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कांग्रेस की जिस सैयदा हमीद को भारत में बसाने हैं ‘घुसपैठिए’, उन्हीं के आगे जोर-जोर से लगे ‘बांग्लादेशी बाहर निकालो’ के नारे: ‘जय श्रीराम’ सुन मुँह बनाती दिखीं

        हिंदू सेना का विरोध तस्वीर (बाएँ), सैयदा हमीद नारे देख मुँह बनाती हुई (दाएँ), (फोटो साभार : X_@ANI)
दिल्ली के संसद मार्ग स्थित कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित ‘असम नागरिक सम्मेलन’ के कार्यक्रम के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया, जब हिंदू सेना के सदस्यों ने सैयदा हामिद के खिलाफ बांग्लादेशी घुसपैठियों को समर्थन में बयान देने के लिए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’, ‘जय श्री राम’, ‘बांग्लादेशियों को बाहर निकालो’ जैसे नारे लगे। ये हंगामा कांग्रेस सरकार की योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद की उपस्थिति में हुआ, जिनके हालिया बयान में उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों के भारत में रहने का समर्थन किया था। नारेबाजी के दौरान सैयदा हमीद मुँह बनाती हुई देखी गई।

बीजेपी नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

सैयदा हमीद के बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “सैयदा हमीद जैसे लोग, जो गाँधी परिवार के करीबी माने जाते हैं, अवैध घुसपैठियों को वैध ठहराते हैं, जैसे वे जिन्ना का सपना पूरा करना चाहते हों-असम को पाकिस्तान का हिस्सा बनाना।” उन्होंने इस बयान को असम की पहचान को खत्म करने की सोची-समझी साजिश बताया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य बीजेपी नेताओं ने भी सैयदा हमीद की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बयान घुसपैठियों को बढ़ावा देने और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसा है। वहीं, भाजपा नेता और लेखक राकेश सिन्हा ने कहा कि ‘इससे बड़ा देश विरोधी बयान नहीं हो सकता। अगर सैयदा हमीद को इतना ही प्यार है तो 7 दिन बांग्लादेश में रहकर देखें।’

सैयदा हमीद का विवादित बयान

यह पूरा मामला सैयदा हमीद के असम दौरे से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों के पक्ष में बयान दिया था। सैयदा हमीद ने कहा था कि बांग्लादेशी भी इंसान हैं और उन्हें भारत में रहने का पूरा हक है। सैयदा ने यह भी कहा कि असम में मु्स्लिमों पर जुल्म हो रहा है और सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई कर रही है।

सैयदा हमीद के अनुसार, “अगर वे (घुसपैठिए) बांग्लादेशी भी हैं तो इसमें गलत क्या है? बांग्लादेशी भी इंसान हैं। धरती इतनी बड़ी है, बांग्लादेशी यहाँ भी रह सकते हैं।” सैयदा हमीद ने यह भी दावा किया कि अवैध घुसपैठियों के कारण नागरिकों के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि यह बात ‘भ्रामक’ है।

अवलोकन करें:-

हिम्मत है तो सैयदा घुसपैठिया बन बांग्लादेश में रहकर दिखाए ; ‘यहाँ रह सकते हैं बांग्लादेशी’: कां
हिम्मत है तो सैयदा घुसपैठिया बन बांग्लादेश में रहकर दिखाए ; ‘यहाँ रह सकते हैं बांग्लादेशी’: कां
 

सैयदा हमीद ने यह बयान ‘असम नागरिक सम्मेलन’ नामक एक मंच के निमंत्रण पर दिए थे, जिसमें उनके साथ जाने-माने वामपंथी नेता प्रशांत भूषण, हर्ष मंदर और जवाहर सरकार भी शामिल थे।

भगवान राम पर की अपमानजनक टिप्पणी, हिंदू लड़के ने दिया जवाब तो भड़क गए कट्टरपंथी: नासिक में ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाते हुए भीड़ ने किया उपद्रव

                        नासिक में मुस्लिम भीड़ की हिंसा (ऑपइंडिया द्वारा हासिल की गईं तस्वीरें)
महाराष्ट्र में नासिक शहर के जय भवानी इलाके में गुरुवार (4 अप्रैल 2024) को हजारों मुस्लिमों की भीड़ ने सर तन से जुदा के नारे लगाए और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा। मुस्लिमों ने सिटी लिंक बसों और हिंदुओं के निजी वाहनों पर भी हमले किए। भीड़ ने संकेत सौदागर नाम के एक लड़के पर इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप लगाया है।

