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मुस्लिम कट्टरपंथियों का दोगलापन ! जिस बात पर नुपूर शर्मा को मिली ‘सर तन से जुदा’ की धमकी, उसी बात पर मुस्लिम महिला पत्रकार को कट्टरपंथी दे रहे ताली

                                                           नुपूर शर्मा और इरेना अकबर
इंडियन एक्सप्रेस की पूर्व पत्रकार इरेना अकबर ने 1 दिसंबर 2023 को पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ पोस्ट किए। एक ट्वीट में उसने एक मीम के जरिए ये दिखाने की कोशिश की कि एक तिलक लगाया साँवला शख्स पैगंबर मोहम्मद के निकाह पर सवाल उठाता है जिसका जवाब ‘गोरा’ मुस्लिम शांति से देता है और कहता है-

“हाँ, पैगंबर मोहम्मद ने निकाह किया था, लेकिन इससे न तो आयशा के अब्बा को दिक्कत थी, न आयशा के परिवार को, न उनके समुदाय को… यहाँ तक जो लोग हमेशा पैगंबर मोहम्मद पर हमले की फिराक में रहते थे, उन्हें भी इससे कोई दिक्कत नहीं थी।” इसके बाद तिलक लगाया शख्स और दो और लोग रोते हुए कहते दिखाए जाते हैं- “हमें परेशानी है।”

इस मीम को शेयर करते हुए इरेना ने लिखा- हाँ! अलहमदुलिल्लाह।

इरेना के पैगंबर मोहम्मद और आयशा के निकाह पर किए गए पोस्ट

इरेना अकबर को ट्विटर पर कुछ मुस्लिम लोगों को भी गलत ठहराते देखा गया जो दावा कर रहे थे कि निकाह के वक्त आयशा की उम्र 18 की थी। इरेना के अर्काइव ट्वीट में देख सकते हैं कि वो जोर देकर कहती हैं,
“नहीं, सीराह के प्रामाणिक स्रोतों के अनुसार, जब निकाह हुआ तब वह (आयशा) 9 वर्ष की थीं। कुछ ‘विद्वानों’ ने इस्लाम को त्रुटिपूर्ण पश्चिमी-उदारवादी-धर्मनिरपेक्ष-नारीवादी ढाँचे में ‘फिट’ करने के लिए उनकी उम्र को 18 वर्ष तक बढ़ाने का प्रयास किया। हमें इस्लाम से घृणा करने वालों को खुश करने के लिए तथ्यों को नहीं बदलना चाहिए। आयशा और उनके परिवार को निकाह से कोई समस्या नहीं थी। पैगंबर मोहम्मद के दुश्मन भी इस निकाह का इस्तेमाल करके उन्हें आसानी से निशाना बना सकते थे लेकिन उन लोगों ने भी ऐसा नहीं किया। यह केवल आजकल के इस्लाम से घृणा करने वाले वो लोग हैं जो इस बारे में बकवास करते रहते हैं। हमें इन सबपर शर्मिंदा होना बंद करना पड़ेगा।”

आगे इरेना ने अर्काइव ट्वीट में ‘द सील्ड नेक्टर’ जैसे सीराह स्रोतों का जिक्र किया। इसके बाद अपील की कि इस संबंध में मदीना की इस्लामिक यूनिवर्सिटी के स्कॉलरों की बातें सुनीं और पढ़ी जानी चाहिए।

इसके अलावा इरेना अकबर ने आयशा (आरए) की जीवनी संबंधी स्रोत भी पढ़ने को कहा और बताया कि उन्हें कैसे कम उम्र में बुद्धिमत्ता का तोहफा मिला था और वह बहुत प्रतिभाशाली थीं। इरेना ने मुस्लिम यूजर (जिसने उम्र 18 बताई थी) को जवाब देते हुए ये भी कहा, “हो सकता है कि आप किसी को खुश करने के लिए ऐसा नहीं कर रहे हो, लेकिन पूरे अदब के साथ बता रही हूँ आपका थ्रेड शादी को लेकर पश्चिमी-आधुनिक विचारों से उपजा है।”

नुपूर शर्मा के बात रखने पर हुआ था बवाल

इरेना अकबर ने आज जिस मुद्दे पर बात की है, उसी मुद्दे को कभी नुपूर शर्मा ने ऑन टीवी अपनी बात रखी थी, लेकिन ऑल्ट न्यूज वाले मोहम्मद जुबैर ने उनकी आधी वीडियो को शेयर किया और इस्लामी कट्टरपंथी इसे पैगंबर मोहम्मद का अपमान बताकर नुपूर शर्मा की जान लेने पर तुल गए।
उन्हें देश के कट्टरपंथियों से ही नहीं बल्कि दूसरे इस्लामी देशों तक से धमकियाँ आईं। विवाद इतना बढ़ा कि जिन लोगों ने नुपूर शर्मा का समर्थन किया उन्हें भी धमकियाँ दी गईं और कन्हैया लाल जैसों को तो मौत के घाट उतार दिया गया।

