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“सिर तन से जुदा” नारा लगाने वालों के खिलाफ सबूत नहीं, लेकिन नूपुर शर्मा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के पास सबूत थे कि उदयपुर कन्हैया हत्या के लिए वह दोषी है

सुभाष चन्द्र 

अजमेर कोर्ट की अतिरिक्त जिला जज (ADJ) रितू मीणा ने अजमेर दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती सहित 6 आरोपियों को दरगाह के बाहर “सिर तन से जुदा” के नारे लगाने के आरोप पर्याप्त सबूत न होने पर 16 जुलाई को बरी कर दिया जबकि एक आरोपी अहसानुल्लाह फरार है जिसने गौहर चिश्ती को हैदराबाद में अजमेर से भाग कर अपने पास शरण दी थी। नारे लगाने पर केस दर्ज होने के बाद गौहर चिश्ती का फरार होना ही गुनाह का सबूत था। लेकिन जज रितु ने इस पर ध्यान नहीं दिया।  

ADJ रितु मीणा ने दरअसल गौहर चिश्ती और अन्य को उनके नारों पर अमल करने के लिए बरी कर दिया कि जाओ और जिस नूपुर शर्मा के लिए नारा लगाया था उसका “सिर तन से जुदा” कर दो। जज ने कहा कि कथित वीडियो जिसमें नारे लगाए गए, उनका सत्यापन अदालत में नहीं हुआ। फिर आपने क्यों नहीं कहा पुलिस से कि videos की forensic जांच रिपोर्ट पेश करो या आपने स्वयं Forensic जांच की आदेश क्यों नहीं दिए और आपने यह कैसे मान लिया कि वे वीडियो झूठे थे। जज ने कहा पुलिस ने मौके का नक्शा नहीं बनाया और जो पुलिस वाले मौके पर मौजूद थे वे अपनी मौजूदगी के दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

लेखक 
चर्चित YouTuber 
अक्टूबर 2019 में इस्लामी कट्टरपंथियों ने कमलेश तिवारी के दफ्तर में घुस कर उन्हें मार डाला था। उन पर गोली चलाई गई थी, साथ ही चाकू से भी वार किया गया था। मोहम्मद मुफ़्ती नईम काज़मी और इमाम मौलाना अनवारुल हक़ ने 2016 में ही उनकी हत्या का फरमान जारी करते हुए इनाम देने की घोषणा की थी। मुस्लिम कट्टरपंथियों का मानना था कि कमलेश तिवारी ने पैगंबर मुहम्मद का अपमान किया है। इसके पीछे गहरी साजिश का पता चला, 13 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

ये criminal case में हर कोई जानता है कि सबूतों का Interpretation हर किसी व्यक्ति के विवेक पर निर्भर करता है, एक व्यक्ति की नज़र में सबूत और गवाह का बयान सही होता है तो दूसरे की नज़र में गलत, और प्रभावशाली आरोपियों को बरी करने के लिए तो सही सबूत को कैसे गलत माना जा सकता है, उसके लिए चढ़ावा  और भय भी प्रभाव डालता है और जज ही सबूत से छेड़छाड़ कर देता है उसकी विवेचना करते हुए। अजमेर में रहने वाली जज को भी भय हुआ हो सकता है।

ऐसे ही सबूत के अभाव में 100 करोड़ हिंदुओं के क़त्ल की धमकी देने वाले अकबरुद्दीन ओवैसी को बरी कर दिया गया था। इसी तरह आतंक फ़ैलाने वालों को हिम्मत मिलती है।   

नूपुर शर्मा के खिलाफ आग उगलते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पारदीवाला ने सुप्रीम कोर्ट के इतिहास की जो सबसे भयंकर “Hate Speech” दी थी उसे सुनकर लगा था कि उनके पास नूपुर शर्मा के खिलाफ कन्हैया हत्या के लिए जिम्मेदार होने के पुख्ता सबूत थे। दोनों जजों ने कहा :- 

she had a 'loose tongue' and that 'it set the entire country on fire’. They also said, "this lady is single-handedly responsible for what is happening in the country." They also made remarks like "She has a threat or she has become a security threat? The way she has ignited emotions across the country." They even blamed her for the killing in Udaipur. The justices asked her to apologize  to the whole nation” लेकिन आग किसने लगाई जस्टिस चंद्रचूड़ ने उसे छोड़ दिया।

