मर्द से भी बलात्कार कर रहे तालिबानी, औरतों को ताबूत में डाल भेज रहे विदेश

                                                                                                                                                                                              साभार: डेलीमेल
अफगानिस्तान में तालिबान के कारण हाहाकार मचा है। लेकिन भारत में बैठे उनके स्लीपर सेल उनकी तारीफों के कसीदे पढ़ रहे हैं। हाल में एक समलैंगिक पुरुष को इनकी बर्बरता का सामना करना पड़ा। युवक को उसके समलैंगिक होने के कारण न केवल मारा गया बल्कि उसका रेप भी हुआ। पीड़ित की पहचान नहीं हो सकी है।

मर्दों के बलात्कार पर आर्गेनाइजर में प्रकाशित संपादक प्रो वेद प्रकाश भाटिया(स्व) के स्तम्भ Cabbages & Kings एकदम दिमाग में तरोताजा हो रहे हैं, अपने इस स्तम्भ में कई बार उन्होंने लिखा कि बुर्का कोई इस्लामिक प्रथा नहीं, बल्कि कई बार ऐसा भी समय आया कि खूबसूरत लड़कों को भी बुर्के में रहने को विवश होना पड़ा था। जिसका उनके जीवनकाल में किसी ने खंडन तक नहीं किया। 

डेलीमेल की रिपोर्ट बताती है कि वह डर से काबुल में छिपा हुआ था लेकिन दो तालिबानियों ने उससे दोस्त बन कर बाहर निकलने को कहा और आश्वसन दिया कि वो उसे मुल्क से बाहर भेजेंगे। हालाँकि, जब युवक उनसे मिला तो उन्होंने उससे मारपीट कर उसका रेप किया और बाद में उस व्यक्ति के पिता का नंबर लेकर उन्हें बताया कि उनका बेटा गे है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित के साथ हुई इस घटना के बारे में अफगान राइट्स एक्टिविस्ट अर्तमिस अकबरी (Artemis Akbary) ने सूचना दी है। वह अभी तुर्की में रहते हैं और व्यक्ति से संपर्क में हैं। अफगान में तालिबान की बर्बरता का सबसे हालिया उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ये हमला सिर्फ एक उदाहरण है कि आखिर तालिबानी शासन में समलैंगिक लोगों को जीवन कैसा होगा।

अकबरी कहते हैं, “वो (तालिबान) बस दुनिया को बताना चाहते हैं कि हम बदल गए और हमें स्त्री अधिकार और मानवाधिकारों से कोई आपत्ति नहीं है। वो झूठ बोल रहे हैं। तालिबान नहीं बदला है क्योंकि उनकी विचारधारा नहीं बदली है। मेरे दोस्त अफगानिस्तान में डरे हुए हैं। उन्हें नहीं पता कि उनके साथ भविष्य में क्या होगा, तो वो बस खुद को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।”

कुछ दिन पहले अफगान की एक पूर्व जज नजला, जो अब यूएस में रहती हैं, उन्होंने बताया था कि तालिबान ने कैसे एक महिला को आग के हवाले कर दिया था क्योंकि उन्हें उसके हाथ का बना खाना पसंद नहीं आ रहा था। इसके अलावा उन्होंने बताया था कि अफगान में महिलाओं को ताबूत में बंद करके सेक्स स्लेव बनाकर विदेश भेजा जा रहा है।

कई लोग ऐसे हैं जिन्हें नाइट लेटर्स देकर तालिबान की अदालत में पेश होने को कहा गया है। उन्हें आदेश दिया गया है कि या तो वो रिपोर्ट करें वरना मरने के लिए तैयार रहें। इनमें से एक 34 वर्षीय नाज भी हैं जो 6 बच्चों के पिता है उन्होंने कभी यूके मिलिट्री को हेलमंड में सड़के बनाने में मदद की थी। अब उन्हें तालिबान ने लेटर दिया है। नाज कहते हैं, “पत्र आधिकारिक है और तालिबान की मोहर भी लगी हुई है। संदेश साफ है कि वो मुझको मारना चाहते हैं।”

नाज के मुताबिक, “अगर मैंने कोर्ट अटेंड किया तो मुझे जीवन भर की सजा दी जाएगी। अगर नहीं तो मुझे मार दिया जाएगा, इसीलिए मैं छिपा-छिपा घूम रहा हूँ। ताकि मैं बचने का रास्ता निकाल सकूँ। लेकिन मुझको मदद चाहिए।” इसी तरह एक व्यक्ति जो ब्रिटिश मिलिट्री में ट्रांस्लेटर था, उसको भी जान से मारने की धमकी दी गई है। अगला लेटर एक दुभाषिए के भाई को चेतावनी देने के लिए दिया गया। जिसमें लिखा था कि दुभाषिए को आश्रय देने के लिए उसे मौत की सजा दी जाती है।

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