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नूपुर शर्मा, टी राजा सिंह, सुरेश चव्हाणके समेत 4 की गर्दन काट दो: मौलवी अबू बकर को मिला पाकिस्तान-नेपाल से हुक्म, पैगंबर के अपमान की पिलाई घुट्टी; 'सर तन से जुदा' गैंग के विरुद्ध तैयार हो रही हिन्दू-मुस्लिम महिला फ़ौज

           हिन्दूवादी नेताओं की हत्या की साजिश रचता हमास समर्थक मौलवी अबू बकर (दाएँ) गुजरात में गिरफ्तार
गुजरात पुलिस ने शनिवार (4 मई 2024) को सूरत से एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। मौलवी का नाम सोहेल अबू बकर तिमोल है। 27 वर्षीय मौलवी पर भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा, हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह, सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके और सोशल मीडिया पर सक्रिय उपदेश राणा की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मौलवी इन सभी को ‘गुस्ताख़’ मानता था। इन साजिशों को अंजाम देने के लिए सोहेल नेपाल और पाकिस्तान में बैठे आकाओं के सम्पर्क में था। सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए वह विदेशी सिम भी प्रयोग कर रहा था। फिलहाल उससे पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है।
दंगाग्रस्त क्षेत्रों में पुलिस को ढोल पीटने के लिए डंडे लेकर नहीं भेजे, बल्कि blind firing order देकर भेजे। जिन घरों, मस्जिदों पर पत्थरों का जमावड़ा मिले, उन्हें कम से कम 3 सालों के लिए सील कर दिया जाए। जब तक इन लोगों को मिलने वाली हर सरकारी सुविधा बंद नहीं करेगी, ये कुकुरमुत्ते की तरह निकलते ही जाएंगे। बच्चे से लेकर वृद्ध तक जो पत्थरबाज़ी करते पकड़ा जाए, उन्हें हमेशा के लिए ब्लैकलिस्टेड किया जाये।  

 

मुस्लिम कट्टरपंथी चाहे भारत में हो या भारत से बाहर किसी भी देश में, अगर 'सर तन से जुदा' कर डर बैठाने की जो कोशिश हो रही है, भूल रहे हैं कि सनातन धर्म 4+अरबों साल पुराना धर्म है, जिस दिन इसकी ज्वालामुखी फट गयी, दुनियां की कोई ताकत इन शैतानों को बचा नहीं पाएगी। संयम की भी एक सीमा होती है। विदेशी भीख पर पलने वाले इन भिखारियों को सबक सीखने हिन्दू और मुस्लिम महिलाएं कमर कस रही है। याद रखो जब नारी शक्ति जाग्रत होती है, ब्रह्माण्ड हिल जाता है। सनातन धर्म साक्षी है, कोई इंकार नहीं कर सकता। नवरात्रे इस कारण पूजनीय हैं। महिलाओं में क्रांति की ज्वाला भड़कने लगी है। देखिए वीडियो: 


 

गुजरात पुलिस के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2024 के तहत पुलिस टीमें पूरी तरह से सतर्क थीं। इसी बीच सूरत की क्राइम ब्रांच ने एक मौलवी की संदिग्ध हरकतों पर नजर गड़ाई। मौलवी का नाम मोहम्मद सोहेल है, जिसे कुछ लोग अबू बकर तीमोल भी कहते हैं। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के नंदुरबार का रहने वाला है। फिलहाल वह सूरत के एक मदरसे में हाफ़िज़ है और करजा-अम्बोली गाँव में मुस्लिम छात्रों को ट्यूशन के माध्यम से मज़हबी तालीम देता है। इन सभी के अलावा अबू बकर सूरत के डायमंड नगर की एक धागा फैक्ट्री में मैनेजर के तौर पर भी ड्यूटी करता है।

पुलिस ने मौलवी की जाँच की तो पाया कि वह पिछले डेढ़ साल से पाकिस्तान और नेपाल के हैंडलरों के सम्पर्क में था। नेपाल के हैंडलर का नाम शहजाद बताया जा रहा है। इन सभी से बात करने के लिए मौलवी अबू बकर लाओस देश के एक नंबर का इस्तेमाल करता था। बातचीत के लिए वह व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया हैंडलों का प्रयोग करता था।

आरोप है कि दोनों विदेशी आकाओं ने मौलवी को भारत में हिन्दू संगठनों द्वारा इस्लाम के पैगंबर के अपमान की पट्टी पढ़ाई। मौलवी को उसके आकाओं ने फरमान सुनाया कि वह नबी की शान में गुस्ताखी कर रहे लोगों को ‘सीधा करे’। यहाँ सीधा करने के कोड का अर्थ ‘हत्या करना’ माना जा रहा है।

व्हाट्सएप ग्रुप में इंडोनेशिया से कजाकिस्तान के मेंबर

टारगेट के तौर पर विदेशी आकाओं ने मौलवी अबू बकर को सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके, भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा, सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपदेश राणा और हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह के नाम गिनाए। इन लोगों की हत्या कमलेश तिवारी की तरह गर्दन काट कर करने को कहा गया था। इन हत्याओं की एवज में मौलवी को 1 करोड़ रुपए देने का वादा भी किया गया था। बताया यह भी जा रहा है कि विदेशी आकाओं के कहने पर मौलवी ने अपना एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और उसमें अपनी सोच के लोगों को एड किया।
इस ग्रुप में मौलवी ने हिन्दू धर्म के खिलाफ अभद्र बातें लिखीं और उपदेश राणा की फोटो शेयर करके उनका काम तमाम करने की अपील की। अबू बकर पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज के चित्रों से छेड़छाड़ करने का भी आरोप है। वह 6 दिसंबर को काला दिवस कहता था। अपने ग्रुप में वह हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीरें को आपत्तिजनक तरीके से एडिट करके शेयर कर रहा था। माना यह भी जा रहा है कि उसका सम्पर्क पाकिस्तान और नेपाल के अलावा वियतनाम, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान आदि के नंबरों से भी सामने आया है।
मौलवी अबू बकर विदेशी हैंडलरों के माध्यम से हथियार मँगवाने की भी फिराक में था। हालाँकि आरोपित अपनी साजिश को अंजाम दे पाता, उससे पहले वह सूरत क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। अबू बकर के खिलाफ सूरत के डी.सी.बी. पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 153(ए), 467, 468, 471, 120(बी) के साथ आईटी एक्ट की धारा धारा 66(डी), 67, 67(ए) के तहत कार्रवाई की गई है। सूरत क्राइम ब्राँच मामले की जाँच कर रही है। माना जा रहा है कि आगे की पूछताछ में अबू बकर कुछ और खुलासे कर सकता है।

