अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध एक बार फिर शुरू हो गया है और दोनों देशों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर रविवार (28 जून 2026) को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।
अमेरिका का दावा है कि ईरान ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला किया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई। वहीं, अब ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने एक बार फिर सीजफायर तोड़ा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान नहीं माना तो अमेरिका उस अभियान को पूरा करेगा जिसकी शुरुआत पहले ही हो चुकी है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि ऐसी नौबत आई तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व भी खत्म हो सकता है।
United States aircraft just struck Iranian missile and drone storage locations, and coastal radar sites, for violating the Cease Fire Agreement, AGAIN! It is very possible that they will never learn! There may come a point when we are no longer able to be reasonable, and will be… pic.twitter.com/8sKbkA40kU
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 27, 2026
अमेरिकी सेना ने क्या बताया?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान की ओर से एक कमर्शियल ऑयल टैंकर ‘किकू’ पर कथित ड्रोन हमले के जवाब में की गई। अमेरिका का दावा है कि जहाज करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर होरमुज से गुजर रहा था।
इसके बाद अमेरिकी सेना ने होरमुज के आसपास ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज, एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क और समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ईरान का पलटवार, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाते हुए कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
IRGC के अनुसार यह कार्रवाई हालिया अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई। संगठन ने यह भी कहा कि सीजफायर का उल्लंघन इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की पहली शर्त के खिलाफ है और इससे सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएँ पूरी तरह रुक सकती हैं।
भारत में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के बचाव में खड़े होने वाले नेताओं और उनकी पार्टियों को बांग्लादेश में रोहिंग्यों द्वारा फैलाई जा रही AIDS जैसी खतरनाक बीमारी से आंखें खोलनी चाहिए और जनहित में इनको बाहर करने राज्य और केन्द्र सरकार का साथ देना चाहिए। रोहिंग्या अपनी जीविका के लिए कोई भी गिरा हुआ काम करने को तैयार रहते हैं।
बांग्लादेश के स्थानीय मीडिया ने एक न्यूज पब्लिश की है, जो चौंकाती है। बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्व समुद्र तट पर स्थित सिटी कॉक्स बाजार से एक होश उड़ाने वाली खबर है। यहां की रोहिंग्या बस्ती में एड्स(AIDS) के मरीज बढ़ गए हैं। आसपास की बांग्लादेशी बसाहटो में भी यह हाल है। पिछले एक साल में 115 रोहिंग्या और 10 बांग्लादेशी इस वायरस से संक्रमित हुए हैं। बता दें कि कॉक्स बाजार में स्थित रिफ्यूजी कैम्प में बड़ी संख्या में रोहिंग्या रहते हैं। यहां वेश्यावृत्ति आम बात हो गई है। बांग्लादेश में HIV संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मानवीय संगठनों में गंभीर चिंता पैदा हो गई है। विश्व एड्स दिवस (1 दिसंबर) पर जारी सरकारी आँकड़ों के अनुसार, नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 1,891 नए मामले दर्ज किए गए। यह हाल के वर्षों में दर्ज हुई सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि है। पिछले वर्ष से तुलना करें तो यह संख्या 453 अधिक है।
इन नए मामलों में 217 संक्रमण अकेले कॉक्स बाजार स्थित रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों में मिले और विशेषज्ञ ‘गंभीर रूप से चिंताजनक’ बता रहे हैं। यह इसलिए भी जोखिम की बात है कि विस्थापित आबादी पहले से ही संवेदनशील और जोखिमग्रस्त मानी जाती है।
बांग्लादेश में AIDS के आँकड़े
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में HIV का पहला मामला 1989 में सामने आया था। इस साल तक HIV पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 14,313 थी। इनमें से 2,666 की मौत हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि HIV से संभावित रूप से संक्रमित लगभग 18% लोग अपनी स्वास्थ्य स्थिति से अनजान हैं यानी उन्हें संक्रमण का अंदाजा ही नहीं है। ऐसे मामलो की संख्या करीब 17,480 है।
बांग्लादेश के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के तहत चलते वाले राष्ट्रीय एड्स और यौन संचारित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में AIDS के 1,438 नए मामले और 195 मौतें दर्ज हुई थीं जबकि 2023 में संक्रमण के 1,276 मामले और 266 मौतें हुईं। हालाँकि, आधिकारिक रूप से जिन मरीजों की पहचान की गई है, उनकी संख्या काफी कम है।
