2014 चुनाव से विपक्ष स्वतः ही समाप्त हो रहा है, क्योकि जिन मुद्दों पर इसे विरोध करना चाहिए, उनमे से किसी एक पर नहीं किया जा रहा। भाजपा से अधिक विरोध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हो रहा है। आतंकवाद पर सर्जिकल/एयर स्ट्राइक करने पर सरकार के साथ खड़े होने की बजाए सबूत मांगता है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध करता है। अयोध्या में राममंदिर मुस्लिम कट्टरपंथियों से ज्यादा विरोध विपक्ष ही करता रहा और अब वही विरोध काशी और मथुरा में देखा जा रहा है। जब CAA आया, लोकतंत्र का नंगा नाच देखा। विश्व में कौन-सा देश है, जहाँ नागरिकता संशोधक कानून लागु नहीं है, लेकिन तुष्टिकरण की राह चलते विरोध के नाम पर महीनों सड़कें ब्लॉक कर दीं, कोई बात नहीं, लेकिन प्रदर्शनकारियों द्वारा हिन्दू और हिंदुत्व को अपमानित करने पर उनका साथ देते रहे। और अब अग्निवीर पर युवाओं को उकसा कर उनकी लाशों पर गन्दी सियासत खेलने का खेल चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने सेना को मजबूत करने और युवाओं को सेना में अधिक-से-अधिक मौका देने के लिए अग्निपथ योजना लॉन्च की है। लेकिन यह योजना अब साजिश का शिकार हो चुकी है। जिस तरह ट्रेन की बोगियों में आग लगायी जा रही, उससे पता चलता है कि यह काम सेना में जाने के इच्छुक युवा कभी नहीं करेंगे। सैनिक देश की रक्षा के लिए अपनी जान देता है ना कि अपने ही देश पर हमला और उसे जलाने का काम करेंगे। चेहरे पर नकाब लगाए और हाथ में लाठी लेकर ट्रेन फूंकने वाले अग्निवीर नहीं हो सकते हैं। इसलिए इस हिंसा के पीछे गहरी साजिश के संकेत मिल रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैला कर युवाओं को भड़काने और माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है।
सपा नेता ने आत्मदाह की फर्जी तस्वीर शेयर कर भड़काया
दरअसल अग्निपथ योजना को लेकर छात्रों और युवाओं को भड़काया जा रहा है। साजिश के तहत जहां तथ्यों को तोड़-मोरड़कर पेश किया जा रहा है, वहीं योजना के विरोध में आत्मदाह जैसी झूठी खबरें फैलायी जा रही हैं। समाजवादी पार्टी की नेता रचना सिंह ने अग्निपथ योजना के विरोध प्रदर्शन में आत्मदाह करने वाले छात्रों (अग्निवीर) के नाम पर एक फर्जी तस्वीर शेयर की। उन्होंने एक ट्वीट में तस्वीर शयेर करते हुए लिखा, “आर्मी की तैयारी कर रहे उन छात्रों से अनुरोध है कि वे आत्महत्या न करें। (मोदी) सरकार को अपना फैसला वापस लेना होगा और यह युवाओं की जीत होगी। उम्मीद मत खोना।”जब इस तस्वीर की पड़ताल की गई तो पाया गया कि दूसरी तस्वीर पर टाइम स्टैंप ‘2022/6/4 14:44’ लिखा है यानि यह तस्वीर इस साल 4 जून को दोपहर 2:44 बजे ली गई थी। एक लोकप्रिय ट्विटर यूजर (@Befitting Facts) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक रासायनिक कारखाने में विस्फोट के दौरान घायल हुए कर्मचारियों की ये तस्वीरें हैं। न कि आत्महत्या की। ऐसे में समाजवादी पार्टी की नेता रचना सिंह ने योजना को आधार बनाकर माहौल ख़राब करने के लिए तस्वीरें शेयर की। लेकिन जैसे ही उन्हें तस्वीर के फेक होने की जानकारी मिली, उन्होंने ट्वीट को डिलीट कर दिया।
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के घर को उड़ाने की साजिश
उधर बिहार के बेतिया में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के घर पर उपद्रवियों ने जिस तरह हमला किया, वो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। उपद्रवियों ने उनके घर के पास गैस सिलेंडर फेंककर उड़ाने की कोशिश की। डॉ संजय जायसवाल ने कहा- मेरे घर पर हमला करने वालों को मैं पहचानता हूं। सीसीटीवी में सभी उपद्रवी कैद हैं। मेरे घर को किरोसिन तेल, मोबिल से जलाने की कोशिश की गई है। सिलेंडर बम से घर उड़ाने की कोशिश की गई। पुलिस की ओर से कारगर कदम नहीं उठाया गया था। अगर पुलिस सख्त होती तो मेरे घर पर हमला नहीं होता। उन्होंने कहा कि पूरी साजिश के तहत मेरे घर पर हमला हुआ है।
हिंसा के पीछे राजद की साजिश-जायसवाल#Bihar : बेतिया में BJP के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल का दावा -'मेरे घर को उडाने की थी साजिश'
— News24 (@news24tvchannel) June 17, 2022
◆उपद्रवियों ने घर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की थी
◆भीड़ के पास सिलेंडर बम भी था जिसे पुलिस ने बरामद किया है.#AgnipathScheme pic.twitter.com/PkpfqMv0E5