उस समय यही इरेना अकबर ने इस मुद्दे की आग को भड़काया था। उन लोगों के बारे में कट्टरपंथियों को बताया था जो इस मुद्दे पर बोल रहे थे। आज इरेना ने भी इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी। लेकिन इस बार इस्लामी कट्टरपंथियों ने न कोई धमकी दी और न दी ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाए।
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कट्टरपंथियों ने की इरेना की वाहवाही

उलटा इरेना के पोस्ट को समर्थन देते हुए कहा गया – हाँ बिलकुल सही बात हैं। ये सब पैगंबर मोहम्मद की इच्छा से थोड़ी था, वो तो वही कर रहे थे जो अल्लाह उनसे करवाना चाहता था।
एक यूजर ने कहा, “तुम्हें सलाम। ये एक महिला से सुनना वाकई काबिल-ए-तारीफ है। लिबरलिज्म और फेमिनिज्म वाली दुनिया में जब मुस्लिम पुरूष और महिलाओं को भटकाया जा रहा है तब आप इस बात को बिन शर्मिंदगीं के कह रहीं हैं।

कथित ईशनिंदा के विरोध की आड़ में घाटी में अराजकता फैलाने वालों पर हमारी कड़ी नजर, इकट्ठा कर रहे हैं सबूत: जम्मू-कश्मीर डीजीपी

                                                                                                  साभार- वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में NIT (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) के छात्रों ने एक हिन्दू छात्र पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि छात्र ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है। प्रदर्शन के दौरान ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे भी लगे थे और इस प्रदर्शन को पाकिस्तानी हैंडलों से भी हवा दी गई थी।

सवाल यह है कि समाचारों में उत्तेजक नारेबाजी करते उपद्रवियों के चेहरे साफ दिख रहे हैं,  जम्मू-कश्मीर पुलिस इनको कब गिरफ्तार करेगी? कब इनको समर्थन देने वालों पर कार्यवाही होगी? आखिर कश्मीर में हिन्दू कब तक प्रताड़ित होता रहेगा? यही हाल नूपुर शर्मा केस में भी हुआ, वीडियो को ट्वीस्ट करके भड़काने वाला जुबेर आज़ाद घूम रहा है और बेकसूर नूपुर गुमनामी की ज़िंदगी जी रही है, क्या इसी का नाम इंसाफ है? इस  मुद्दे पर समस्त हिन्दू संगठनों को राज्य एवं केंद्र सरकारों पर उपद्रवी लोगों पर कार्यवाही कर यह पूछे जब हमास सह-संस्थापक के बेटे ने यह बयान दिया था, उस समय क्यों चुप थे? इसलिए कि वह मुसलमान है? कोई छद्दम सेक्युलरिस्ट नहीं बोलेगा, सबके मुंह में दही जमी हुई है, कसूरवार हिन्दू लड़के को ही ठहराया जायेगा। इस हंगामे के पीछे छिपे षड्यंत्र की अति गंभीरता से जाँच बहुत जरुरी है।   

इसको लेकर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी आरआर स्वैन का कहना है, “हमने सभी पहलुओं पर कानूनी कार्रवाई की है। मामले दर्ज कर लिए गए हैं और जाँच चल रही है। हम इस पर नजर रख रहे हैं और सबूत इकट्ठा कर रहे हैं। इस विरोध के बहाने कुछ और करने की कोशिश की जा रही है। उन पर भी हमारी नजर है और उनके खिलाफ भी सबूत इकट्ठा कर रहे हैं।”

डीजीपी ने कहा, “हमने तय किया है कि CrPC की धारा 144 के तहत सरसरी तौर पर एक कानून लाएँगे, जिसमें किसी किस्म का कंटेंट, मैसेज, वीडियो, ऑडियो… जिससे कम्युनल सेंसिटिविटी खत्म हो जाएगी या किसी को डराया जाएगा, धमकाया जाएगा… वो चाहे टेररिस्ट-सेपरेटिव्स की से हो या दहशत पंसद की तरफ से हो, ऐसे कंटेंट को पोस्ट करना कानून जुर्म हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “पोस्ट करने वाले को जरूर हम कानून के दायरे में लाएँगे और उसको फॉर्वर्ड-शेयर करना भी कानूनन जुर्म हो जाएगा। कोई अगर ये कहे कि साब किसी ने इनोसेंटली मुझे भेज दिया, मैं क्या करूँ तो उसके जवाब में ये रहेगा कि साब अब आपको, आपके बगैर इजाजत के अगर किसी ने इस तरह के ऑब्जेक्शनेबल वीडियो, ऑडियो, मैसेज, टेक्स्ट भेजा तो आप नजदीकी थाने में जाकर कह सकते थे कि मैं नहीं चाहता था कि ये मैसेज मेरे फोन में आए। ये पता नहीं कि किसने और कहाँ से भेजा है।”

