![]() |
| पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया था गिलानी का शव (फोटो: geo.tv) |
अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटने और राष्ट्र विरोधी नारे लगाने के आरोप में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बडगाम में 4 सितंबर को अज्ञात लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच बडगाम जिले के नरकारा में पथराव की छिटपुट घटना को छोड़कर पूरी घाटी में शांति रही। बताया जा रहा है कि दर्जन भर से अधिक अराजक तत्वों को गिरफ्तार किया गया है।
पाकिस्तानपरस्त ऐसे लोगों पर केंद्र सरकार को सख्ती से पेश आना चाहिए। इनके बैंक खाते आदि को सील करना चाहिए। कश्मीर में पाकिस्तानपरस्त सामने आ चुके हैं, जबकि कश्मीर से बाहर हज़ारों में हैं।
Budgam police station registered a general FIR on 2nd Sept against miscreants & other elements who raised anti-national slogans & resorted to other anti-national activities (putting Pak flag on body) after separatist leader SAS Geelani's death at his home: Jammu & Kashmir Police
— ANI (@ANI) September 5, 2021
Definition of “India” before 5 August 2019. pic.twitter.com/3hcRks1Gxc
— Gaurav Taneja (@flyingbeast320) September 4, 2021
गिलानी को दफनाने से पहले का एक वीडियो सामने आया है। इसमें उनके शव को पाकिस्तानी झंडे से लपेटा हुआ दिखाया गया है। शव के चारों तरफ कई अन्य लोग भी मौजूद हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएँ हैं। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस शव को अपने कब्जे में लेने के लिए आगे बढ़ी, दिवंगत अलगाववादी नेता के सहयोगियों ने झंडा हटा दिया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने UAPA के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पाकिस्तानी झंडे में लिपटे अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के शव की वीडियोज वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केस https://t.co/AVq3UTsvTl #syedalishahgeelani #srinagar #kashmir #सैयदअलीशाहगिलानी #श्रीनगर #कश्मीर
— Oneindia Hindi (@oneindiaHindi) September 4, 2021
Bharat के एसे दुश्मन आज भी है जो भारतीय संविधान और उसके प्रावधानों से बहुत दूर है उनका मन शरियत और गुलाम ए मुस्तफा के स्वप्न देखकर जीवित है
— OmTomar 🇮🇳☀️ (@OmkTomar) September 5, 2021
महबूबा मुफ्ती मोहम्मद सईद की विरासत को आगे बढ़ा रही है
मुफ्ती ने गृहमंत्री बनते ही सबसे पहले 5लख पंडितो को कश्मीर से निकाला
ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी का लंबी बीमारी के बाद सितंबर 1, 2021 देर रात निधन हो गया था। उनके शव को हैदरपोरा के एक कब्रिस्तान में दफनाया गया है।
श्रीनगर के पुराने इलाके और हैदरपोरा में पाबंदियाँ अभी भी जारी हैं। हैदरपोरा में गिलानी के घर की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील हैं। शनिवार सुबह से इंटरनेट सेवाएँ फिर से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने यातायात बहाल करने के साथ ही तीन दिन से फँसे वाहनों को निकाला।
गिलानी ने कभी भी कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं माना। सन् 1990 में उन्होंने अलगाववाद की राजनीति करने वालों के लिए एक मंच तैयार किया था, जिसका नाम ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस रखा गया था। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के विरुद्ध तमाम गुट शामिल हो गए।
सैयद अली शाह गिलानी पर अक्सर पाकिस्तान को फंडिंग के जरिए कश्मीर में अलगाववाद भड़काने के आरोप लगे हैं। उसके विरुद्ध कई केस भी दर्ज हुए हैं। NIA और ED ने टेरर फंडिंग के मामले में जाँच की थी, जिसमें उनके दामाद समेत कई रिश्तेदारों से पूछताछ हुई थी।
गिलानी की मौत पर पाकिस्तानी झंडे वाले कनेक्शन को समझना है तो इमरान खान के दर्द को समझिए। भारत में एक आदमी मरता है और पाकिस्तान का प्रधानमंत्री ट्वीट करके अपने देश के झंडे को आधी ऊँचाई पर फहराने (राष्ट्रीय मातम) का संदेश देता है। मुसलमान-मुसलमान/आतंकी-आतंकी वाला यह कनेक्शन शायद ही कभी खत्म हो।

No comments:
Post a Comment