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कुतुब मीनार के अंदर रखी गई 'उल्टा गणेश' और 'पिंजरे में गणेश' की मूर्तियाँ |
एनएमए और एएसआई दोनों केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के अधीन काम करते हैं। एनएमए की स्थापना साल 2011 में स्मारकों और स्थलों और इसके आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए की गई थी। इस समय NMA के अध्यक्ष बीजेपी नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय हैं। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए इसकी पुष्टि की है कि एएसआई को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा, “मैंने कई बार साइट का दौरा किया और मुझे लगता है कि जहाँ मूर्तियों की स्थापना की गई है, वह जगह अपमानजनक है। मस्जिद में आने वालों लोगों के पैरों के पास ही यह मूर्तियाँ हैं।”
तरुण विजय ने आगे कहा, “आजादी के बाद हमने इंडिया गेट से ब्रिटिश राजाओं और रानियों की मूर्तियों को हटा दिया था और उपनिवेशवाद के निशान मिटाने के लिए सड़कों के नाम बदल दिए थे। अब हमें उस सांस्कृतिक नरसंहार को पलटने के लिए काम करना चाहिए, जो मुगल शासकों ने हिंदुओं पर किया था।”
Yes , and with a description about what had happened to 27 temples and why Ganesha moorti was put upside down to humiliate Hindus. There are Tirthankars, Yamuna, Dashavatar, Krishna’s birth and Navagraha Moortis never shown to visitors. https://t.co/5I0Dx9WUuI
— Tarun Vijay தருண் விஜய் भारत के वीर सैनिकों की जय (@Tarunvijay) April 7, 2022
— SHARAN (@Naanu_Patterns) April 7, 2022
UNBELIEVABLE. Equivalent of removing Ram Lalla idol to keep the sanctity of the Babri Masjid. Forget Kashi Mathura, they can’t even manage this.
— Anand Ranganathan (@ARanganathan72) April 7, 2022
We truly are a vanquished lot. pic.twitter.com/QXNtR8PYTY
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