अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है : सिद्धूसलामी बल्लेबाज रहे नवजोत सिंह सिद्धू के चलते पंजाब में पॉलिटिक्स बेहद दिलचस्प हो रही है। सिद्धू जैसे धुरंधर के कारण पंजाब के मुख्यमंत्री को विपक्ष की जरूरत नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को हिट विकेट कर चुके सिद्धू के निशाने पर अब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आ गए हैं। पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू ने फिर अपनी ही पंजाब सरकार पर बड़ा हमला किया है।
पंजाब में बिजली 3 रुपए सस्ती कर मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने इसे दिवाली गिफ्ट बताया था। उसे ही सिद्धू बुलंद आवाज में झूठ और फरेब बता रहे हैं। सिद्धू ने करारी चोट करते हुए कहा कि पौने 5 साल मौज कर आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप बांटे जा रहे हैं। सत्ता में आना है और उसके लिए झूठ बोलना है। 500 झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है। सिद्धू के करारे शॉट पर चन्नी सरकार बगलें झांकने को मजबूर हो गई है। चरणजीत चन्नी के दिवाली गिफ्ट का सिद्धू ने दिवाला निकाल दिया है।
पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही सीएम चरणजीत चन्नी ने कैबिनेट की मीटिंग के बाद कहा कि पंजाब में घरेलू बिजली की दरें 3 रुपए सस्ती कर दी गई हैं। 100 यूनिट तक बिजली का रेट 4.19 पैसे से घटकर 1.19 रुपए रह जाएगा। वहीं 100 से 300 यूनिट तक 7 रुपए से घटकर 4.01 रुपए और इसके ऊपर के लिए 5.76 रुपए प्रति यूनिट रेट रह गया है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और करीब डेढ़ या दो महीने में इसकी घोषणा भी हो जाएगी। ऐसे में पंजाब के सीएम ने बिजली की कम दरों को दिवाली का गिफ्ट बताकर सियासी दांव खेलने की कोशिश की है।
पौने 5 साल मौज, अब आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप
सीएम के इस दिवाली गिफ्ट की हवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सिद्धू ने निकाल दी है। सिद्धू ने करारी चोट करते हुए कहा कि पौने 5 साल मौज कर आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बगैर नाम लिए मुख्यमंत्री से पूछा कि जो सब्सिडी दोगे, वह पैसा कहां से आएगा ? सिद्धू ने कहा कि पंजाब के विकास का रोड मैप क्या है? यह नेताओं को बताना चाहिए। सिद्धू ने सीएम चन्नी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ देर पहले ही यह निशाना साधा। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम चन्नी ने कहा कि कुछ लोग जरूर सोचेंगे कि यह सब चुनाव की वजह से किया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है।
सीएम के इस दिवाली गिफ्ट की हवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सिद्धू ने निकाल दी है। सिद्धू ने करारी चोट करते हुए कहा कि पौने 5 साल मौज कर आखिरी 2 महीने में लॉलीपॉप बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बगैर नाम लिए मुख्यमंत्री से पूछा कि जो सब्सिडी दोगे, वह पैसा कहां से आएगा ? सिद्धू ने कहा कि पंजाब के विकास का रोड मैप क्या है? यह नेताओं को बताना चाहिए। सिद्धू ने सीएम चन्नी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से कुछ देर पहले ही यह निशाना साधा। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम चन्नी ने कहा कि कुछ लोग जरूर सोचेंगे कि यह सब चुनाव की वजह से किया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है।
शिरोमणि अकाली दल ने भी बिजली सस्ती करने के ऐलान को लोगों से धोखाधड़ी बताया है। अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सिर्फ एक बार के बिजली बिल के लिए यह ऐलान किया है। मुख्यमंत्री चन्नी और उनकी सरकार भी जानती है कि जनवरी से चुनाव आचार संहिता लग जानी है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के नेता चाहते हैं कि आचार संहिता लग जाने से पहले लोगों को एक बिजली बिल मिल जाएं और उन्हें लगने लगे कि बिजली सस्ती कर दी गई है।
