नष्ट किया गया मस्जिद का गुंबद
पिछले कुछ वर्षों में चीन के भीतर उइगर मुस्लिम समुदाय के लोगों पर होने वाला अत्याचार काफी बड़े पैमाने पर बढ़ा है। इसी कड़ी में चीन वहाँ पर स्थित उनके धार्मिक स्थल भी नष्ट करता रहा है। हाल ही में चीन के शिनजियांग प्रांत के आतुश नामक स्थान पर स्थित एक मस्जिद को नष्ट किया गया था और वहाँ शौचालय का निर्माण कराया गया था। ताज़ा मामला चीन के ही यिनचुआन प्रांत का है जहाँ अरब शैली में निर्मित मस्जिदों के गुंबद को तोड़ा गया है।
टेलीग्राफ में प्रकाशित ख़बर के अनुसार पूरे चीन में इस तरह की गतिविधियाँ एक अभियान के तहत हो रही हैं। चीन के निगज़िया प्रांत की राजधानी यिनचुआन ऐसा क्षेत्र है जहाँ चीन के हूई जातीय अल्पसंख्यक रहते हैं, इस जगह की एक मुख्य मस्जिद के बुनियादी ढाँचे में परिवर्तन देखा गया है। इस क्षेत्र की नुआंगन मस्जिद जो देखने में सुनहरे रंग की थी, उसके ठीक ऊपर प्याज के रंग का गुंबद था जिसे फ़िलहाल नष्ट कर दिया गया है। इतना ही नहीं, मस्जिद के भीतर सजावटी मेहराब, इस्लामी शैली की फिजरी और अरबी लिपि में उकेरे गए शब्दों को भी मिटा दिया गया है।
China destroys domes of famous main mosque in Yinchuan, capital of Ningxia pic.twitter.com/eklUVTCA76
— The International Herald (@TheIntlHerald) October 31, 2020
फ़िलहाल इस मस्जिद की स्थिति कुछ ऐसी है कि इनकी पहचान करना तक मुश्किल है और यह तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। दरअसल, चीन में ब्रिटेन मिशन के उप प्रमुख क्रिस्टीना स्कॉट ने चीन द्वारा मस्जिदों पर चलाए जा रहे इस अभियान की तस्वीरें साझा की। इन तस्वीरों में इस बात की पहचान कर पाना तक मुश्किल है कि नया ढाँचा ‘मस्जिद’ है। स्कॉट ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा, “यात्रा सलाहकार ने सुझाव दिया कि यिनचुआन में नुआंगन मस्जिद का भ्रमण किया जा सकता है।” इसके बाद तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “वहाँ जितना नज़र आता है वह केवल इतना ही है। गुंबद समेत इस तरह के सभी आकार नष्ट किए जा रहे हैं, किसी भी आगंतुक को यहाँ आने की अनुमति नहीं है। यह कितना निराशाजनक है।”
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने भी इस संबंध में ट्वीट करते हुए जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “चीन में जिस तरह इस्लाम और अन्य धर्म पर पाबंदी लगाई जा रही है, हम इस बात से बेहद चिंतित हैं। हमारा इस मुद्दे पर चीन से इतना कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था को अपने संविधान और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार बनाए रखें। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लिनेक्सिया में स्थित ‘लिटिल मक्का’ नाम से मौजूद इस्लामी धरोहरों को भी लगातार नष्ट किया जा रहा है।
चीन में इस तरह के धार्मिक अत्याचार और सामाजिक उत्पीड़न की ख़बरें बिलकुल नई नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन के शिनजियांग प्रांत में लाखों मुसलमानों को डिटेंशन कैम्प (कैद शिविर) में रखा जाता है। वहाँ उन पर तमाम तरह के अत्याचार किए जाते हैं, उनको शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। इसके अलावा वहाँ लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताओं का अनुसरण करने पर कड़ी कार्रवाई से गुज़रना पड़ता है।
चीन के इस्लाम विरोधी रवैये पर लोगों की प्रक्रियाएं, जिन्हें हर तुष्टिकरण पुजारी, छद्दम सेक्युलरिस्ट और हिन्दुत्व को अपमानित करने वालों को आंख खोलकर देखना चाहिए:-
इन्ही के बारे में चिंता की थी @SureshChavhanke जी ने कि अगर ये कल किसी जिले के जिलाधिकारी बन जायेगे तो क्या होगा वहा?
— kuldeep shukla (@Kuldeepshukla19) October 31, 2020
ये वीडियो #AMU का है और बोलने वाले वामपंथी समाज के प्रिय तथाकथित छात्र
सर कलम करने का खुला एलान#Subscribrers 👇https://t.co/qEMSC4ifut pic.twitter.com/PgDBH1WuY9
And turns Mosques into public toilets
— 小白鼠先生😷 (@shiroihamusan) October 31, 2020
But Islamic world didn't say a word on the disrespect from CCP pic.twitter.com/D4jLrKU2NC
So will @AP justify this? how? so if Hindus convert a mosque to a toilet will you help justify basis the atrocities done to #Hindus for centuries?
