दिल्ली के 'किसान' दंगाइयों का केस लड़ेगी पंजाब की कैप्टन सरकार
दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन मंगलवार (जनवरी 26, 2021) को ‘किसान आंदोलन’ के अंतर्गत हुई ट्रैक्टर रैली के नाम पर जम कर हिंसा हुई, जिसमें 400 पुलिसकर्मी घायल हुए। इस मामले में कई केस दर्ज कर के कार्रवाई शुरू की गई और कुछ आरोपितों की गिरफ़्तारी भी हुई है। लेकिन, अब दंगाइयों को चिंतित होने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि पंजाब में कांग्रेस सरकार ने उनका केस लड़ने का बीड़ा उठा लिया है और वकीलों की टीम भी बना दी है। यानि कांग्रेस ने अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार कर लिया है कि ये जो कुछ भी कांग्रेस के इशारे पर हुआ।
विडीओ सुनने के बाद आपकी क्या राय है ??? pic.twitter.com/kYN9iQ8sf0
— Kuljeet Singh Chahal (@kuljeetschahal) February 2, 2021
पानी से पानी मिले - मिले कीच से कीच
— पुनीत पान्डेय (@022puneet) February 2, 2021
ज्ञानी से ज्ञानी मिले - मिले नीच से नीच🐊 pic.twitter.com/g1SPvHGUNh
सही में ये है सच्चा देश प्रेमी कोई राजनीति है इसके दिल मैं!👍👌👌👌👌
— वीरेंद्र रावल (@VardichandR) February 2, 2021
कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब की कांग्रेस सरकार ने इन तथाकथित किसानों के समर्थन में वकीलों की एक पूरी फ़ौज ही उतार दी है। पंजाब में 2022 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को अब लगभग 1 वर्ष ही बचे हैं, ऐसे में वहाँ की सरकार ने 70 वकीलों की एक टीम को दंगाइयों का केस लड़ने के लिए लगा दिया है। इतना ही नहीं, इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
Punjab Government has already arranged a team of 70 lawyers in Delhi to ensure quick legal recourse to farmers booked by the Delhi police. I will personally take up the issue of missing farmers with MHA & ensure these persons reach home safely. For assistance call 112.
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) February 1, 2021
हो गया जीजी .....अब निकल लो पतली गली
— Amit Singh परिहार (@AmitSinghPariha) February 1, 2021
may GOD bless you, sir .🙏 pic.twitter.com/1m9jMvIUoO
— Amarpal Singh Malhotra (@apsinghmalhotra) February 1, 2021
@HMOIndia @DelhiPolice @PMOIndia @NIA_India For your information
— Eighty (@eighty_its) February 2, 2021
Best tweet
— sterling eesh (@sterling2522) February 2, 2021
आपकी पार्टी ने bhindrawale बना कर गलती की और भुगतान निर्दोष लोगों को करना पड़ा आपलोगों को ऐसी गलती करने की आदत हो गई है इस बार भुगतान किस किस को करना पड़ेगा वो समय बतायेगा 😠
— Punam Mishra (@PunamMi05252868) February 2, 2021
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से ऐलान किया कि दिल्ली हिंसा के आरोपितों को राज्य सरकार की तरफ से कानूनी सहायता मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने ‘किसानों के लापता’ होने के नैरेटिव को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वो इस मामले को व्यक्तिगत रूप से केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष उठाने वाले हैं, ताकि हर व्यक्ति ‘सुरक्षित घर पहुँचे।’ सहायता के लिए 112 पर कॉल करने की अपील की गई है।
मंगलवार (फ़रवरी 2, 2021) पंजाब के मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ एकजुटता प्रदर्शित की जाएगी और आगे उठाए जाने वाले क़दमों के लिए आम सहमति भी बनेगी। खबर लिखे जाने के समय पंजाब भवन में ये बैठक चालू थी। राज्य में माहौल तनावपूर्ण हैं, ऐसे में सीएम अमरिंदर ने ‘अहंकार की बजाए साथ खड़े होंगे’ का आह्वान किया है।