ये सूर्यकांत और पारदीवाला ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के सभी जज हिंदुओं को कुचलने में लगता है किसी Tool Kit का हिस्सा बने हुए हैं। ये चाहते थे कि नूपुर शर्मा देश से माफ़ी मांगे लेकिन इन्हे नहीं पता कि 15 रिटायर्ड जजों, 77 रिटायर्ड वरिष्ठ नौकरशाहों और आर्मी के 25 रिटायर्ड अधिकारियों ने तत्कालीन CJI रमना को पत्र लिख कर दोनों के बयानों की घोर निंदा कर उनसे अपने बयान वापस लेने को कहा था लेकिन जजों की गर्दन तो अकड़ी हुई होती है कैसे अपना कसूर मान सकते हैं।

न्यायपालिका को आत्मनिरीक्षण कर अपना आचरण सही करना जरूरी है वरना जो नहीं सुधरते, उन्हें वक्त सुधार देता है। 

एक बार फिर कहता हूं कि न्याय उस दिन होना शुरू होगा जिस दिन जज और उनके परिवार अपराध का शिकार होंगे। अजमेर कोर्ट के गौहर चिश्ती को बरी कर नूपुर शर्मा के लिए खतरा पैदा कर दिया है और अगर उसे कुछ होता है तो यह जज रितु मीणा समेत जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पारदीवाला भी जिम्मेदार होंगे क्योंकि उनकी “Hate Speech” ने नूपुर शर्मा पर अपराध की कॉल उसी दिन दे दी थी।

नेपाल : सुप्रीम कोर्ट के जज को घोषित किया ‘गुस्ताख़-ए-रसूल, ’‘अल्लाह-हू-अकबर’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ के नारे

नेपाल में सुप्रीम कोर्ट जज को बता गुस्ताख़ ए रसूल, लगाया 'सिर तन से जुदा' का नारा (चित्र साभार- FB/Farhad Ahmad )
नेपाल में वहाँ के सुप्रीम कोर्ट के जज कमलनारायण दास के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस पोस्ट के खिलाफ मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहा है। उन्मादी भीड़ ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगा कर कई जगहों पर सड़क जाम कर रही है। भीड़ में शामिल लोग पोस्ट में लिखी बातों को अपने पैगंबर का अपमान बता कर पुतले जला रहे हैं। सोशल मीडिया पर ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लिखे जा रहे हैं। नेपाल के मुस्लिम आयोग ने भी इस मामले में अपनी सरकार से कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

इस घटना पर नेपाल के मुस्लिम आयोग ने सरकार को एक शिकायती पत्र दिया है। पत्र में बताया गया है कि फेसबुक पर कमल नारायण दास के नाम से इस्लाम को बदनाम करने के लिए झूठी और भ्रामक बातें लिखी गईं है। इस पोस्ट में मुस्लिम समुदाय द्वारा रखे जाने वाले रोजा पर टिप्पणी की गई है। मुस्लिम आयोग ने इस पोस्ट पर रमजान में शेयर करने के पीछे नेपाल के भाईचारे को खत्म करने की साजिश करार दिया है। मुस्लिम आयोग ने दुःख प्रकट करते इसे नेपाल में साम्प्रदायिकता फैलाने की साजिश बताया है।

                                                        नेपाली मुस्लिम आयोग का बयान

नेपाल में सभी मत-मजहबों को एक जैसा बताते हए मुस्लिम आयोग ने कहा है कि कुछ लोग कमल नारायण दास के नाम से वायरल हो रही पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं। मुस्लिम आयोग ने अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसे तर्कों को इस मामले में गलत बताते हुए इसको अपनी संस्कृति पर हमला करार दिया है। मुस्लिम आयोग का मानना है कि ऐसी पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बताना नेपाली कानून और संविधान का उल्लंघन होगा। अंत में मुस्लिम आयोग ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पत्र पर अध्यक्ष के तौर पर शमीम मियाँ अंसारी के दस्तखत हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जज की गिरफ्तारी की माँग

यह पोस्ट जिस हैंडल किया किया गया है वह नॉन-वेरिफाइड है। अभी तक नेपाली पुलिस या कोई जाँच एजेंसी आधिकारिक तौर पर यह नहीं बता पाई है कि पोस्ट किसके द्वारा लिखी गई है। इसके बावजूद नेपाल के एक बड़े हिस्से में मुस्लिम वर्ग वहाँ की सुप्रीम कोर्ट के जज कमल नारायण दास के खिलाफ सड़क पर उतर कर कार्रवाई की माँग कर रही है। ‘नेपाली मुस्लिम शांति समाज सरलाही मलंगवा’ नाम के फेसबुक पेज पर तो ‘Arrest Kamal Naranyan Das’ नाम से कैप्शन भी दे दिया गया है। 12 अप्रैल (शुक्रवार) को इस कैप्शन से साथ अटैच वीडियो में मुस्लिम भीड़ चौराहे पर आग जला कर नारेबाजी कर रही है।

