हैदराबाद : पुलिस ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाने वाले 90 उपद्रवियों को ओवैसी के दबाव में क्यों छोड़ा? : ‘काट डालो RSS वालों को’ वाला Video

     स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाला कलीमउद्दीन गिरफ्तार, ओवैसी के दबाव में उत्तेजक नारे लगाने वाले छोड़े
भारतीय जनता पार्टी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर हैदराबाद में जगह-जगह उपद्रव जारी है। 24 अगस्त 2022 को एक प्रदर्शन के दौरान कलीमउद्दीन नाम के व्यक्ति ने RSS स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाले नारे लगाए। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। नलगोंडा की पुलिस अधीक्षक (SP) रेमा राजेश्वरी ने कहा कि उस पर आईपीसी की धारा 153, 295 (ए) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 कलीमउद्दीन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहा है, “काट डालो सालों को…” इसके पीछे-पीछे भीड़ कहती है, “RSS वालों को।” इस दौरान नारे लगाते हुए यह भी कहा गया, “बोलो बोलो क्या चाहिए, गुस्ताख-ए-नबी का सिर चाहिए।”

ref_src=twsrc%5Etfw">August 24, 2022

इधर खबर आ रही है कि भड़काऊ नारे लगाने वालों को पुलिस ने छोड़ दिया है। टाइम्स नॉउ ने बताया है कि हैदराबाद पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी के दबाव में 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया है। इन उपद्रवियों को ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने और पत्थरबाजी के बाद हिरासत में लिया गया था। इस हिंसक प्रदर्शन में महिलाएँ और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। इस तरह AIMIM का जेहादी चेहरा सामने आ गया है। ये टीवी पर कुछ बोलते हैं और टीवी से बाहर जेहादी उपद्रवियों को समर्थन, जो हैदराबाद दंगे में उजागर हो गया। ओवैसी और इसकी पार्टी के साथ मोदी और अमित शाह को उसी तरह पेश आना चाहिए जिस तरह तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार पटेल 1947/48 में पेश आये थे। 

रिपोर्ट के मुताबिक AIMIM के नेता साउथ जोन के DCP से मिले थे। इसके बाद 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया गया। ओवैसी ने भी इसकी पुष्टि की है।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

22 अगस्त को टी राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग की चर्चा की थी। कट्टरपंथी इसे ईश निंदा बता रहे हैं। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद हैदराबाद में प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त की सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। उसी दिन इस मामले में कोर्ट ने टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी थी।

बेल मिलने के बाद कट्टरपंथी दोबारा उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं टी राजा सिंह ने कथित विवादित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी। राजा सिंह के वकील को भी यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

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