डीजीपी स्वैन ने कहा, “आप ये इन्फॉर्मेशन अपनी तरफ से थाने में दे दीजिएगा। इसके बाद आप क्रिमिनल लायब्लिटी के बाहर हो जाएँगे। लेकिन, अगर आप जानते हैं कि ये ये ऑडियो-वीडियो या टेक्स्ट माहौल को खराब करने वाले किसी टेटरिस्ट-सेपरेटिब्स नेटवर्क है या कोई ऐसा है जो दंगा-फसाद कराना चाहता है या पैगंबर साहब की इज्जत को ठेस पहुँचाने वाला काम करता है या कम्युनिली सेंसिटिव चीजों को पोस्ट करता है और आगे आप उसे फॉरवर्ड करते हो तो यह कानून जुर्म बन जाएगा।”

फिर खाली उसी बुनियाद पर कार्रवाई करने के लिए कानून हमें इजाजत देगी। हम उसको कोर्ट में पेश करेंगे और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यकीनन ऐसे लोगों को हम इंडेक्स करके रखेंगे ताकि उनको हर हालत में, हर स्टेज में उनको पता रहे कि उन्होंने ये गलत काम किया है। ऐसे करने से ही लोगों के मन भय पैदा होता है। क्योंकि कुछ चंद लोग इसका फायदा लेते हैं और अपनी रोटी सेंकते हैं।”

दरअसल, कॉलेज में 28 नवंबर 2023 को पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान को लेकर श्रीनगर के NIT में बवाल और प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आरोपित छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। साथ ही आरोपित को इंस्टिट्यूट से सस्पेंड करते हुए आने वाले सेमेस्टर के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

दरअसल, यहाँ पढ़ने वाले एक छात्र (जो हिंदू है) ने इस्लाम के नबी पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध आपत्तिजनक वीडियो अपने व्हाट्सएप स्टेस्ट्स और इंस्टाग्राम पर डाला था। इसके उलट हालाँकि सोशल मीडिया पर कई लोग उस वीडियो का स्क्रीनशॉट लगा कर यह दावा कर रहे हैं कि वो वीडियो हमास के संस्थापक के बेटे का है, खुद आरोपित लड़के ने अपनी ओर से कोई बात नहीं कही है।

सोशल मीडिया में आरोपित लड़के से संबंधित जिस स्क्रीनशॉट को शेयर किया जा रहा है, उसके अनुसार इस वीडियो में हमास संस्थापक का बेटा इस्लाम के बारे में कुछ बता रहा है। कट्टर मुस्लिमों ने इसे पैगंबर मोहम्मद की आपत्ति से जोड़ दिया, ईशनिंदा का आरोप लगा दिया। ऊपर के सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपित लड़के और उसकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड के बारे में भी लिखा गया है। नेटिजन्स इस पर भी बात कर रहे हैं कि स्थानीय कट्टर मुस्लिम भीड़ को इस बात से दिक्कत है कि एक हिंदू लड़के की गर्लफ्रेंड मुस्लिम क्यों?

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जिस हसन के वीडियो पर ‘पैगंबर मोहम्मद का अपमान’, उसने बोला – मार दो मेरे अब्बा को: NIT श्रीनगर में कट

ईशनिंदा की बात सुन कट्टर मुस्लिमों की भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में इस वीडियो को ईशनिंदा बताते हुए श्रीनगर NIT के तमाम मुस्लिम छात्र ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ (रसूल अल्लाह हम तेरे लिए हाजिर हैं) का नारा लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे।

NIT श्रीनगर की वेबसाइट हैक! पैगंबर मुहम्मद के ‘अपमान’ को लेकर हिंदू छात्र पर FIR

    NIT श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक (बाएँ), इस्लामी भीड़ का प्रदर्शन (दाएँ/फोटो साभार: ग्रेटर कश्मीर)
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर स्थित ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT)’ कॉलेज की वेबसाइट का होमपेज हैक हो गया है। NIT श्रीनगर की वेबसाइट ‘nitsri.ac.in’ को खोलने पर होमपेज पर लिखा हुआ आ रहा है – “हम तुरंत वापस आएँगे। असुविधा के लिए खेद है लेकिन हम इस समय कुछ मेंटेनेंस की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। अगर आपको ज़रूर है तो आप हमेशा हमसे संपर्क कर सकते हैं, अन्यथा हम तुरंत ऑनलाइन वापस आएँगे। – CSC वेब टीम।”

साफ़ है, NIT श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक हो गया है। दूसरी बात ये भी ध्यान देने लायक है कि वेबसाइट पर अन्य पेज खुल रहे हैं, लेकिन ये समस्या होमपेज पर ही है। NIT श्रीनगर अभी चर्चा में है, क्योंकि वहाँ मुस्लिम भीड़ प्रदर्शन कर रही है। पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप एक छात्र पर लगाया गया है। उक्त छात्र के खिलाफ पुलिस ने मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत करने के लिए FIR भी दर्ज कर ली है। नीग्रीन पुलिस थाने में ये मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने आम लोगों को भी सावधान किया है कि वो अफवाहों से बचें। प्रदर्शन में शामिल मुस्लिम छात्रों ने आरोपित छात्र को ‘बाहरी’ बताते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ के नारे लगाते हुए कट्टरपंथी भीड़ ने प्रदर्शन किया। इस मामले पर राजनीति भी हो रही है और पूर्व मेयर शेख इमरान ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। NIT की अनुशासनात्मक समिति ने उक्त छात्र को कॉलेज से 1 साल के लिए निकाल दिया है।

