कुर्सी की खातिर रंग बदलने में दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने गिरगिट को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है।
दिल्ली में छठ पूजा पर DDMA के माध्यम से रोक लगाने के बाद केजरीवाल सरकार के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। इस मुद्दे पर बीजेपी के लगातार हमले के जवाब में सिसोदिया द्वारा गेंद केंद्र के पाले में डालने की नाकाम कोशिश की गई थी तो वहीं अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद मैदान में उतर आए हैं। केजरीवाल ने राजधानी में सार्वजनिक जगहों पर छठ पूजा की मंजूरी के लिए उपराज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल को पत्र लिखा है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को राष्ट्रीय राजधानी में छठ उत्सव की अनुमति को लेकर एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा "दिल्ली में कोविड की स्थिति बेहतर है। मेरे विचार से हमें सभी कोविड निर्देशों का पालन करते हुए छठ पूजा की अनुमति देनी चाहिए।" pic.twitter.com/G8vLuTE797
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 14, 2021
€Id ke liye bhi likha tha letter??
— Smoking Panda (@UP_Chatter) October 14, 2021
Jab dekho nautanki
एलजी को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि दिल्ली में पिछले तीन महीनों से कोरोना संक्रमण नियंत्रण में है। इसलिए कोरोना प्रोटोकाल का पूरा ध्यान रखने हुए छठ पूजा मनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली से सटे राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से सटे अन्य राज्यों में भी नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए उचित प्रतिबंधों के साथ छठ पूजा मनाने की अनुमति दी गई है।
I have urged Hon’ble LG to allow Chhath pooja celebrations in Delhi. Corona is now in control and many other states have allowed it. pic.twitter.com/110ZZtpBMl
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 14, 2021
#Hindu Demands:
— RajeevDubey (@RajeevDubey_Ind) October 14, 2021
1. Give permission for #firecrackers. The Flying Donkey does not crash aircrafts. Bogus idea of #Pollution
2. #freehindutemples
3. Equal right to manage our own educational institutions same as other religions
and become our #NextPM @ArvindKejriwal
और यह सड़जी ने गेंद डाल दी LG के पाले में।
— V!m@₹$h Patel🇮🇳 (@vimarsh410) October 14, 2021
हर बात को केंद्र सरकार या फिर LG के पाले में डालके खुद कैसे ज़िम्मेदारी से भागा जाए..यह केजरीवाल से शीखे।
🤣😝😂😜🤣
भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा #भगौड़ा और #गैरजिम्मेदार #CM @raghav_chadha @msisodia @SanjayAzadSln
सबके सब साले #गांडू
दिल्ली के लोगों और बीजेपी के हमलों के मद्देनजर केजरीवाल ने एलजी अनिल बैजल से अपील किया है कि जल्द से जल्द DDMA की बैठक बुलाकर छठ पूजा के लिए मंजूरी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से एलजी अनिल बैजल से कहा है कि दिल्ली के लोग बड़ी आस्था के छठ पूजा का पर्व हर साल मनाते हैं। यह त्योहार हमारी वैदिक आर्य संस्कृति का अहम हिस्सा है। छठ पूजा पर सूर्य देव और छठी मइया की पूजा करने वाले व्यक्ति को स्वास्थ्य समृद्धि और सुखों का लाभ होता है।
पत्र देखकर ऐसा लग रहा होगा जैसे इसके पहले प्रतिबन्ध किसी और ने लगाया था लेकिन ऐसा नहीं है। हालाँकि पिछली बार कोरोना के चलते दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व का आयोजन नहीं किया गया था। तो वहीं इस साल ईद सहित कई आयोजनों की अनुमति दी गई जबकि उस समय कोरोना के मामले ज़्यादा थे। लेकिन छठ के मामले में इस साल भी दिल्ली डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) ने कोरोना की आड़ लेते हुए आदेश जारी कर सार्वजनिक जगहों पर छठ पर्व के आयोजन पर रोक लगा दी है। जिसे लेकर दिल्ली बीजेपी ने केजरीवाल सरकार को घेरना शुरू कर दिया था। यहाँ तक की बीजेपी ने ईद पर अनुमति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री हाउस का घेराव करने की भी कोशिश की थी।