ओवैसी का फॉलोवर, सलमान का फैन और हमास का प्रेमी

ऑपइंडिया ने मौलवी अबू बकर और उसके हैंडलरों की पड़ताल की। गिरफ्तार मौलवी ने अपने व्हाट्सएप पर हमास के आतंकियों की प्रोफ़ाइल फोटो लगा रखी है। इन तस्वीरों में कई नकाबपोश आतंकी घातक हथियारों के आगे खड़े होकर सजदा कर रहे हैं। टूटी-फूटी अंग्रेजी में मौलवी अबू बकर ने अपने ट्रू कॉलर पर परिचय के तौर पर ओवैसी का फॉलोवर लिख रखा है।
                                    मौलवी की ट्रू कॉलर और व्हाट्सएप प्रोफ़ाइल फोटो
वहीं नेपाल में बैठा मौलवी का हैंडलर शहजाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का फैन है। उसने अपने व्हाट्सएप DP पर सलमान खान और ऐश्वर्या राय की प्रोफ़ाइल लगा रखी है।
                                          मौलवी के नेपाली आका के व्हाट्सएप का प्रोफ़ाइल फोटो

साजिश रचने में ऐप का इस्तेमाल

मौलवी द्वारा अपडेट किए जा रहे व्हाट्सएप ग्रुप की पड़ताल में भी पुलिस जुटी है। सूरत के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि 27 वर्षीय मौलवी को सूरत के चौक बाजार इलाके से पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि मौलवी का मोबाइल चेक करके प्रथम दृष्टया ही पता चल गया था कि वह चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित है।
सूरत में ही रहने वाले उपदेश राणा को पिछले महीने मिली जान से मारने की धमकी में भी मौलवी अबू बकर का ही हाथ बताया जा रहा है। आरोपित कुछ ऐसे ऐप भी प्रयोग कर रहे थे, जिनको आसानी से ट्रेस नहीं किया जा सकता है। ये सभी अपने टारगेट की तस्वीरें और वीडियो अपने ग्रुप में डालते थे और उसकी हत्या की सामूहिक साजिश रचने में जुट जाते थे।

तेलंगाना : राहुल गाँधी जिसे बताते हैं ‘मोदी का यार’, उस ओवैसी के खिलाफ कैंडिडेट नहीं देगी कांग्रेस

लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस पार्टी हैदराबाद में अपना उम्मीदवार नहीं देगी। यह बात तेलंगाना कांग्रेस के महासचिव ने कही है। उन्होंने कहा है कि वोटों का बँटवारा रोकने के लिए कांग्रेस पार्टी एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी का समर्थन करेगी।

कांग्रेस के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस सत्ता हथियाने के सनातन को गालियां देने वालों के तलवे तक चाट सकती है। कुछ समय पूर्व संपन्न हुए तेलंगाना विधान सभा चुनावों में एक बात सामने आयी कि बीजेपी को कांग्रेस और AIMIM का सूपड़ा साफ करने के लिए तेलंगाना को योगी आदित्यनाथ और टी राजा सिंह जैसे दबंग हिन्दू नेताओं की जरुरत है। अकबरुद्दीन ओवैसी द्वारा अपने अपने मुस्लिम बहुल क्षेत्र में हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करने पर ईंट का जवाब पत्थर देने पर 'सर तन से जुदा' गैंग के सक्रीय होने पर अगर बीजेपी सिंह के पीछे खड़ी होती तेलंगाना में कांग्रेस सरकार नहीं बनती। ओवैसी जो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में मुस्लिम हितों की बात करता है, लेकिन मुस्लिम क्षेत्र से बाहर दलित आदि कार्ड खेलकर हिन्दुओं को विभाजित करने की बात करता है। ये तो मीडिया अपनी TRP के चक्कर में डिबेट्स में उस AIMIM को बुलाते हैं, जिसमे तेलंगाना में अपने उम्मीदवार उतारने की हिम्मत नहीं। यानि क्षेत्रीय पार्टी भी नहीं। तेलंगाना में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद सबसे ज्यादा दबदबा टी राजा सिंह है। 

कांग्रेस नेता फिरोज खान ने यह बात ऐसे समय में कही है, जब इस बार हैदराबाद लोकसभा सीट से AIMIM के मुखिया की राह मुश्किल बताई जा रही है। बीजेपी ने यहाँ से माधवी लता को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें उनके समर्थक ‘हिंदू शेरनी’ कहते हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि आज ओवैसी के खिलाफ कैंडिडेट नहीं देने की बात करने वाली कांग्रेस उन्हें ‘बीजेपी का बी-टीम’ बताती रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ओवैसी को ‘मोदी का यार’ कहते रहे हैं।