— Shai (@Shylsmn) November 1, 2020
ab vo kha h chutiye jo bahut bolte hain ki islaam ka apmaan hum nhi sahenge
— prateek jain (@prateek73105387) October 31, 2020
1- फ़्रांस के प्रोडक्ट का bycott करने वाले क्या चीनी सामान का भी बहिष्कार करेगे?
— Rajendra Singh Rao (@Rao_Rajendra_) November 1, 2020
2- भोपाल कांग्रेस के नेता क्या इसके लिए भी विरोध प्रदर्शन करेंगे?
3- वो सभी 130 तथाकथित बुद्धिजीवी क्या इस के खिलाफ कुछ बोलेंगे?@Javedakhtarjadu @_sabanaqvi
@ImranKhanPTI boycott ni karoge.. 😂
— 𝕵𝖔𝖐𝖊𝖗🤡 (@iamjoker2k20) November 1, 2020
As expected not a single protest against this! Everyone protest as per there convenience.
— The 4th Idiot (@crazieengg) November 1, 2020
China ke samne 56 ke 56 countries mil ke lade to bhi Aukaat nahi hai inki China ko thoda sa bhi damage karne ki.
— Sinhrann (@sinhrann) November 1, 2020
@RanaAyyub @khanumarfa @_sabanaqvi @vinodkapri sab jinda ho na!!
— sunil (@Sunilspeaking) October 31, 2020
सब्बू भउजी(@_sabanaqvi ),शेहलू भउजी(@Shehla_Rashid ),शेरू भउजी(@khanumarfa )चीन पाकिस्तान के दोस्त है,पाकिस्तान अपने आतंकी भाईजान लोगन के दोस्त।अब आतंकी भाईजान लोगन के वास्ते 100-50 महजिद के क़ुर्बानी तो दिया जाय सकत है?🤔
— देहाती मोगली(Secretary-#BhaujiGang😎)🇮🇳 (@AajKaMowgli) November 1, 2020
का जरूरत है ई मसले पे बोले के?🤔https://t.co/Pv49cbbdTP
Kyonki gangadhar hi shaktimaan hai 🤣🤣
— Roger That (@Jerry64992245) November 1, 2020
Why there is a deafening silence today on part of Imran Khan, Erdogan and Mahathir? Not a word on demolition of famous mosque of Yinchuan. All these self proclaimed saviours of Islam bark only when it suits them. Deal with all of them with iron hands and they will lick your boots
— Raj (@Stressfree1987) November 1, 2020
And bans Mecca pilgrimage.https://t.co/vVXXUwidAp
— ∆mit ✌️ikram (@amitvikram108) November 1, 2020
Bhaisahab bhartiya ke secular dallo ne inko uper chada diya nahi to puncture putro ki aukat kya hai
— Mahaveer (@Mahavee70583299) November 1, 2020
Bhiwandi bazar me French President ke virodh me to sadak par unki tasweer ko raund kar bahaduri dikha diya, ab China ki karni dekhkar shuturmurg ban gaye sabhi !
— Nilima Sinha (@NilimaSinha1965) November 1, 2020
Jihad tho ab nahi hoga.Tumhara kitab ab chup ho jatha hai Kya.France, Bharath mein jihad hoga. Chin tho tumhara bhas khi baath nahi hai. Hai na?Erdogan, Imran ab chup kyon hai. Kuch Kar dekhavo? pic.twitter.com/4KU27iYhzv
— Premkumar (@Premkum23489338) November 1, 2020
दुनिया मे इन्किलाब चीन से आएगा 21 वी सदी में , ऐसा मैं नही कह रहा अपितु श्रीमान नेवी अपनी किताब में कह गए प्रतीत होता है।
— 𝗖𝗠@𝟴𝗣𝗠 💙 (@ViviLovesIndia) November 1, 2020
😂
— रावण (@thisisravan) October 31, 2020
चीन ही अब इनका नया नबी है उसके आगे ये कुछ नहीं बोल सकते
— गनपत राय (@GanpatRai) November 1, 2020
वहाँ दाढ़ी बढ़ाना, रोज़ा रखना और यहाँ तक कुरान पढ़ना सभी को संदिग्ध गतिविधि के दायरे में रखा गया है। इस मुद्दे पर अलग-अलग जानकारों के अपने मत हैं, कुछ का मानना है कि चीन की जिनपिंग सरकार का यह रवैया बेहद नकारात्मक है, इसका लोगों पर भयावह प्रभाव पड़ रहा। इससे चीन का एक वर्ग कट्टरपंथ की ओर आगे बढ़ेगा।
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