कमल नारायण ‘गुस्ताख़ ए रसूल’ घोषित

फरहाद अहमद नाम के व्यक्ति ने शनिवार (13 अप्रैल, 2024) को अपने फेसबुक पर कमलनारायण दास के खिलाफ नेपाल के सरलाही जिला स्थित मलंगवा में निकले जुलूस के वीडियो शेयर किए हैं। यह जुलूस मुस्लिम बोर्ड नेपाल द्वारा निकाला गया है। इस प्रदर्शन के जुलूस में छपे बैनरों पर ‘गुस्ताख-ए-रसूल के खिलाफ कार्रवाई’ लिखा हुआ है। जुलूस में कई मौलवी और मौलाना शामिल दिख रहे हैं। ये सभी पुलिस के आगे ही उत्तेजक नारे लगा रहे हैं।
इन नारों में अल्लाह हु अकबर, नारा ए तकबीर के साथ ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह’ जैसी बातें बोली जा रहीं हैं। बीच में से एक व्यक्ति ने कहा, ‘सर तन से जुदा’ वाला लगाओ। फ़िलहाल अभी तक नेपाली पुलिस द्वारा किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

भगवान राम पर की अपमानजनक टिप्पणी, हिंदू लड़के ने दिया जवाब तो भड़क गए कट्टरपंथी: नासिक में ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाते हुए भीड़ ने किया उपद्रव

                        नासिक में मुस्लिम भीड़ की हिंसा (ऑपइंडिया द्वारा हासिल की गईं तस्वीरें)
महाराष्ट्र में नासिक शहर के जय भवानी इलाके में गुरुवार (4 अप्रैल 2024) को हजारों मुस्लिमों की भीड़ ने सर तन से जुदा के नारे लगाए और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा। मुस्लिमों ने सिटी लिंक बसों और हिंदुओं के निजी वाहनों पर भी हमले किए। भीड़ ने संकेत सौदागर नाम के एक लड़के पर इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाया है।

रमज़ान के महीने में शहर के मुस्लिम इकट्ठा होकर इस हिंदू व्यक्ति के लिए मौत की सज़ा की माँग की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करके कहा गया कि सौदागर ने फातिमा अल-ज़हरा के खिलाफ टिप्पणी करके गंभीर अपराध किया है और वह ‘सर तन से जुदा’ सजा का हकदार है। पोस्ट की तस्वीरें और वीडियो ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त किए गए हैं।

झगड़े की शुरुआत मुस्लिम समुदाय द्वारा बताई जा रही है। ऑपइंडिया को एक्सक्लूसिव तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक, घटना पिछले हफ्ते की है। नासिक में हिंदू समुदाय आगामी रामनवमी उत्सव (17 अप्रैल) की तैयारी कर रहा है। इस दौरान सौदागर समेत हिंदू समुदाय के लोगों ने तैयारियों के बारे में इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना शुरू कर दिया, लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोगों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक स्थानीय हिंदू ने ऑपइंडिया को बताया कि मुस्लिमों हिंदुओं द्वारा पोस्ट की गई तैयारियों वाले पोस्ट पर भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी शुरू कर दी। इनमें ‘ख्वाजा’ नाम का एक लड़का भी शामिल था। उन्होंने अन्य मुस्लिमों के साथ मिलकर आगामी हिंदू त्योहार रामनवमी की तैयारियों का अपमान किया करना शुरू कर दिया।

                                                       संकेत सौदागर के खिलाफ प्रदर्शन

विपिन (बदला हुआ नाम) ने बताया, “शुरुआती लड़ाई केवल दो व्यक्तियों के बीच थी। सौदागर भगवान राम का अपमान सहन नहीं कर सके। फिर उन्होंने मुस्लिमों को उन्हीं के शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद की बेटी फातिमा अल-ज़हरा के बारे में कुछ टिप्पणी की। मुस्लिम यही चाहते थे।”

विपिन ने आगे कहा, “उन्होंने (मुस्लिमों ने) भगवान राम के बारे में गलत टिप्पणी करके लड़ाई शुरू कर दी और हिंदू लड़के को यह अनुचित कदम उठाने के लिए मजबूर किया। इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट को मुस्लिमों ने अपने समूहों में साझा किया, जिसके कारण वे सौदागर की मौत की माँग करने के लिए इकट्ठा हो गए।”

