (स्पेशल सेल) संजीव कुमार यादव ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राजीव शर्मा के से पास रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई अहम दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं।
Freelance journalist Rajeev Sharma was arrested for passing sensitive information to Chinese intelligence. A Chinese woman and her Nepalese associate also arrested for paying him large amounts of money routed through shell companies: Delhi Police https://t.co/Qd5EbzTUPE
— ANI (@ANI) September 19, 2020
Scribe Rajeev Sharma held for giving info to Chinese got Rs 40 lakh in one-and-a-half years. He was getting USD 1,000 for each info: Police
— Press Trust of India (@PTI_News) September 19, 2020
Story to be keenly followed for the next one week in India looking at the national security concerns at present. Interrogation of Rajeev Sharma underway. Delhi Police tight lipped. For last several years he often wrote columns for many publications including the @globaltimesnews. https://t.co/S97KFPYBNs
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) September 18, 2020
😊 I have only seen his columns in @firstpost and @globaltimesnews. Haven’t met him on field. I am told he was also associated with a New Delhi based think-tank few years ago. Not much known about him.
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) September 18, 2020
It’s a known thing that many journalists and few political parties are on payroll of China , at least one even dared to document it
— Rajiv Gupta 🇮🇳 (@RajivGupta801) September 19, 2020
Many Ex Foreibn Secretaries are following him. Many journos from @ndtv are his followers. A full list of his followers will lead to his contacts. Many so called Defence Experts are also there.
— Jai Shree Ram 🙏 (@Padiram) September 19, 2020
हाल ही में राजीव शर्मा ने ग्लोबल टाइम्स के लिए एक लेख लिखा था जिसका शीर्षक था ‘A rapprochement road map for Beijing and New Delhi benefits both countries’ यानी बीजिंग और नई दिल्ली के लिए मेल मिलाप का रोड मैप जिससे दोनों देशों का फ़ायदा होगा। फिर उसने लिखा 5 मई की रात से गतिरोध पैदा होने के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्ते खराब हुए हैं। नतीजा यह निकला कि दोनों देशों के बीच जितने भी कूटनीतिक लाभ सम्भव थे वह एक झटके में ख़त्म हो गए। राजीव शर्मा पिछले कई सालों से चीनी समाचार पत्र के लिए इस तरह के लेख लिख रहा है।
इसके अलावा राजीव शर्मा ने लिखा, “दोनों देशों के बीच फ़िलहाल जिस तरह के हालात हैं वह साल 1962 के बाद सबसे तनावपूर्ण स्थिति है। दोनों देशों के पास गँवाने को बहुत कुछ है। इसलिए मूल उद्देश्य यह होना चाहिए कि शांतिपूर्ण और बेहतर आने वाले कल की तैयारी हो न कि सीमा पर दोनों देशों की सेनाएँ आमने-सामने हों।” इसके अलावा राजीव क्विंट और डेली ओ जैसे वामपंथी समाचार समूहों के लिए भी लिखता है। उसका अपना यूट्यूब चैनल भी है जिसका नाम है ‘राजीव किष्किन्धा’। इस चैनल को लगभग 11900 लोगों ने सब्सक्राइब किया है।
राजीव ने पिछले साल दावा किया था कि उन्हें कनाडा की एजेंसी ने इजरायल के स्पायवेयर पेगासस के जरिए उनके फोन की निगरानी किए जाने को लेकर सतर्क किया था। गिरफ्तारी के बाद उसके ट्विटर एकाउंट जिस पर 5300 फॉलोवर्स थे, उसे बंद कर दिया गया है।
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