आखिर आम आदमी पार्टी झूठे आरोप लगाकर जनता को भ्रमित कब छोड़ेगी? अभी तक जितने भी अरविन्द केजरीवाल से लेकर मनीष सिसोदिया तक ने अपने विरोधियों पर जितने भी आरोप लगाए है, कोई भी सिद्ध करने में पूर्णरूप से असफल रहे। फिर भी जनता पता नहीं क्यों इस पार्टी पर विश्वास कर रही है? अपने शुरुआती दिनों में हर चुनाव रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के 370 आरोप ऐसे दिखाते मानो कश्मीर की धारा 370 हो, लेकिन सत्ता हाथ लगने पर एक आरोप भी सिद्ध करने में असफल रहे। दूसरे जब अरुण जेटली से लेकर नितिन गडकरी तक पर आरोप लगाने पर कोर्ट में लिखित माफ़ी मांगी।
— Rohit Sharma (@Rohit57911) June 23, 2022
लेकिन कोरोना काल में अपनी नाकामियों को छुपाने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर उनकी पत्नी रिंकी सरमा के बहाने PPE किट की खरीद में घोटाले से आरोपित करना महंगा पड़ सकता, अगर लिखित माफ़ी की बजाए 100 करोड़ रुपयों का भुगतान करने पर राजी हो, बेशक बाद में राष्ट्रीय रक्षा कोष में दे दिए जाये। सिर्फ लिखित में माफीनामा काफी नहीं।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। यह मुकदमा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा ने किया है। सिसोदिया ने कोविड महामारी के दौरान असम में पीपीई किट की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप सरमा पर लगाया था।
इस विवाद की शुरुआत वामपंथी प्रोपगेंडा पोर्टल द वायर की एक रिपोर्ट से हुई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कथित तौर पर रिंकी भुयान सरमा के मालिकाना हक वाली वाली एक कपंनी को कोरोना से निपटने के लिए पीपीई किट और दूसरे कोविड से जुड़े सामानों की आपूर्ति का ऑर्डर मिला था। तब सर्बानंद सोनोवाल असम के मुख्यमंत्री और हिमंता बिस्वा सरमा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि सरमा की पत्नी की कंपनी को बिना किसी अनुभव के ही 5000 पीपीई किट, मेडिकल उपकरण और अन्य सुरक्षा सामानों की आपूर्ति का ऑर्डर दिया गया था। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर सिसोदिया ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। हालाँकि, रिंकी सरमा ने तुरंत ही आरोपों का खंडन करते हुए कहा था उन्होंने मानवता के नाते बिना एक पैसा लिए पीपीई किट की मुफ्त आपूर्ति की थी।
इसके बावजूद सिसोदिया ने असम के सीएम सरमा और उनकी पत्नी पर हमला जारी रखा। सिसोदिया ने अपने आरोपों के ‘सबूत’ के रूप में ‘रद्द किए गए खरीद आदेश’ की एक तस्वीर ट्वीट की। इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने सिसोदिया सिसोदिया को आपराधिक मानहानि का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा था। अब रिंकी सरमा ने इसी मामले को लेकर आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
अवलोकन करें:-
मनीष सिसोदिया AAP के पहले सीनियर नेता नहीं हैं, जिन पर भ्रष्टाचार के निराधार आरोपों के लिए मानहानि का मुकदमा हुआ है। इससे पहले, पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने भाजपा नेताओं अरुण जेटली और नितिन गडकरी के खिलाफ झूठा आरोप लगाया था। भाजपा नेता द्वारा मानहानि का मामला दर्ज कराने के बाद दिल्ली के सीएम को माफी माँगनी पड़ी थी।



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