                                    जम्मू कश्मीर स्थित NIT श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक

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श्रीनगर : हिंदू छात्र ने किया पैगंबर मोहम्मद का अपमान? नेटिजन्स ने बताया – हमास संस्थापक के बेटे

कॉलेजों की वेबसाइट हैक करने का ये पहला मामला नहीं है। गाजियाबाद के जिस इंजीनियरनिंग कॉलेज ABSE में जय श्री राम के नारे बोलने पर छात्र को मंच से उतारा गया था, वहाँ की वेबसाइट हैक हो गई थी। इसी तरह दिल्ली के जिस स्कूल में छात्रों ने ‘जय श्री राम’ बोलने पर खुद को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था, उसकी वेबसाइट हैक हो गई थी। अब नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, श्रीनगर की वेबसाइट का होमपेज हैक हो गया है।

श्रीनगर : हिंदू छात्र ने किया पैगंबर मोहम्मद का अपमान? नेटिजन्स ने बताया – हमास संस्थापक के बेटे की वीडियो और मुस्लिम लड़की का कनेक्शन

NIT श्रीनगर में हिन्दू छात्र पर ईशनिंदा के आरोप के बाद प्रदर्शन (चित्र साभार- वायरल वीडियो स्क्रीनशॉट)
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में NIT (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) के छात्रों ने एक हिन्दू छात्र पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है। उनका आरोप है कि छात्र ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है। इस प्रदर्शन के दौरान ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगे। इस प्रदर्शन के लिए हमास समर्थकों और पाकिस्तानियों की प्रोफ़ाइल फोटो वाले हैंडलों से भी हवा दी गई।

पैगंबर मोहम्मद के कथित अपमान को लेकर श्रीनगर के NIT में बवाल और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आरोपित छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। साथ ही आरोपित को इंस्टिट्यूट से सस्पेंड करते हुए आने वाले सेमेस्टर के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह पूरी घटना मंगलवार (28 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोप है कि यहाँ पढ़ने वाले एक छात्र (जो हिंदू है) ने इस्लाम के नबी पैगंबर मोहम्मद के विरुद्ध आपत्तिजनक वीडियो अपने व्हाट्सएप स्टेस्ट्स और इंस्टाग्राम पर डाला था। इसके उलट हालाँकि सोशल मीडिया पर कई लोग उस वीडियो का स्क्रीनशॉट लगा कर यह दावा कर रहे हैं कि वो वीडियो हमास के संस्थापक के बेटे का है, खुद आरोपित लड़के ने अपनी ओर से कोई बात नहीं कही है।

सोशल मीडिया में आरोपित लड़के से संबंधित जिस स्क्रीनशॉट को शेयर किया जा रहा है, उसके अनुसार इस वीडियो में हमास संस्थापक का बेटा इस्लाम के बारे में कुछ बता रहा है। कट्टर मुस्लिमों ने इसे पैगंबर मोहम्मद की आपत्ति से जोड़ दिया, ईशनिंदा का आरोप लगा दिया। ऊपर के सोशल मीडिया पोस्ट में आरोपित लड़के और उसकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड के बारे में भी लिखा गया है। नेटिजन्स इस पर भी बात कर रहे हैं कि स्थानीय कट्टर मुस्लिम भीड़ को इस बात से दिक्कत है कि एक हिंदू लड़के की गर्लफ्रेंड मुस्लिम क्यों?

ईशनिंदा की बात सुन कट्टर मुस्लिमों की भीड़ जुट गई। कुछ ही देर में इस वीडियो को ईशनिंदा बताते हुए श्रीनगर NIT के तमाम मुस्लिम छात्र ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ (रसूल अल्लाह हम तेरे लिए हाजिर हैं) का नारा लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे।

ये सभी प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस से आरोपित छात्र पर कड़ा एक्शन लेने की माँग कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी ‘NIT चलो’ का ट्रेंड चलाया जाने लगा। इस ट्रेंड को चलाने में कुछ ऐसे वेरिफाइड हैंडल भी शामिल हैं, जो खुल कर आतंकी समूह हमास का समर्थन कर रहे हैं और पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाडियों की प्रोफ़ाइल फोटो लगा रखी है।

ऊपर के सोशल मीडिया पोस्ट में आप देख सकते हैं कि लोग आरोपित हिंदू लड़के को फाँसी देने का ट्रेंड भी सोशल मीडिया पर चला रहे। NIT श्रीनगर कैम्पस में माहौल गर्म होता देख कर पुलिस ने हालात को संभाला और प्रदर्शनकरियों को समझा-बुझा कर शाँत करवाया।

मीडिया से बातचीत में पुलिस ने बताया कि आरोपित छात्र के खिलाफ केस दर्ज करके जाँच की जा रही है। कार्रवाई के लिए पत्र NIT के रजिस्ट्रार की तरफ से पुलिस को दिया गया है। वहीं NIT ने आरोपित छात्र को बाकी सेमेस्टरों से अयोग्य घोषित करते हुए संस्थान से निकाल दिया है।

