भारत में मुस्लिम कट्टरपंथी को बढ़ावा देने वाले महात्मा गाँधी और गाँधी की विरासत(विस्तार से जानने के लिए नाथूराम गोडसे के कोर्ट में दर्ज 150 बयानों को पढ़ना पड़ेगा) को कांग्रेस बढ़ाती रही। जो व्यक्ति गुप्तचर एजेंसियों को दांव पर लगाता रहा, उसे ही देश का उप-राष्ट्रपति बना दिया।
देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को एक बार फिर से देश मे असहिष्णुता (Intolerance) नजर आने लगी है। उन्हें देश में एक बार फिर से लोकतंत्र खतरे में दिखाई देने लगा है। उन्होंने 27 जनवरी 2022 को इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू राष्ट्रवाद (Hindu Nationalism) पर चिंता व्यक्ति की। अंसारी ने कहा कि देश में धार्मिक आधार पर लोगों को बाँटा और धर्म विशेष के लोगों को उकसाने की कोशिश की जा रही है।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर हामिद अंसारी ने देश के लोकतंत्र की आलोचना की और कहा कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है और ये अब संवैधानिक मूल्यों से हट गया है। हिंदू राष्ट्रवाद पर चिंता व्यक्त करते हुए अंसारी ने भारत के ‘बहुलतावादी संविधान के संरक्षण’ भाषण दिया। उन्होंने कहा था, ‘‘हाल के वर्षों में हमने उन प्रवृत्तियों और प्रथाओं के उद्भव का अनुभव किया है, जो नागरिक राष्ट्रवाद के सुस्थापित सिद्धांत को लेकर विवाद खड़ा करती हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की एक नई एवं काल्पनिक प्रवृति को बढ़ावा देती हैं। वह नागरिकों को उनके धर्म के आधार पर अलग करना चाहती हैं, असहिष्णुता को हवा देती हैं और अशांति और असुरक्षा को बढ़ावा देती हैं।’’
इसके साथ ही अंसारी ने खुद से ही अपनी पीठ भी थपथपाई और बताया कि उपराष्ट्रपति के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान देश की संसदीय प्रणाली और कानून पूरी तरह से पारदर्शीा था। खास बात यह है कि जिस ‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल’ (IAMC) के वर्चुअल कार्यक्रम में हामिद अंसारी ने हिस्सा लिया उस पर पहले से भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के आरोप हैं।
1 comment:
Modi government should investigate all allegations against Hamid Ansari and take action
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