संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत को तीन अहम जिम्मेदारियां मिलने जा रही हैं। भारत दुनिया के सबसे शक्तिशाली संगठन के तीन प्रमुख सहायक निकायों की अध्यक्षता करेगा। इसमें तालिबान प्रतिबंध समिति, आतंकवाद-रोधी समिति (2022 के लिए) और लीबिया प्रतिबंध समिति शामिल है। इसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने दी है।
टीएस तिरुमूर्ति ने शुक्रवार (8 जनवरी) को कहा कि भारत 2022 में यूएनएससी की आतंकवाद-रोधी समिति की अध्यक्षता करेगा। इस समिति की अध्यक्षता भारत के लिए खास मायने रखती है। भारत आतंकवाद से लड़ने में सबसे आगे है, विशेष रूप से सीमा पार से आतंकवाद, बल्कि इसके सबसे बड़े पीड़ितों में से एक है। ऐसे में आतंकवाद की रोकथाम के मामले में भारत की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पाकिस्तान जैसे आतंकवाद परस्त देशों और आतंकी संगठनों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने के प्रयास तेज हो सकते हैं।
Happy to announce that 🇮🇳 #India will be chairing 3 key subsidiary bodies of @UN #SecurityCouncil during #IndiainUNSC (2021-22):
— PR UN Tirumurti (@ambtstirumurti) January 8, 2021
➡️ Taliban sanctions committee
➡️ #CounterTerrorism committee (for 2022)
➡️ #Libya sanctions committee @MEAIndia #UNSC
My message ⤵️ pic.twitter.com/QJgBnmDer5
Great news! Do read @ambmanjeevpuri’s article for @GatewayHouseIND on how India's presence in the UNSC in 2021 provides a unique opportunity, diplomatically: https://t.co/QgtVeVFdta
— Aliasger Bootwalla (@AliBootwalla) January 8, 2021
Good news
— jason criss howk (@jason_c_howk) January 8, 2021
Afghans are stronger than ever, they need more diplomatic pressure in their enemieshttps://t.co/fNq0yTq9Wx
टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि तालिबान प्रतिबंध समिति हमेशा से भारत के लिए प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि तालिबान प्रतिबंध समिति हमेशा से अफगानिस्तान के शांति, सुरक्षा, विकास और प्रगति के लिए हमारे मजबूत हित और प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते भारत के लिए पहली प्राथमिकता है।
तिरुमूर्ति ने आगे कहा कि जब लीबिया और शांति प्रक्रिया पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्रित होगा, तो भारत एक एक महत्वपूर्ण मोड़ पर लीबिया प्रतिबंध समिति की कुर्सी को संभालेगा। लीबिया प्रतिबंध समिति को 1970 की प्रतिबंध समिति भी कहा जाता है, जो परिषद की एक बहुत महत्वपूर्ण सहायक निकाय है। यह समिति पेट्रोलियम उत्पादों के अवैध निर्यात को रोकने के लिए दो प्रतिबंधों को लागू करती है, जिसमें परिसंपत्तियों को जब्त करना और यात्रा प्रतिबंध शामिल है।
इन समितियों के अलावा भारत अगस्त 2021 में और फिर 2022 में यूएनएससी (UNSC) की अध्यक्षता करेगा। UNSC की अध्यक्षता हर सदस्य द्वारा एक महीने के लिए की जाती है। भारत के अलावा केन्या, मैक्सिको, आयरलैंड, और नॉर्वे गैर-स्थायी सदस्य के रूप में यूएनएससी में शामिल हुए हैं।
भारत ने हाल ही में UNSC में एक अस्थायी सदस्य के रूप में अपने दो साल के कार्यकाल का शुभारंभ किया। भारत का तिरंगा न्यूयॉर्क सिटी के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 4 जनवरी से फहराने लगा है। झंडा फहराने के बाद टीएस तिरुमूर्ति ने कहा था कि यह मेरे देश के लिए और मेरे प्रतिनिधिमंडल के लिए गर्व का क्षण है।


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