आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार
राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा पर राज्य सरकार के रोक के बाद बीजेपी और आप के बीच की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में अब दिल्ली बीजेपी के पूर्व चीफ और सांसद ने मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपशब्द तक बोल दिए। तिवारी ने कहा कि गाइडलाइंस के नाम पर झूठा ड्रामा किया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण राज्य सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है और दिल्ली हाई कोर्ट ने इस फैसले को सही बताया है।
सत्ता के नशे में कभी अपशब्दों का प्रयोग किसी सम्मानित व्यक्ति को शोभा नहीं देता। विशेषकर, मनोज तिवारी जैसे गायक को। धर्म के नाम पर राजनीती करने के अनेकों अवसर थे, जब करवाचौथ, होली, दीपावली, राम नवमी, रक्षा बंधन आदि त्योहारों पर व्यंगात्मक आलोचना होने पर चुप्पी साधे रहे, क्यों? क्यों नहीं केजरीवाल की नाकामियों को लेकर टिप्पणी की, धरने और प्रदर्शन किए? तिवारी जी आपसे ज्यादा मैं इस पार्टी के गठन होने से विरोध करता आ रहा हूँ। जिसके लिए फोन पर धमकी भी मिल चुकी है। अपने लेखों में स्पष्ट रूप से लिखता आ रहा हूँ कि "जो मतदाता यह कहे मैंने कांग्रेस नहीं आप को वोट दिया, वह उसकी ग़लतफ़हमी है, कांग्रेस और आप सिक्के के एक ही पहलु हैं, दोनों का DNA भी एक है।" विस्तार से लिख भी चूका हूँ, जिसका धमकी देने वाले ने भी खंडन करने का साहस नहीं किया। आपके दिल्ली भाजपा अध्यक्ष रहते विधायक को सदन से बाहर निकाल दिया जाता है, आप चुप रहे। केवल नरेंद्र मोदी के कंधे बैठ गलत शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जो आपने दिल्ली सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किए, आधी दिल्ली के कार्यकर्ता तक नहीं होते, कोरोना रोकथाम में बरती गयी लापरवाहियों को उजागर करना था।
इस तरह की बयानबाज़ी कर केजरीवाल को सुर्ख़ियों में ला रहे हैं, जो आने वाले चुनावों में भाजपा पर ही भारी पड़ेगा, मनोज जी यह कटु सच्चाई है।
मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा, “कमाल के नमकहराम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हैं। कोविड के सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन कर आप छठ नहीं करने देंगे और गाइडलाइंस सेंटर से माँगने का झूठा ड्रामा अपने लोगों से करवाते हैं। तो बताएँ, ये 24 घंटे शराब परसोने के लिए परमिशन कौन से गाइडलाइंस को फ़ॉलो कर ली थी, बोलो CM।”
कमाल के नमकहराम मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal हैं.. COVID के social distancing नियमो का पालन कर आप छठ नही करने देंगे और guidelines सेंटर से माँगने का झूठा ड्रामा अपने लोगों से करवाते है..तो बताए,ये 24 घंटे शराब परोसने के लिए permission कौन से guidelines को फ़ॉलो कर ली थी, बोलो CM pic.twitter.com/vHlTEQb7te
— Office Of Manoj Tiwari (@ManojTiwariOffc) November 18, 2020
लोगों ने लगा दी मनोज तिवारी की क्लास:-
क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी @ManojTiwariMP नमकहराम कहेंगे?#ShameOnTiwari pic.twitter.com/ZtM1rfqkHO
— AAP (@AamAadmiParty) November 18, 2020
Madam kisi ne shopping karne se roka hai kya? Diwali par kya chatth ki Tarah community gathering Hoti hai? Thoda to dimag lagao!