अब चर्चा यह भी हो रही है कि पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टिन होते हुए किस आधार पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वालों के पक्ष में खड़े हो रहे हैं? जब तक वह फ़ौज में रहे, क्या तिरंगे की आन, बान और शान के लिए नहीं लड़े थे? दूसरे, क्या उन्हें लाल किला पर खालिस्तानी झंडा पसंद है? यदि नहीं, फिर राष्ट्र हित में अपना निर्णय वापस लेना चाहिए। कांग्रेस तो अपनी साख खो रही है, कम से कम एक फौजी होने के नाते उन्हें अपने निर्णय को वापस लेकर एक कैप्टेन के नाते अपनी साख को बचाना चाहिए।
Chairing an All Party Meeting in Punjab Bhawan on the issue of Central Farmer Legislations and the way forward. pic.twitter.com/UGabYrfHPg
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) February 2, 2021
खालिस्तान के चिन्ह पर😁😁
— Anand Tiwari (Paramount School) (@anand01478) February 2, 2021
केंद्र सरकार यह जानते हुए कि किसान कानून पर चर्चा हेतु उसकी बात किसानो से नहीं बल्कि वामपंथियों से हो रही हैं,परन्तु देश को सत्य पता चले,ससम्मान उनको सुना व संसोधन स्वीकार भी किये परन्तु गणतंत्र दिवस पर हिंसा व राष्ट्रध्वज का अपमान कर
— Baliram Yadav (@Baliramyadav007) February 2, 2021
वामपंथियों ने स्वयं को उजागर किया 🙏🙏
Why our tax paid money being spent in arranging the lawyers for rescuing the terrorists ? 😡 What if we hard earnings private employees deny to pay taxes.
— Abhishek Singla (@abhishek_singla) February 2, 2021
सबसे जरूरी मुद्दा जो किसान नेता नहीं उठा रहे वह है cheque bounce केस में सजा का प्रावधान खत्म करना । जिसका सहारा ले कर ही आढ़तिए और फाइनेंसर कई गुना रकम भर कर अदालतों में किसान को बेइज्जत कर के आत्महत्या के लिए मजबूर करते हैं ।
— ᎠᎬᏉᎥᏁᎠᏒᎪ ᏦhᎥᏞᎬᏒᎥ (@devindra21jaat) February 2, 2021
आंदोलनकारियों की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस तैनात करने की मांग की है।
— श्रीष त्रिपाठी 🇮🇳 (@Shrish_1987) February 1, 2021
तो क्या आप पार्टी चाहती है कि दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ से लडने के लिए पंजाब पुलिस दिल्ली आए ?🤔
जिस गुंडे ने पुलिस पर तलवार से हमला किया उसे घसीट कर ले जाती हुई दिल्ली पुलिस👇🏼
— श्रीष त्रिपाठी 🇮🇳 (@Shrish_1987) February 1, 2021
आसपास के गांवों वाले इनसे परेशान होकर इन्हें यहां से शांतिपूर्ण ढंग से चले जाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
इन गुंडों की गांव वालों से रक्षा के लिए आप विधायक राघव चढ्ढा ने सिंधु बोर्डर पर
थ्रेड
👇 pic.twitter.com/CSJRFF8OzR
उन्होंने कहा, “2 महीने से भी अधिक का समय बीत चुका है। हमारे किसान दिल्ली में मर रहे हैं। उन्हें पुलिस पीट रही है। गुंडे भी उनकी पिटाई कर रहे हैं। उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।” पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों ने अमित शाह से भी मुलाकात की है। अमित शाह ने कहा कि केंद्र कभी भी किसानों से बातचीत के लिए तैयार है। पंजाब सरकार ने उन्हें ‘लापता किसानों की सूची’ भी सौंपी।
अवलोकन करें:-
पंजाब के किसान और सिख धार्मिक संगठनों का दावा है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद से 400 से अधिक किसान और नौजवान लापता हैं। दिल्ली पुलिस ने इस दावे को नकार दिया है। दूसरी ओर, दिल्ली हाई कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें लाल किले हिंसा के लिए पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की गई थी। अदालत ने याचिकाकर्ता पर जुर्माना भी लगाया है।


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