अमेरिकी महिलाओं ने सेक्स स्ट्राइक पर जाने की धमकी दी (फोटो साभार: LAD Bible)
अमेरिकी महिलाओं ने वहाँ की सुप्रीम कोर्ट द्वारा गर्भपात को प्रतिबंधित किए जाने के बाद ‘सेक्स स्ट्राइक’ पर जाने की चेतावनी दी है। महिलाओं का कहना है कि ‘Roe v Wade’ फैसले के बाद वो पुरुषों की इसकी सज़ा देंगी और उन्हें सेक्स के लिए तरसाएँगी। कुछ महिलाओं ने कहा कि वो उन पुरुषों के साथ बिलकुल भी सेक्स नहीं केंगी, जिन्होंने अपनी शुक्रवहानली काट कर नहीं हटवाई हो। उन्होंने कहा कि उनके अधिकार के लिए पुरुष सड़कों पर नहीं आ रहे हैं, ऐसे में उनका सेक्स का कोई अधिकार नहीं बनता।
एक अन्य महिला ने सोशल मीडिया पर ‘My Legs Are Closed’ नाम से एक पोस्ट भी डाला, जिसमें उसने कहा कि चूँकि अब इस फैसले के बाद हमलोग गर्भवती होने का खतरा नहीं उठा सकतीं, इसीलिए किसी भी पुरुष के साथ सेक्स मत करो – अपने पति के साथ भी नहीं। महिलाओं का कहना है कि इस फैसले से साबित होता है कि एक पुरुष का सेक्स लाइफ महिलाओं से ज्यादा महत्वपूर्ण है। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें अब इसका डर है कि पुरुष सेक्स के समय कॉन्डोम का प्रयोग करेंगे या नहीं, या फिर कहीं इसे बीच में ही न निकाल लें।
my legs are CLOSED! 🚫 #SexStrike pic.twitter.com/B2ILNb83TG
— marilynn 💕 #FreeWendy (@dumbledore) June 26, 2022
We’re going to knock on doors, rally together, and win this election. That’s how we restore reproductive rights in the state of Texas. pic.twitter.com/LpQpTpba8Q
— Beto O'Rourke (@BetoORourke) June 28, 2022
एक अन्य महिला ने कहा कि पहले आराम से बाहर जाकर सेक्स किया जा सकता था, क्योंकि उन्हें पता था कि इसके बाद भी उनके पास चॉइस बची है। एक अन्य महिला ने कहा कि अगर वो सोचते हैं कि महिलाओं को हमेशा दबा कर रखेंगे, तो हम भी अपने लेग्स को हमेशा के लिए बंद कर लेंगी। सोशल मीडिया पर भी ‘सेक्स स्ट्राइक’ हैशटैग शेयर किया जा रहा है। एक महिला ने कहा कि अगर मेरे शरीर पर मेरा ही अधिकार नहीं है, तो किसी पुरुष का भी नहीं है।
एक महिला ने तो यहाँ तक सलाह दे डाली कि पूरी दुनिया की महिलाओं को सेक्स करना बंद कर देना चाहिए। साथ ही पूछा कि पुरुषों को बलात्कार से रोकने के लिए अब तक कोई रास्ता या तकनीक क्यों नहीं निकाली गई है? अमेरिकी अभिनेत्री एलिसा मिलानो ने भी इस हैशटैग का समर्थन किया है। कुछ लोग इस पर तंज कस रहे हैं कि इसके बाद अमेरिका में वाइब्रेटर बेचने वाली कंपनियों की चाँदी हो जाएगी। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में अधिकतर पुरुष हैं, इसीलिए ये पुरुष प्रधान फैसला आया है।
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