रमज़ान के महीने में शहर के मुस्लिम इकट्ठा होकर इस हिंदू व्यक्ति के लिए मौत की सज़ा की माँग की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करके कहा गया कि सौदागर ने फातिमा अल-ज़हरा के खिलाफ टिप्पणी करके गंभीर अपराध किया है और वह ‘सर तन से जुदा’ सजा का हकदार है। पोस्ट की तस्वीरें और वीडियो ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त किए गए हैं।

झगड़े की शुरुआत मुस्लिम समुदाय द्वारा बताई जा रही है। ऑपइंडिया को एक्सक्लूसिव तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक, घटना पिछले हफ्ते की है। नासिक में हिंदू समुदाय आगामी रामनवमी उत्सव (17 अप्रैल) की तैयारी कर रहा है। इस दौरान सौदागर समेत हिंदू समुदाय के लोगों ने तैयारियों के बारे में इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना शुरू कर दिया, लेकिन मुस्लिम समुदाय के लोगों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक स्थानीय हिंदू ने ऑपइंडिया को बताया कि मुस्लिमों हिंदुओं द्वारा पोस्ट की गई तैयारियों वाले पोस्ट पर भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी शुरू कर दी। इनमें ‘ख्वाजा’ नाम का एक लड़का भी शामिल था। उन्होंने अन्य मुस्लिमों के साथ मिलकर आगामी हिंदू त्योहार रामनवमी की तैयारियों का अपमान किया करना शुरू कर दिया।

                                                       संकेत सौदागर के खिलाफ प्रदर्शन

विपिन (बदला हुआ नाम) ने बताया, “शुरुआती लड़ाई केवल दो व्यक्तियों के बीच थी। सौदागर भगवान राम का अपमान सहन नहीं कर सके। फिर उन्होंने मुस्लिमों को उन्हीं के शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद की बेटी फातिमा अल-ज़हरा के बारे में कुछ टिप्पणी की। मुस्लिम यही चाहते थे।”

विपिन ने आगे कहा, “उन्होंने (मुस्लिमों ने) भगवान राम के बारे में गलत टिप्पणी करके लड़ाई शुरू कर दी और हिंदू लड़के को यह अनुचित कदम उठाने के लिए मजबूर किया। इस पोस्ट के स्क्रीनशॉट को मुस्लिमों ने अपने समूहों में साझा किया, जिसके कारण वे सौदागर की मौत की माँग करने के लिए इकट्ठा हो गए।”

                                                      मुस्लिम भीड़ द्वारा बस में तोड़फोड़

उन्होंने कहा कि हिंसा भड़कने के बाद मुस्लिमों ने भगवान राम के खिलाफ की गई सभी टिप्पणियों को हटा दिया। इसके साथ ही सौदागर द्वारा उन्हें और उनके समुदाय को निशाना बनाने के लिए उनके पोस्ट के स्क्रीनशॉट ले लिए। उत्पाद के दौरान मुस्लिमों की भीड़ ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लगाए और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया।

विश्व हिंदू परिषद ने इस घटना का संज्ञान लिया और शहर के पुलिस को पत्र लिखकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। अपने पत्र में विश्व हिंदू परिषद ने लिखा, “कुछ व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ पोस्ट कीं। उसके बाद उन्होंने कामान को नष्ट कर दिया जो देवी तुलजाभवानी मंदिर समारोह के लिए स्थापित किया गया था।”

                                         विश्व हिंदू परिषद का पुलिस को लिखा गया पत्र

अपने पत्र में विश्व हिंदू परिषद ने आगे लिखा, “उन्होंने (मुस्लिमों ने) मंदिर के कमान पर पथराव किया और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, वाहनों और सार्वजनिक बसों में तोड़फोड़ की। नासिक शहर का मौजूदा माहौल चिंताजनक है। हम उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हैं।”

नवीनतम अपडेट के अनुसार, पुलिस ने किसी के धर्म के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर सौदागर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, भगवान राम के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाला मुस्लिम शख्स फरार बताया जा रहा है।

(सिद्धि सोमानी की यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है। विस्तार से पढ़ने से इस लिंक पर क्लिक करें।)