केजरीवाल रिंकू मर्डर में भी वही सक्रियता क्यों नहीं दिखाते, जो अखलाक की हत्या के वक्त दिखाई थी?


दिल्ली में रिंकू शर्मा हत्याकांड को लेकर अभिनेत्री कंगना रनौत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। केजरीवाल के 3 अक्तूबर 2015 के एक ट्वीट को रिट्वीट कर कंगना ने इशारों-इशारों में सवाल किया है कि क्या केजरीवाल इस मामले में भी वही सक्रियता दिखाएंगे जो उन्होंने अखलाक की हत्या के वक्त दिखाई थी। कंगना ने ट्वीट किया है- अरविंद केजरीवाल जी मैं उम्मीद करती हूं कि आप रिंकू शर्मा के परिवार से जरूर मिलेंगे और उन्हें हर संभव मदद देंगे। आप एक नेता तो बन चुके हैं, अब उम्मीद करती हूं कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी बन जाएंगे।
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सत्ता में बने रहने के लिए शुरू से तुष्टिकरण की राजनीति करते आ रहे हैं। साल 2015 में जब उत्तर प्रदेश में अखलाक की मौत हो गई तो अरविंद केजरीवाल दौड़ कर राजनीति करने पहुंच गए थे, लेकिन अब जब उनके घर के पास ही दिल्ली के मंगोलपुरी में रिंकू शर्मा की हत्या मुस्लिम लड़कों ने कर दी तो वे चुप्पी साधे हुए हैं।

अब केजरीवाल की चुप्पी पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने निशाना साधते हुए ट्वीट किया है। सिंघवी ने केजरीवाल के 3 अक्टूबर, 2015 के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए रिंकू शर्मा के घर जाने को लेकर सवाल किया है। उन्होंने ट्वीट किया है कि रिंकू शर्मा के परिजनों से मिलने का कोई प्लान है? मंगोलपुरी तो दादरी से ज्यादा पास है। दोनों ही घटनाएं गंभीर थी केवल आपको याद दिला रहा था। अगर कोई यूपी जा सकता है तो फिर अपने राज्य में भी पीड़ित के जरूर ही जाना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल का यह ट्वीट उस समय का है जब अखलाक की मॉब लिंचिंग हो गई थी। उस समय केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा था कि मैं रास्ते में हूं और अखलाक के परिजनों से मिलने जा रहा हूं। इसी ट्वीट को लेकर कंगना रनौत ने भी केजरीवाल पर तंज कसा। कंगना ने ट्वीट किया है- अरविंद केजरीवाल जी मैं उम्मीद करती हूं कि आप रिंकू शर्मा के परिवार से जरूर मिलेंगे और उन्हें हर संभव मदद देंगे। आप एक नेता तो बन चुके हैं, अब उम्मीद करती हूं कि एक अच्छे राजनीतिज्ञ भी बन जाएंगे। 

केजरीवाल लगता है, इतने वर्ष सोनिया गाँधी, दूसरे अर्थों में कहा जाये कि कांग्रेस, के साथ कार्यरत रहकर तुष्टिकरण तो क्या समाज में फूट डालो और राज करो नीति को सिद्धहस्त होने पर मोदी लहर को भेदने इनके अधीन आम आदमी पार्टी बनवाकर मैदान में उतारा। जो इनकी कार्यशैली से प्रमाणित भी हो रहा है। जो किसी मुस्लिम की हत्या पर दिल्ली से दूर जाकर मातम मना सकता है, लेकिन दिल्ली में उनकी नाक के नीचे उसी समुदाय द्वारा हिन्दू की हत्या दिखाई नहीं देती। 

कांग्रेस के गर्भ से जन्मी आम आदमी पार्टी ने ही दिल्ली का मुफ्त की रेवड़ियां बांटकर कांग्रेस से कहीं अधिक नुकसान किया है। यह कोई आरोप नहीं, जब एक हिन्दी पाक्षिक को सम्पादित करते इस पर रपट प्रकाशित करने पर फोन पर धमकी मिलने पर, कांग्रेस और आप का DNA positive रपट प्रकाशित करने पर आज इतने वर्षों तक दोनों पार्टियों की तरफ से खंडन नहीं हुआ। 

दूसरे, यह कि भाजपा से कहीं अधिक नुकसान कांग्रेस को इसी पार्टी ने पहुँचाया है। शायद यही कारण है कि कांग्रेस छोड़ लोग आम आदमी पार्टी की शरण में जाते हैं। केजरीवाल इतना झूठा मुख्यमंत्री निकला कि जो 15 वर्ष दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित के विरुद्ध आरोप लिए घूम रहे थे, लेकिन सत्ता आते ही सब भूल गए, जाँच करवाने की बात तक नहीं की। बच्चों की कसम खाकर कांग्रेस से समर्थन न लेने की बात बोलकर उसी के समर्थन से सरकार बना ली। 

जेएनयू में टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ जा खड़े होते हैं, नागरिकता संशोधक कानून के विरुद्ध में हुए शाहीन बाग़ का गुप्त समर्थन करते हैं, फिर हिन्दू विरोधी हुए दंगों में गिरफ्तार आरोपी की हिमायत में खड़े होते, ऐसे मुख्यमंत्री से कुछ अपेक्षा करना ही व्यर्थ है। मुफ्त की रेवड़ियों का लालच छोड़, जितनी जल्दी हो इस पार्टी को मिटटी में मिलाना ही जनहित में होगा।  

 

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