पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दुर्गेश के परिजनों से की मुलाकात (साभार: नई दुनिया)
हिन्दुओं की वोटों से कुर्सी पर बैठने वाले किसी मुस्लिम की किसी हिन्दू द्वारा मारे जाने पर आसमान सिर पर उठाने वाले उस समय क्यों चुप रहते हैं जब मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं पर हमला किया जाता है? आखिर तुष्टिकरण की गन्दी सियासत कब तक होती रहेगी? अगर इसी का नाम राजनीति/सियासत है तो शर्म आती उन हिन्दुओं पर जो ऐसी राजनीति/सियासत का हिस्सा बनते हैं। कहाँ है मानवाधिकार? कहां है राहुल, प्रियंका, अखिलेश और अरविन्द केजरीवाल? ये इसलिए चुप हैं क्योकि ये हादसा मुसलमान नहीं हिन्दू के साथ घटित हुआ है। दूसरे, दादरी, हाथरस और लखीमपुर खेरी पर चौपाल लगाकर अपनी TRP के चक्कर में रहने वाली मीडिया कवर्धा घटना पर क्यों खामोश है? कहां है खोजी पत्रकार?
दिल्ली के पूज्य 'कालका जी' मंदिर में 'माता' के 'भक्तों' के 'साथ' अभद्रता की सारी सीमाएं लांघती दिल्ली पुलिस.
— Sudarshan News (@SudarshanNewsTV) October 14, 2021
अगर ये मस्जिद होती, नवरात्रि की जगह ताजिया होता, उर्स का कार्यक्रम होता, क्या तब भी दिल्ली पुलिस ऐसा व्यवहार कर पाती या करने का साहस भी जुटा पाती?? pic.twitter.com/sAfmWWB8ge
छत्तीसगढ़ के कवर्धा में मुस्लिम भीड़ ने ‘हिन्दू ध्वज’ को उखाड़ फेंका था। इसका विरोध करने पर दुर्गेश देवांगन की जमकर पिटाई की गई थी। मीडिया रिपोर्टों की माने तो दुर्गेश का अब भी पता नहीं है। इस मामले में अब तक 29 गिरफ्तारियाँ हुई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन्हीं आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर विहिप ने प्रदर्शन किया था, जिसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने बाहर से लोगों को लाकर हिंसा भड़काने का आरोप हिन्दू संगठनों पर लगाया था। इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई और हिंदुओं को निशाना बनाने के आरोप भी शुरू से लगते रहे हैं।
दुर्गेश के संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए ऑपइंडिया ने कई बार कवर्धा पुलिस से संपर्क किया। लेकिन हर बार पुलिस अधिकारी इस सवाल का जवाब देने से बचते रहे। ऐसे में सीधा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर दुर्गेश देवांगन कहाँ हैं? छत्तीसगढ़ पुलिस आखिर क्या छिपाना चाह रही है? उल्लेखनीय है कि इस पूरे प्रकरण में स्थानीय विधायक और छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्री मोहम्मद अकबर पर भी दंगाइयों को बचाने के आरोप लग रहे हैं।
दुर्गेश पर हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हुआ था।
IMP: Read & RT Max because no Media is Covering this issue
— santosh dubey (@santosh25886) October 5, 2021
A hindu "Durgesh Dewangan" objected, the mvslim nearly lynched him but he fought with courage
Police saw silently, lathicharged only on hindus + pic.twitter.com/1NQSqWyZqT
रिपोर्ट के अनुसार दुर्गेश की पिटाई सिटी कोतवाली के लोहारा नाका पर हुई थी। घटना 3 अक्टूबर की है। दुर्गेश ने हिंदू ध्वज हटाने और उसे पैरों तले रौंदने का विरोध किया था। इसके बाद समुदाय विशेष के लोगों ने उसे जमकर पीटा था। इसी मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने 5 अक्टूबर को प्रदर्शन किया था। जिसके बाद प्रशासन ने हिंदू संगठनों को हिंसा का कसूरवार ठहराया था।
रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में अब तक 29 गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें मुख्य आरोपित रिजवान और सलमान भी हैं। सलमान के पास से एक धारदार चाकू बरामद किए जाने की भी खबर है। दो आरोपितों इदरीश खान और वज़ीर खान को मंगलवार (12 अक्टूबर 2021) को गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले सोमवार को 11 आरोपित गिरफ्तार किए गए थे। 16 अन्य की गिरफ्तारी इससे पहले ही हो चुकी थी। पुलिस ने इन आरोपितों की पहचान टेक्निकल एविडेंस, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज आदि के माध्यम से की है।
सोचिए..
— विनोद बंसल (@vinod_bansal) October 12, 2021
कवर्धा में एक अकेले बजरंगी हिन्दू युवक दुर्गेश की लिन्चिंग करने वाले कितने जिहादी थे..