नए आँकड़ों से पता चलता है कि पिछले एक साल में 14.21 लाख लोगों ने HIV टेस्ट कराया जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.91 लाख कम है। इसके अलावा, इसी अवधि के दौरान स्वास्थ्य जाँच के तहत 10.72 लाख लोगों का HIV टेस्ट किया गया जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.34 लाख अधिक है।
अस्पतालों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में HIV रोगियों के लिए केवल एक ही विशेष अस्पताल, ढाका स्थित मोहाखाली संक्रामक रोग अस्पताल है। और यहाँ भी HIV/AIDS मरीजों के लिए सिर्फ 40 बेड उपलब्ध हैं। ये बेड लगभग पूरे साल भरे रहते हैं, जिसके चलते कई मरीजों को फर्श पर इलाज करवाना पड़ता है।
सर्जरी की ज़रूरत वाले मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और डॉक्टरों का कहना है कि बुनियादी ढाँचे की कमी मरीजों की जान पर खतरा बन रही है। कार्यक्रम के निदेशक डॉ. एम. खैरुज्जमान के अनुसार इसकी जाँच के लिए टेस्टिंग किटों की भी कमी है। साथ ही, इलाज करने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की भी जरूरत है।
प्रवासी श्रमिक और सामाजिक कलंक का डर
इन सबके अलावा HIV/AIDS से जुड़ा कलंक भी एक बड़ी बाधा है। बड़ी संख्या में लोग समाज में बदनामी के डर से इसकी जाँच तक कराने या फिर इलाज कराने से बचते हैं। बांग्लादेश में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों को भी HIV का बड़ा वाहक माना जाता है। मध्य पूर्वी देशों से लौटने वाले कई श्रमिक HIV के साथ लौटते हैं और अंतत: बांग्लादेश में HIV के मामलों में बढ़ोतरी की वजह बनते हैं।
बांग्लादेश में ‘खास आबादी’ के कारण बढ़ रहे HIV के केस
बांग्लादेश में नैशनल AIDS/STD कंट्रोल प्रोग्राम की डिप्टी डायरेक्टर जुबैदा नसरीन देश में बढ़ते मामलों के लिए ‘खास आबादी’ में की गई टेस्टिंग को जिम्मेदारी बताती हैं। इस खास आबादी में ‘ड्रग्स लेने वाले लोग, महिला और पुरुष सेक्स वर्कर और ट्रांसजेंडर लोग’ शामिल हैं। नवंबर-अक्टूबर के दौरान इस आबादी के 1.17 लाख लोगों का टेस्ट किया गया जो पिछले साल से करीब 20,000 अधिक है।
बांग्लादेश में नई अंतरिम सरकार के बाद भी दिक्कतें बढ़ी हैं। अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल मध्य में सरकारी प्रोग्राम के खत्म होने से खास आबादी के बीच कंडोम, सुई और सिरिंज बांटने जैसी बचाव सेवाओं में रुकावट आई है।
डेटा के मुताबिक, नए मामलों में 56% मुख्य आबादी के, 12% माइग्रेंट, 11% रोहिंग्या और बाकी आम लोग थे। इनमें भी 81% पुरुष, 18% महिलाएँ और 1% ट्रांसजेंडर थे। आँकड़ों को और गहराई से देखने पर पता चलता है कि इनमें भी शादीशुदा लोगों की संख्या अधिक थी। 52% शादीशुदा और 42% सिंगल थे जबकि अन्य लोग विधवा या तलाकशुदा थे।
बांग्लादेश में नहीं कम हो रहे HIV के मामले
बांग्लादेश के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी देश में HIV इन्फेक्शन और मौतों को लेकर परेशान हैं। 2010 से दुनिया भर में HIV इन्फेक्शन में 40% और AIDS से जुड़ी मौतों में 56% की कमी आई है। हालाँकि, बांग्लादेश के लिए इस सफलता को दोहराना अभी भी चुनौती ही बना हुआ है। हाल के वर्षों में टेस्टिंग बढ़ी है लेकिन सरकार के रोकथाम के उपाय अभी भी बढ़ती मौतों की संख्या में दिखाई देने वाली तेजी को कम नहीं कर पा रहे हैं।
DGHS अब डेडिकेटेड सेंटर्स पर HIV मरीजों के लिए टेस्टिंग जारी रखने और दवा देने के लिए विदेशी डोनर्स पर निर्भर है। हालाँकि, यहाँ भी फंडिंग की कमी के कारण 25 जिले इन सेवाओं की कवरेज से बाहर हैं। बांग्लादेश में HIV के केसों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन इनके लिए बचाव की सेवाओं की भारी कमी है और इसके चलते हेल्थ एक्सपर्ट्स में चिंता बढ़ गई है।
बांग्लादेश ने 2030 तक AIDS को खत्म करने का टारगेट रखा है लेकिन जिस तरह मामलों में कमी की जगह बढ़ोतरी हो रही है इस लक्ष्य का हासिल होना लगभग नामुमकिन ही लग रहा है। इसके उलट डर है कि प्रिवेंटिव सर्विस के लिए कम फंडिंग से पॉजिटिविटी रेट और बढ़ सकता है।
2015 में शुरू किया गया था कॉक्स बाजार में एड्स जांच कार्यक्रम कॉक्स बाजार जिला सदर अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) और एचआईवी फोकल पर्सन डॉ. आशिकुर रहमान ने बताया कि 2015 में कॉक्स बाजार सदर अस्पताल में HIV जांच कार्यक्रम शुरू हुआ था। 6 जुलाई तक 710 लोगों में एचआईवी का पता चला है। ट्रांसजेंडर लोगों में भी एचआईवी के कीटाणु पाए गए हैं और इस बीमारी से 61 रोहिंग्या समेत 118 लोगों की मौत हो चुकी है। अशिकुर ने कहा कि विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की 12 टीमें उखिया और टेकनाफ में फील्ड स्तर पर जागरूकता पैदा करने के लिए काम कर रही हैं। इसके अलावा जिला सदर अस्पताल में एड्स/एचआईवी की रोकथाम के लिए विभिन्न पहल की गई हैं। कॉक्स बाजार के सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवर डॉ. मोहम्मद महबूबुर रहमान ने कहा: "एचआईवी के प्रसार में बहुत अधिक अज्ञानता और सामाजिक पूर्वाग्रह है। एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति उनसे संक्रमित होने के डर से समाज से अलग-थलग पड़ जाते हैं। और जिनके शरीर में यह वायरस होता है, वे इलाज कराने से कतराते हैं।"
