नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। अब 7 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च के दौरान किसानों की भीड़ ने महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी की। ट्रैक्टर मार्च कवर करने गईं रिपब्लिक टीवी की पत्रकार शिखा शर्मा और उनके कैमरापर्सन के साथ भीड़ ने छेड़छाड़ करने की भी कोशिश की। शिखा ने इस बारे में एक वीडियो के साथ ट्वीट करते हुए लिखा, ‘आंदोलन नहीं गुंडागर्दी हो रही है, पूरा देश देख ले #TractorMarch में गए मैं और कैमरापर्सन को विरोध के नाम पर मारने और #molest करने की कोशिश कर रही थी ये 500 लोगों की भीड़, किसी तरह ज़िंदा बचे, जवाब दीजिए क्या ये किसान हैं।’
#kisanandolan में किसान कम और गुंडे ज़ादा हैं।मैं पूछना चाहती हूं @RakeshTikaitBKU @Kisanektamorcha Harinder Lakhowal, Manjeet Rai Singh,Dr.Darshan Pal
— Malika Malhotra (@malhotra_malika) January 7, 2021
कहां थे आप सब जब reporters पर जानलेवा हमला हुआ ? विरोध करना और अटैक करने में बहुत अंतर होता है..एक बार फिर बस निंदा मत कीजिएग🙏 pic.twitter.com/BWiXWZYRdl
#FarmersProtestHijacked pic.twitter.com/aEp7XZWOk8
— Malika Malhotra (@malhotra_malika) January 7, 2021
आंदोलन नहीं गुंडागर्दी हो रही है,पूरा देश देख ले #TractorMarch में गए मैं और कैमरापर्सन को विरोध के नाम पर मारने और #molest करने की कोशिश कर रही थी ये 500 लोगों की भीड़,किसी तरह ज़िंदा बचे,जवाब दीजिए क्या ये किसान हैं @RakeshTikaitBKU @nstomar pic.twitter.com/tnevD8ezIG
— Shikha Sharma (@shikhasharmaa) January 8, 2021
We have been covering this protest since it started and we have always supported the real farmers,we still do. However, nothing is above the law and our Nation. We can’t let these handful of people ruin our democracy. You can’t even begin to imagine what happened after this. https://t.co/KDQjFelhpc pic.twitter.com/d7meNUQVIA
— Malika Malhotra (@malhotra_malika) January 8, 2021
किसान आंदोलन पूरी तरह हाइजैक हो चुका है।इसमें गुंडे,मवाली,शराबी अराजक तत्व घुस चुके हैं।लड़कियों को छेड़ना,महिलाओं से दुर्व्यवहार,हुरदंग लूटपाट ये सब चरित्र बन गया है इस आंदोलन का।या तो किसान अपना आंदोलन ख़ुद वापस ले ले या फिर सरकार इन्हें यहाँ से ख़ाली कराए।यही रास्ता बचा है अब।
— SHAMSHER SINGH (@ShamsherSLive) January 8, 2021
ट्रैक्टर मार्च में शामिल इन गुंडों ने ना सिर्फ बदतमीजी की बल्कि जान से मारने की भी कोशिश की। इसे लेकर पत्रकारों में नाराजगी है।
किसान आंदोलन के नाम पर पिछले दिनों रिपब्लिक टीवी और जी न्यूज की महिला एंकर के साथ बदसलूकी हुई थी। अब इंडिया टुडे की एडिटर प्रीति चौधरी ने दावा किया है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद ‘कुछ प्रदर्शनकारी’ रिपोर्टरों (पत्रकारों) का यौन उत्पीड़न भी करने लगे हैं, वहीं वहाँ मौजूद अन्य लोग ये सब होने दे रहे हैं।
उनके इस दावे के बाद कांग्रेस नेता व भारत किसान यूनियन के सदस्य भूपेंद्र चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी और यौन उत्पीड़न को जस्टिफाई करने के लिए उन रिपोर्टर्स को खबरों का भूखा कहा है, जो ‘बलपूर्वक’ खबरों को लेने का प्रयास करते हैं। उनका कहना है कि ऐसे रिपोर्टरों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
अब यहाँ यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर यदि एक रिपोर्टर किसी की बाइट लेने के लिए एक सीमा को भी पार करता है, फिर भी उसके साथ हुए यौन उत्पीड़न को महज इस तर्क से कैसे जस्टिफाई किया जा सकता है कि उसने ‘बल’ का इस्तेमाल किया। प्रीति चौधरी उनके इस तर्क पर जवाब देती हैं, “अगर बाइट देना नहीं चाहते तो मत दो। लेकिन कम से कम उसके नितंबों पर चुटकी तो मत काटो।”
यह इनकी बहू बेटियां संस्कारी pic.twitter.com/7jCNAHuJI4
— Pawan Kumar (@PawanDuhan11) January 8, 2021
किसान आंदोलन MSP के लिए नहीं पंजाब की आजादी के लिए है. pic.twitter.com/6wNamD2Njj
— तोषी शांडिल्य (@Toshisharma20) January 8, 2021
🔱#गर्वसे_कहो_हिन्दू_है 🚩
— 🔱शिवोहम_भारत🔱 (@Shivoham_Bharat) January 8, 2021
ओर यदि नहीं तो भारतीयों का कोई अस्तित्व ही नहीं ।
केजरीवाल का सारा गैंग ही खतरनाक है, प्रशांत भूषण, योगेन्द्र सलीम यादव सब एक ही है।
— Mohit Hindu موہِت ہِندو (@Mohitchuru) January 8, 2021
Inhe na dikhe ye sanskari chori apne upar khich ri tikait ji ko
— Rehan khan (@Azadkhan89) January 8, 2021
किसान "आंदोलन" शुरू ही अराजक तत्व और उनके बहकावे में आये मूर्खों द्वारा शुरू हुआ था।
— Ravishankar (@ScorpionIntrud1) January 8, 2021
किसी सक्षम विधायिका द्वारा लाये गए कानून के विरुद्ध आंदोलन नहीं होता है,कोर्ट जाकर उसे असंवैधानिक साबित किया जाता है!