                                                      मुस्लिम भीड़ द्वारा बस में तोड़फोड़

उन्होंने कहा कि हिंसा भड़कने के बाद मुस्लिमों ने भगवान राम के खिलाफ की गई सभी टिप्पणियों को हटा दिया। इसके साथ ही सौदागर द्वारा उन्हें और उनके समुदाय को निशाना बनाने के लिए उनके पोस्ट के स्क्रीनशॉट ले लिए। उत्पाद के दौरान मुस्लिमों की भीड़ ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया।

विश्व हिंदू परिषद ने इस घटना का संज्ञान लिया और शहर के पुलिस को पत्र लिखकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। अपने पत्र में विश्व हिंदू परिषद ने लिखा, “कुछ व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ पोस्ट कीं। उसके बाद उन्होंने कामान को नष्ट कर दिया जो देवी तुलजाभवानी मंदिर समारोह के लिए स्थापित किया गया था।”

                                         विश्व हिंदू परिषद का पुलिस को लिखा गया पत्र

अपने पत्र में विश्व हिंदू परिषद ने आगे लिखा, “उन्होंने (मुस्लिमों ने) मंदिर के कमान पर पथराव किया और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, वाहनों और सार्वजनिक बसों में तोड़फोड़ की। नासिक शहर का मौजूदा माहौल चिंताजनक है। हम उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हैं।”

नवीनतम अपडेट के अनुसार, पुलिस ने किसी के धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर सौदागर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाला मुस्लिम शख्स फरार बताया जा रहा है।

(सिद्धि सोमानी की यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। विस्तार से पढ़ने से इस लिंक पर क्लिक करें।)

‘इस्लाम का दुष्प्रचार बंद करो, अंजाम भुगतोगे’ : RSS मैग्जीन के पत्रकार को मिली ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी, कांग्रेस के खिलाफ किया था ट्वीट, FIR दर्ज

                      आरएसएस की पत्रिका के पत्रकार मिली धमकी (फोटो साभार: ऑर्गेनाइजेशन)
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक पत्रकार को ‘सिर-तन-से-जुदा’ की धमकी दिए जाने का एक मामला सामने आया है। पत्रकार का नाम निशांत आजाद है। वे आरएसएस की पत्रिका ‘ऑर्गेनाइजर’ में काम करते हैं। निशांत को यह धमकी व्हाट्सएप पर एक अनजान मैसेज द्वारा दी गई। पत्रकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है। अब पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
सर तन से जुदा के विरुद्ध गैर-जमानती कानून कब?
यूट्यूब पर अम्बर ज़ैदी और एक्स मुस्लिम साहिल की वीडियो में साहिल ने बहुत ही ज्वलंत प्रश्न किया है कि 'सर तन से जुदा' के विरुद्ध जब तक गैर-जमानती कानून नहीं बनेगा, यह समस्या बनी रहेगी। किसी में किसी एक्स मुस्लिम के विरुद्ध 'सर तन से जुदा' कहने की हिम्मत नहीं, जो सार्वजनिक रूप से इस्लाम, मौलानाओं और मुफ़्ती आदि के विरुद्ध बोल रहे हैं। News Nation के "इस्लाम क्या कहता है" में तो एक्स मुस्लिम और मौलानाओं के बीच बहस देखने वाली होती है। लेकिन कोई नहीं बोलता। सारे मुस्लिम देश भी खामोश हैं, क्यों? जिसे देख लगता है कि इस्लाम पर संकट के घने बादल छाने शुरू हो चुके हैं। देखिए वीडियो:

 

 
दूसरे, आज हिजाब और बुर्के को लेकर उपद्रव किया जाता है, जबकि आर्गेनाइजर के तत्कालीन संपादक प्रो वेद प्रकाश भाटिया(स्व) ने अपने बहु-चर्चित स्तम्भ Cabbages & Kings में कई बार लिखा कि "...burka is not a islamic culture....on many occasions smart and charming boys were kept in burka..." किसी ने कभी उसका विरोध नहीं किया। इतना ही नहीं, जनता पार्टी के तत्कालीन नेता सैयद शहाबुद्दीन इस स्तम्भ को पढ़े बिना सोते नहीं थे।   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निशांत के व्हाट्सएप पर किसी अजनबी का धमकी भरा मैसेज आया। धमकी वाले इस मैसेज में लिखा था, “गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा सिर तन से जुदा, इस्लाम के खिलाफ एजेंडे का प्रचार बंद करो।” इस संदेश के साथ धमकी देने वाले ने पत्रकार द्वारा कांग्रेस के खिलाफ किए गए एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी भेजा।

