सामिया हुसैन आतंकी हमलों का करती है बचाव (फोटो साभार: Mirror UK)
यूनाइटेड किंगडम ने ‘ISIS की दुल्हन’ सामिया हुसैन को £500,000 (5.17 करोड़ रुपए) का एक घर दिया है। साथ ही उसे वहाँ की राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (NHS) के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा भी दी गई। इस ‘ISIS की दुल्हन’ ने मेनचेस्टर में हुए बम धमाके में मारे गए बच्चों को ‘युद्ध का शिकार’ बताया था। याद हो कि मई 2017 में मेनचेस्टर में हुए आत्मघाती धमाके में 23 लोगों की मौत हो गई थी और 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
सामिया हुसैन नाम की ये महिला पश्चिमी लंदन के साउथॉल की रहने वाली है। महिला ने दावा किया था कि जनवरी 2015 में जब सीरिया में सिविल वॉर अपने चरम पर था, तब उसे ऑनलाइन फँसा के (Groom) वहाँ बुलाया गया था और युद्ध में हिस्सा लेने के लिए बाध्य किया गया था। इसके बाद एक बम धमाके में वो घायल हो गई। 1 साल के भीतर हुए इस हमले की चपेट में आकर उसका एक बाँह और स्तन गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
Watch ISIS bride Shamia Begum say she was unfazed by beheadings and she approved of the Manchester Arena killings
— BritainBeyondBrexit #GodSaveOurQueen #GBNewsWins (@BrexitBrit) July 11, 2020
On Ridge, March 2019, Starmer said the then Home Secretary was wrong to have denied Begum entry back into the UK
RT if you agree: Sir Keir got that badly wrong pic.twitter.com/nUg32JYSHt
If any young and impressionable woman claims to be unfazed by the beheading of another human being, they are either lying or so far gone with radicalisation that they should be sectioned and NEVER allowed to re-enter the U.K.!
— julesdb (@julesdb9) July 11, 2020
इसके बाद वो कई महीनों तक बिस्तर पर पड़ी रही। उसका इलाज चल रहा था। 7 महीने तक इलाज के बाद वो फरवरी 2020 में ब्रिटेन पहुँची। वहाँ उसे गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उसके खिलाफ कभी कोई आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया गया। उसकी एक बाँह धमाके में कट कर अलग हो गई थी। NHS की मदद से उसे एक कृत्रिम बाँह लगाई गई है। इसकी कीमत £3,000 (3.10 लाख रुपए) है। एक इंटरव्यू में उसने कहा था कि उसे तो कटे हुए सिर देख कर भी कोई हैरानी नहीं होती है, क्योंकि वो इसकी आदी रही है।
डॉक्टरों की फी से लेकर इलाज के बाद के अन्य खर्च भी है, जो इसके अतिरिक्त हैं। अब ‘ISIS की दुल्हन’ सामिया हुसैन पश्चिमी लंदन में सरकार द्वारा दिए गए घर में रह रही है। मैनचेस्टर में हुए बम धमाके में मारे गए लोगों में 10 ऐसे थे, जिनकी उम्र 20 से कम थी। शामिया हुसैन ने इन किशोरों की हत्या की निंदा करने से इनकार कर दिया था। साथ ही इसे आतंकी हमले की बजाए ‘युद्ध’ बताया था। उसने सीरिया में बमबारी से महिलाओं और बच्चों के मारे जाने का दावा करते हुए कहा था कि सब, सबको मार रहे हैं।
उसने इस घटना को एक ‘दुष्ट साइकिल’ का हिस्सा बताया था। साथ ही कहा था कि इसमें मारे जाने वाले दोनों तरफ के लोग ‘युद्ध के शिकार’ हैं। उसने कहा था कि वो इसके पक्ष में नहीं है कि ISIS के विरोध में बना सैन्य गठबंधन सीरिया में जाकर महिलाओं व बच्चों की ‘हत्या’ करे। सीरिया में एक हमले में जब शामिया हुसैन की बाँह कट गई थी, उस दौरान उसके पाँव भी जख्मी हो गए थे। लेकिन, अब NHS की मदद से इलाज हुआ है।

No comments:
Post a Comment