उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के हलचल के बीच कांग्रेस के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी के साथ उनकी ही की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मारपीट और अभद्रता की। इस पर कांग्रेस ने कार्रवाई करते हुए चार कार्यकर्ताओँ को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।प्रियंका गाँधी के साथ पटेल (फोटो साभार: आजतक)
प्रदेश के बलरामपुर में वीआईपी गेस्ट हाउस में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्य नारायण पटेल के साथ मारपीट करने के मामले में पार्टी ने जिलाध्यक्ष अनुज सिंह, जिला उपाध्यक्ष अख्तर हुसैन, जिला महासचिव विनय मिश्रा और सेवा दल के अध्यक्ष दीपक मिश्रा को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। वहीं, अनुज सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
कांग्रेस ने जिले के सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी तय कर दिए हैं। बलरामपुर से बविता आर्य, उतरौला से धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू, तुलसीपुर से दीपेन्द्र सिंह दीपांकर और गैसड़ी से डॉ. इस्तियाक अहमद खाँ को टिकट दिया है। बताया जाता है कि इसी सिलसिले में 4 फरवरी 2022 को श्रावस्ती स्थित वीआईवी गेस्ट हाउस में पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सत्य नारायण पटेल कार्यकर्ताओं, आवेदकों और प्रत्याशियों के साथ अलग-अलग विचार विमर्श कर रहे थे। इसी दौरान ये सभी आरोपी वहाँ पहुँच गए और उनके साथ मारपीट की।
कांग्रेस अनुशासन समिति का कहना है कि इन लोगों ने राष्ट्रीय सचिव के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन पर हमला किया और मारपीट की। यह घटना घोर अनुशासनहीनता है। अनुज कुमार सिंह ने अपने आवास पर पत्रकारों को बताया कि उनके ऊपर लगाए सारे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कोई अनुशासनहीनता नहीं की है। टिकट बँटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं में थोड़ी बहुत नाराजगी जरूर थी।
अनुज ने कहा, “30 साल से मैं पार्टी का अनुशासित सिपाही रहा हूँ। मेरे खिलाफ लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उनसे मारपीट नहीं की गई, बल्कि उनसे कुछ लोग अभद्रता कर रहे थे और वे उन्हें बचाने के प्रयास कर रहे थे। मैंने अपनी बात पार्टी फोरम पर रखी है और सोनिया गाँधी जी के समक्ष भी अपनी बात रखूँगा।”
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से दो बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक रहे हैं। उन्हें सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी का बेहद खास माना जाता है।
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