साल 2016 में भी NIT श्रीनगर में क्रिकेट में वेस्टइंडीज से भारत की हार पर जश्न मनाया गया था। तब कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था।


‘मर्यादा पुरुषोत्तम पैगंबर मुहम्मद’: जन्माष्टमी के कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री का ‘ज्ञान’, रामचरितमानस का भी अपमान कर चुके हैं राजद नेता

बिहार के शिक्षा मंत्री और राजद नेता चंद्रशेखर यादव विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं। अब उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद को मर्यादा पुरुषोत्तम बताया है। चंद्रशेखर ने कहा कि शैतानों की संख्या अधिक होने के बाद परमात्मा ने पैगंबर मुहम्मद को पैदा किया। चंद्रशेखर के इस बयान को भाजपा ने तुष्टीकरण करार दिया है।

‘राष्ट्रीय जनता दल (RJD)’ के विधायक और शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर बिहार के नालंदा जिले के हिलसा में जन्माष्टमी पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, “जब शैतानियत बढ़ गई दुनिया में, ईमान खत्म हो गया, बेईमान और शैतान ज्यादा हो गए तो मध्य एशिया के इलाके में ईश्वर ने, प्रभु ने, परमात्मा ने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रोफेट मुहम्मद साहब को पैदा किया। ईमान लाने के लिए। इस्लाम ईमान वालों के लिए आया। इस्लाम बेइमानी और शैतानी के खिलाफ आया। मगर बेईमान भी खुद को मुस्लिम कहते हैं तो इसकी इजाजत खुदा नहीं देता है।”

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी हमलावर है। बिहार बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा है कि चंद्रशेखर का यह बयान तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है। शिक्षा मंत्री ने पहले एक धार्मिक ग्रंथ को लेकर निंदनीय बयान दिया था। अब यह बयान भी समाज को बाँटने वाला है। RJD की यह परंपरा रही है। इस पार्टी ने इसी तरह से समाज को बाँटकर धर्म की राजनीति की है।

दानिश इकबाल ने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री ने एक मजहब के वोट बैन के तुष्टीकरण के लिए इस तरह का बयान दिया है। उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। सभी धर्म शांति का संदेश देते हैं। बीजेपी सभी धर्मों का सम्मान करती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ऐसे शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं भाजपा प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर दिमागी दोष के शिकार हो गए हैं। RJD ने हिंदुओं की है और न ही मुस्लिमों की। यह पार्टी एक परिवार की गुलाम हो कर रह गई है। ये लोग कभी हिंदुओं तो कभी मुस्लिमों और कभी रामायण तो कभी मुहम्मद के बारे में करते हैं। इनका काम लोगों को धर्म और जाति के आधार पर लोगों को लड़ाकर वोट लेने का है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।

रामचरितमानस पर दिया था विवादित बयान

चंद्रशेखर रामचरितमानस पर बयान देकर लंबे समय तक चर्चा में रहे थे। उनके बयान के चलते RJD और JDU की जमकर थू-थू हुई थी। दरअसल, 11 जनवरी, 2023 को चंद्रशेखर ने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा था कि यह समाज में नफरत फैलानेवाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि दोहे में अधम का अर्थ नीच होता है जिसे उन्होंने जाति से जोड़ते हुए कहा कि इस दोहे के अनुसार नीच जाति अर्थात दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं था।
वहीं, 28 फरवरी, 2023 को दिए एक अन्य बयान में चंद्रशेखर ने कहा था, “मैं अपने पुराने बयान पर कायम हूँ। रामचरितमानस में जो भी कूड़ा-कचरा है, उसकी सफाई होनी चाहिए। अभी तो कुछ ही दोहों पर सवाल किया है, दर्जनों दोहे ऐसे हैं, जिसे बदलने की जरूरत है। मैं रामचरितमानस पर चुप रहने वाला नहीं हूँ। इसमें कई ऐसे दोहे हैं, जिस पर आगे भी सवाल उठाता रहूँगा।”

तेलंगाना : ‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: भाजपा MLA के लिए लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे ; राम भक्तों की सुनवाई क्यों नहीं होती

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बंदी संजय कुमार गिरफ्तार (बाएँ), विधायक टी राजा सिंह (दाएँ) ने हिन्दुओं के लिए उठाई आवाज़
तेलंगाना पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उधर विधायक टी राजा सिंह ने पूछा है कि राम भक्तों की कोई सुनवाई क्यों नहीं है? 23 अगस्त, 2022 को भाजपा तेलंगाना में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है और पार्टी के कार्यकर्ता जगह-जगह सड़कों पर उतरे हुए हैं। सत्ताधारी TRS की विधान पार्षद कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद स्थित आवास के बाहर से भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिसका पार्टी विरोध कर रही है।

असल में ये मामला दिल्ली में शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें आम आदमी पार्टी नेता और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम सामने आया है। उनके कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी भी हुई है। इसी घोटाले में TRS महिला नेता कविता का नाम भी जुड़ा है। 2014-19 के बीच वो निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुकी हैं। बंदी संजय कुमार जब गिरफ्तार किए गए, तब वो जगाँव में एक धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी रोक कर इस गिरफ़्तारी का विरोध किया।