असुरक्षित यौन संबंध बने जानलेवा कॉक्स बाजार सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष अबू मोर्शेद चौधरी खोका ने कहा कि रोहिंग्या कॉक्स बाजार इलाके में होटल और मोटल में घूमते दिख जाएंगे। वे स्थानीय लोगों से असुरक्षित यौन संबंध बनाना रहे हैं, जिससे एचआईवी फैल रहा है।
एक खबर यह भी: कॉक्स बाजार में याबा गोलियां, क्रिस्टल मेथ 26 सी जब्त बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के सदस्यों ने रविवार को कॉक्स बाजार के टेकनाफ उपजिला में एक अभियान के दौरान 25.89 करोड़ रुपये मूल्य के क्रिस्टल मेथामफेटामाइन और याबा की गोलियां जब्त कीं। टेकनाफ बटालियन (बीजीबी-2) के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल शेख खालिद मोहम्मद इफ्तेखार ने बताया कि सूचना मिलने पर बीजीबी-2 की एक टीम ने एक नाव को रोका, जिसमें म्यांमार से तीन से चार संदिग्ध तस्कर जलियर द्वीप की ओर जा रहे थे। हालांकि तस्कर नफ नदी में कूद गए और भागने में सफल रहे। बाद में, बीजीबी के लोगों ने 4 किलो से अधिक क्रिस्टल मेथम्फेट जब्त किया।
कॉक्स बाजार क्या है? कॉक्स बाजार बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित एक शहर है। यह अपने बहुत लंबे रेतीले समुद्र तट के लिए जाना जाता है। यह उत्तर में सी बीच से लेकर दक्षिण में कोलाटोली बीच तक फैला हुआ है। यहां अग्गामेदा ख्यांग मठ में कांस्य की मूर्तियां और सदियों पुरानी बौद्ध पांडुलिपियां हैं। शहर के दक्षिण में हिमचारी नेशनल पार्क के उष्णकटिबंधीय वर्षावन में झरने और कई पक्षी हैं। उत्तर में समुद्री कछुए पास के सोनादिया द्वीप पर प्रजनन करते हैं। कॉक्स बाजार चटगांव से 150 किमी दक्षिण में स्थित है।
दिल्ली में ISIS के 2 आतंकी गिरफ्तार (साभार: OPIndia English) राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार (24 अक्टूबर 2025) की सुबह एक आतंकवादी साजिश को नाकाम कर दिया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के एक आतंकवादी मॉड्यूल को तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक का नाम मोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब है, जो दिल्ली का रहने वाला है। दूसरा अदनान खान उर्फ अबू मोहम्मद है, जो मध्य प्रदेश का रहने वाला था। मुहरिब की उम्र 19 साल तो अबू मोहम्मद की उम्र 20 साल है
इससे पहले, ऑपइंडिया ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि ISIS के एक आतंकवादी मोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब को उत्तर प्रदेश ATS ने पहले भी गिरफ्तार किया था।
वो 2024 से जमानत पर बाहर था। उसे उत्तर प्रदेश ATS ने UAPA के तहत गिरफ्तार किया था। दिल्ली स्पेशल सेल ने कहा, “भोपाल से एक संदिग्ध को पहले UP ATS ने अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था; 2024 में जमानत मिलने के बाद उसने आतंकवादी गतिविधियां फिर शुरू कर दीं, मुख्य रूप से ऑनलाइन भर्ती और प्रोपगैंडा फैलाने के जरिए। निगरानी से पता चला कि मॉड्यूल ने इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने के लिए सामग्री जुटानी शुरू कर दी थी।”
दिल्ली स्पेशल सेल ने बताया कि मोहम्मद को सख्त UAPA एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कोर्ट ने 2024 में उसे जमानत दे दी थी।
जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपनी आतंकवादी गतिविधियाँ फिर शुरू कर दीं और ISIS से जुड़ाव बढ़ा लिया। उसने सोशल मीडिया के जरिए इस्लामिक प्रोपगैंडा सामग्री फैलानी शुरू की और ISIS के लिए आतंकवादियों की भर्ती शुरू करती। उसने आतंकी हमलों के लिए IED बनाने की सामग्री भी जुटानी शुरू कर दी थी।
ऑपइंडिया ने अब वो केस ढूँढ निकाला है जिसमें अदनान को UP ATS ने गिरफ्तार किया था और बाद में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्पेशल NIA कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी।
ISIS आतंकवादी ने ज्ञानवापी केस में ‘काफिर’ जज को मारने की दी थी धमकी
दिल्ली स्पेशल सेल ने अब जिस ISIS आतंकी मोहम्मद अदनान को गिरफ्तार किया है, उसने ज्ञानवापी केस से जुड़े एक जज को धमकी दी थी। उसने इंस्टाग्राम पर लिखा, “THE KAFIRS BLOOD IS HALAL FOR YOU THOSE WHO FIGHT AGAINST YOUR DEEN.” तस्वीर में जज की आंखों के ऊपर लाल रंग में ‘KAFIR’ लिखा हुआ था।
FIR के मुताबिक, मोहम्मद अदनान ने अतिरिक्त जिला जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) बरेली, रवि कुमार दीवाकर की फोटो शेयर की थी, जिन्होंने 2022 में विवादित ज्ञानवापी ढाँचे के वीडियोग्राफिक सर्वे का आदेश दिया था।
UP ATS की FIR में लिखा है, “उनके विचारधारा से जुड़े लोग ज्ञानवापी केस सुन रहे जज को मारने के लिए प्रेरित हो रहे हैं और ये पोस्ट दूसरी धर्मों वालों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचा रही है और वर्गों के बीच दुश्मनी व नफरत फैलाने के लिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियाँ की जा रही हैं।”
जमानत देते वक्त कोर्ट ने क्या कहा था?
