पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कुछ जिलों में कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ‘तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC)’ की सरकार ने फैसला लिया है कि इन जिलों में 7-9 मार्च, 11-12 मार्च और 14-16 मार्च को ब्रॉडबैंड और इंटरनेट सेवाएँ बंद रहेंगी। संवेदनशील मालदा और मुर्शिदाबाद के अलावा उत्तरी दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम और दार्जिलिंग में ये प्रतिबंध लगाए गए हैं। कहा जा रहा है कि गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसा किया गया है।
पश्चिम बंगाल में गृह एवं पहाड़ी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि इंटरनेट ट्रांसमिशन और इंटरनेट टेलीफोनी का इस्तेमाल कर के अगले कुछ दिनों में इन क्षेत्रों में गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है। कहा गया है कि इन सूचनाओं का विश्लेषण करने पर पता चला है कि रोकथाम के उपाय किए जाने जरूरी हैं। इसमें लिखा है, “भारत का संविधान यहाँ के नागरिकों को फ्री स्पीच का अधिकार देता है, लेकिन इस पर कुछ उचित प्रतिबंध भी हैं।”
Mobile internet & broadband services to be temporarily suspended in few blocks of Malda, Murshidabad, Uttar Dinajpur, Coochbehar, Jalpaiguri, Birbhum & Darjeeling districts b/w 1100-1515 hrs on 7-9 Mar, 11&12 Mar & 14-16 Mar, to prevent unlawful activities: Govt of West Bengal pic.twitter.com/8e4FfEnbmV
— ANI (@ANI) March 6, 2022
पश्चिम बंगाल की सरकार ने कहा है कि इस दौरान मोबाइल फोन से वॉइस कॉल्स, SMS और समाचार पत्रों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है, अतः सूचनाओं के संचार या प्रसार पर कोई रोकथाम नहीं लगाई गई है। राज्य सरकार ने कहा कि लोगों के जीवन पर खतरों को रोकने के लिए, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरों को रोकने के लिए और कानून के हिसाब से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे लोगों पर खतरे को रोकने के लिए ये फैसला जरूरी है।
हालाँकि, इसका कोई सटीक कारण नहीं बताया गया है कि आखिर इंटरनेट और ब्रॉडबैंड बंद करने का फैसला क्यों लिया गया। किन लोगों से और किस तरह के खतरे हैं, ये भी नहीं बताया गया है। साथ ही ‘पब्लिक आर्डर को मेंटेन करने’ के लिए टेलीग्राफ के जरिए आने वाले ट्रांसमिशंस को भी रोक दिया गया है। CRPC की धारा-144 के तहत ये प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस बारे में अभी और जानकारी सामने नहीं आ पाई है।
No comments:
Post a Comment