कांग्रेस ने किया ओवैसी को समर्थन देने का ऐलान

टाइम्स नाउ से बातचीत में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और हैदाराबाद लोकसभा सीट से साल 2019 में लोकसभा चुनाव हार चुके कांग्रेस नेता मोहम्मद फिरोज खान ने इस बात का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “हैदराबाद में दो लोकसभा सीटें हैं, सिकंदराबाद और हैदराबाद लोकसभा। मेरा निर्वाचन क्षेत्र सिकंदराबाद में है, हैदराबाद में नहीं। हैदराबाद में ओवैसी जीतेंगे, क्योंकि AIMIM और कांग्रेस पार्टी के बीच ‘कॉम्प्रोमाइज’ हो गया है, असदुद्दीन निश्चित तौर पर हैदराबाद जीतेंगे।” बता दें कि तेलंगाना में कांग्रेस ने 17 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, लेकिन हैदराबाद सीट को लेकर चुप्पी साध रखी है।

बीजेपी प्रत्याशी माधवी लता की प्रतिक्रिया

कांग्रेस द्वारा असदुद्दीन ओवैसी को समर्थन देने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए हैदराबाद से बीजेपी उम्मीदवार कोम्पेला माधवी लता ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “कांग्रेस AIMIM के साथ गठबंधन, लेकिन दावा यह कि वो बीजेपी की बी टीम है। सीपीआई बंगाल में INDI गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन केरल में नहीं। AAP दिल्ली में गठबंधन है, लेकिन पंजाब में नहीं। कांग्रेस के साथ समस्या यह है कि उसे यह स्पष्ट नहीं है कि क्या करना है। कांग्रेस मुक्त भारत = प्रगति युक्त भारत।”

कांग्रेस के तहसीन पूनावाला ने जताई नाराजगी

हैदराबाद लोकसभा सीट पर असदुद्दीन ओवैसी को समर्थन देने पर कांग्रेस के भीतर ही नाराजगी दिख रही है। महत्वपूर्ण मुद्दों पर कई बार पार्टी से अलग लाइन लेने वाले राजनीतिक विश्लेषक एवं कांग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अभी तक कांग्रेस पार्टी की तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आया है कि वो जनाब असदुद्दीन ओवैसी को हैदराबाद लोकसभा सीट पर ‘फ्री रन’ देगी। हालाँकि कांग्रेस अगर ओवैसी साहब के खिलाफ उम्मीदवार न उतारने का फैसला लेती है, तो ये अपराध करने जैसा होगा। ऐसा करना कांग्रेस के लिए बड़ी भूल साबित होगी, जो अंतत: कांग्रेस की ताकत खत्म कर देगी।”
उन्होंने आगे लिखा, “असदुद्दीन ओवैसी पर कभी विश्वास नहीं किया जा सकता। उनका मिशन है कांग्रेस को बर्बाद करना। उन्होंने हमेशा राहुल गाँधी जी का मजाक उड़ाया है और बेईज्जती की है। अगर कांग्रेस पार्टी ओवैसी को समर्थन देती है, तो मैं इसके बिल्कुल खिलाफ हूँ। अगर कांग्रेस पार्टी नफरत के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है, तो फिर लड़ाई लड़कर ही अंतर पैदा किया जा सकता है। असदुद्दीन ओवैसी और उनकी जहरीली राजनीति वापस लोकसभा में नहीं पहुँचनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी की असदुद्दीन ओवैसी जैसे सांसद को हराना एक जिम्मेदारी भी है।”

राहुल ने ओवैसी को कहा था ‘मोदी का यार’

कुछ माह पहले ही हुए तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी। उस चुनाव के दौरान राहुल गाँधी ने असदुद्दीन ओवैसी और तेलंगाना के तत्कालीन मुख्यमंत्री केसीआर को पीएम मोदी का यार कहा था। तेलंगाना में केसीआर की बीआरएस और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM का गठबंधन है।
हैदराबाद सीट पर असदुद्दीन ओवैसी का सीधा मुकाबला बीजेपी की प्रत्याशी माधवी लता से है। हैदराबाद की हिंदू शेरनी कही जाने वाली माधवी लता पहली बार चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में ये बात उठ रही है कि वो असदुद्दीन ओवैसी पर सीधे मुकाबले में भारी पड़ रही हैं। माधवी लता हैदराबाद की जानी-मानी समाज सेविका हैं और उनके नाम की अब पूरे देश में चर्चा हो रही है। बहरहाल, तेलंगाना कांग्रेस ने ओवैसी के समर्थन की जो घोषणा की है, उस पर अभी कांग्रेस के हाई कमान की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। हैदराबाद लोकसभा सीट पर कांग्रेस अगर ओवैसी को समर्थन देती है, तो इसका असर पूरे देश की राजनीति पर देखने को मिल सकता है।

तेलंगाना : ’15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो’ वाले अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने नहीं लूँगा शपथ, वो रजाकारों का वंशज: भाजपा विधायक टी राजा सिंह


हाल ही में संपन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में चुनकर आए विधायकों को शपथ दिलाने के लिए AIMIM के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर बनाने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने कहा है कि वह प्रोटेम स्पीकर बनाए गए अकबरुद्दीन ओवैसी के हाथों कभी भी विधायक पद की शपथ नहीं लेंगे।

टी राजा सिंह ने कहा है कि ओवैसी कासिम रिजवी के वंशज हैं, जो हैदराबाद के निजाम की रजाकार सेना के मुखिया थे। इन रजाकारों ने तेलंगाना के लोगों का नरसंहार किया था। ऐसे में वह अकबरुद्दीन के स्पीकर की कुर्सी पर रहते शपथ नहीं ले सकते। गौरतलब है कि नई विधानसभा या नई संसद के चुने जाने पर किसी वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम यानी अस्थाई स्पीकर बनाया जाता है, जो सभी विधायकों या फिर सांसदों को उनके पद की शपथ दिलाता है।

प्रोटेम स्पीकर स्थायी स्पीकर के चुने जाने तक काम करता है। अकबरुद्दीन ओवैसी हैदराबाद की चंद्रायानगुट्टा सीट से विधायक चुनकर आए हैं। जबकि टी राजा सिंह हैदराबाद की ही गोशामहल सीट से पुनः विधायक चुने गए हैं।