१. रियाज
२. महफूज
३. रिजवान
४. सलमान
५. फैजल
६. नासिर
७. शोहित
८. साजिद
९. सैफअली
10. सरफराज
११. अयानखान
ये तो वे हैं जिन्हें कल गिरफ्तार किया, शेष बहुत हैं.. pic.twitter.com/0WufawMREJ
इन 11 जेहादियों की हिम्मत इसलिए उबाल मारी क्योंकि उस क्षेत्र का विधायक उनकी अपनी जाति का है,जिसको खुद वहां के बहुसंख्यक समाज ने अपना किमती वोट देकर अपनी गर्दने कटाने के लिए चुना था 😠 ये तो सेक्यूलर बहुसंख्यक समाज की हालत है, अकबर, गजनवी,गोरी,खिलजी जैसों को देखकर भी चेते नही हैं।
— 🇮🇳 🇮🇳Rajesh Kumar🇮🇳 🇮🇳 (@nationalist_2) October 12, 2021
कुत्ते झुंड में ही हमला कर सकते हैं, आतंकी भी निहत्थे को ही मारते हैं या पीठ पीछे वॉर करते हैं।
— Umesh Tiwari (@umeshTi90) October 12, 2021
जो गिरफ्तार हुए हैं उनके नाम हैं: सैय्यद महफूज अली, फैजल खान, नासिर खान, सैफ अली खान, सरफराज खान, साजिद अली, रियाज हिंगोरा, अयाज खान, शोहित खान, मोहम्मद इजरायल, शाहिद खान, सादिक कुरैशी, मोहम्मद खान, मोहम्मद इमरान, तौफीक मोहम्मद, सैयद महबूब, रेहान वगैरह। सारे गिरफ्तार आरोपित एक ही समुदाय के हैं। इन सभी पर अपराध संख्या 801/2021 के तहत कवर्धा में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 294 295. 323, 506 B IPC, अपराध संख्या 802/21 के तहत धारा 294, 336, 147 IPC, अपराध संख्या 804/21 के तहत धारा 147, 148, 353, 332, 153-ए, 427, 295 IPC, 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हैं। इन सभी पर लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 भी लगाई गई है।
See how peacefools thrown the Bhagwa flag on ground & disrespected it...
— Mr Sinha (@MrSinha_) October 4, 2021
It's happening in Kawardha, Chhatisgarh.... Govt-Police is also with them..
Hindus are helpless..... pic.twitter.com/uascvl7qMJ
This should not end till THE POLICEMEN Standing there must BE LINE HAZEER
— MUDDAABAAZ (@muddaabaaz) October 7, 2021
If History couldn't convince them this, nothing can.
— moji (@Lakshmi41362436) October 4, 2021
Jis tarah desh ka mahol hai use dekh ke to lag raha hai ki hum ek aur partition ki taraf badh rahe hai.
— Master Phobos (@master_phobos) October 4, 2021
इस घटना के बाद दुर्गेश के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। दुर्गेश के परिजन किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं। उनका कहना है कि पुलिस दुर्गेश को अपने वाहन में बिठा कर ले गई थी। उधर कवर्धा पुलिस ने दुर्गेश के अपनी कस्टडी में होने से इनकार किया है। दुर्गेश कवर्धा के वार्ड नंबर 27 में रहते थे। गत रविवार (10 अक्टूबर 2021) को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में निकाली गई सद्भावना रैली जब दुर्गेश के वार्ड में पहुँची तब भी उनकी माँ और बहन ने अधिकारियों से दुर्गेश को खोजने की अपील की थी। दुर्गेश परिवार का इकलौता लड़का है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दुर्गेश के लापता होने पर अधिकारियों का कहना है कि उन्हें दुर्गेश के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार दुर्गेश की तलाश की जा रही है। आम लोगों से भी उन्होंने इस मामले में प्रशासन की मदद करने की अपील की है।
आज #kawardha मामले में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के कारण सेंट्रल जेल दुर्ग में बंद पीड़ितों से मुलाकात की।
— Dr Raman Singh (@drramansingh) October 11, 2021
.@bhupeshbaghel सरकार याद रखे यह दमन, यह शोषण, यह अत्याचार न कवर्धा भूलेगा न ही छत्तीसगढ़।
भाजपा सभी पीड़ित परिवारों के साथ है, और इस गिरफ्तारी का पुरजोर विरोध करेगी। pic.twitter.com/Q1FNT3fVvl
— Indrajeet giri (@Indrajeetgiri8) October 12, 2021
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पिछले दिनों दुर्गेश के घर जा कर उनके परिजनों से मुलाकात की थी। रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान दुर्गेश की माँ ने कहा था कि घटना के बाद उनके बेटे को पुलिस वाले गाड़ी में ले गए थे। इसके बाद से उनका बेटा गायब है। पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
रमन सिंह ने इस मामले में कॉन्ग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा था कि मंत्री के दबाव में प्रशासन ने अब तक 100 से अधिक लोगों को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से गिरफ्तार किया है। पूरे प्रकरण की न्यायिक जाँच की माँग करते हुए उन्होंने 11 अक्टूबर को दुर्ग सेंट्रल जेल पहुँच उन लोगों से मुलाकात भी की थी, जिन्हें फँसाने का आरोप प्रशासन पर लग रहा है।

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