मुसलमान हर हर महादेव नहीं बोलेगा: राकेश टिकैत पर बरसे स्थानीय लोग (फोटो: ट्विटर)
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान मोर्चा की महापंचायत के दौरान अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाने वाले राकेश टिकैत से कुछ लोग बेहद नाराज हैं। वहाँ के स्थानीय निवासी शाहिद हुसैन ने उनके भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसान नेता पर शाहिद हुसैन की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। ट्विटर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट आलोक भट्ट ने उनका वीडियो शेयर किया है।
शाहिद हुसैन की टिकैत को दो टूक – ‘संभव नहीं हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा’
उनसे सवाल किया गया कि राकेश टिकैत ने अल्लाह-हू-अकबर और हर हर महादेव का नारा दिया इसमें क्या दिक्कत हो गई। इसको लेकर हुसैन ने कहा, “मुसलमान हर हर महादेव नहीं बोलेगा। यह आज का कोई एकांकी नाटक नहीं है। जब महात्मा गाँधी सक्रिय राजनीति में आए, तब वो भी हिंदू-मुस्लिम भाई चारा बढ़ाने के लिए, रोजाना ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान गाया करते थे, लेकिन मुसलमानों ने इसे कभी भी नहीं गाया। यहाँ तक की देश का विभाजन भी हो गया, तभी भी इसे किसी भी मुसलमान ने नहीं गाया।”
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— Alok Bhatt (@alok_bhatt) September 12, 2021
उन्होंने आगे कहा, ”आज किसान के नाम पर राकेश टिकैत राजनीति कर रहे हैं। जहाँ तक उनके अल्लाह-हू-अकबर और उसके प्रतिवाद में हर हर महादेव कहने की बात है, तो वो कहते रहें। लेकिन मुसलमान हर हर महादेव कभी नहीं कहेगा। ऐतिहासिक रूप से मुझे इसकी जानकारी है।”
This honesty pic.twitter.com/p8DGTp5VfD
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जब हुसैन से पूछा गया कि क्या आप नहीं चाहते कि हिंदू-मुस्लिम भाई चारा बढ़े। इस पर वो कहते हैं, ”नहीं, भारत में हिंदू-मुस्लिम भाई चारा ना कभी संभव था, ना है और ना कभी रहेगा। दोनों की विचारधारा का मौलिक अंतर है। जहाँ जहाँ इस्लाम गया वहाँ इस्लामिक सिद्धांत के अलावा सब फेल हुआ। अखंड भारत की बात करें तो अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश इसी का हिस्सा थे, जो हिस्सा बँट गया उसमें से हर हर महादेव कट गया और अल्लाह-हू-अकबर रह गया। यहाँ भी जो हिस्सा कट जाएगा उसमें अल्लाह-हू-अकबर रह जाएगा और बाकी हर हर महादेव रह जाएगा। उन्होंंने कहा कि ये वो रोजाना गाते रहें, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”
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मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ये दंगे भाजपा ने नहीं कराए थे, बल्कि भारतीय किसान यूनियन के नाम पर राकेश टिकैत ने हर स्टेज को तैयार किया था। 27 तारीख को सचिन और गौरव की हत्या के बाद सबसे पहले वहाँ जाने वाले आमिर आलम और राकेश टिकैत ही थे। इसके बाद 31 तारीख को घोषणा करने वाले राकेश टिकैत थे।
हुसैन ने कहा, “जहाँ तक किसान यूनियन और राकेश टिकैत की बात है तो ये दोनों एक ही हैं, इनमें कोई विरोधाभास नहीं है। दोनों का एक ही मिशन है सत्ता पर काबिज होना। वर्तमान में ये केवल राजनीति में आना और अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं।”
शाहिद हुसैन ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधी जिनमें मुस्लिम भी हैं, वे पुलिस से बचने के लिए किसान यूनियन में शामिल हो रहे हैं। ये इनके लिए बहुत अच्छा मंच है। इन अपराधियों की बीजेपी में कोई अच्छी पकड़ नहीं है, इसलिए ये किसान यूनियन के लोगों की मदद से पुलिस से अपना बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कि हिंदू मुस्लिम भाई चारे की बात केवल एक नाटक है।
इससे पहले अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाने वाले राकेश टिकैत को एक आम मुसलमान ने संदेश दिया था, “हमें 113 मस्जिदें दो। मुजफ्फरनगर दंगों के लिए सभी जाटों की तरफ से माफी माँगो। तुम अल्लाह-हू-अकबर बोलो, हम हर हर महादेव कभी नहीं बोलेंगे!” ये संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने भी शेयर किया था।
क्या किसान आंदोलन में थूक मिला हलवा बांटा गया था?
इसी बीच सोशल मीडिया पर राकेश के आंदोलन में थूक मिला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसकी पुष्टि तो नहीं हो सकी है। यदि यह सच है, राकेश और आंदोलन में सम्मिलित सभी नेताओं को इसका जवाब देना पड़ेगा। क्या राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव वीडियो में हलवे में थूक मिलाने वाले पर सख्त कार्यवाही करने की मांग करेंगे? क्या प्रदर्शन में शामिल किसान इन आन्दोलनजीवियों से थूक मिला हलवा खिलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करेंगे? क्या आन्दोलनजीवी और इनके समर्थक इस गिरी हुई हरकत को बर्दाश्त करेंगे?



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