इसके बाद तेलंगाना पुलिस हिंसक हो उठी और भाजपा कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया। पुलिस की लाठीचार्ज में कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इससे एक दिन पहले कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। वो राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी भी हैं। प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को न सिर्फ TRS कार्यकर्ताओं ने खदेड़ा, बल्कि पुलिस ने भी उन्हें पीटा और गिरफ्तार किया।

विधायक T राजा सिंह ने हिन्दू देवी-देवताओं को निशाना बनाए जाने को लेकर उठाया सवाल

उधर भाजपा विधायक टी राजा सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा है कि जब हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर चुटकुले सुनाए जाते हैं और उन्हें निशाना बनाया जाता है, तब ऐसी कोई FIR नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज उनके खिलाफ राज्य में जगह-जगह FIR किए जा रहे हैं, लेकिन क्या हमारे राम, भगवान नहीं हैं? क्या हमारी सीता माँ नहीं है? बता दें कि मुस्लिम भीड़ उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रही है। उनके खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगे।
उन्होंने कहा, “आज तेलंगाना में भगवान राम और माँ सीता के भक्त पूछ रहे हैं कि हमारे देवी-देवताओं पर बदजुबानी करने वालों को पुलिस की सुरक्षा क्यों मिलती है? उसे ऐसी सुरक्षा दी जाती है, जैसी देश के प्रधानमंत्री को भी न मिले। आप जनता को किस तरह का सन्देश देना चाहते हैं?” उनका इशारा मुनव्वर फारूकी की तरफ था। पुलिस की भारी तैनाती के बीच उसका कॉमेडी शो कराया गया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और माँ सीता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोलने वालों का यहाँ सम्मान है, उनके भक्तों की कोई इज्जत नहीं है।
‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: टी राजा सिंह के खिलाफ सड़कों पर उतरे कट्टरपंथी, पुलिस के सामने लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे
तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक टी राजा सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनपर कट्टरपंथियों ने आरोप लगाया है कि उनकी वीडियो में पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया गया।
वीडियो 22 अगस्त की रात मुनव्वर फारूकी के शो के खिलाफ बनाई गई थी। इसी में टी राजा सिंह ने पैगंबर मोहम्मद को और उनके निकाह लेकर विवादित टिप्पणी की। इसे देखने के बाद मुस्लिम भड़क गए और देर रात सड़कों पर कट्टरपंथियों की ऐसी भीड़ देखने को मिली जो ‘खुलेआम सर तन से जुदा’ के नारे लगा रही थी।
एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सैयद कशफ द्वारा इस भीड़ का नेतृत्व किया गया और हैदराबाद कमिश्नर ऑफिस के बाहर ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा-सर तन से जुदा’ के नारे लगते रहे। कशफ को कहते सुना गया, “हैदराबाद को हम लोग कंट्रोल करते हैं।”
आजतक की रिपोर्ट बताती है कि कट्टरपंथियों की यह भीड़ पूरी रात सड़क पर डटी थी और सुबह होने पर इन्होंने नमाज पढ़ी। फिर अपनी माँग करने लगे। वहीं हैदराबाद पुलिस ने इस मामले के संज्ञान में आते ही ये केस दायर किया।
दबीरापुरा थाने में आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 505 (1)(b)(c), 505 (2), 506 के तहत केस को दर्ज हुआ और आज सुबह टी राजा सिंह की गिरफ्तारी हुई।
टी राजा सिंह ने इस बीच ये बयान भी दिया कि उन्होंने अपनी वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। उनकी वीडियो को गलत लिया जा रहा है। इसलिए वह एक और वीडियो साझा करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि हर एक्शन का एक रिएक्शन होता है।
टी राजा सिंह ने हैदराबाद में मुनव्वर फारूकी का शो रद्द करवाने के लिए लगातार बयान दे रहे थे। लेकिन 22 अगस्त को उन्होंने फारूकी की हिंदू विरोधी कॉमेडी पर निशाना साधते हुए एक वीडियो बनाई और जिसमें बात करते करते वह एक बुजुर्ग व्यक्ति की बात बताने लगे। मुस्लिमों ने उसे सीधा पैगंबर मोहम्मद से जोड़ा और सैंकड़ों की तादाद में सड़कों पर आ गए।
ये क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है। मुस्लिम इसे देख भड़क रखे हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जगह से हिरासत में लिया है। सबको बशीर बाग समेत अन्य नजदीकी थानों में रखा गया है। अन्य पार्टियों के नेता कह रहे हैं कि भाजपा नेता ने राज्य की शांति भंग करने का प्रयास किया है। उन्हें विधानसभा से सस्पेंड करने की माँग हो रही है।

बकरीद है बर्बर और घिनौना इस्लामी हत्याकांड: डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स

डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स
आतंक और धार्मिक असहिष्णुता को लेकर बेहद मुखर रहने वाले डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders) ने पशु हिंसा को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि बकरीद के नाम पर मुस्लिमों द्वारा पशुओं की खिलाफ की जाने वाली हिंसा बंद होनी चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) और मजहबी किताब कुरान (Quran) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

