उत्तर प्रदेश : मेरठ में दूसरे समुदाय के युवकों ने काँवड़ियों पर थूका, काँवड़ को किया अपवित्र

                                      मेरठ में काँवड़ियों को समझाते पुलिस अधिकारी (फोटो साभार: जागरण)
उत्तर प्रदेश के मेरठ में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए दूसरे समुदाय के युवकों ने काँवड़ यात्रा करने वाले काँवड़ियों पर थूक दिया। इससे काँवड़िए भड़क गए और युवक को जमकर कर पीट दिया। बाद में पुलिस ने मामले को शांत कराया।

अभी तक समस्त #Intolerance, #not in my name, गंगा-जमुनी तहजीब आदि गैंगस्टर खामोश हैं, यदि स्थिति विपरीत होती, अब तक इन पाखंडियों ने आसमान सिर पर उठा लिया। इन उपद्रवियों को लगाम बहुत जरुरी है। केंद्र एवं राज्य सरकारों को इन उपद्रवियों से समस्त सरकारी सुविधाएं तुरंत छीन लेनी चाहिए और अब तक मिल चुकी सुविधाओं को ब्याज सहित वापस लेनी चाहिए। बहुत हो गयी फिरकापरस्ती। इनकी फिरकापरस्ती में मरता बेकसूर है।    

घटना मेरठ के कंकरखेड़ा के पास NH 58 की है। काँवड़ियों के अनुसार, 22 जुलाई 2022 को कुछ काँवड़िए अपने काँवड़ को रखकर शिविर में आराम कर रहे थे। तभी दूसरे समुदाय के दो युवक बाइक से आए और काँवड़ पर थूकने का प्रयास किया। आगे चलकर इनमें से एक युवक बाइक से उतरा और काँवड़ पर थूक कर अपवित्र कर दिया।

जब काँवड़ियों ने इन्हें देखा तो एक को पकड़ लिया, जबकि दूसरा भाग गया। पकड़ने के बाद काँवड़ियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आरोपित को भीड़ से छुड़ाकर अपने साथ लेकर चली गई।

इस घटना का पता जैसे ही काँवड़ियों के अन्य समूह को लगा, उन्होंने इसके खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। बाद में कई समूह जुड़ता चला गया। इसके बाद नाराज काँवड़ियों ने हाइवे पर जाम कर दिया। इतना ही नहीं, गुस्साए लोगों ने थाने में भी तोड़फोड़ की।

उन्होंने पुलिस से कहा जब तक दूसरे समुदाय के युवक को उनके हवाले नहीं किया जाएगा, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। मामले की नजाकत को देखते हुए SSP रोहित सिंह सजवाण भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और काँवड़ियों को समझाया।

एसएसपी ने हाथ में लाउडस्पीकर माइक लेकर खुद लोगों से शांत रहने की अपील की और बम भोले एवं भारत माता की जय के नारे लगाकर काँवड़ियों को आगे बढ़ने के प्रोत्साहित किया। इसके बाद काँवड़िए आगे बढ़े।

राजस्थान के भरतपुर तहसील गाँव सीकरी निवासी हनी मुखीजा, दिशांत, लोकेश आदि काँवड़ियों ने बताया कि 21 जुलाई की शाम को वे हरिद्वार से राजस्थान के लिए 40 काँवड़ियों के साथ चले थे। जैसे वे कंकरखेड़ा के पास पहुँचे, यह घटना हुई।

DM दीपक मीणा और SSP रोहित सिंह के समझाने के बाद यह तय हुआ कि जो काँवड़ खंडित हुई थी, उससे जुड़े चार काँवड़ियों को लेकर पुलिस हरिद्वार जाएगी। वहाँ से पवित्र गंगाजल लेकर वापस कंकरखेड़ा तक आएगी। इसके बाद उस गंगाजल को विशाल काँवड़ में रखकर वे राजस्थान जाएँगे।

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