टी राजा सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाली नई नवेली कॉन्ग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस का कहना था कि भाजपा और भारत राष्ट्र समिति आपस में मिले हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब साफ-साफ दिख रहा है कि कौन किससे मिला हुआ है और कौन नहीं।

टी राजा सिंह तेलंगाना में भाजपा के फायर ब्रांड नेता हैं, जो अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में बने रहते हैं। जबकि अकबरुद्दीन ओवैसी सांसद असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं और उन्हें विवादित बयान देने के चक्कर में जेल की हवा भी खानी पड़ चुकी है।

भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने कहा है कि वह इस सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे और अकबरुद्दीन ओवैसी के सामने कभी भी शपथ नहीं लेंगे। वह अगले दिन स्पीकर के चेंबर में जाकर शपथ ले लेंगे। विधायक टी राजा सिंह का कहना है कि वह ऐसे व्यक्ति के सामने शपथ कैसे ले सकते हैं, जिसने यह कहा था कि यदि 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दी जाए तो हिंदुओं का खात्मा कर दिया जाएगा।

वर्ष 2012 में अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक विवादित बयान दिया था कि मुसलमान 25 करोड़ हैं और हिंदू 100 करोड़ लेकिन अगर 15 मिनट के लिए देश में पुलिस हटा दी जाए तो बता दिया जाएगा कि कौन कितना ताकतवर है।

राजा सिंह का कहना है कि वह भाजपा के विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे और इस पर बात करेंगे कि अन्य नए चुने हुए विधायक उनकी बात से सहमत हैं या नहीं। भाजपा ने हाल ही में संपन्न हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव में आठ सीटें जीती हैं, जो अब तक उसका राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इससे पहले वर्ष 2018 के चुनाव में केवल राजा सिंह ही भाजपा से जीत पाए थे। इससे पहले शुक्रवार (8 दिसम्बर 2023) को तेलंगाना की गवर्नर सौन्दरराजन ने अकबरुद्दीन ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर बनाने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था क्योंकि वह तेलंगाना विधानसभा में सबसे वरिष्ठ विधायक हैं।

अकबरुदीन ओवैसी चन्द्रयानगुट्टा से छठी बार विधायक चुने गए हैं। वह शनिवार (09 दिसम्बर 2023) तक के लिए ही स्पीकर रहेंगे और इस दौरान नया स्थायी स्पीकर चुन लिया जाएगा।

राजस्थान विधानसभा चुनाव: बदला राज, नहीं बदला रिवाज; लेकिन तेलंगाना में बीजेपी ने झंडा बुलंद किया

राजस्थान में विधानसभा चुनावों के नतीजों से साफ हो गया है कि राज्य में बीजेपी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। राज्य में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार की हार के के साथ ही राजस्थान में कई वर्षों से हर बार सरकार बदलने का रिवाज कायम रहा है। कांग्रेसी शासन से परेशान मतदाताओं ने राज्य में राज बदलकर पार्टी को सबक सिखाने का भी काम किया है।

राजस्थान में पिछले कई वर्षो से एक बार बीजेपी तो एक बार कांग्रेस का राज आने का रिवाज बना हुआ है। यानी राजस्थान में जनता एक बार कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका देती है तो दूसरी बार बीजेपी को यह अवसर मिल जाता है। कांग्रेसी शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध, पेपर लीक और तुष्टिकरण की राजनीति से त्रस्त राज्य की जनता ने बीजेपी की सबका साथ-सबका विकास वाली राजनीति पर विश्वास करते हुए रिवाज का कायम रखा है। इसलिए बीजेपी को ज्यादा खुश होने की जरुरत भी नहीं। लेकिन इन विधान सभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की झाड़ू कहां उड़ गयी कुछ नहीं पता? सब जगह खूब दिल्ली की तरह मुफ्त की रेवड़ियां भी देने का वायदा किया था, कोई दिल्ली वालों की तरह झांसे में नहीं आया। 

कांग्रेस ने राजस्थान में राज बचाने के लिए अपनी पूरी तात झोंक दी थी। पार्टी के सभी बड़े नेता जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे रहे। मतदाताओं को फ्री रेवड़ी से लुभाने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हर चुनावी सभा में कह रहे थे कि फिर से वापस आ रहा हूं। लेकिन पांच साल तक उनके प्रदर्शन को देख लोगों ने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया और राज बदल दिया।

राजस्थान में 25 नवंबर को राज्य की 200 में से 199 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के बाद 3 दिसंबर को हुई मतगणना में सुबह से ही रुझान बीजेपी के पक्ष में दिखने लगे। बीजेपी ने जल्दी ही 115 से ज्यादा सीटों पर अपनी बढ़त बना ली। रुझानों में बहुमत मिलते दिख बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। पार्टी कार्यालय के सामने कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों की ताल पर नाचते दिख रहे हैं।

राजस्थान में राज बदलकर सरकार बनाने जा रही बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साथा है। बीजेपी ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर एक लिखा है कि राजस्थान की जनता के गुस्से की आंधी में उड़ी कांग्रेस सरकार।

बीजेपी नेता जयवीर शेरगिल ने कहा कि बीजेपी इस विधानसभा चुनाव में 3-0 से जीत रही है। बीजेपी का विजय रथ मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जरूर आएगा। इस बार नहीं तो तेलंगाना में, भाजपा अगली बार राज्य में अपना झंडा बुलंद करेगी। 

भाजपा का टी राजा सिंह को निष्कासित करना बहुत बड़ी भूल थी। जिसका नुकसान बीजेपी को उठाना पड़ा। यदि भाजपा ने राजा को ओवैसी के षड़यंत्र में फंस पार्टी से निकालने की बजाये उसके समर्थन में खड़ी होती, निश्चित रूप अगर सत्ता में नहीं आती तो शक्तिशाली विपक्ष बनकर उभरती। जिसमें ओवैसी सफल हो गया। ओवैसी को उसके गढ़ तक समेटे रखने में राजा की भूमिका को नाकारा नहीं जा सकता।   