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने इसके लिए सीधे तौर पर राजद को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अभी जो प्रदर्शन चल रहा है। उससे छात्रों का कोई लेना-देना नहीं है। राजद के गुंडों ने पूरे राज्य में आतंक मचा रखा है। यही लोग ट्रेनों को टारगेट कर रहे हैं। उनका कहना है कि रेलवे ने स्टेशन से जब उपद्रवी शहर की ओर निकले थे, उस समय ही मैंने सक्षम अधिकारियों को सूचित कर दिया था। लेकिन उपद्रवी मेरे घर तक पहुंच गए। परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। इससे कहीं न कहीं आंदोलन के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं।
उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास पर हमला
इसी तरह बिहार की उप मुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास पर उपद्रवियों ने जमकर पथराव किया, जिसमें उनके घर का शीशा टूट गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर भीड़ को खदेड़ा। डिप्टी सीएम के आवास में किराएदार और अन्य स्टाफ रहते हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी तुरंत मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। रेणु देवी ने कहा कि अग्निपथ योजना के बारे में हमारे छात्र नहीं समझ पा रहे। हमारे छात्र ग़लत काम कर ही नहीं सकते। ये विपक्ष के गुंडे हैं जो सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। अग्निपथ योजना सैन्य माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित करने से संबंधित है।
#WATCH | Bihar: The residence of Deputy CM Renu Devi, in Bettiah, attacked by agitators during their protest against #AgnipathScheme
— ANI (@ANI) June 17, 2022
Her son tells ANI, "Our residence in Bettiah was attacked. We suffered a lot of damage. She (Renu Devi) is in Patna." pic.twitter.com/Ow5vhQI5NQ
नवादा में थाना उड़ाने की साजिश
इस बीच नावाद के रजौली थाना उड़ाने की साजिश सामने आई है। आर्मी ड्रीम बॉयज नामक वाट्सएप ग्रुप में कई आपत्तिजनक चैटिंग हुई है। जिसमें थाना उड़ाने, प्रदर्शन में पिस्टल, एके-47 लाने की चर्चा है। इस चैट में थाने को उड़ाने की साजिश रची जा रही है। इंटरनेट मीडिया पर यह चैट तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे लेकर पुलिस प्रशासन काफी अलर्ट मोड में हैं। अनुमंडल क्षेत्र के सभी थानों की पुलिस रजौली में गश्त कर रही है। एहतियात के तौर पर जिला मुख्यालय से बड़ी संख्या में पुलिस बल बुला ली गई है। सुबह से ही अधिकारी सड़क पर उतरे हुए हैं।
बिहार:'अग्निपथ' स्कीम- वॉट्सएप ग्रुप की चैटिंग सोशल मीडिया पर वायरल,
— Manasi7🇮🇳🚩🚩🚩🇮🇳 (@Manasi71) June 17, 2022
'आर्मी ड्रीम बॉयज' के नाम से बना है ग्रुप,
नवादा के रजौली थाने को बम से उड़ाने, प्रदर्शन में लाठी डंडे के साथ ही पिस्तौल और AK 47 लाने की चर्चा के बाद पुलिस अलर्ट,
पुलिस रजौली में सभी थानों की गश्ती कर रही है।
यह बेहद खतरनाक है।
— K Rajesh (@KRajesh38242046) June 18, 2022
वामपंथी संगठन कल इस देश को जलाना चाहते है।
वे कभी भी सेना का सम्मान नही करते है,लेकिन वे इस स्थिति का उपयोग युवाओ का ब्रेनवॉश करने के लिए करेंगे।
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हिंसा भड़काने की कोशिश#AISA #अग्निपथ_योजना@lkant65 @Sonica23056587 @vijaysghule pic.twitter.com/60wuJxc1G3
खुफिया एजेंसियों के हाथ लगे महत्वपूर्ण सुराग
हालांकि हिंसक प्रदर्शन को लेकर खुफिया एजेंसियों के हाथ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। इसके तहत कुछ राजनैतिक दल और संगठन युवाओं को भड़काने में लगे हैं। सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक, साजिश के तहत इस योजना की आड़ में बिहार की तरह यूपी की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश हो रही है। यूपी के एडीजी कानून व व्यवस्था प्रशांत कुमार न बताया कि खुफिया एजेंसियों के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। उनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
अवलोकन करें:-
कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का नाम आया सामने
दरअसल खुफिया एजेंसियों को कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के नाम से एक व्हाट्सएप चैट हाथ लगा है जिसमें 17 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ सड़कों पर उतरने और माहौल को बिगाड़ने की अपील की गई है। अब खुफिया एजेंसी इस चैट के माध्यम से अपनी जांच को आगे बढ़ा रही हैं। यूपी के एडीजी कानून व व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि खुफिया एजेंसी को अग्निपथ विरोध को लेकर अहम सुराग लगे हैं, जिसमे कुछ संगठनों के नाम सामने आए हैं। अब इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया भारत में एक नया छात्र संगठन है, जिसे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का स्टूडेंट विंग माना जाता है।
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