दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में कोरोना की चिंताजनक स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। केजरीवाल ने पीएम मोदी से केंद्र सरकार के अस्पतालों में 10,000 में से कम से कम 7,000 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व करने और तुरंत ऑक्सीजन मुहैया कराने की अपील की है।
केजरीवाल ने लिखा, “दिल्ली में कोरोना की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। कोरोना बेड्स और ऑक्सीजन की भारी कमी है। लगभग सभी ICU बेड्स भर गए हैं। अपने स्तर पर हम सभी प्रयास कर रहे हैं। आपकी मदद की जरूरत है। दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों में लगभग 10 हजार बेड हैं। इनमें से केवल 1800 बेड कोरोना के लिए रिजर्व किए गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपसे विनती है कि कम से कम 7000 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व किए जाएँ। दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी कमी हो रही है। हमें ऑक्सीजन भी तुरंत मुहैया कराई जाए।”
केजरीवाल ने आगे लिखा, “DRDO दिल्ली में ICU के 500 बेड बना रहा है। इसके लिए आपका बेहद शुक्रिया। ये बढ़ाकर 1000 कर दिए जाएँगे तो बड़ी मेहरबानी होगी। इस महामारी में अभी तक हमें केंद्र सरकार से काफी सहयोग मिला है। मैं उम्मीद करता हूँ कि इन विषयों पर भी आप हमारी मदद जरूर करेंगे।”
Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal writes to Prime Minister Narendra Modi about prevailing #COVID19 situation in the national capital
— ANI (@ANI) April 18, 2021
He appealed to PM regarding urgent supply of oxygen & reservation of 7,000 beds out of central govt's 10,000 beds for COVID-infected patients pic.twitter.com/wagPVKyjBD
गृह मंत्री शाह से भी की बात
इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और उन्हें कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली के हालातों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मैंने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की है और इस गंभीर स्थिति में ऑक्सीजन, बेड और अन्य आवश्यक सुविधाओं की आपूर्ति के लिए अनुरोध किया है।”
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में बहुत कम आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। केजरीवाल ने कहा, “हमें तुरंत बेड और ऑक्सीजन की आपूर्ति की आवश्यकता है। दिल्ली सरकार अगले 3 दिनों में 6,000 बेड तैयार कर लेगी। कई स्कूलों, खेल परिसरों और अन्य सरकारी भवनों को कोविड केयर सेंटर में बदला जाएगा।”
पिछले 24 घंटे में संक्रमण दर 24 से बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया है। कोरोना के लिए जो बेड रिजर्व है वह काफी तेजी से खत्म हो रहे हैं। आईसीयू बेड की दिल्ली में कमी हो गई है। 100 से भी कम आईसीयू बेड खाली हैं। ऑक्सीजन की भी दिल्ली में काफी कमी है।
The shameless CM.
— Santa Jyani (@Santjyani) April 18, 2021
When PM himself is organising lot of rallies and later talks about maintaing social distance everyone will laugh only
— Anurag Dutt (@anuragdutt8) April 18, 2021
कीसी को घबराने का नहि
— Mahesh Vyas (@mtvyas_vyas) April 18, 2021
(मेरे दोस्त इमरान ने कहा है)
कीसी ने भी घबराने की इजाजत भी मांगना नहि है ।
मैं ने केन्द्र में मेरे फैलाएं हुएं रायता को साफ करने आदमी रखें है । वह सब सफाई कर लेंगे। आगे की सुचना के लिए टीवी पर मेरै विज्ञापन देखते रहे ।
दिल्ली में सारी सुविधाएं हैं तब यह हाल है इतने प्राइवेट हॉस्पिटल सेंट्रल गवर्नमेंट के हॉस्पिटल्स। यह आएंगे उत्तराखंड का विकास करने के लिए। @hillmailIndia @askbhupi @girish_joshig @BJP4UK @prakashbahuguna @MSilentSavior
— Arun Tripathi(अरुण त्रिपाठी) (@ArunTripathi73) April 18, 2021
आपदा में अवसर ,पैसे बनाना आपियो और बौने घुघूरू सेठ की फितरत है।पिछले साल प्रवासी मजदूरों के राशन और लंगर के नाम पे अरबों का घोटाला करनेवाला, अब फिर घोटाला करने वाला है ।
— Ramjee Singh Tanda (@RamjeeTanda) April 18, 2021
@narendramodi sir, never got to know that, central govt controls oxygen supplies to hospitals and/or oxygen production in India. Please help these crooks in opposition now with whatever magic you can
— Amit K Das (@dasamit123) April 18, 2021
सबसे बड़े कोविड सेंटर को दोबारा खोला जाएगा
कोरोना वायरस के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि के मद्देनजर दक्षिण दिल्ली में स्थित देश के सबसे बड़े कोविड-19 सेंटर राधा स्वामी सत्संग ब्यास को दोबारा खोला जाएगा, जिसे फरवरी में बंद कर दिया गया था। गृहमंत्री अमित शाह की पहल पर छतरपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग परिसर में दस हजार बेड क्षमता का कोविड केयर सेंटर बनकर तैयार हुआ था।
छतरपुर में स्थित आध्यात्मिक संगठन के प्रबंधन ने इस बात की पुष्टि की है कि सेंटर को दोबारा खोला जाएगा। राधा स्वामी सत्संग ब्यास सेंटर के सचिव विकास सेठी ने कहा कि सरकार सेंटर को जल्द ही दोबारा खोलने की योजना बना रही है।
कुल 10,200 बिस्तरों वाले इस केन्द्र का उद्घाटन पिछले साल पाँच जुलाई को किया गया था। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस इसका संचालन कर रही थी। 1,700 फीट लंबाई और 700 फीट चौड़ाई वाले इस केन्द्र का आकार मोटे तौर पर फुटबॉल के 20 मैदानों के बराबर है। इसमें 200 कक्ष हैं। प्रत्येक कक्ष में 50 बिस्तर हैं।
इससे पहले केजरीवाल ‘बेड की कोई कमी नहीं है’ का राग अलाप रहे थे, मगर अब केंद्र की शरण में पहुँच गए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भी दिल्ली में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए खुद गृहमंत्री अमित शाह ने मोर्चा सँभाला था। दिल्ली में कोरोना के बिगड़े हालात को संभालने के लिए अमित शाह ने 4 आईएएस अधिकारियों- अवनीश कुमार, मोनिका प्रियदर्शिनी, गौरव सिंह राजावत और विक्रम सिंह मलिक के COVID-19 के प्रबंधन में सहायता करने के लिए तुरंत दिल्ली में तबादले का निर्देश दिया था।
इसके साथ ही गृहमंत्री ने दिल्ली सरकार के दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों एससीएल दास और एसएस यादव को केंद्र के साथ जुड़ने का निर्देश दिया। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर आईसीएमआर दिल्ली में कोविड 19 टेस्टिंग के लिए मोबाइल वैन उपलब्ध कराने में दिल्ली सरकार की मदद की थी।

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