इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान ने कहा है कि नूपुर शर्मा का बयान गलत नहीं था (फोटो साभार: फेडरल न्यूज)
इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान का कहना है कि नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर जो टिप्पणी की थी, वह गलत नहीं थी। उन्होंने यह बात ‘इंडिया न्यूज’ पर प्रदीप भंडारी के डिबेट शो के दौरान कही। साथ ही इसको लेकर सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई नफरत और धमकियों पर भी अफसोस जताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को लगता है कि नूपुर शर्मा ने गलत कहा तो किसी वरिष्ठ मौलवी को बताना चाहिए कि वह कहाँ गलत थीं।
दरअसल, डिबेट के दौरान विश्व हिन्दू परिषद के नेता विनोद बंसल ने इस्लामवादियों द्वारा हत्या की धमकियों का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने कहा कि भारत एक लिबरल डेमोक्रेसी वाला देश है। कोई कट्टर धार्मिक देश नहीं है, जहाँ धर्म की आलोचना का मतलब सख्त सजा है।
हिन्दुओं को अपनी शक्ति का अनुभव करना चाहिए। पिछले लेख में लिखा था कि कट्टरपंथी और जेहादी एक हिन्दू नूपुर शर्मा की हत्या के लिए इनाम घोषित कर रहे हैं, नूपुर का समर्थन कर रहे हिन्दुओं को 'सर तन से जुदा' कर रहे हैं, लेकिन यूट्यूब पर अनेकों नूपुर आकर कुरान और हदीस पर स्क्रीन पर आयतों को दिखाकर चर्चा करने और सड़क पर हिन्दुओं के आने बाद से देखिए कल तक नूपुर पर जो आलोचनात्मक बयानबाज़ी कर रहे थे, उनके बयानों पर पड़ना शुरू हो गया है। अब मुस्लिम विद्वान अतीकुर रहमान भी नूपुर को समर्थन देने के साथ-साथ मौलवियों से कह रहे हैं कि नूपुर कहाँ गलत है?
एक गला कटा, फर्क फ्रांस ने 5 कानून बदल दिया
— Ashwini Upadhyay (@AshwiniUpadhyay) July 8, 2022
सैकड़ों गले कट गए, 1 भी कानून नहीं बदला
मुस्लिम से शादी कर के करीना कपूर के बच्चे मुस्लिम पैदा हुए..तो फिरोज खान से शादी करके इंदिरा गांधी के बच्चे ब्राह्मण कैसे हुए ???
— Manisha kumari (@Manisha76971197) July 7, 2022
क्या सारी जिम्मेदारी बहुसंख्यकों की है अल्पसंख्यकों की नहीं? pic.twitter.com/7Qg4QjSueI
— Devkinandan Thakur Ji (@DN_Thakur_Ji) July 7, 2022
इसके बाद विनोद बंसल ने कहा, “मैं अतीकुर रहमान के उस बयान का समर्थन करता हूँ कि पैगंबर मुहम्मद के जीवन पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि उनके जीवन से बहुत सी चीजें सीखनी हैं। भारत ऐसा देश है, जहाँ हम भगवान राम और कृष्ण के जीवन के बारे में चर्चा करते हैं, ताकि चीजों को सीखें और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित हों। ऐसे में हमें पैगंबर मुहम्मद से क्यों नहीं सीखना चाहिए?”
'I want to ask Islamic Scholars - what was wrong about what #NupurSharma said?' -
— Jan Ki Baat (@jankibaat1) July 7, 2022
Vinod Bansal, VHP Spokesperson asks Islamic Scholar Atiqur Rahman on #StopHinduHate debate on @pradip103's show @JMukadma on @IndiaNews_itv.@vinod_bansal #MahuaMoitra #KaaliPosterRow pic.twitter.com/7h1PnLrpUG
@BJP4India तो @NupurSharmaBJP को निकाला क्यों था। फिर फर्क क्या रह गया, भीड़तंत्र के कारण सही फैसला होते हुए भी shah bano केस को कांग्रेस सरकार ने बदल दिया। और सही होते हुए भीड़तंत्र के कारण आपने अपनी पार्टी के नेत्री को भीड़ के हवाले कर दिया।
— Minesh Kumar (@Veteranlegal) July 8, 2022
इसके बाद बंसल ने अतीकुर रहमान से पूछा, “जहाँ तक नुपुर शर्मा का सवाल है, उन्होंने जो भी कहा है वो इस्लामिक किताबों के हवाले से कहा है और यही बात कई इस्लामिक विद्वानों ने भी कही है। इसलिए मैं पूछना चाहता हूँ कि उनके बयान में क्या गलत था? क्या वो गलत बोलीं थीं? या फिर उनकी शैली और व्यवहार गलत था? इस्लामिक ग्रंथों में जो भी लिखा है, वो गलत है? आखिर इस्लामवादी उनका सर तन से जुदा करने की माँग क्यों कर रहे हैं?” यूट्यूब से बाहर पहले वकील रिज़वान अहमद अकेले थे, अब रिज़वान के साथ अतीकुर रहमान खड़े नज़र आ रहे हैं। आगे-आगे नूपुर का साथ देने मुस्लिमों की अब ये संख्या बढ़ने वाली है।
इसके जबाव में रहमान ने कहा, “मैं आपको बताना चाहता हूँ कि नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं। वो गलत नहीं थी। अगर कोई इस्लामी विद्वान या मुस्लिम सोचता है कि वह गलत थीं, तो इस्लाम का दायरा इतना व्यापक है कि उन्हें माफ किया जा सकता है। कोई वरिष्ठ मौलवी बताए कि वो कहाँ गलत थीं।”
अतीकुर रहमान के इस बयान का समर्थन करते हुए प्रदीप भंडारी ने कहा कि धर्म के बारे में इस तरह से बहस होनी चाहिए। जहाँ किसी भी गलतफहमी को बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान से दूर किया जाता है न कि धमकियों से।
इसी डिबेट के दौरान इस्लामिक विद्वान ने ये भी कहा कि इस्लाम के फॉलोवर के तौर पर उन्हें टीवी डिबेट में आने का कोई हक नहीं बनता, अगर वो इतने सक्षम नहीं हैं कि नूपुर शर्मा को आमंत्रित कर उनकी गलत जानकारियों को सही कर सकें।
अवलोकन करें:-
उन्होंने कहा, “मैं इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ आलोचना को आमंत्रित करता हूँ। इससे मुझे दुनिया को यह समझाने का मौका मिल सकता है कि उनका संदेश क्या था। दुनिया में अपना संदेश फैलाने के लिए उन्हें (पैगंबर मुहम्मद) अल्लाह ने कैसे चुना।”
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