इंदौर के एक अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण का फायदा उठा कर मरीजों को लूटने वाले दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें से एक डॉक्टर है तो एक मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव(MR)। जिन पर लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी है, उन्हें ही मरीजों की आपात स्थिति का फायदा उठा कर अपनी कमाई करते हुए दबोचा गया। अस्सिस्टेंट ड्यूटी डॉक्टर आमिर खान और MR इमरान खान के खिलाफ अंकिता यादव नामक महिला ने शिकायत की थी।
दोनों पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना पीड़ित को दिए जाने वाले इंजेक्शन का न सिर्फ नकली बिल बनाया, बल्कि उसे 60,000 रुपए में बेचा। ये घटना मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित मयूर अस्पताल की है। खजराना TI दिनेश वर्मा ने बताया कि अंकिता यादव की बहन प्रीति कोरोना पीड़ित हो गई थीं और उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहाँ डॉक्टर ने एक अर्जेन्ट इंजेक्शन लिखा और उसे खरीद कर लाने को कहा।
Corona News Indore: इम्युनोसीन अल्फा काला बाजारी के आरोप में डॉक्टर और एमआर गिरफ्तार#mpnews #indore #crimehttps://t.co/I8Ahn828Zu pic.twitter.com/HTexOU2gI6
— NaiDunia (@Nai_Dunia) April 22, 2021
उसी अस्पताल में मौजूद डॉक्टर आमिर खान ने महिला से कहा कि वो इस इंजेक्शन को उपलब्ध करा सकता है। जब महिला ने बिल माँगा तो उसने इनकार कर दिया। फिर 60,000 रुपए का ऑनलाइन पेमेंट लेकर इंजेक्शन दे दिया। बाद में उसने महिला के मोबाइल नंबर पर बिल भेज दिया। पड़ताल में पता चला कि बिल पर छपा नंबर MR इमरान खान का था। बिल उसने ही छपवाए थे। वो लंबे समय से आमिर के साथ मिल कर ठगी के कारोबार में लगा था।
आमिर खान इससे पहले स्वर्णबाग कॉलोनी में हेल्थ प्लस नाम से क्लिनिक चलाता था। दोनों के खिलाफ जयदीप साधवानी नामक शख्स ने भी शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि वो लाइफ विजन नामक फर्म चलाते हैं, जो किसी व्यक्ति को सीधे दवाई नहीं देता। सिर्फ अस्पताल और मेडिकल स्टोर्स को ही दवाई सप्लाई की जाती है। अंकिता यादव बिल लेकर उनके पास ही पहुँची थीं और साइन करने को कहा था।
लेकिन, उन्होंने भाँप लिया कि वो एक फर्जी बिल था। उन्होंने नंबर पर कॉल किया तो इमरान ने बताया कि वो इन्फोबेल में कार्यरत है। अंसार खान का बेटा आमिर सिल्वर कॉलोनी का रहने वाला है, जबकि जबकि बाबू खान का बेटा इमरान शाहीबाग का निवासी है। जिस इम्युनोसीन अल्फा इंजेक्शन को वो 60,000 में बेचते थे, उसकी सामान्य कीमत 4000 रुपए है। मयूर अस्पताल इंदौर के रोतला रिंग रोड पर स्थित है।
2800 रूपए का Remdesivir 35000 रूपए में : डॉक्टर मोहम्मद अबीर मेडिकल स्टूडेंट के साथ मिल कर रहा था कालाबाजारी
राजस्थान के उदयपुर में एक डॉक्टर और एक एमबीबीएस छात्र रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा गया है। कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज के परिजन की शिकायत पर पुलिस ने कालाबाजारी कर रहे डॉक्टर मोहम्मद अबीर और और उसके साथी को गिरफ्तार किया। आरोपियों से उनके पूरे गिरोह की जानकारी प्राप्त करने के लिए पूछताछ की जा रही है।
Udaipur: Police have arrested a doctor of a private hospital and a second-year MBBS student for black marketing of Remdesivir injections; further investigation underway#Rajasthan pic.twitter.com/BZcsYfV8iZ
— ANI (@ANI) April 22, 2021
उदयपुर पुलिस ने बताया कि उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की सूचना मिली थी। इसके बाद एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर आरोपितों के पास भेजा गया। आरोपितों ने 2800 रुपए का रेमडेसिविर इंजेक्शन 35,000 रुपए में बेचने का सौदा तय किया। इसके बाद निजी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर मोहम्मद अबीर और उसके साथी एमबीबीएस छात्र मोहित पाटीदार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। रुपयों के लेन-देन में डॉक्टर ने 2 इंजेक्शन लेने पर प्रति इंजेक्शन 35,000 रुपए की बात कही। डॉक्टर ने एक इंजेक्शन के लिए इससे भी अधिक कीमत बताई।
गिरफ्तार डॉक्टर मोहम्मद अबीर उदयपुर के गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट है। अबीर मूल रूप से उदयपुर के सवीना का रहने वाला है। दूसरा आरोपित गीतांजलि मेडिकल कॉलेज में ही एमबीबीएस के सेकेंड ईयर का छात्र है।
अवलोकन करें:-
उदयपुर के एकलिंगपुरा चौराहे से पुलिस बुधवार (21अप्रैल 2021) दोनों को पकड़ा। ग्राहक बनकर आए पुलिसकर्मी ने अपने साथियों की सहायता से दोनों को गिरफ्तार किया। इनके पास से इंजेक्शन भी बरामद किए गए।
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