स्पेशल NIA जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने 26 सितंबर 2024 को मोहम्मद अदनान को जमानत दी। उन्होंने जमानत देने के दो मुख्य कारण बताए। पहला ये कि अदनान पर लगा अपराध 7 साल से कम सजा वाला था। वो जून 2024 से जेल में था, इसलिए उसे जमानत का हक था।
दूसरा कारण ये था कि उसका कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था।
अदनान पर IPC की धारा 153A, 115 और 506 के साथ UAPA की धारा 13 लगी थी। उस केस में जमानत मिलने के बाद उसने कथित तौर पर चरमपंथी गतिविधियाँ फिर शुरू कर दीं। यूट्यूब, इंस्टाग्राम और दूसरी प्लेटफॉर्म्स पर चैनल बनाकर चरमपंथी सामग्री पोस्ट की और समान विचार वाले लोगों की भर्ती की। उसने सीरिया में बैठे हैंडलर अबू इब्राहिम अल-कुरैशी से संपर्क होने की बात भी कबूल की।
भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी और पन्नू. (फाइल फोटो: एजेंसी) 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में महाकुम्भ का आयोजन होना है। इसमें लगभग 4.5 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है। गुरपतवंत सिंह पन्नूगुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसे निशाना बनाने की धमकी दी है। जिसके बाद अखाड़ा परिषद की तीखी प्रतिक्रिया आई है।
चर्चा यह भी हो रही है कि अगर किसी भी कारण से पन्नू अपनी घिनौनी हरकत में कामयाब हो जाता है, उस स्थिति में सिख प्रबंधक समिति क्या कार्यवाही करेगी? इस सम्बन्ध में समस्त सिख संस्थानों को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। दूसरे, पन्नू के द्वारा किसी अनहोनी होने पर हिन्दू विरोधी बयानबाज़ी करने वाले नेताओं और उनकी पार्टियों को भी समय रहते अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, दावा किया जा रहा है कि वीडियो में पन्नू प्रयागराज महाकुंभ (Mahakumbh) को निशाना बनाने की धमकी दे रहा है। भारतीय अखाड़ा परिषद ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि पन्नू अगर महाकुंभ में घुसने की हिम्मत करता है तो उसे मार-मारकर भगा दिया जाएगा। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने पत्रकारों से कहा, पन्नू नाम का जो व्यक्ति है, अगर कहीं ये हमारे महाकुम्भ में घुसने की हिम्मत करता है तो इसे मार-मारकर भगाया जाएगा। हमने ऐसे पागल सैकड़ों की संख्या में देखे हैं ।ये माघ मेला है, जहां सिख और हिंदू सभी एक है। पन्नू ने आपस में बांटने वाली जो बात की है, वो उचित नहीं है। सिख समाज ने ही सनातन धर्म को बचाए रखा है। पन्नू द्वारा विभाजन को बढ़ावा देने की कोशिशें बेबुनियाद है। हमारे यहां नागा साधुओं की तरह उनके (सिखों के) यहां भी नागा साधु होते है। ये दोनों एक ही हैं और सनातन के सैनिक है। इसलिए हम इन पागलों को अधिक गंभीरता से नहीं लेते।
पुरी ने आगे कहा कि पन्नू हमेशा से ही ऐसी भाषा का प्रयोग करता है। इसलिए उसको महत्व नहीं देना चाहिए।
पन्नू ने धमकी क्यों दी?
