पश्चिमी बंगाल : हिजाबी छात्रा को डाँटने पर भीड़ ने खुलेआम शिक्षिका के कपड़े उतारे

पश्चिम बंगाल में छात्रा को डाँटने पर शिक्षिका के साथ मारपीट
'गंगा-जमुनी तहजीब' की माला जपने, #awardvapsi, #intolerance, #mob lynching आदि गैंगस्टर कहाँ हो, जेहादियों ने महिला शिक्षिका के कपडे उतार दिए। बंगाल के हाथ में इन जेहादियों से मुक्ति पाने का मौका आया था, अब जो कुछ भी हो रहा है, बंगाल हिन्दू भी कसूरवार है। ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से जिस तरह हिन्दुओं पर प्रहार होने के बावजूद भी इनकी आंखें नहीं खुली।    

पश्चिम बंगाल के एक स्कूल से गुरुवार (21 जुलाई 2022) को हैरान करने वाली घटना सामने आई। दक्षिण दिन्जापुर के त्रिमोहिनी प्रताप चंद्र हाई सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाने वाली एक शिक्षिका ने एक छात्रा को डाँट दिया। इसके बाद कुछ छात्रों के अभिभावकों की भीड़ ने महिला शिक्षक के साथ मारपीट की और उनके कपड़े उतार दिए। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 21 जुलाई 2022 को जब नौवीं की छात्रा जरनातुन खातून क्लास करने की बजाय स्कूल के बरामदे में घूम रही थी तो शिक्षिका चैताली चाकी ने खातून का कान पकड़कर उसे डाँटा था। जरनातुन का आरोप है कि शिक्षिका ने उसकी पीठ पर तमाचा भी मारा। इस दौरान उसका हिजाब उसके सिर से नीचे फिसल गया था।

जरनातुन ने घर पहुँच कर अपने माता-पिता को इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद परिवार के सदस्य और इलाके के अन्य लोग स्कूल पहुँच गए। वे इस बात से नाराज थे कि शिक्षिका ने छात्रा को इस तरह से मारा जिससे कि उसका हिजाब नीचे गिर गया। वे स्कूल के स्टाफ रूम में घुसे और शिक्षिका के साथ मारपीट की। उन्होंने मारपीट के दौरान चैताली चाकी के कपड़े भी खींचकर लगभग उतार दिए। यह देख अन्य शिक्षक सहम गए लेकिन वे भीड़ को रोक नहीं पाए।

सोशल मीडिया इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें अभिभावकों को स्टाफ रूम के अंदर मारपीट और हँगामा करते हुए देखा जा सकता है। इनमें से कुछ अभिभावकों ने मुस्लिम टोपी पहन रखी थी। 

इस घटना से स्कूल और उसके आसपास भारी तनाव पैदा हो गया। किसी तरह की हिंसा की घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अगले दिन संयुक्त बीडीओ और जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्थिति का जायजा लेने स्कूल का दौरा किया था।

घटना के एक दिन बाद शुक्रवार (22 जुलाई 2022) को स्कूल के प्रिंसिपल कमल कुमार जैन ने दावा किया था कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद मामला सुलझ गया है। हालाँकि फौरन ही इस दावे को गलत पाया गया, क्योंकि जब दोनों पक्षों के बीच एक बैठक हुई थी, तो कोई समझौता नहीं हुआ थी। बाद में मामले में केस दर्ज कराने के लिए प्रिंसिपल खुद शिक्षक चैताली चाकी के साथ थाने गए। शिकायत में फिरदौस मंडल, अफरूजा मंडल, जाकिर हुसैन, मसूद खातून और मफूजा खातून समेत कई लोगों को नामजद किया गया है।

छात्र और अन्य अभिभावक शिक्षक के साथ मारपीट करने वाली भीड़ के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। इसकी वजह से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर पूरे दक्षिण दिनापुर जिले में शनिवार (23 जुलाई 2022) को विरोध प्रदर्शन किया गया। इस संबंध में स्थानीय भाजपा नेताओं सहित कई लोगों और संगठनों द्वारा पुलिस में पहले ही कई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं।

क्षेत्र के कई स्कूलों के छात्रों ने कल विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय राजमार्ग 512 को ब्लॉक कर दिया। उनके साथ कई पूर्व छात्र और अभिभावक भी शामिल हुए। हालाँकि बाद में जाम की वजह से बड़ी संख्या में वाहन फँसने के बाद पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर सड़क को खाली कराया।

इसी तरह एक अन्य विरोध में, कई स्थानीय स्कूलों के शिक्षकों ने अपने चेहरे पर काला कपड़ा डालकर विरोध मार्च निकाला। उनके हाथों में घटना की निंदा करने वाली तख्तियाँ थी। वे त्वरित कार्रवाई की माँग कर रहे थे। इसके अलावा ऑल बंगाल टीचर्स एसोसिएशन ने भी हमले की निंदा करते हुए बालुरघाट में एक विरोध रैली निकाली।

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