एक कांग्रेस नेता दूसरे कांग्रेस नेता की बीवी को लेकर फरार?


सोशल मीडिया पर एक न्यूजपेपर की कटिंग काफी वायरल हो रही है। इस कटिंग में यह खबर है कि एक कांग्रेसी नेता दूसरे कांग्रेसी नेता की पत्नी को लेकर भाग गया।

एक तरफ जहाँ एक बार फिर कांग्रेस के घोटालों की चर्चा आम है वहीं सोशल मीडिया पर यह खबर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया यूज़र्स कांग्रेसी नेता के इस कारनामें पर जमकर मजे ले रहे, वहीं कई लोग आश्चर्यचकित होते हुए खबर की सच्चाई को लेकर एक हिंदी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या सच में एक कांग्रेसी नेता दूसरे कांग्रेसी नेता की पत्नी को लेकर भाग गया?

कहते है ना "जो पकड़ा गया वो चोर, वरना साहूकार", यदि ऐसी घटनाओं की पड़ताल की जाए, एक अच्छा-खासा ग्रन्थ बन जाएगा। क्योंकि दशकों से देश में राजनीति नहीं सियासत हो रही है। और अगर यह कहा जाए कि राजनीति/सियासत की आड़ में अय्याशी हो रही है, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। बात 70 के दशक की है, जब लाल दरवाज़ा, दिल्ली, में नगर निगम मतदान समाप्त होते ही आज़ाद उम्मीदवार दूसरी आज़ाद उम्मीदवार को लेकर फरार हो गया। ऐसी ही तीन घटनाएं 80 में भी घटित हुई। चुनाव प्रचार में ही रोमांस हुआ, जो मतदान संपन्न होते ही जीवन-बंधन में परिवर्तित हो गया। अब जिनको लैला-मजनुओं के किस्से नहीं पता, उनकी सुई केवल कांग्रेस पर ही अटकी रहती है। इसमें दो राय भी नहीं कि कांग्रेस में यह आम बात है, लेकिन अछूती कोई पार्टी नहीं। फिर भी, करिए याद, कांग्रेस सेवा दल क्यों बना? बरहाल, ट्विटर पर लोग क्या विचार प्रस्तुत कर रहे हैं, देखिए:

पहली नजर में यह खबर देखने पर किसी को भी लगेगा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल हो रही यह तस्वीर फर्जी है, और किसी ने शरारत करते हुए यह खबर छाप दी होगी। हालाँकि, बारीकी से निरीक्षण करने पर, यह बात सामने आई कि कॉन्ग्रेस नेता की किसी अन्य कॉन्ग्रेस नेता की पत्नी के साथ भागने की प्रकाशित रिपोर्ट सच है।

घटना मध्य प्रदेश से संबंधित है और इस साल फरवरी की है। मामला इंदौर के भवर कुँआ थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार बता दें इस साल की शुरुआत में एक कॉन्ग्रेसी नेता की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ लापता हो गई थी। महिला के पति ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खँगाले तो पता चला कि उसकी पत्नी और बच्चे एक अन्य कॉन्ग्रेस नेता के साथ दोपहिया वाहन से जाते हुए दिखे।

जिसके बाद अपनी लापता पत्नी के लिए पुलिस से संपर्क करने के बजाय कॉन्ग्रेस नेता ने भोपाल के कॉन्ग्रेस कार्यालय का दरवाजा खटखटाना ज्यादा सही समझा। और दूसरे कॉन्ग्रेसी नेता की शिकायत की। जिसके बाद पार्टी कार्यालय से कॉन्ग्रेस नेता को इंदौर वापस भेज दिया गया और उन्हें डीआईजी रूचि वर्धन शर्मा से संपर्क करने को कहा गया।

पुलिस थाने में उन्होंने माँग की थी कि उनकी पत्नी को उनके पास वापस लाया जाए। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया था कि जिस कॉन्ग्रेस नेता पर दूसरे नेता की पत्नी को भगाने का आरोप था, वह सेवादल का एक पदाधिकारी था और एक महिला कॉन्ग्रेस नेता के साथ भी जुड़ा था। 

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