23 दिसंबर को उत्तर प्रदेश पीलीभीत में 3 खालिस्तानी आतंकी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे। इस मुठभेड़ का हवाला देते हुए वीडियो में पन्नू ने कथित रूप से कहा कि 14 जनवरी, 29 जनवरी और 3 फरवरी को महाकुंभ को निशाना बनाया जाएगा। 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या और 3 फरवरी को बसंत पंचमी है। इन आतंकियों का ‘खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स’ नाम के संगठन से कनेक्शन सामने आया था।
13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होना है। इसमें लगभग 45 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है। पुलिस ने कहा है कि AI जैसे तकनीक के सहारे इलाके की सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। साथ ही ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
राहुल गाँधी के सिखों पर दिए गए बयान का आतंकी पन्नू ने समर्थन किया है (चित्र साभार: Tribune India & ET) खालिस्तानी आतंकी गुरवतपंत सिंह पन्नू के संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने राहुल गाँधी का समर्थन किया है। SFJ ने राहुल गाँधी के सिखों पर दिए गए उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें राहुल ने कहा था कि भारत में सिखों को पगड़ी और कड़ा पहनने की लड़ाई है। SFJ ने यह भी दावा किया है कि राहुल गाँधी के साथ अमेरिका में कई खालिस्तान समर्थन मौजूद थे।
SFJ ने राहुल गाँधी के बयान का समर्थन करने वाला अपना एक पत्र जारी किया है। गुरवतपंत सिंह पन्नू द्वारा जारी किए गए इस पत्र में SFJ ने कहा, “वाशिंगटन डीसी में एक सभा को संबोधित करते हुए, जहाँ कई खालिस्तान समर्थक सिख भी मौजूद थे, राहुल गाँधी ने SFJ के खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह अभियान को उचित ठहराया है। उनका यह कहना ‘भारत में लड़ाई इस बात की है क्या एक सिख को पगड़ी और कड़ा पहनने की अनुमति होगी, और क्या वह गुरुद्वारा जा सकेगा’ हमारी बात का समर्थन है।”
SFJ का बयान
SFJ ने आगे कहा, “भारत में सिखों के अस्तित्व पर खतरे वाला राहुल का बयान साहसी और बोल्ड है बल्कि 1947 से सिखों पर भारत में हुए अत्याचार की बात को मजबूत करता है। यह बयान तथ्यात्मक इतिहास पर आधारित है और सिखों के देश खालिस्तान बनाने के लिए पंजाब में स्वतंत्रता जनमत संग्रह पर SFJ के रवैये को सही ठहराता है।”
हमेशा भारत तोड़ने की बात करने वाले खालिस्तानी आतंकी गुरवतपंत सिंह पन्नू का राहुल गाँधी के लिए यह प्रेम उनके हालिया बयान के बाद उमड़ा है। राहुल गाँधी ने अपने अमेरिका दौरे में वर्जीनिया में कहा था, “भारत में लड़ाई इस बात को लेकर है कि क्या एक सिख को भारत में पगड़ी पहनने की इजाजत दी जाएगी? क्या एक सिख को भारत में कड़ा पहनने की इजाजत दी जाएगी या वह गुरुद्वारा जा सकेगा? लड़ाई इसी बात को लेकर है और यह सिर्फ सिखों के लिए नहीं है, यह सभी धर्मों के लिए है।”
I want Sikhs to be allowed to wear turban, kada and pray in Gurudwara. - Rahul Gandhi
Which Sikh has ever been stopped from wearing a turban or visiting a Gurudwara?
What a dangerous and disgusting man he is. He's not only trying to send a message to the world that Sikhs are… pic.twitter.com/usdGSFC5vt
देश को तोड़ने और भारत में सिखों को प्रताड़ित बताने वाले खालिस्तानी आतंकियों के लिए यह सुनहरा मौक़ा बन गया है। भारत के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और विपक्षी पार्टी के डी फैक्टो मुखिया का उनके भारत विरोधी एजेंडे को मजबूत करने में यह बयान एक संजीवनी की तरह काम आएगा। SFJ का राहुल को साहसी बताना इसी कड़ी का एक हिस्सा है। SFJ ने यह दावा भी किया है कि राहुल गाँधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खालिस्तानी शामिल थे। इससे राहुल के कार्यक्रमों की मंशा पर संशय पैदा होता है।
राहुल गाँधी के तथ्यों से परे इस बयान पर भारत में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी। भाजपा नेता RP सिंह ने उन्हें इस मामले को लेकर कोर्ट में घसीटने की चुनौती भी दी है। कई लोगों ने उन्हें याद दिलाया है कि भारत में सिखों के लिए सबसे अधिक खतरा तब पैदा हुआ था जब उनके पिता राजीव गाँधी देश के प्रधानमंत्री थे और इस दौरान सिखों का खुलेआम नरसंहार हुआ था।
I unequivocally condemn Rahul Gandhi’s derogatory and divisive remarks on foreign soil about Sikhs’ Dastar and Kakaar in India. In India, no Sikh has ever been stopped from wearing a turban or visiting a Gurudwara!
