सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में कोरोना पीड़ित और मृतकों की असलियत छुपाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली में स्थिति बहुत दयनीय है। इस सूत्र पर विश्वास इसलिए भी करना पड़ रहा है, पहले भी सरकारी आंकड़ों और शमशान और कब्रिस्तानों के आंकड़ों में भारी अंतर आ रहा था। जिसकी पुष्टि उस दिन हुई, जब एक मृत्यु में निगम बोध जाना पड़ा। लकड़ियों की पर्ची में जरुरत से अधिक समय लगने पर कर्मकांडी पंडित से बातचीत के दौरान बताया कि "रात को घर जाकर टीवी पर मौतें सुन हंसी आती है। अमित शाह के LNJP के दौरा करने से पूर्व किस तरह गैस में दनादन दाह संस्कार किया है, हम लोग जानते हैं।" दूसरे जब हाई कोर्ट ने ही हर 10 मिनट में मौत की बात कही है, किसी शंका की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती, यहीं से वास्तविकता नजर आ जाती है।
सर्वे के पहले दिन टीमों ने विभिन्न एरिया में जाकर कोविड-19 के लक्षण वाले लोगों के टेस्ट किए। इस सर्वे के लिए बूथ स्तर पर टीमें बनाई गई हैं। सभी 11 जिलों के डीएम ने अपने-अपने एरिया में ऐसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की लिस्ट बना ली हैं, जहां वायरस का फैलाव तेजी से हो रहा है। इस सर्वे में 4457 कंटेनमेंट जोन में रहने वाले 1.6 लाख लोगों के अलावा घनी आबादी वाले क्षेत्रों को पहली बार शमिल किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस सर्वे का मकसद कंटेनमेंट जोन और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रह रहे लक्षण वाले मरीजों की पहचान करना, उनके टेस्ट करना और पॉजिटिव लोगों को आइसोलेट करना है। साथ ही जल्द से जल्द उनके कॉन्टैक्ट में आए लोगों को तलाश कर उन्हें भी आइसोलेट करना है।
यह काम पांच दिन में पूरा हो सके इसके लिए टीचर, एमसीडी स्टाफ, आशा वर्कर्स और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स की टीमें बनाई गई हैं। डीएम के अनुसार सभी लक्षण वाले लोगों के टेस्ट के लिए सभी तरह के प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। पांच दिन में इतने लोगों का सर्वे करने के लिए एक टीम को प्रतिदिन 50 घरों की जांच करने का लक्ष्य दिया गया है।
पिछले दिनों गृह मंत्री अमित शाह और सीएम अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में इस सर्वे को करने का फैसला लिया था। इस सर्वे को एम्स, दिल्ली सरकार और एमसीडी मिलकर कर रही हैं। टीमों को साफ हिदायत दी गई है कि जिन घरों में सर्वे किया जा रहा है, उन्हें कोरोना जांच कहां करवाएं, कैसे करवाएं, खुद को कैसे आइसोलेट करें जैसी प्रकिया भी बताई जाएगी। इसका मकसद यह है कि इन पांच दिनों के दौरान एक घर में टीम एक बार जांच के लिए जाएगी। लेकिन इसके बाद भी लोगों में लक्षण आ सकते हैं। ऐसे में जानकारी होने पर व्यक्ति खुद प्रोटोकॉल का पालन कर सकता है।
देश में दिवाली के बाद कोरोना संकट एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है. संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देख कुछ राज्यों ने पाबंदी लगाना शुरू कर दी है. गुजरात के अहमदाबाद और मध्य प्रदेश के पांच शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया गया है. वहीं कुछ राज्यों में स्कूल और बाजार बंद करने का फैसला लिया गया है.
अहमदाबाद में 57 घंटे का कर्फ्यू
गुजरात सरकार ने अहमदाबाद में दिवाली के दौरान और बाद में कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ, गुजरात सरकार ने रात्रि कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. ये कर्फ्यू अहमदाबाद शहर में शुक्रवार रात 9 बजे (20 नवंबर) से सोमवार (23 नवंबर) को सुबह छह बजे तक 57 घंटे का कर्फ्यू रहेगा. हालांकि गुजरात सरकार ने कोरोना वायरस के प्रसार पर रोक के लिए राज्य में ताजा लॉकडाउन से इनकार कर दिया. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि उनकी सरकार राज्यव्यापी लॉकडाउन पर विचार नहीं कर रही है.
मध्य प्रदेश के पांच जिलों में आज रात से कर्फ्यू
मध्य प्रदेश के पांच जिलों में कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर रात्रि का कर्फ्यू लागू करने का सरकार ने फैसला लिया है. यह रात्रिकालीन कर्फ्यू शनिवार की रात से लागू होगा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कोराना की स्थिति की समीक्षा की थी.
चौहान ने बताया कि राज्य के पांच जिलों भोपाल, इंदौर, विदिशा, रतलाम और ग्वालियर में शनिवार को रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लगेगा. रात के समय कर्फ्यू लागू होने के बावजूद भारवाहक वाहनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा. साथ ही औद्योगिक इकाईयों में काम करने वाले कर्मचारी निर्बाध रुप से आ जा सकेंगे. राज्य में स्कूल व कॉलेज बंद रखे जाएंगे. नवमीं से 12वीं तक के छात्र मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल जा सकेंगे.
हरियाणा और मुंबई में स्कूल बंद
हरियाणा सरकार ने पिछले महीने स्कूलों को खोलने का फैसला किया था. लेकिन हरियाणा के कई स्कूलों में कोरोना का विस्फोट देखने के बाद राज्य सरकार ने 30 नवंबर तक के लिए सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं. यह फैसला राज्य सरकार ने स्कूलों में बढ़ते कोरोना वायरस के केस को लेकर लिया है. शिक्षा विभाग ने इस संदर्भ में निर्देश जारी किए हैं. हरियाणा के स्कूलों में छात्रों की कोरोना की जांच की गई, जिसमें 300 से ज्यादा छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए थे. नौवमीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए 2 नवंबर को स्कूलों को फिर से खोल दिया गया था.
वहीं कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अब 31 दिसंबर स्कूल बंद रहेंगे. इसको लेकर बीएमसी ने आदेश जारी कर दिए हैं.
राजस्थान में धारा 144
राजस्थान की राज्य सरकार ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों को 21 नवंबर से धारा-144 लगाने की सलाह दी है. गृह विभाग के ग्रुप-9 ने सभी जिलाधिकारियों को परामर्श जारी कर दिया है. सूबे में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. राजस्थान में सर्दियां बढ़ने के साथ ही नवंबर महीने के दूसरे सप्ताह में कोरोना के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं. प्रदेश में पहली बार 19 नवंबर को एक ही दिन में ढाई हजार से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए. इसके साथ ही 15 जिलों में कोरोना से 15 लोगों की मौत हुई. इसी बीच राज्य सरकार ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए सख्ती दिखानी शुरू कर दी है.

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