                                                                   धमकी भरा संदेश

इन मैसेज के जवाब में निशांत ने धमकी देने वाले से उसके बारे में पूछने की कोशिश की तो उसने सामने से जवाब दिया कि वह निशांत के बारे में सब कुछ जानता है और अगर वह इस तरह के मुद्दों पर फिर से लिखना जारी रखता है, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे। बताया यह भी जा रहा है धमकी देने वाले ने कन्हैया कुमार और उमेश कोल्हे का भी जिक्र किया था।

आरएसएस की पत्रिका के पत्रकार को 10 सितंबर को मैसेज के माध्यम से धमकी मिली। धमकी देने वाले की ओर से यह भी कहा गया कि यदि पत्रकार इसी तरह हिंदुत्व संगठनों का समर्थन करता है तो उसका सिर काट दिया जाएगा। एफआईआर में निशांत ने बताया कि उसे अज्ञात यूएस-आधारित नंबर से 10 सितंबर की शाम लगभग 7:00 बजे के करीब धमकी भरे मैसेज मिले।

धमकी देने वाले ने निशांत के जिस ट्वीट का स्क्रीन शॉट शेयर किया, उसमें निशांत ने कांग्रेस के एक ट्वीट की आलोचना की थी। ये वही ट्वीट था जिसमें कांग्रेस ने आरएसएस की जलती हुई वर्दी की तस्वीर साझा की थी। निशांत ने अपने इस ट्वीट में लिखा था, “संघ को खत्म करते-करते पुश्तें निकल गई लल्ला तुम्हारी। एक दिन पता चला खुद ही खत्म हो जाओगे। अभी तो बस चंद राज्य में बचे हो न। यही हाल रहा तो अगले चुनाव में वहाँ से भी निपट जाओगे।”

                                                  धमकी देने वाले ने भेजा कॉन्ग्रेस पर किया गया ट्वीट

अब तक जिन-जिन लोगों को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी मिली, उन्होंने या तो किसी विशेष धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत किया या फिर पैगंबर मोहम्मद को लेकर कुछ विवादित बयान दिए। परंतु इस मामले में निशांत को ये धमकी इसलिए मिली है क्योंकि उन्होंने कांग्रेस की आलोचना की है। 

हैदराबाद : पुलिस ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाने वाले 90 उपद्रवियों को ओवैसी के दबाव में क्यों छोड़ा? : ‘काट डालो RSS वालों को’ वाला Video

     स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाला कलीमउद्दीन गिरफ्तार, ओवैसी के दबाव में उत्तेजक नारे लगाने वाले छोड़े
भारतीय जनता पार्टी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर हैदराबाद में जगह-जगह उपद्रव जारी है। 24 अगस्त 2022 को एक प्रदर्शन के दौरान कलीमउद्दीन नाम के व्यक्ति ने RSS स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाले नारे लगाए। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। नलगोंडा की पुलिस अधीक्षक (SP) रेमा राजेश्वरी ने कहा कि उस पर आईपीसी की धारा 153, 295 (ए) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 कलीमउद्दीन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहा है, “काट डालो सालों को…” इसके पीछे-पीछे भीड़ कहती है, “RSS वालों को।” इस दौरान नारे लगाते हुए यह भी कहा गया, “बोलो बोलो क्या चाहिए, गुस्ताख-ए-नबी का सिर चाहिए।”

ref_src=twsrc%5Etfw">August 24, 2022

इधर खबर आ रही है कि भड़काऊ नारे लगाने वालों को पुलिस ने छोड़ दिया है। टाइम्स नॉउ ने बताया है कि हैदराबाद पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी के दबाव में 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया है। इन उपद्रवियों को ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने और पत्थरबाजी के बाद हिरासत में लिया गया था। इस हिंसक प्रदर्शन में महिलाएँ और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। इस तरह AIMIM का जेहादी चेहरा सामने आ गया है। ये टीवी पर कुछ बोलते हैं और टीवी से बाहर जेहादी उपद्रवियों को समर्थन, जो हैदराबाद दंगे में उजागर हो गया। ओवैसी और इसकी पार्टी के साथ मोदी और अमित शाह को उसी तरह पेश आना चाहिए जिस तरह तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार पटेल 1947/48 में पेश आये थे। 

रिपोर्ट के मुताबिक AIMIM के नेता साउथ जोन के DCP से मिले थे। इसके बाद 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया गया। ओवैसी ने भी इसकी पुष्टि की है।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

22 अगस्त को टी राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग की चर्चा की थी। कट्टरपंथी इसे ईश निंदा बता रहे हैं। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद हैदराबाद में प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त की सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। उसी दिन इस मामले में कोर्ट ने टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी थी।

बेल मिलने के बाद कट्टरपंथी दोबारा उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं टी राजा सिंह ने कथित विवादित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी। राजा सिंह के वकील को भी यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

हैदराबाद : टी राजा सिंह को बेल मिलते ही कट्टरपंथी भड़के, 4 पुलिसकर्मी घायल, उत्तेजक नारेबाजों पर कार्यवाही कब?