राहुल गाँधी के इस बयान पर लोगों ने यह भी याद दिलाया कि राजीव गाँधी ने कहा था, “जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो आसपास की धरती हिलती है।” उनका यह बयान हिंसा के समर्थन के रूप में देखा जाता है। कांग्रेस के ही कई नेताओं कमलनाथ, जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह पर सिख विरोधी दंगे भड़काने का आरोप है।
VHP और बजरंग दल को बदनाम करने के लिए आसिफ (बाएँ) ने लगाए धमकी वाले पोस्टर
गुरुग्राम के सेक्टर 69- A क्षेत्र में 26-27 अगस्त 2023 की रात लगे कुछ पोस्टरों से माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इन पोस्टरों में ‘विश्व हिन्दू परिषद’ (VHP) और ‘बजरंग दल’ के नाम से झुग्गी-झोपड़ी खाली करने की धमकी लिखी थी। धमकी में झुग्गियाँ खाली करने की डेडलाइन 28 अगस्त रखी गई थी। इन पोस्टरों को ले कर इस्लामी और वामपंथी समूहों सहित कॉन्ग्रेस पार्टी के नेताओं ने हिन्दू संगठनों को बदनाम करने की पूरी कोशिश की।
आखिरकार इस पूरी साजिश की जड़ में आसिफ नाम का एक कबाड़ी शामिल मिला। पुलिस ने आसिफ को गुरुवार (21 सितंबर, 2023) को गिरफ्तार कर लिया।
कबाड़ कारोबार पर बादशाहत की चाहत
मामला गुरुग्राम के थाना क्षेत्र बादशाहपुर का है। 22 सितंबर, 2023 को गुरुग्राम पुलिस ने आसिफ की गिरफ्तारी की सूचना सार्वजनिक की। पुलिस ने बताया कि 26-27 अगस्त की रात लगे पोस्टरों की FIR 28 अगस्त को दर्ज हुई थी। मामले की जाँच क्राइम ब्रांच ने की थी। पुलिस ने धमकी भरे पोस्टरों को लगाने के आरोप में उत्तराखंड के उधमसिंहनगर के गाँव सरकहड निवासी आसिफ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आसिफ ने बताया कि उसकी कबाड़ की दुकान गुरुग्राम के सेक्टर 69 के पास है। दुकान के पास एक अन्य कबाड़ी की भी दुकान है।
पुलिस के मुताबिक, आसिफ ने बताया कि वह कबाड़ के काम में आसपास कोई कम्पटीशन नहीं चाहता था। वह पड़ोस के दुकानदार को भगाना चाहता था। इसी साजिश के तहत उसने पड़ोसी की दुकान के आगे धमकी भरे पोस्टर चिपका दिए थे। आसिफ ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसे जेल भी भेज दिया गया है। हालाँकि, केस में अभी जाँच जारी है।
आसिफ की साजिश को कट्टरपंथी, वामपंथी और राजनैतिक हवा
बड़े-बड़े शब्दों में सूचना हेडिंग के साथ इस पोस्टर में लिखा था, “सारे झुग्गी वालों को सूचित किया जाता है 28-08-2023 तक खाली कर के चले जाओ वरना इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। अगर नहीं गए तो अपनी मौत का जिम्मेदार खुद होगा। जितना जल्दी हो सके तुम सब खाली कर दो। साले मुल्ले लोगों की बहन-बीवी का बलात्कार होगा। अगर इज्जत बचाना है तो बचा लोग। तुम्हारे पास दो दिन हैं। फिर मत चिल्लाना।” पोस्टर के अंत में बहन की गालियाँ देते हुए नीचे लिखा, “तुम्हारा बाप बजरंग दल।” लगभग इन्हीं शब्दों के साथ लिखे एक अन्य पोस्टर में नीचे विश्व हिन्दू परिषद लिख दिया गया था। हाथ से लिखे इन पोस्टरों को गोंद से चिपकाया गया था।
ये ज़रूर सड़े हुए नारंगी संतरों के छिलकों का काम है क्या पुलिस इस मामले की जाँच करेगी? या जब यह मामला खराब हो जाएगा तब ऐक्शन लेगी पुलीस वो भी सिर्फ़ मुसलमानों पर, क्योंकि धमकी मुस्लिमों को मिल रही हैं अभी खामोश रहिए क्योंकि खट्टर सरकार और गुड़गांव (गुरुग्राम) पुलिस सो रही है। pic.twitter.com/4jjuXKxeVS
आफरीन नाम के हैंडल ने नूहं हिंसा के दौरान फर्जी ट्वीट कर के बिना माफ़ी माँगे डिलीट करने वाले पुनीत कुमार सिंह के ‘बोलता हिंदुस्तान’ की इस मुद्दे पर बनी खबर शेयर की। 31 अगस्त को कैप्शन में उन्होंने लिखा था, “ये ज़रूर सड़े हुए नारंगी संतरों के छिलकों का काम है क्या पुलिस इस मामले की जाँच करेगी? या जब यह मामला खराब हो जाएगा तब एक्शन लेगी पुलिस, वो भी सिर्फ़ मुसलमानों पर, क्योंकि धमकी मुस्लिमों को मिल रही हैं। अभी खामोश रहिए क्योंकि खट्टर सरकार और गुड़गांव (गुरुग्राम) पुलिस सो रही है।”
NDTV ने तो बाकायदा इस पर एक शो बना डाला। NDTV के एंकर मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाने वालों की गिरफ्तारी की माँग जोर-शोर से उठाते दिखे। NDTV ने इसी शो में मुस्लिम कामगारों को डरा हुआ घोषित कर दिया। NDTV ने अपने शो में नफरती पोस्टर लगाने की वजह झुग्गी में रहने वाले ज्यादातर लोगों के मुस्लिम समुदाय का होना बताया। 3 मिनट से अधिक लम्बे