वहीं दो दिन पहले 12 अक्टूबर, 2021 को छठ पूजा पर प्रतिबंध को राजनीतिक मुद्दा बनते देखकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर गेंद केंद्र के पाले में डालने की कोशिश की थी, ताकि इस मुद्दे पर भाजपा के हमले को कुंद किया जा सके। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने फैसले की जिम्मेदारी सौंपते हुए गेंद वापस दिल्ली सरकार के पाले में डाल दी है। बता दें कि दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र भेजकर पर्व को मनाने की अनुमति और इसके संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने की माँग की थी।
डिप्टी सीएम का कहना था कि छठ पूजा उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मनाए जाने वाला ऐतिहासिक पर्व है। यह पूर्वांचल समाज के लिए सामाजिक-सांस्कृतिक त्योहार है। पूर्वांचल समाज के लोग इस पर्व को मनाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
वहीं छठ पूजा को लेकर दिल्ली सरकार और भाजपा के बीच मचे राजनीतिक घमासान के बीच केंद्र ने यह साफ कर दिया था कि इसके लिए अलग से दिशा निर्देश जारी करने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के लिए पहले से पूरे देश के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) मौजूद है और दिल्ली सरकार को उसी के अनुरूप फैसला लेना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना ठीक नहीं है। उनके अनुसार राष्ट्रीय स्तर का एक एसओपी केंद्र की ओर से जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी राज्य अपने-अपने यहाँ संक्रमण की स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर त्योहारों के लिए दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं। दिल्ली सरकार भी उसी के अनुरूप फैसला ले सकती है।
वहीं आज केजरीवाल के पत्र पर दिल्ली बीजेपी के मनोज तिवारी ने ट्वीट किया है, “जय छठी मैया… आस्था के आगे जिद टूटी… जितनी कहानी आज चिट्ठी में लिखे हो दिल्ली के मुख्यमंत्री जी.. ये सब प्रतिबंध लगाते याद नही था क्या? ख़ैर देर आए दुरुस्त आए… चलो मिल कर छठ मनाए… छठी मैया की जय।”
जय छठी मैया …आस्था के आगे ज़िद्द टूटी …
— Manoj Tiwari 🇮🇳 (@ManojTiwariMP) October 14, 2021
जितनी कहानी आज चिट्ठी में लिखे हो दिल्ली के मुख्यमंत्री जी ..ये सब प्रतिबंध लगाते याद नही था क्या ?
ख़ैर देर आए दूरस्त आए… चलो मिल कर छठ मनाए…छठी मैया की जय🙏
सब कोविड के नियमों अनुसार अनुशासित तरीक़े से छठ घाट पर मनाएँगे#छठयात्रा pic.twitter.com/9wBW8yCIvi
Andh bhakt spotted...bade wala
— Avadhesh Sharma (@avadhesh1569) October 14, 2021
श्रीमान @LtGovDelhi जी @CMODelhi @ArvindKejriwal जी जिस प्रकार की व्यवस्था आपने छठ पूजा पर की है उसका हम ह्रदय से आपका आभर प्रकट करते हैं। आपसे निवेदन है इसी प्रकार की व्यवस्था 2 या 3 मई 2022 (ईद उल फितर) और 9 या 10 जुलाई 2022 (ईद उल अज़हा) के मौक़े पर भी करने की कृप्या करें।
— SYED SUFIAN AHMED (@sufian_syed) October 14, 2021
@ArvindKejriwal sir plz donot compare Delhi with other state,becoz they controlled pandemic them self but you never control it him self, you always rely on home minister so plz think once that chhath Puja you can allow or not with your merit!!
— Shailendra Mani Tripathie (@tshailendram) October 14, 2021
यह पूरा मामला तब गरमाया जब दिल्ली सरकार ने खुले में छठ के आयोजन पर प्रतिबन्ध लगा दिया। दिल्ली बीजेपी ने छठ आयोजन की मनाही का विरोध करते हुए दिल्ली सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर अनुमति नहीं मिली तो उसके बावजूद भी छठ पर्व का आयोजन किया जाएगा। बीजेपी की दलील थी कि अगर पूरी दिल्ली को अनलॉक किया जा सकता है और सभी तरह की एक्टिविटी को अनुमति दे दी गई है तो छठ के आयोजन पर मनाही किस बात को लेकर है।
राजधानी में छठ पूजा पर बैन हटाने की मॉँग करते हुए मनोज तिवारी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के एक समूह ने मंगलवार (12 अक्टूबर, 2021) को सीएम हाउस के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने सीएम हाउस के चारों ओर बैरिकेडिंग की थी। इसका मकसद प्रदर्शनकारियों को सीएम हाउस तक पहुँचने से रोकना था। छठ पूजा पर बैन के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन के दौरान उन्हें चोटें भी आईं थी।