                                                                             साभार: वायरल वीडियोज के स्क्रीनशॉट)
हैदराबाद में भाजपा के निलंबित विधायक टी राजा सिंह को बेल मिलने से कट्टरपंथी भड़क गए हैं। उन्होंने इसके विरोध में पूरी रात प्रदर्शन किया। हर जगह ‘सर तन से जुदा’ के नारे गूँजते रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन खबर है कि इन सबके बीच में सब इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

नूपुर शर्मा के बाद टी राजा सिंह को पार्टी से निकाले जाने पर भाजपा समर्थकों में यह बात घर करने लगी है कि "क्या भाजपा तुष्टिकरण में अपने विरोधियों को मात देने जा रही है?" नूपुर से लेकर अब राजा सिंह तक जिन पार्टियों के नेताओं ने भड़काऊ बयानबाजी की, उन पर कार्यवाही करने से कौन-सा डर सता रहा है? ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर क्यों नहीं की जा रही कार्यवाही? 'सिर तन से जुदा' नारेबाजों पर क्यों नहीं की जा रही कार्यवाही? अगर भाजपा ने भी वही तुष्टिकरण करना है, फिर भाजपा को वोट क्यों? कहते हैं न चाकू खरबूजे पर गिरे या खरबूजा चाकू पर कटना खरबूजे को ही है। कट्टरपंथी इस तरह के नारों से कौन-से सौहार्द का परिचय दे रहे हैं? क्या यह आतंकवाद का नया रूप नहीं?

टी राजा सिंह के वकील ने बेल याचिका में दलील दी थी कि विधायक को सीआरपीसी की धारा 41 (ए) के तहत कोई नोटिस नहीं दिया गया। कोर्ट ने वकील की यह दलील मानी और टी राजा सिंह को बेल दे दी। इसके बाद राज्य भर में प्रदर्शन चालू हो गए। भीड़ और नारेबाजी इतनी बढ़ गई कि पुलिस को लाठी चार्ज करके, आँसू गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।

खबरों के अनुसार अंबरपेट, तल्लबकट्‌टा, मोगलपुरा, खिलवत, बहादुरपुरा और चंचलगुडा में राजा सिंह के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। वहीं बरकस से चंद्रयानगुट्टा तक सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया।

हैदराबाद के शालीबांदा में तो पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प की घटना घटी। पुलिस वैन में भी कथिततौर पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा बाजारों से दुकानें जबरन बंद कराने की, राजा सिंह के पोस्टर्स पर चप्पल मारने की, उनका पुतला जलाने की घटना भी प्रकाश में आई है।

हैदराबाद में टी राजा सिंह के बयान के बाद बवाल

सोमवार को राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग पर बात की थी, जिस पर मुस्लिमों ने कहा कि वो पैगंबर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी है। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद शहर भर में प्रदर्शन हुए। मंगलवार सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार किया। दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड किया और फिर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा।
                                                                    भाजपा ने टी राजा सिंह को निलंबित किया।
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‘क्या किसी ने ज़ाकिर नाइक से कहा माफी माँगने के लिए?’: नूपुर शर्मा को मिला राज ठाकरे का समर्थन, हला
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MNS (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) सुप्रीमो राज ठाकरे ने भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने ...

इस बीच मुस्लिम संगठन जहाँ टी राजा सिंह की टिप्पणी को शर्मनाक, हैरान करने, दंगे भड़काने वाला बताते रहे। वहीं टी राजा के समर्थकों ने उनकी रिहाई की माँग की। देर रात कोर्ट ने उनकी बेल याचिका मंजूर की। लेकिन इसके बाद फिर शहर का माहौल बिगड़ गया। कट्टरपंथी भारी तादाद में सड़क पर आ गए। अब राज्य में तनाव की स्थिति बनी हुई है। लगातार निलंबित भाजपा विधायक पर कार्रवाई की माँग हो रही है। सर तन से जुदा के नारे लग रहे हैं।