इसी शो में यह भी बताते का प्रयास हुआ कि नूहं हिंसा में भी मुस्लिम ही पीड़ित हैं।
दिल्ली से सटे हुए हरियाणा गुरुग्राम में मुस्लिम कामगार डरे हुए हैं गुरुग्राम के सेक्टर 70 के पास एक मुसलमान की झुग्गी मैं धमकी भरी हुई पोस्ट लगाए गए कहां जा रहा है कि वह यहां छोड़ कर चले जाए वरना जोगी जला दी जाएगी? pic.twitter.com/Of1lLWSj5D
देख लो भाई डरने वाले और डराने वाले लोगों को @badre2_alam ‘झुग्गी खाली करें मुस्लिम, वरना होगा बहन-बीवी का बलात्कार’: गुरुग्राम में हिन्दू संगठनों के नाम से पोस्टर लगाने वाला निकला आसिफ, कॉन्ग्रेस-सपा ने हिन्दुओं को कहा भला-बुरा https://t.co/3HjUiMrDrg via @OpIndia_in
गुरुग्राम में रहने वाले बिहार के अररिया से कॉन्ग्रेस नेता बदरे आलम ने इस खबर को शेयर किया। 31 अगस्त को उन्होंने लिखा, “दिल्ली से सटे हुए हरियाणा गुरुग्राम में मुस्लिम कामगार डरे हुए हैं। गुरुग्राम के सेक्टर 70 के पास एक मुसलमान की झुग्गी में धमकी भरी पोस्टर लगाए गए। कहा जा रहा है कि वह यहाँ छोड़ कर चले जाएँ वरना झुग्गी जला दी जाएगी।”
लगातार हिन्दू संगठनों के खिलाफ भ्रामक खबरें छापने वाले पोर्टल ‘जर्नो मिरर’ ने तो 29 अगस्त को इस मामले में हिन्दू संगठनों को दोषी ठहरा दिया था। पुलिस जाँच का इंतज़ार किए बिना ही सीधे तौर पर मीडिया संस्थान ने इन पोस्टरों के पीछे VHP और ‘बजरंग दल’ वालों को जिम्मेदार बता डाला था।
चित्र- journomirror.com
इन सभी के अलावा सदफ आफरीन के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के नेता संतोष कुमार यादव और कॉन्ग्रेस नेता डॉ अरुणेश कुमार यादव ने भी इस मुद्दे पर बिना पुलिस की जाँच रिपोर्ट आए ही हंगामा मचाना शुरू कर दिया। कुछ के निशाने पर हरियाणा सरकार थी तो कुछ के हिंदूवादी संगठन। इन सभी के ट्वीट 28 अगस्त से 1 सितंबर के बीच सिलसिलेवार ढंग से आए।
चित्र साभार- ट्विटर पोस्ट के स्क्रीनशॉट्स
27 अगस्त को ही आ चुका था आसिफ का नाम
इस मामले में इस्लामी, वामपंथी हैंडलों, NDTV के अलावा कॉन्ग्रेसी और समाजवादी पार्टी नेताओं ने हंगामे की शुरुआत 28 अगस्त से की। लेकिन, ख़ास बात ये है कि घटना में आसिफ कबाड़ी का नाम एक दिन पहले 27 अगस्त को ही आ चुका था। 27 अगस्त, 2023 को ही मोजेद अली नाम के शिकायतकर्ता ने पुलिस में आसिफ के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करवा दी थी। मोज़ेद अली की ही दुकान पर 26-27 सितंबर को आसिफ ने VHP और बजरंग दल के नाम से धमकी भरे पोस्टर चिपकाए थे। पुलिस में दर्ज कराई गई FIR में मोज़ेद अली ने पोस्टर चिपकाने के पीछे आसिफ के होने की आशंका जताई थी।
FIR कॉपी
मोज़ेद ने यह भी बताया था कि 3-4 दिन पहले आसिफ ने उन्हें धमकी दे कर कबाड़ी की दुकान बंद करने के लिए कहा था। FIR में आसिफ पर धार्मिक भावनाएँ भड़काने का आरोप लगाया गया। आसिफ को नामजद करते हुए पुलिस ने FIR में IPC की धारा 188, 294, 295- A, 504 और 506 लगाई थी। मोज़ेद अली उसी ऋषि पंडित की झुग्गी में रहते हैं जिसे खाली करने के पोस्टर लगाए गए थे। शिकायतकर्ता मोज़ेद मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले हैं। वह सेक्टर 69 गुरुग्राम में चाय-पानी बेचते हैं और कबाड़ का काम करते हैं।
कई हिन्दू हुए हैं ऐसी साजिशों के शिकार
ऑपइंडिया ने इस मामले में गुरुग्राम निवासी और ‘हरियाणा प्रदेश शिवसेना युवा मोर्चा’ (शिंदे गुट) अध्यक्ष रितुराज अग्रवाल से बात की। ऋतुराज ने बताया कि भले ही इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने खुलासा करते हुए असल आरोपित आसिफ को पकड़ लिया लेकिन इस से पहले भी ऐसी कई साजिशें हो चुकी हैं। शिवसेना नेता का दावा है कि उन साजिशों के शिकार कई हिन्दू संगठन के सदस्यों को कानूनी कार्रवाई झेलना पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि जिस जगह यह पोस्टर लगाए गए उसके आसपास के सेक्टरों में कुछ माह पहले खुले में नमाज़ को ले कर भी तनातनी हुई थी।
नूहं से जोड़ कर थी सनसनी फैलाने की साजिश