— Prashant Kumar (@prashkmr) November 18, 2020
@ManojTiwariMP निश्चित ही आप बिहार में चल रहे महाजंगलराज के महाराजा के नौकरी बेंचने वाले वर्तमान शिक्षामंत्री मेवालाल चौधरी वाले के कार्यकाल में नहीं पढे हो। देखिए समाचार पत्र में हिंदी में क्या लिखा है। आप @LtGovDelhi से परमिशन दिलवा दीजिए केंद्र की अपनी सरकार से अनुरोध करके। pic.twitter.com/rXYOjpni3H
— सुभाष चंद्र यादव (@scy1979) November 18, 2020
🤣🤣🤣🤣😂😂😂😂
— विजय कुमार हिन्दू (@vijaysingh4343) November 18, 2020
इन चीजों के लिए सिर्फ एक ही संवैधानिक पद है वह प्रधानमंत्री का उसके लिए कोई भी गलत नहीं बोल सकता है भूचाल आ जाएगा भारत में यह थर्ड क्लास पॉलीटिशियन लोगों को गुमराह कर रहे हैं लेकिन दिल्ली वाले इतने बेवकूफ नहीं है उनके झांसे में आएंगे अगली बार तो खाता भी नहीं खुलेगा इनका
— Attu Yadav (@attitude_attu) November 18, 2020
कमाल का आदमी है मनोज तिवारी जिस दिल्ली का खाता है वही की जनता के द्वारा चुने गए CM को बुरा बोलता है
— हरीश Rajpoot (@hkrajpoot_hindu) November 18, 2020
याद रख श्री राम जी सब देख रहे है, ऐसी सजा मिलेगी के पानी तक नहीं मांग पायेगा
इतना ही जनता से प्यार है तो जाकर अमित जी से इजाज़त क्यों नहीं ले आता
बुरा समय आने वाला है तेरा
Namakharaam Manoj ji ki tarif.. pic.twitter.com/EnLZZBHjH4
— Rishi Raj Goel (@teamrrg) November 18, 2020
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के कारण दिल्ली सरकार के सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा नहीं कराने के आदेश को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा की अनुमति देना इस जानलेवा बीमारी का तेजी से प्रसार का रास्ता तैयार करना होगा।
उन्होंने दिल्ली में कोरोना से बिगड़े हालात के पीछे सीधे-सीधे अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया और सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर रोक के पीछे बिहार चुनाव में बीजेपी को मिली जीत बताया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल बीजेपी की जीत से चिढ़ गए हैं।
बीजेपी सांसद ने कहा कि पहले कोरोना के अटैक में भी अरविंद केजरीवाल घर से बाहर नहीं निकले थे। केजरीवाल सिर्फ विज्ञापन करते हैं। गृह मंत्री के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली में व्यवस्थाएँ बेहतर हुई हैं। अभी अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में छठ पूजा पर अटैक कर दिया है। आज मंदिर-मस्जिद, सप्ताहिक बाजार सब खुले हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर छठ नहीं मनाने दिया जाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अरविंद केजरीवाल उत्तर प्रदेश और बिहार में हार से नाराज हैं। उन्हें दिल्ली में छठ पूजा को लेकर नियमों के तहत मनाने की छूट देनी चाहिए।
दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर बैन को लेकर बीजेपी और AAP में जमकर जुबानी जंग जारी है। सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा करने की माँग को लेकर दिल्ली बीजेपी पूर्वांचल मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार (नवंबर 17, 2020) को सीएम आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में दिल्ली बीजेपी के महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह, पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा व अन्य कई लोग मौजूद रहे।
उधर, छठ पूजा के आयोजन को लेकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस जारी करके छठ पर्व मनाने पर रोक लगाई है। बीजेपी नेता दिल्ली सरकार पर पर्व मनाने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाकर राजनीति कर रहे हैं।
बीजेपी प्रदेश महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब दिल्ली में मुख्यमंत्री साप्ताहिक बाजारों, मॉल, शराब के ठेकों और ई-रिक्शा को चलाने की अनुमति दे सकते हैं, तो छठ पूजा के आयोजन के लिए अनुमति क्यों नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सैकड़ों लोगों के साथ अक्षरधाम मंदिर में पूजा कर सकते हैं तो छठ पूजा के आयोजन पर भी अनुमति देना चाहिए।
छठ पूजा पर रोक लगा कर मुख्यमंत्री ने लाखों पूर्वांचलियों के साथ भेदभाव किया है और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाया है। पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा ने कहा कि किसी भी पूर्वांचली ने यह नहीं सोचा था कि उन्हें छठ के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री से ऐसे अनुरोध करना पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘पूर्वांचल विरोधी’ करार दिया और कहा कि इस प्रतिबंध से दिल्ली में रहने वाले बिहार एवं पूर्वांचल के लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं।
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