तेलंगाना : ‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: भाजपा MLA के लिए लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे ; राम भक्तों की सुनवाई क्यों नहीं होती

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बंदी संजय कुमार गिरफ्तार (बाएँ), विधायक टी राजा सिंह (दाएँ) ने हिन्दुओं के लिए उठाई आवाज़
तेलंगाना पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उधर विधायक टी राजा सिंह ने पूछा है कि राम भक्तों की कोई सुनवाई क्यों नहीं है? 23 अगस्त, 2022 को भाजपा तेलंगाना में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है और पार्टी के कार्यकर्ता जगह-जगह सड़कों पर उतरे हुए हैं। सत्ताधारी TRS की विधान पार्षद कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद स्थित आवास के बाहर से भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिसका पार्टी विरोध कर रही है।

असल में ये मामला दिल्ली में शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें आम आदमी पार्टी नेता और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम सामने आया है। उनके कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी भी हुई है। इसी घोटाले में TRS महिला नेता कविता का नाम भी जुड़ा है। 2014-19 के बीच वो निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुकी हैं। बंदी संजय कुमार जब गिरफ्तार किए गए, तब वो जगाँव में एक धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी रोक कर इस गिरफ़्तारी का विरोध किया।

इसके बाद तेलंगाना पुलिस हिंसक हो उठी और भाजपा कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया। पुलिस की लाठीचार्ज में कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इससे एक दिन पहले कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। वो राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी भी हैं। प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को न सिर्फ TRS कार्यकर्ताओं ने खदेड़ा, बल्कि पुलिस ने भी उन्हें पीटा और गिरफ्तार किया।

विधायक T राजा सिंह ने हिन्दू देवी-देवताओं को निशाना बनाए जाने को लेकर उठाया सवाल

उधर भाजपा विधायक टी राजा सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा है कि जब हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर चुटकुले सुनाए जाते हैं और उन्हें निशाना बनाया जाता है, तब ऐसी कोई FIR नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज उनके खिलाफ राज्य में जगह-जगह FIR किए जा रहे हैं, लेकिन क्या हमारे राम, भगवान नहीं हैं? क्या हमारी सीता माँ नहीं है? बता दें कि मुस्लिम भीड़ उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रही है। उनके खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगे।
उन्होंने कहा, “आज तेलंगाना में भगवान राम और माँ सीता के भक्त पूछ रहे हैं कि हमारे देवी-देवताओं पर बदजुबानी करने वालों को पुलिस की सुरक्षा क्यों मिलती है? उसे ऐसी सुरक्षा दी जाती है, जैसी देश के प्रधानमंत्री को भी न मिले। आप जनता को किस तरह का सन्देश देना चाहते हैं?” उनका इशारा मुनव्वर फारूकी की तरफ था। पुलिस की भारी तैनाती के बीच उसका कॉमेडी शो कराया गया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और माँ सीता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोलने वालों का यहाँ सम्मान है, उनके भक्तों की कोई इज्जत नहीं है।
‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: टी राजा सिंह के खिलाफ सड़कों पर उतरे कट्टरपंथी, पुलिस के सामने लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे
तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक टी राजा सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनपर कट्टरपंथियों ने आरोप लगाया है कि उनकी वीडियो में पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया गया।
वीडियो 22 अगस्त की रात मुनव्वर फारूकी के शो के खिलाफ बनाई गई थी। इसी में टी राजा सिंह ने पैगंबर मोहम्मद को और उनके निकाह लेकर विवादित टिप्पणी की। इसे देखने के बाद मुस्लिम भड़क गए और देर रात सड़कों पर कट्टरपंथियों की ऐसी भीड़ देखने को मिली जो ‘खुलेआम सर तन से जुदा’ के नारे लगा रही थी।
एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सैयद कशफ द्वारा इस भीड़ का नेतृत्व किया गया और हैदराबाद कमिश्नर ऑफिस के बाहर ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा-सर तन से जुदा’ के नारे लगते रहे। कशफ को कहते सुना गया, “हैदराबाद को हम लोग कंट्रोल करते हैं।”
आजतक की रिपोर्ट बताती है कि कट्टरपंथियों की यह भीड़ पूरी रात सड़क पर डटी थी और सुबह होने पर इन्होंने नमाज पढ़ी। फिर अपनी माँग करने लगे। वहीं हैदराबाद पुलिस ने इस मामले के संज्ञान में आते ही ये केस दायर किया।
दबीरापुरा थाने में आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 505 (1)(b)(c), 505 (2), 506 के तहत केस को दर्ज हुआ और आज सुबह टी राजा सिंह की गिरफ्तारी हुई।
टी राजा सिंह ने इस बीच ये बयान भी दिया कि उन्होंने अपनी वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। उनकी वीडियो को गलत लिया जा रहा है। इसलिए वह एक और वीडियो साझा करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि हर एक्शन का एक रिएक्शन होता है।
टी राजा सिंह ने हैदराबाद में मुनव्वर फारूकी का शो रद्द करवाने के लिए लगातार बयान दे रहे थे। लेकिन 22 अगस्त को उन्होंने फारूकी की हिंदू विरोधी कॉमेडी पर निशाना साधते हुए एक वीडियो बनाई और जिसमें बात करते करते वह एक बुजुर्ग व्यक्ति की बात बताने लगे। मुस्लिमों ने उसे सीधा पैगंबर मोहम्मद से जोड़ा और सैंकड़ों की तादाद में सड़कों पर आ गए।
ये क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है। मुस्लिम इसे देख भड़क रखे हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जगह से हिरासत में लिया है। सबको बशीर बाग समेत अन्य नजदीकी थानों में रखा गया है। अन्य पार्टियों के नेता कह रहे हैं कि भाजपा नेता ने राज्य की शांति भंग करने का प्रयास किया है। उन्हें विधानसभा से सस्पेंड करने की माँग हो रही है।

