किसान आंदोलन से उठी अरबों-खरबों की संपत्ति बनाने वाले किसान नेताओं के बैंक खातों के जाँच की मांग

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने सभी किसान नेताओं की सीबीआई जांच की मांग की है। किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने दावा किया है कि इन किसान नेताओं के पास अरबों-खरबों रुपये की संपत्ति है।

किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत के सभी किसान नेताओं की सीबीआई से जांच होनी चाहिए। चाहे वे पंजाब के हों, हरियाणा के हों, उत्तर प्रदेश के हों, भानु प्रताप सिंह हों या राकेश टिकैत हों, इनके सारे प्रतिष्ठानों पर कल से ताले लग जाने चाहिए, चाहे पेट्रोल पंप हों, चाहे बसें हों, चाहे होटल हों, चाहे कोई कुछ हों, ताले लग जाने चाहिए, तभी किसानों का, देश का भला होगा। तभी सरकार किसानों की मांग पूरी कर पाएगी। इन किसान नेताओं ने तो अरबों-खरबों की संपत्ति बना ली है।

इस किसान नेता की मांग पर ट्विटर पर लोगों ने भी कुछ मांगें रखी है। जो विचारणीय भी हैं:-

भानु प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि एमएसपी जिसके लिए लड़ाई चल रही है वो तो हम बनाएंगे, किसान आयोग बनाएगा। अभी तक 72 सालों से सरकार जो एमएसपी बनाती रही है, उससे तो हम किसान बर्बाद हो गए। उससे हमें लाभांश और लागत मूल्य नहीं मिल रहा है।

किसान का डेढ़ लाख का iphone चोरी 

किसान आंदोलन में किस तरह के असामाजिक और स्वार्थी तत्व शामिल हैं, यह इसी बात से पता चलता है कि कभी वहां से महिलाएं के सैंडल गायब होने की खबरें आती हैं तो कभी किसान के आईफोन के गायब होने की खबर। किसान आंदोलन में शामिल गाजीपुर बॉर्डर पर एक किसान का करीब डेढ़ लाख की कीमत का फोन चोरी होने की खबर सामने आ रही है। किसी किसान के पास डेढ़ लाख की कीमत का फोन होना अपने-आप में दिलचस्प बात है, क्योंकि किसान तो सादा जीवन और सरलता के लिए जाना जाता है। जाहिर है, यह आंदोलन अराजक तत्वों के हाथों में चला मालूम होता है। इसमें किसी को शंका नहीं होनी चाहिए। 

ये आंदोलन नागरिकता संशोधक कानून की भांति दंगे में परिवर्तित होगा या नहीं, यह भविष्य के गर्भ में छिपा है, क्योकि इस आंदोलन की पैरवी और समर्थन करने वाले वही तत्व हैं, जो नागरिकता संशोधक कानून के विरोध करने वालों के साथ थे। शायद यही ऐसा अनोखा आंदोलन है, जिसमें हर प्रकार के ऐशो-आराम की सुविधा और नाना-प्रकार के व्यंजनों से ओतप्रोत है। नागरिकता संशोधक कानून के विरुद्ध में जुटाई भीड़ को मात्र 500 रूपए, बिरयानी और शानदार नाश्ते से ही निपटा दिया, लेकिन यहां पिज़्ज़ा, मेवा, मसाज आदि स्वादिष्ट व्यंजनों को देकर दोनों आंदोलनों में फर्क दिखा दिया कि जिसकी जैसी हैसियत है। खैर। 

किसान आंदोलन में शामिल गाज़ीपुर बॉर्डर पर एक किसान का तकरीबन डेढ़ लाख की कीमत का फोन चोरी हो गया है।फोन का मॉडल आईफोन 11 प्रो मैक्स है।

इसके पहले भी किसान आंदोलन में एक महिला नेता के सैंडल गायब होने की खबर सामने आई थी। सोशल मीडिया पर एक महिला किसान नेता का वीडियो काफी वायरल हुआ। किसान आंदोलन में शामिल इस महिला नेता गीता भाटी की सैंडल गायब हो गई। गीता भाटी ने मोदी सरकार पर सैंडल गायब कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘मेरी सैंडल सरकार और पुलिस की साज़िश के तहत गायब हुई है। मोदी सरकार मेरी सैंडल वापस दिलवाए।’ सोशल मीडिया पर यूजर्स इस वीडियो को वायरल कर रहे हैं।

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