हैदराबाद : ‘ओवैसी भाइयों का जीजा है टी राजा सिंह, उसका नाम सुन इनका पेशाब निकलता है’: हैदराबाद के बुजुर्ग ने AIMIM नेता की टोपी उछाली

टाइगर राजा सिंह (बाएँ) और ओवैसी बंधु (साभार: TOI/Pinterst)
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) की जमीन हैदराबाद में खिसकती दिख रही है। मुस्लिमों का ही एक बड़ा वर्ग ओवैसी बंधुओं (अकबरुद्दीन ओवैसी और असदुद्दीन ओवैसी) की खिलाफत कर रहा है। उन पर भाजपा विधायक टाइगर राजा सिंह से खौफ खाने और मुस्लिमों से धोखे का आरोप लगा रहा है।

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बुजुर्ग कह रहे हैं कि टी राजा सिंह ओवैसी भाइयों का जीजा है। उनका नाम सुनकर दोनों भाइयों की पेशाब निकल जाती है। यह वीडियो फेसबुक पर ट्रुथ ऑफ़ मिरर(Truth Of Mirror) नाम के चैनल ने अपलोड किया है। इसे अब तक 1 लाख से अधिक लोग बार देखा जा चुका है।

 इस वीडयो में टोपी पहने हुए बुजुर्ग कहते हैं, “मामू (मुख्यमंत्री केसीआर) भी चोर है, भांजा (ओवैसी) भी चोर है। नकटा मामू, चपटा भांजा है ये। ये लोग मोदी के चरण छूते हैं।” वे ओवैसी पर 1 लाख बोगस वोटर बनवाने का आरोप भी लगाते हैं।

आगे बुजुर्ग कहते हैं, “हैदराबाद का सबसे बड़ा गुंडा, गुंडों का चेयरमैन ओवैसी है। हैदराबाद में जितने भी मर्डर होते हैं, उनके मर्डरर जाकर ओवैसी का हाथ चूमते हैं। उनके खिलाफ कोई कुछ बोलता है तो उसके गुंडे घरों पर आ जाते हैं।”

तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन पर इस बुजुर्ग का कहना है, “कांग्रेस की अम्मा सोनिया गाँधी है, वो (असदुद्दीन ओवैसी) अम्मा का दूध पीते हुए UPA-1, UPA-2 में था, राजशेखर रेड्डी (आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री) की धोती कौन धोता था, किरण कुमार कांग्रेस का सीएम, उसकी धोती कौन धोता था, असदुद्दीन ओवैसी।”

हैदराबाद की गोशामहल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक टाइगर राजा सिंह पर बोलते हुए इस व्यक्ति ने कहा, “असदुद्दीन के क्षेत्र में एक हल्का है गोशामहल। उसके अन्दर बीजेपी का एक MLA है राजा सिंह। वो इनसे बोलता पान खाकर, मैं तेरे घर को आता हूँ। लड़ता नहीं उसके खिलाफ। उसके खिलाफ उम्मीदवार नहीं खड़ा करता। राजा सिंह का नाम सुन असदुद्दीन का पेशाब निकल जाता है। असदुद्दीन और राजा सिंह मिले हैं। दोनों साले-बहनोई हैं। राजा सिंह कहता है, मैं तुम्हारा जीजा हूँ, तुम दोनों भाई मेरे साले।”

इस व्यक्ति ने केसीआर और ओवैसी पर मुस्लिमों पर धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ ओवैसी अनुच्छेद 370 हटाने और UAPA जैसे कानूनों का विरोध करते हैं, वहीं केसीआर की भारत राष्ट्र समिति उनका समर्थन करती है। उन्होंने केसीआर पर अपनी बेटी के कविता को ED से बचाने के लिए भाजपा से समझौते का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि केसीआर ने अपनी बेटी को शराब घोटाला में ED से बचाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से समझौता कर लिया। भाजपा और BRS यहाँ मिल कर चुनाव लड़ रही है और ओवैसी भी इसी में साथ हैं।

तेलंगाना में 30 नबम्बर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। कई मुस्लिम समूहों ने इस बार कॉन्ग्रेस को समर्थन दिया है। ओवैसी बंधु केसीआर की पार्टी BRS के साथ गठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ रहे हैं।


तेलंगाना : ‘T राजा सिंह का मर्डर कर दूँगी’: असदुद्दीन ओवैसी के सामने मुस्लिम महिला ने BJP विधायक को धमकी

                             असदुद्दीन ओवैसी के सामने महिला ने की T राजा सिंह की हत्या की बात
तेलंगाना में 30 नवंबर, 2023 को विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सत्ताधारी BRS, हैदराबाद में प्रभाव रखने वाली BRS, विपक्षी कॉन्ग्रेस और उभरती हुई भाजपा – सब मैदान में डटे हुए हैं। चुनाव से ऐन पहले भाजपा ने अपने विधायक T राजा सिंह का निलंबन वापस लेकर उन्हें हैदराबाद के गोशमहल से प्रत्याशी बनाया। वहीं असदुद्दीन ओवैसी अपना हैदराबाद का गढ़ मचाने में लगे हैं। वहाँ उनके 7 विधायक हैं। साथ ही वहाँ की नगरपालिका पर भी उनकी ही पार्टी का कब्ज़ा है।

