दिल्ली जल बोर्ड : 36 दिन का पानी का बिल 6 करोड़ रुपए

             6 करोड़ का पानी का बिल (बाएं) दूसरी तरफ दिल्ली जल बोर्ड की सांकेतिक तस्वीर. (फाइल फोटो)
60692522. पहली नजर में नहीं समझ आया न. लिखा है, 6 करोड़ 6 लाख 92 हजार 522 रूपए। ये दिल्ली में रहने वाले एक व्यक्ति को जल बोर्ड द्वारा थमाया गया बिल है। ये लगभग 36 दिनों के पानी का बिल है। आप यकीनन सोच रहे होंगे, अरे ऐसे-कैसे!

राजेश अरोड़ा दिल्ली के सुभाष नगर में रहते है। उन्होंने जगजीत सिंह नाम के व्यक्ति से मकान खरीदा था। हालांकि अभी पानी और बिजली का बिल उन्होंने अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया है, तो बिल जगजीत सिंह के नाम पर ही आता है। 

राजेश अरोड़ा हमेशा पानी का बिल 1500 से 2000 रुपए भरते थे। लेकिन अगस्त 2021 में पानी का जो बिल उनके पास आया, उसे देखकर उनके होश उड़ गए। 

दी लल्लनटॉप को इस बिल की पीडीएफ फाइल मिली तो हमने राजेश अरोड़ा से संपर्क किया।  उन्होंने हमें बताया,

आज तक मेरे पानी का बिल 1500-2000 से ज्यादा नहीं आया है। करोड़ों का बिल देखकर मैं तो शॉक्ड ही हो गया. ये एक महीने का बिल है। मैंने शिकायत की है, लेकिन अब तक (दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से) कोई रेस्पॉन्स नहीं आया है। 

राजेश अरोड़ा ने बताया कि उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बच्चे हैं। उनके मुताबिक, घर की वैल्यू ही 50 लाख से ज्यादा की नहीं है। ऐसे में जब इतना बिल आया तो वे और पूरा परिवार हैरान रह गया। 

राजेश अरोड़ा से बात करने के बाद इस मामले में दी लल्लनटॉप ने सेक्शन इंजीनियर दलबीर सिंह से बात की। सुभाष नगर भी इनके एरिया में लगता है। उन्होंने बताया,

6 करोड़ बिल आना तो कुछ एरर ही रहा होगा। अगर आप वॉट्सऐप पर बिल भेजवा दें तो उसे ठीक करवा देते हैं। या वो खुद दिल्ली जल बोर्ड के ऑफिस में चले जाएँ। अगर वहां नहीं हो पाता है तो मुझे बता दें मैं इसे ठीक करवा दूंगा। कोई परेशान होने वाली बात नहीं है। 

हाल ही में दिल्ली सरकार ने कहा था पानी की कि‍ल्‍लत से लेकर दूष‍ित पानी की सप्‍लाई और दूसरी सभी श‍िकायतों का समाधान 48 घंटों में करने के ल‍िए सिस्टम को मजबूत क‍िया जायेगा।  दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष और जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीट‍िंग की थी। 

जैन ने अधिकारियों को दिल्ली के लोगों तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए अथक प्रयास करने और मजबूत शिकायत समाधान तंत्र विकसित करने के दिशा निर्देश दिए थे। इसके माध्यम से लोगों की किसी भी शिकायत का समाधान 48 घंटे के अंदर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि लोगों के मुद्दों और शिकायतों के प्रति सतर्क और उत्तरदायी होना उनकी मुख्य जिम्मेदारी है।  देखते हैं राजेश अरोड़ा का हैरतअंगेज वाटर बिल कितनी जल्दी सही होकर आता है। दिल्ली सरकार को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि भ्रष्टाचारी भ्रष्टाचार का कोई न कोई रास्ता निकल ही लेता है। दरअसल जल विभाग का बिलिंग सिस्टम ही गलत है। 

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