कुछ मूर्ख और दुष्ट जानबूझ कर ऐसे जता रहे हैं जैसे हम अभी ब्रिटिश शासन में हैं
जय श्री राम
— राकेश त्रिवेदी (@Rakesh_triv) January 8, 2021
Ye असली किसान नहीं है अगर ये असली किसान होते तो Zee हिन्दुस्तान मीडिया Reporters के साथ बदसलूकी नहीं करते ,Mam आप ऐसे अराजक तत्वों का पर्दाफाश करते रहिए पूरा देश आपके साथ हैं
— Omprakash Bhati (@Ompraka22816723) January 8, 2021
These are not kishan these are from leftist n congressi union workers who support khalistani n unfortunately they are by profession kishan thats it
— P. Sgupta (@p_sgupta) January 8, 2021
साहेब षड्यंत्र बहुत बड़ा है अब सरकार बातचीत बंद करना चाहिए ये लातो के भूत बातों से नही मानते हैं इसलिए बीजेपी को चाहिए जो किसान कृषि कानून के समर्थन मे हैं उन्हें दिल्ली लाए और उन्हें सड़क बैठाए वो किसान बोले जब तक फर्जी किसान सड़क से नहीं उठते हैं हम नही जाएगे
— Deepak Dwivedi (@dwivedideepak32) January 8, 2021
माफी🙏 मोदी जी ये उग्र लोग आहिस्ता आहिस्ता भिंडरावाला बन रहे है
— योगेंद्र (सामान्य वर्ग),सोचकर"सोचो साथ क्या जायेगा (@Yogendrsingham) January 8, 2021
अगर समय रहते सावधान नही हुए और समय पर सख्त नही हुए तो ये भीण्डरावाले बे काबू होकर देश के लिए आप और सरकार के लिए नुकसान दायक साबित होंगे,
फिर देश का भी सरकार का भी छिछालेदर बहुत होगा,
अच्छा तो अभी ऐसे लोग और आप जैसे लोग तय करेंगे की रिपोर्टिंग कहां करें कहां नहीं
— RAJENDARA KUMAWAT (@RAJENDARA54) January 8, 2021
,
आप भूल रहे हैं यह चैनल @Republic_Bharat @republic कभी ना झुका है ना झुकेगा
Ye hakikat hai
— umesh agarwal (@umeshjindal2004) January 8, 2021
हद है बेशर्मी की
— Narender Dabkhera (@NsDabkhera) January 8, 2021
एक महिला के साथ बदसलूकी करते इन्हें शर्म नहीं आती, बाद में इनके नेता सफाई देने के लिए आ जाते हैं
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के साथ 8 राउंड की बातचीत के बाद भी किसान यूनियन किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है। लगातार केवल नए कानूनों को वापस लेने की माँग की जा रही है। साथ ही नए-नए तरीके अपनाकर प्रदर्शन को तूल देने का प्रयास हो रहा है। हाल में रेवाड़ी में Gangaicha सीमा पर एक नया विरोध स्थल भी सामने आ गया है।
प्रीति चौधरी की शिकायत से पहले भी सोशल मीडिया पर कुछ वीडियोज आए थे जिसमें जी न्यूज और रिपब्लिक भारत की पत्रकारों के साथ बदसलूकी हो रही थी। हालाँकि, उस समय यौन उत्पीड़न जैसे दावे नहीं हुए थे। लेकिन अब यह बिलकुल नया खुलासा है।



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