असदुद्दीन ओवैसी के भाई विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी हिन्दुओं के खिलाफ घृणात्मक बयान देने के कारण चर्चा में रहे हैं। उन्होंने हिन्दुओं को धमकाते हुए 15 मिनट के लिए पुलिस हटाने की धमकी दी थी। वहीं अब असदुद्दीन ओवैसी का एक नया वीडियो सामने आया है। चुनाव प्रचार के दौरान के इस वीडियो में एक महिला विधायक टी राजा सिंह की हत्या की बात कह रही है। महिला ओवैसी को देख कर बार-बार कहती है, “शेर माँ का बच्चा है ये।”

इसके बाद वो कहती है, “दुश्मनों को खत्म करो। मुसलमानों की दुआ है बेटा आपलोगों को। सारी दुनिया आपलोगों के पीछे है। उस मजलूम कमीने, राजा सिंह के मोहल्ले से मुझे खड़ा करो। मैं उसका मर्डर कर दूँगी।” असल में असदुद्दीन ओवैसी उस महिला के घर पर वोट माँगने पहुँचे थे। खास बात ये है कि इस वीडियो में हत्या की धमकी वाले बयान पर उस महिला को ओवैसी टोकते भी नहीं हैं। महिला उनके कामयाब होने की दुआ भी देती है।

उधर राजा सिंह भी गोशमहल से बतौर विधायक हैट्रिक लगाने के लिए तैयार हैं। उनके खिलाफ BRS ने नंदकिशोर व्यास को उतारा है। राजा सिंह ने तेलंगाना में भाजपा सरकार बनने की बात भी कही है। उन्होंने ओवैसी भाइयों पर केवल अपनी संपत्ति बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इनके कारण पुराने हैदराबाद शहर के मुस्लिम पिछड़े ही रह गए। उन्होंने कहा कि ओवैसी मुस्लिमों के वोट बीआरएस को बेचते हैं। राजा सिंह ने कॉन्ग्रेस पर भी निशाना साधा।

तेलंगाना : केसीआर को बुलेटप्रूफ गाड़ी लौटा, बाइक से चल रहे राजा सिंह, कहा – कुछ हुआ तो तेलंगाना सरकार जिम्मेदार

हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा के निलंबित विधायक टी राजा सिंह ने राज्य सरकार पर अपनी सुरक्षा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई बुलेटप्रूफ गाडी को भी वापस कर दिया है और बाइक से चलना शुरू कर दिए हैं। राजा सिंह के अनुसार उन्हें जानबूझ कर बिगड़ी और खराब गाड़ी दी गई है जो उनके लिए सुरक्षा से ज्यादा असुरक्षा की वजह बन रही है। गाड़ी को सीधे मुख्यमंत्री को वापस देने के दौरान राजा सिंह को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था और बाद में छोड़ दिया। यह घटना 10 फरवरी, 2023 की है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए गोशमहल विधानसभा से लगातार दूसरी बार से विधायक राजा सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से उनको आतंकियों और देशविरोधी ताकतों से खतरा है। इसी खतरे को देखते हुए उनको राज्य सरकार ने बुलेटप्रूफ कार उपलब्ध करवाई थी। राजा सिंह का आरोप है कि लगभग 3 साल पहले मिली ये बुलेटप्रूफ कार कम से कम 6 बार खराब हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कभी बीच रास्ते में ये रुक गई तो कभी इसका इंजन गर्म हो गया।

राजा सिंह ने आगे बताया कि उन्हें इस बात का भी शक होने लगा था कि सरकार ने उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी सुरक्षा के लिए दी थी या किसी साजिश के चलते। उनका दावा है कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन से कई बार गाड़ी को बदलने की माँग की, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया था। घटना के दिन का जिक्र करते हुए गोशमहल विधायक ने बताया कि अंतिम बार तो गाड़ी स्पीड में थी और उसका पहिया ही निकल कर बाहर हो गया जिस से उनका एक्सीडेंट होते-होते बचा। इस बार राजा सिंह ने अधिकारियों से नाराजगी जताई तो उन्हें किसी ने वही गाडी दिए रहने का सीधे मुख्यमंत्री के सी आर  का दबाव बताया।

बकौल राजा सिंह उन्होंने तय किया कि अगर खराब गाड़ी सीधे मुख्यमंत्री तेलंगाना के आदेश पर मिली है तो वो उन्ही को उसे लौटाएँगे भी। 10 फरवरी को राजा सिंह वही खराब गाडी ले कर मुख्यमंत्री के आवास पर पहुँच गए। यहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने राजा सिंह को रोका और इसी बात पर वहाँ बहस होने लगी। राजा सिंह वह बुलेटप्रूफ गाडी वहीं छोड़ दिए। इस दौरान पुलिस ने राजा सिंह को हिरासत में लिया और उन्हें मुख्यमंत्री आवास से ले कर विधानसभा में छोड़ कर चली गई।

राजा सिंह ने अपने फोटो और वीडियो भेज कर हमें आगे बताया कि अब वो बुलेट बाइक से चल रहे हैं। इस दौरान उनका कहना था कि अगर भविष्य में उनकी सुरक्षा के साथ कोई समस्या आती है तो उसका जिम्मेदार तेलंगाना की वर्तमान सरकार को माना जाए।

हैदराबाद : पुलिस ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाने वाले 90 उपद्रवियों को ओवैसी के दबाव में क्यों छोड़ा? : ‘काट डालो RSS वालों को’ वाला Video

     स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाला कलीमउद्दीन गिरफ्तार, ओवैसी के दबाव में उत्तेजक नारे लगाने वाले छोड़े
भारतीय जनता पार्टी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर हैदराबाद में जगह-जगह उपद्रव जारी है। 24 अगस्त 2022 को एक प्रदर्शन के दौरान कलीमउद्दीन नाम के व्यक्ति ने RSS स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाले नारे लगाए। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। नलगोंडा की पुलिस अधीक्षक (SP) रेमा राजेश्वरी ने कहा कि उस पर आईपीसी की धारा 153, 295 (ए) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 कलीमउद्दीन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहा है, “काट डालो सालों को…” इसके पीछे-पीछे भीड़ कहती है, “RSS वालों को।” इस दौरान नारे लगाते हुए यह भी कहा गया, “बोलो बोलो क्या चाहिए, गुस्ताख-ए-नबी का सिर चाहिए।”