‘अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है’
उधर चंडीगढ़ में संयुक्त हिंदू महासभा के कार्यक्रम में सिद्धू ने सरकार से पूछा कि पंजाब का कल्याण कैसे होगा? कोई नहीं बताता। पौने 5 साल सब एक-दूसरे को नीचे गिराने में लगे रहे। जुल्म करते रहे। आखिरी 2 महीने में आसमान जमीन पर ला रहे। तारे तोड़कर दे रहे। कोई बताएगा कि यह सब कहां से देंगे? सिद्धू ने कहा कि क्या पंजाब में मकसद सिर्फ सरकार बनाना है। सत्ता में आना है और उसके लिए झूठ बोलना है। 500 झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है।
उधर चंडीगढ़ में संयुक्त हिंदू महासभा के कार्यक्रम में सिद्धू ने सरकार से पूछा कि पंजाब का कल्याण कैसे होगा? कोई नहीं बताता। पौने 5 साल सब एक-दूसरे को नीचे गिराने में लगे रहे। जुल्म करते रहे। आखिरी 2 महीने में आसमान जमीन पर ला रहे। तारे तोड़कर दे रहे। कोई बताएगा कि यह सब कहां से देंगे? सिद्धू ने कहा कि क्या पंजाब में मकसद सिर्फ सरकार बनाना है। सत्ता में आना है और उसके लिए झूठ बोलना है। 500 झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने की कोशिश की जा रही है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब राजनीति मिशन नहीं, धंधा बन चुकी है।
सिद्धू ने पूछा कि अगर पंजाब के पास खजाना है तो इंडस्ट्री को सब्सिडी दो। उन्होंने कहा कि पंजाब में 5.40 लाख करोड़ टैक्स आता है। इनमें 75% सिर्फ इंडस्ट्री से मिलता है। फिर पंजाब में इंडस्ट्री क्यों नहीं आ रही। हिमाचल प्रदेश में क्यों जा रही है? पंजाब 17-18वें नंबर पर क्यों है? सिद्धू ने कहा कि अगर कोई आपको कहता है कि पंजाब का खजाना भरा है तो यह झूठ है। अगर ऐसा है तो ईटीटी टीचरों को 50-50 हजार वेतन दे दो। 2004 से जिन्हें पेंशन नहीं मिली, उन्हें पेंशन दे दो। क्या पंजाब के पास 50 हजार करोड़ रुपए सरप्लस है। दिल्ली और तमिलनाडु के पास है। सिद्धू ने कहा कि एजेंडों पर वोट डालो, किसी के लॉलीपॉप पर नहीं। सिद्धू ने कहा कि हम कर्जा लेकर कर्जा भर रहे हैं।
सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी नहीं बख्शा। सिद्धू ने कहा कि जो कहते थे, मेरी सरकार और मेरा पंजाब है, उन्हें उठाकर फेंक दिया। उन्होंने कहा कि सीएम और मंत्री एक्स हो जाते हैं, लेकिन कार्यकर्ता हमेशा ताकतवर रहता है। सिद्धू ने इशारों में यह भी स्पष्ट किया कि अगले चुनाव में वह पंजाब के सीएम पद के दावेदार होंगे। सिद्धू ने कहा कि लोगों को फैसला करना है कि किसी चोर को बिठाना है या फिर ईमानदार को। उन्होंने कहा कि इस बार पंजाब को पार्टियों से ऊपर उठकर वारिस को चुनना होगा।
अकाली दल ने कहा-सिद्धू के मुद्दों पर जवाब दें चन्नी
अकाली दल प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के सोमवार को दिए गए एक भाषण की क्लिप सुनाते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रधान तो खुद बोल रहा है कि साढ़े चार साल कोई काम नहीं किया। एक-दूसरे की टांग खिंचाई में लगे रहे और अब चुनाव से पहले दो महीने में लोगों को खैरात देकर क्या सरकार बनाना चाहते हैं? चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस को सिद्धू की ओर से उठाए गए मुददों का जवाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि वह सही बोल रहे हैं या नहीं?
अकाली दल प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के सोमवार को दिए गए एक भाषण की क्लिप सुनाते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रधान तो खुद बोल रहा है कि साढ़े चार साल कोई काम नहीं किया। एक-दूसरे की टांग खिंचाई में लगे रहे और अब चुनाव से पहले दो महीने में लोगों को खैरात देकर क्या सरकार बनाना चाहते हैं? चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस को सिद्धू की ओर से उठाए गए मुददों का जवाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि वह सही बोल रहे हैं या नहीं?
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