ऑस्ट्रेलिया के सांसद क्रैग केली ने सीएम योगी के काम की तारीफ़ की
उत्तर प्रदेश में अब कोरोना वायरस संक्रमण के मात्र 1608 सक्रिय मामले बचे हैं। तुलना के लिए बता दें कि ये आँकड़ा केरल में 1.15 लाख और महाराष्ट्र में 1.14 लाख है। लेकिन भारत की पक्षपाती मीडिया को ये सब नहीं दिख रहा है। उसके लिए अब भी उद्धव ठाकरे ‘बेस्ट सीएम’ और ‘केरल मॉडल’ सबसे अच्छा है। पर यहाँ से 7800 किलोमीटर दूर ऑस्ट्रेलिया के सांसद क्रैग केली को मुख्यमंत्री योगी का कुशल प्रबंधन दिख रहा है। जो भारतीय विपक्ष और पक्षपाती मीडिया के लिए बहुत ही लज्जा की बात है। विपक्ष द्वारा आलोचना करना तो समझ आता है, लेकिन पक्षपाती मीडिया किस आधार पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रशंसनीय कार्यों को नज़रअंदाज़ कर रही है, जो इस बात को प्रमाणित करता है कि विपक्ष ने मीडिया को किसी न किसी रूप कितना प्रभावित कर रखा है।
भारतीय मीडिया को क्या शर्म आ रही है?
ज्ञात हो, ऑस्ट्रलियाई सांसद क्रैग केली से पूर्व WHO भी कोरोना प्रबंधन को लेकर योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा कर चूका है।
क्रैग केली ने कई महीनों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज पर नजर रखी हुई है और जिस तरह से अपने कुशल प्रबंधन से उन्होंने राज्य में कोरोना को मात दी है, इससे ऑस्ट्रेलियाई सांसद प्रभावित हैं। हाल ही में उन्होंने लिखा कि भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के लिए ताली बजनी चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के ह्यूजेस से सांसद क्रैग केली ने कहा कि काश ऐसा कोई विकल्प होता कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हम कुछ दिनों के लिए ले सकते।
The Indian state of Uttar Pradesh 👏🏼👏🏼👏🏼👏🏼
— Craig Kelly MP (@CraigKellyMP) July 10, 2021
Any chance they could loan us their Chief Minister Yogi Adityanath to release the Ivermectin sort out the mess our hopelessly incompetent State Premiers have created
 https://t.co/H6xUwUe8GU
It is not a model state, but it will soon be a model state seeing the kind of development projects going on from road, water and healthcare 🙏
— अहिंसा परमो धर्म🙏 (@SBokadia) July 11, 2021
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आइवरमेक्टिन दवा की कमी और नेतृत्व की अक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ ही इन चीजों को ठीक कर सकते हैं। उन्होंने एक डेटा एनालिस्ट के ट्वीट को कोट करते हुए ये बातें लिखीं। उन्होंने अपने आँकड़े में बताया था कि भारत के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य में पिछले 1 महीने में कोरोना के मात्र 1% मामले सामने आए हैं और 2.5% मौतें हुई हैं।
जबकि उत्तर प्रदेश में भारत की 17% जनसंख्या रहती है। उक्त डेटा एनालिस्ट जे चमी ने उदाहरण के लिए महाराष्ट्र के आँकड़े गिनाए, जहाँ देश की 9% जनसंख्या रहती है। उन्होंने बताया कि इस राज्य में कोरोना के देश के कुल 18% मामले हैं और आधी से अधिक मौतें तो यहीं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि जहाँ महाराष्ट्र भारत का फार्मा हब है, लेकिन आइवरमेक्टिन के प्रयोग में उत्तर प्रदेश ने सफलता हासिल की है।
Indian state of Uttar Pradesh
— Craig Kelly MP (@CraigKellyMP) June 30, 2021
Pop : 230 million
Smashed ‘scary’ Delta variant with 🍀Ivermectin
Today's new daily cases : 182
UK 🇬🇧
Pop : 67 million
Rejected 🍀Ivermectin, worshipped the 💉
Today’s new daily cases : 20,479
Thanks to the data man @jjchamie pic.twitter.com/j9hE2X2fPl
I live in Uttar Pradesh, I had Covid and my doctor prescribed me Ivermectin & Doxy for first 5 days. I got well in approx. 10 days without any major issues by God's will.
— Vikas Chander 🇮🇳 (@VikasC_25) July 2, 2021
India should adopt UP model and not UK model to save lives!
— Dr.Ravichandra (@ravipassi56) July 3, 2021
ऐसा नहीं है कि क्रैग केली ने पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की हो। जून 2021 के अंत में भी बताया था कि कैसे 23 करोड़ की जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश ने कोरोना के ‘डेल्टा वैरिएंट’ पर विजय हासिल की है। उन्होंने 30 जून को ये ट्वीट करते हुए बताया था कि जहाँ उस दिन उत्तर प्रदेश में कोरोना के 182 नए मामले सामने आए, वहीं यूके में ये आँकड़ा 20,479 रहा। उन्होंने इवरमेक्टिन दवा के सही उपयोग को लेकर भी सीएम योगी की प्रशंसा की।
मई में ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)’ ने भी इसकी तारीफ़ की थी कि किस तरह उत्तर प्रदेश में घर-घर जाकर कोविड टेस्टिंग की जा रही है। गाँवों तक में स्वास्थ्यकर्मी जाकर कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों के आइसोलेशन की व्यवस्था करते हैं। WHO ने बताया था कि किस तरह 97,941 गाँवों में ये चल रहा है। तब भी क्रैग केली ने कहा था कि उत्तर प्रदेश कोरोना को मात दे रहा है लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया और WHO ये किसी को नहीं बता रहा कि ये सब कैसे संभव हो रहा है।
कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए यूपी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की सलाह के बाद प्रदेश में आइवरमेक्टिन को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रयोग किया। इसके साथ ही डॉक्सीसाइक्लिन को भी कोरोना मरीजों के लिए प्रयोग में लाया गया। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य था, जिसने बड़े पैमाने पर रोगनिरोधी और मेडिकल उपयोग में आइवरमेक्टिन का प्रयोग किया।
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