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इधर खबर आ रही है कि भड़काऊ नारे लगाने वालों को पुलिस ने छोड़ दिया है। टाइम्स नॉउ ने बताया है कि हैदराबाद पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी के दबाव में 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया है। इन उपद्रवियों को ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने और पत्थरबाजी के बाद हिरासत में लिया गया था। इस हिंसक प्रदर्शन में महिलाएँ और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। इस तरह AIMIM का जेहादी चेहरा सामने आ गया है। ये टीवी पर कुछ बोलते हैं और टीवी से बाहर जेहादी उपद्रवियों को समर्थन, जो हैदराबाद दंगे में उजागर हो गया। ओवैसी और इसकी पार्टी के साथ मोदी और अमित शाह को उसी तरह पेश आना चाहिए जिस तरह तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार पटेल 1947/48 में पेश आये थे। 

रिपोर्ट के मुताबिक AIMIM के नेता साउथ जोन के DCP से मिले थे। इसके बाद 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया गया। ओवैसी ने भी इसकी पुष्टि की है।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

22 अगस्त को टी राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग की चर्चा की थी। कट्टरपंथी इसे ईश निंदा बता रहे हैं। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद हैदराबाद में प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त की सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। उसी दिन इस मामले में कोर्ट ने टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी थी।

बेल मिलने के बाद कट्टरपंथी दोबारा उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं टी राजा सिंह ने कथित विवादित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी। राजा सिंह के वकील को भी यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

हैदराबाद : टी राजा सिंह को बेल मिलते ही कट्टरपंथी भड़के, 4 पुलिसकर्मी घायल, उत्तेजक नारेबाजों पर कार्यवाही कब?

                                                                             साभार: वायरल वीडियोज के स्क्रीनशॉट)
हैदराबाद में भाजपा के निलंबित विधायक टी राजा सिंह को बेल मिलने से कट्टरपंथी भड़क गए हैं। उन्होंने इसके विरोध में पूरी रात प्रदर्शन किया। हर जगह ‘सर तन से जुदा’ के नारे गूँजते रहे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन खबर है कि इन सबके बीच में सब इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

नूपुर शर्मा के बाद टी राजा सिंह को पार्टी से निकाले जाने पर भाजपा समर्थकों में यह बात घर करने लगी है कि "क्या भाजपा तुष्टिकरण में अपने विरोधियों को मात देने जा रही है?" नूपुर से लेकर अब राजा सिंह तक जिन पार्टियों के नेताओं ने भड़काऊ बयानबाजी की, उन पर कार्यवाही करने से कौन-सा डर सता रहा है? ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर क्यों नहीं की जा रही कार्यवाही? 'सिर तन से जुदा' नारेबाजों पर क्यों नहीं की जा रही कार्यवाही? अगर भाजपा ने भी वही तुष्टिकरण करना है, फिर भाजपा को वोट क्यों? कहते हैं न चाकू खरबूजे पर गिरे या खरबूजा चाकू पर कटना खरबूजे को ही है। कट्टरपंथी इस तरह के नारों से कौन-से सौहार्द का परिचय दे रहे हैं? क्या यह आतंकवाद का नया रूप नहीं?

टी राजा सिंह के वकील ने बेल याचिका में दलील दी थी कि विधायक को सीआरपीसी की धारा 41 (ए) के तहत कोई नोटिस नहीं दिया गया। कोर्ट ने वकील की यह दलील मानी और टी राजा सिंह को बेल दे दी। इसके बाद राज्य भर में प्रदर्शन चालू हो गए। भीड़ और नारेबाजी इतनी बढ़ गई कि पुलिस को लाठी चार्ज करके, आँसू गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।

खबरों के अनुसार अंबरपेट, तल्लबकट्‌टा, मोगलपुरा, खिलवत, बहादुरपुरा और चंचलगुडा में राजा सिंह के विरोध में प्रदर्शन हुए हैं। वहीं बरकस से चंद्रयानगुट्टा तक सैंकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया।

हैदराबाद के शालीबांदा में तो पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प की घटना घटी। पुलिस वैन में भी कथिततौर पर प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा बाजारों से दुकानें जबरन बंद कराने की, राजा सिंह के पोस्टर्स पर चप्पल मारने की, उनका पुतला जलाने की घटना भी प्रकाश में आई है।

हैदराबाद में टी राजा सिंह के बयान के बाद बवाल

सोमवार को राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग पर बात की थी, जिस पर मुस्लिमों ने कहा कि वो पैगंबर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी है। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद शहर भर में प्रदर्शन हुए। मंगलवार सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार किया। दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड किया और फिर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा।
                                                                    भाजपा ने टी राजा सिंह को निलंबित किया।
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इस बीच मुस्लिम संगठन जहाँ टी राजा सिंह की टिप्पणी को शर्मनाक, हैरान करने, दंगे भड़काने वाला बताते रहे। वहीं टी राजा के समर्थकों ने उनकी रिहाई की माँग की। देर रात कोर्ट ने उनकी बेल याचिका मंजूर की। लेकिन इसके बाद फिर शहर का माहौल बिगड़ गया। कट्टरपंथी भारी तादाद में सड़क पर आ गए। अब राज्य में तनाव की स्थिति बनी हुई है। लगातार निलंबित भाजपा विधायक पर कार्रवाई की माँग हो रही है। सर तन से जुदा के नारे लग रहे हैं।

तेलंगाना : ‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: भाजपा MLA के लिए लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे ; राम भक्तों की सुनवाई क्यों नहीं होती