गीर्ट ने मुस्लिमों के त्योहार बकरीद को लेकर ट्वीट कर कहा, “आज से शुरू हो रहे घिनौने बर्बर इस्लामी बलिदान का त्योहार #ईद हत्याकांड पर रोक लगाओ।” गीर्ट ने इसके साथ ही एक भेड़ की हत्या का वीभत्स फोटो भी साझा किया है।

अपने अन्य ट्वीट में गीर्ट ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद और कुरान के खिलाफ लोगों को शिकायत दर्ज करानी चाहिए और अदालत में साबित करना चाहिए कि इसके मूल में हिंसा, भेदभाव और असहिष्णुता है। इसके बिना समाज अधिक स्वतंत्र और सुरक्षित रहेगा।

गीर्ट इस्लाम और जिहाद के नाम पर हिंसक रूप के आलोचक रहे हैं। देश में नूपुर शर्मा को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन और उदयपुर में कन्हैया लाल एवं अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या पर उन्होंने इस्लामी कट्टरपंथ पर सवाल उठाए थे।

गीर्ट ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्हें आग में जलता दिखाया गया है। वीडियो में लिखा हुआ है ‘गीर्ट वाइल्डर्स को सजा दो। हम उसे कभी माफ नहीं करेंगे।’ इसके लिए उन्होंने इस्लामी कट्टरपंथियों पर निशाना साधा और कहा कि वे कभी किसी के सामने नहीं झुकेंगे।

अपने ट्वीट में गीर्ट ने लिखा, “वे मुझे ये भेजते हैं क्योंकि मैं नूपुर शर्मा और हिंदुत्व का समर्थन करता हूँ तथा हिंसक एवं अधिनायकवादी इस्लामी अवधारणा ईशनिंदा के खिलाफ खड़ा हूँ। लेकिन, मैं इस तरह की बर्बरता के आगे कभी नहीं झुकूँगा और आजादी के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूँगा। हमेशा!”

उदयपुर में कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या पर गीर्ट ने कहा था कि कट्टरवाद, आतंकवाद और जिहादियों से हिंदुत्व को बचाना जरूरी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “एक दोस्त होने के नाते मैं भारत को सलाह दे रहा हूँ कि असहिष्णुता के प्रति सहिष्णु होना बंद कीजिए। जिहादियों, आतंकवादियों और कट्टरपंथियों से हिंदुत्व की रक्षा कीजिए। इस्लाम का तुष्टिकरण नहीं करिए, नहीं तो यह बहुत भारी पड़ेगा। हिंदुओं को ऐसे नेता चाहिए जो शत प्रतिशत उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हों।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है, “भारत में हिंदुओं को सुरक्षित होना चाहिए। यह उनका देश है। उनकी मातृभूमि है। भारत उनका है। भारत कोई इस्लामिक देश नहीं है।” गौरतलब है कि जून की शुरुआत में वाइल्डर्स ने नूपुर शर्मा का समर्थन करते हुए कहा था कि अपराधी और आतंकवादी अपनी धार्मिक असहिष्णुता और घृणा व्यक्त करने के लिए सड़क पर हिंसा करते हैं।

इसके बाद उन्हें कट्टरपंथियों की ओर से धमकी भी मिली थी। इसके स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उन्होंने लिखा था, “यही कारण है कि मैं बहादुर नूपुर शर्मा का समर्थन कर रहा हूँ। जान से मारने की सैकड़ों धमकियाँ। यह मुझे उनका समर्थन करने के लिए और भी अधिक दृढ़ बनाता है। क्योंकि, बुराई कभी नहीं जीत सकती। कभी नहीं।”

गीर्ट ने कहा था कि इस्लाम (Islam) असहिष्णु है और इसकी विचारधारा दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने कहा था कि भारत से माफी माँगने वाले मुल्क देश बेहद क्रूर शरिया शासन से संचालित होतेे हैं और उनका मानवाधिकार का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है।

वाइल्डर्स ने कहा था कि जो मुल्क अपने यहाँ के अल्पसंख्यकों की हत्या कर देते हैं और उन्हें जेल में डाल देते हैं, वे कानून द्वारा शासित एक लोकतांत्रिक देश से माफी की माँग करते हैं तो यह सबसे बड़ा पाखंड है। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि ईरान, कतर, सऊदी अरब जैसे इस्लामिक अपने अल्पसंख्यकों को कितना प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने इस्लामिक देशों को सबसे बड़ा पाखंडी बताया।

हॉलैंड की सबसे बड़़ी पार्टी के प्रमुख और वहाँ की संसद में विपक्ष के नेता वाइल्डर्स ने एक अन्य ट्वीट में कहा था, “केवल अपराधी और आतंकवादी अपनी धार्मिक असहिष्णुता और घृणा व्यक्त करने के लिए सड़क पर हिंसा का उपयोग करते हैं। असहिष्णु के प्रति सहिष्णु होना बंद करो। हम जीवन को संजोते हैं, वे मृत्यु को संजोते हैं।”

‘नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं’; कोई मौलवी बताए वह कहाँ गलत थीं : इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान की दो टूक

        इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान ने कहा है कि नूपुर शर्मा का बयान गलत नहीं था (फोटो साभार: फेडरल न्यूज)
इस्लामिक स्कॉलर अतीकुर रहमान का कहना है कि नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर जो टिप्पणी की थी, वह गलत नहीं थी। उन्होंने यह बात ‘इंडिया न्यूज’ पर प्रदीप भंडारी के डिबेट शो के दौरान कही। साथ ही इसको लेकर सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई नफरत और धमकियों पर भी अफसोस जताया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को लगता है कि नूपुर शर्मा ने गलत कहा तो किसी वरिष्ठ मौलवी को बताना चाहिए कि वह कहाँ गलत थीं।

दरअसल, डिबेट के दौरान विश्व हिन्दू परिषद के नेता विनोद बंसल ने इस्लामवादियों द्वारा हत्या की धमकियों का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने कहा कि भारत एक लिबरल डेमोक्रेसी वाला देश है। कोई कट्टर धार्मिक देश नहीं है, जहाँ धर्म की आलोचना का मतलब सख्त सजा है।

हिन्दुओं को अपनी शक्ति का अनुभव करना चाहिए। पिछले लेख में लिखा था कि कट्टरपंथी और जेहादी एक हिन्दू नूपुर शर्मा की हत्या के लिए इनाम घोषित कर रहे हैं, नूपुर का समर्थन कर रहे हिन्दुओं को 'सर तन से जुदा' कर रहे हैं, लेकिन यूट्यूब पर अनेकों नूपुर आकर कुरान और हदीस पर स्क्रीन पर आयतों को दिखाकर चर्चा करने और सड़क पर हिन्दुओं के आने बाद से देखिए कल तक नूपुर पर जो आलोचनात्मक बयानबाज़ी कर रहे थे, उनके बयानों पर पड़ना शुरू हो गया है। अब मुस्लिम विद्वान अतीकुर रहमान भी नूपुर को समर्थन देने के साथ-साथ मौलवियों से कह रहे हैं कि नूपुर कहाँ गलत है?    

इसके बाद विनोद बंसल ने कहा, “मैं अतीकुर रहमान के उस बयान का समर्थन करता हूँ कि पैगंबर मुहम्मद के जीवन पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि उनके जीवन से बहुत सी चीजें सीखनी हैं। भारत ऐसा देश है, जहाँ हम भगवान राम और कृष्ण के जीवन के बारे में चर्चा करते हैं, ताकि चीजों को सीखें और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित हों। ऐसे में हमें पैगंबर मुहम्मद से क्यों नहीं सीखना चाहिए?”

इसके बाद बंसल ने अतीकुर रहमान से पूछा, “जहाँ तक ​​नुपुर शर्मा का सवाल है, उन्होंने जो भी कहा है वो इस्लामिक किताबों के हवाले से कहा है और यही बात कई इस्लामिक विद्वानों ने भी कही है। इसलिए मैं पूछना चाहता हूँ कि उनके बयान में क्या गलत था? क्या वो गलत बोलीं थीं? या फिर उनकी शैली और व्यवहार गलत था? इस्लामिक ग्रंथों में जो भी लिखा है, वो गलत है? आखिर इस्लामवादी उनका सर तन से जुदा करने की माँग क्यों कर रहे हैं?” यूट्यूब से बाहर पहले वकील रिज़वान अहमद अकेले थे, अब रिज़वान के साथ अतीकुर रहमान खड़े नज़र आ रहे हैं। आगे-आगे नूपुर का साथ देने मुस्लिमों की अब ये संख्या बढ़ने वाली है।  

इसके जबाव में रहमान ने कहा, “मैं आपको बताना चाहता हूँ कि नूपुर शर्मा गलत नहीं थीं। वो गलत नहीं थी। अगर कोई इस्लामी विद्वान या मुस्लिम सोचता है कि वह गलत थीं, तो इस्लाम का दायरा इतना व्यापक है कि उन्हें माफ किया जा सकता है। कोई वरिष्ठ मौलवी बताए कि वो कहाँ गलत थीं।”

अतीकुर रहमान के इस बयान का समर्थन करते हुए प्रदीप भंडारी ने कहा कि धर्म के बारे में इस तरह से बहस होनी चाहिए। जहाँ किसी भी गलतफहमी को बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान से दूर किया जाता है न कि धमकियों से।

इसी डिबेट के दौरान इस्लामिक विद्वान ने ये भी कहा कि इस्लाम के फॉलोवर के तौर पर उन्हें टीवी डिबेट में आने का कोई हक नहीं बनता, अगर वो इतने सक्षम नहीं हैं कि नूपुर शर्मा को आमंत्रित कर उनकी गलत जानकारियों को सही कर सकें। 

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उन्होंने कहा, “मैं इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ आलोचना को आमंत्रित करता हूँ। इससे मुझे दुनिया को यह समझाने का मौका मिल सकता है कि उनका संदेश क्या था। दुनिया में अपना संदेश फैलाने के लिए उन्हें (पैगंबर मुहम्मद) अल्लाह ने कैसे चुना।”