उत्तर प्रदेश : महंत बजरंग मुनि को ‘मोहम्मद जुबैर ने पहले बदनाम किया… अब सिर तन से जुदा की धमकी’

                                    महंत बजरंग मुनि (बाएँ) को फोन पर आई सिर तन से जुदा की धमकी
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बड़ी संगत के महंत बजरंग मुनि को फोन पर ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी दी गई है। फोन व्हाट्सएप कॉल के जरिए किया गया था। ट्रू कॉलर पर फोन करने वाले का नाम ‘मौलाना मुश्ताक़ खान’ आ रहा है। धमकी 3 अगस्त 2022 को दी गई है। पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध FIR दर्ज करके आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस को आरोपित की ही तलाश नहीं, बल्कि इसको समर्थन देने वालों पर भी जब तक कानून का हथौड़ा नहीं मारा जाएगा, तब तक इस तरह की 'सर तन से जुदा' जैसी खुनी मानसिकता खत्म नहीं होगी। आखिर कब तक यह खुनी तांडव चलेगा?  

महंत बजरंग मुनि द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, “मेरे द्वारा स्थानीय इलाके में मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं को प्रताड़ित करने के खिलाफ आवाज उठाई जाती रही है। एक साल पहले कुछ मुस्लिमों ने मुझ पर चाकुओं से हमला किया था। इस हमले में जैसे-तैसे मेरी जान बच पाई थी। मेरा इलाज चल रहा है और मैं चल-फिर नहीं सकता। कुछ महीने पहले मोहम्मद जुबैर ने मुझे दुनिया भर में बदनाम किया था और मुझे हेट मोंगर्स कहा था।”

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अपनी शिकायत में महंत बजरंग मुनि ने आगे लिखा, “3 अगस्त 2022 को शाम 4:12 मिनट पर मेरे मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आई। इसमें मुझे धमकी दी गई कि जल्दी ही तुम्हारा सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा। उस कॉल में कॉलर का नाम मौलाना मुश्ताक खान आ रहा है। देश में हो रही सर तन से जुदा सम्बंधी घटनाओं को देखते हुए इस धमकी के बाद मेरी जान को लगातार खतरा बना हुआ है।”

                                                                 कॉलर डिटेल

महंत बजरंग मुनि द्वारा अपनी शिकायत में कॉलर की डिटेल अटैच की गई है। यह धमकी 7297085216 नंबर से आई है। इसकी प्रोफ़ाइल पिक्चर पर हरे रंग में मक्का मदीना की फोटो बनी हुई है। ऑपइंडिया से बात करते हुए महंत ने बताया कि धमकी मिलने के बाद उन्होंने उस नंबर पर लगातार फोन मिलाया, तब वो फोन उठाया नहीं गया और कई बार काट दिया गया।

                                                                    FIR Copy

महंत बजरंग मुनि ने प्रशासन से खुद को कॉल पर धमकी देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। महंत बजरंग मुनि की इस शिकायत पर सीतापुर पुलिस ने अज्ञात आरोपित के विरुद्ध IPC की धारा 507 के तहत FIR दर्ज कर ली है।

सीतापुर पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर को सौंपी गई है। साथ ही उन्हें जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।