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष बंदी संजय कुमार गिरफ्तार (बाएँ), विधायक टी राजा सिंह (दाएँ) ने हिन्दुओं के लिए उठाई आवाज़
तेलंगाना पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उधर विधायक टी राजा सिंह ने पूछा है कि राम भक्तों की कोई सुनवाई क्यों नहीं है? 23 अगस्त, 2022 को भाजपा तेलंगाना में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है और पार्टी के कार्यकर्ता जगह-जगह सड़कों पर उतरे हुए हैं। सत्ताधारी TRS की विधान पार्षद कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद स्थित आवास के बाहर से भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिसका पार्टी विरोध कर रही है।

असल में ये मामला दिल्ली में शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसमें आम आदमी पार्टी नेता और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम सामने आया है। उनके कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी भी हुई है। इसी घोटाले में TRS महिला नेता कविता का नाम भी जुड़ा है। 2014-19 के बीच वो निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुकी हैं। बंदी संजय कुमार जब गिरफ्तार किए गए, तब वो जगाँव में एक धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी रोक कर इस गिरफ़्तारी का विरोध किया।

इसके बाद तेलंगाना पुलिस हिंसक हो उठी और भाजपा कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया। पुलिस की लाठीचार्ज में कई भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए हैं। इससे एक दिन पहले कलवाकुन्तल कविता के हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। वो राज्य के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी भी हैं। प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को न सिर्फ TRS कार्यकर्ताओं ने खदेड़ा, बल्कि पुलिस ने भी उन्हें पीटा और गिरफ्तार किया।

विधायक T राजा सिंह ने हिन्दू देवी-देवताओं को निशाना बनाए जाने को लेकर उठाया सवाल

उधर भाजपा विधायक टी राजा सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा है कि जब हिन्दू देवी-देवताओं को लेकर चुटकुले सुनाए जाते हैं और उन्हें निशाना बनाया जाता है, तब ऐसी कोई FIR नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज उनके खिलाफ राज्य में जगह-जगह FIR किए जा रहे हैं, लेकिन क्या हमारे राम, भगवान नहीं हैं? क्या हमारी सीता माँ नहीं है? बता दें कि मुस्लिम भीड़ उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर रही है। उनके खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगे।
उन्होंने कहा, “आज तेलंगाना में भगवान राम और माँ सीता के भक्त पूछ रहे हैं कि हमारे देवी-देवताओं पर बदजुबानी करने वालों को पुलिस की सुरक्षा क्यों मिलती है? उसे ऐसी सुरक्षा दी जाती है, जैसी देश के प्रधानमंत्री को भी न मिले। आप जनता को किस तरह का सन्देश देना चाहते हैं?” उनका इशारा मुनव्वर फारूकी की तरफ था। पुलिस की भारी तैनाती के बीच उसका कॉमेडी शो कराया गया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और माँ सीता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोलने वालों का यहाँ सम्मान है, उनके भक्तों की कोई इज्जत नहीं है।
‘हैदराबाद में चलेगा हमारा राज’: टी राजा सिंह के खिलाफ सड़कों पर उतरे कट्टरपंथी, पुलिस के सामने लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे
तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक टी राजा सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उनपर कट्टरपंथियों ने आरोप लगाया है कि उनकी वीडियो में पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया गया।
वीडियो 22 अगस्त की रात मुनव्वर फारूकी के शो के खिलाफ बनाई गई थी। इसी में टी राजा सिंह ने पैगंबर मोहम्मद को और उनके निकाह लेकर विवादित टिप्पणी की। इसे देखने के बाद मुस्लिम भड़क गए और देर रात सड़कों पर कट्टरपंथियों की ऐसी भीड़ देखने को मिली जो ‘खुलेआम सर तन से जुदा’ के नारे लगा रही थी।
एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सैयद कशफ द्वारा इस भीड़ का नेतृत्व किया गया और हैदराबाद कमिश्नर ऑफिस के बाहर ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा-सर तन से जुदा’ के नारे लगते रहे। कशफ को कहते सुना गया, “हैदराबाद को हम लोग कंट्रोल करते हैं।”
आजतक की रिपोर्ट बताती है कि कट्टरपंथियों की यह भीड़ पूरी रात सड़क पर डटी थी और सुबह होने पर इन्होंने नमाज पढ़ी। फिर अपनी माँग करने लगे। वहीं हैदराबाद पुलिस ने इस मामले के संज्ञान में आते ही ये केस दायर किया।
दबीरापुरा थाने में आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 505 (1)(b)(c), 505 (2), 506 के तहत केस को दर्ज हुआ और आज सुबह टी राजा सिंह की गिरफ्तारी हुई।
टी राजा सिंह ने इस बीच ये बयान भी दिया कि उन्होंने अपनी वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। उनकी वीडियो को गलत लिया जा रहा है। इसलिए वह एक और वीडियो साझा करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि हर एक्शन का एक रिएक्शन होता है।
टी राजा सिंह ने हैदराबाद में मुनव्वर फारूकी का शो रद्द करवाने के लिए लगातार बयान दे रहे थे। लेकिन 22 अगस्त को उन्होंने फारूकी की हिंदू विरोधी कॉमेडी पर निशाना साधते हुए एक वीडियो बनाई और जिसमें बात करते करते वह एक बुजुर्ग व्यक्ति की बात बताने लगे। मुस्लिमों ने उसे सीधा पैगंबर मोहम्मद से जोड़ा और सैंकड़ों की तादाद में सड़कों पर आ गए।
ये क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है। मुस्लिम इसे देख भड़क रखे हैं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग जगह से हिरासत में लिया है। सबको बशीर बाग समेत अन्य नजदीकी थानों में रखा गया है। अन्य पार्टियों के नेता कह रहे हैं कि भाजपा नेता ने राज्य की शांति भंग करने का प्रयास किया है। उन्हें विधानसभा से सस्पेंड करने की माँग हो रही है।