ऑपइंडिया से बात करते हुए ‘विश्व हिन्दू परिषद’ गुरुग्राम के जिला मंत्री यशवंत ने पोस्टर लगाने और उसे वायरल करने की टाइमिंग पर सवाल खड़ा किया। यशवंत ने हमें बताया कि हिन्दू संगठनों ने 28 अगस्त को अधूरी बृजमंडल यात्रा को पूरा करने का संकल्प लिया था। इस बीच 26-27 की रात ये पोस्टर लग गए। ऐसा तब हुआ जब पुलिस हाई अलर्ट पर थी। यशवंत ने आशंका जताई कि इस पूरे मामले को बृजमंडल यात्रा से जोड़ कर बड़ी सनसनी की साजिश रही होगी। उन्होंने हमें बताया कि वो जल्द ही पुलिस को ज्ञापन दे कर इस मामले की गहराई से जाँच करने की माँग करेंगे।
VHP नेता ने यह भी बताया कि जैसे ही ये पोस्टर घटना के बाद वायरल हुए थे तभी उन लोगों ने खुल कर लोगों और मीडिया के साथ प्रशासन को भी बता दिया था कि ऐसी हरकतें VHP या बजरंग दल नहीं करते। यशवंत ने तनाव के माहौल में पुलिस द्वारा रखे धैर्य और अंत में सही कार्रवाई की तारीफ की। (साभार)
नदी के पानी को लेकर तालिबान और ईरान में जंग (फाइल फोटो) जहाँ एक तरफ दुनिया रूस और यूक्रेन के युद्ध से परेशान है, वहीं अब ईरान और तालिबान में भी संघर्ष शुरू हो गया है। दोनों अब इस बात को लेकर भी बहस कर रहे हैं कि सच्चा मुस्लिम कौन है। अब रविवार (28 मई, 2023) को तालिबान ने धमकी दी है कि वो 24 घंटे में ईरान पर कब्ज़ा कर लेगा। साथ ही तालिबान के कमांडर अब्दुल्ला हामिद खुरासानी ने एक वीडियो सन्देश जारी करते हुए दावा किया कि उसके लड़ाके ईरान के साथ उसी जोश से लड़ेंगे, जैसे अमेरिका से लड़े थे।
यदि तालिबान ईरान पर कब्ज़ा कर लेता है, उस स्थिति में पाकिस्तान की भी बहुत मुश्किलें बढ़ सकती है। पाकिस्तान पर भी संकट के बादल मंडराने लगेंगे। ईरान से पाकिस्तान पर आसानी से कब्ज़ा किया जा सकता है। सम्भावना यह भी व्यक्त की जा रही है, महंगाई और विदेशी कर्ज से परेशान पाकिस्तानी तालिबान से हाथ मिलाकर अपनी ही सरकार के विरुद्ध लड़ सकते हैं।
साथ ही उसने कहा कि जैसे ही जिहाद के लिए हरी झंडी तालिबान के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से मिलती है, वैसे ही ईरान पर कब्ज़ा करने की शुरुआत कर दी जाएगी। तालिबानियों ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पर तंज कसते हुए भी वीडियो डाला है। इसमें एक तालिबानी कंटेनर में पानी डालता है और कहता है, “इब्राहिम रईसी, आकर ये वॉटर बैरल ले लो, लेकिन हमला मत करो। हम डर गए हैं।” ईरान की मीडिया ने संघर्ष का कारण नहीं बताया है, बस इतना कहा है कि ये ड्रग तस्करी को लेकर है।
Taliban declaring war on Iran#Taliban official Abdul Hamid Khorasani: Iran has a corrupt regime. We will fight Iran with a zeal greater than that we fought America. If our leaders allow jihad, we shall conquer Iran soon. pic.twitter.com/5ngSKPpyS8
Actually you are correct they where created and funded by the CIA back when Russia was trying to conquer Afghanistan
— CPT'O The American Patriot (@CPTOshaughnessy) May 27, 2023
ये भी दावा किया जा रहा है कि पहले तालिबान ने ईरान की फ़ौज पर सीमा पर गोलीबारी की। वहीं तालिबान की तरफ से इंगित किया गया है कि पानी को लेकर ये लड़ाई चल रही है। दोनों मुल्कों के बीच हेलमंद नदी बहती है, जिसे लेकर ईरान पहले ही अफगानिस्तान को चेतावनी दे चुका है। जब से तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता में लौटा है, तब से ये तनाव बढ़ गया है। 1973 की एक संधि में तय हुआ था कि अफगानिस्तान को इस नदी की पानी का एक हिस्सा ईरान को देना होगा।
वहीं ईरान के गृह मंत्री ने कहा है कि तालिबान को पुख्ता जवाब दे दिया गया है और सीमा पर स्थिति नियंत्रण में है। ईरान सरकार ने कहा कि तालिबान की गोलीबारी में उसके दो फौजी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि अब सीमा पर शांति है, तालिबान ने भड़काऊ कार्रवाई की थी। ईरान की फ़ौज ने चेताया है कि अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन करने पर तालिबान के खिलाफ ईरान अपना रुख बदल लेगा। बता दें कि अगस्त 2021 में तालिबान सत्ता में आया था।
The Kashmir Files हो, Tashkant Files हो या अब The Kerala Story आखिर क्यों हो रहा है विरोध? समय आ गया है, जब इस गंभीर मुद्दे पर जयचन्दी हिन्दुओं (सच्चाई जानने वाले मुसलमानों की संख्या बहुत ही कम है) को छोड़ समस्त हिन्दू समाज, भारत सरकार, न्यायालय, पुलिस और इतिहासकारों को एक छत के नीचे बैठ उन इतिहासकारों और नेताओं के विरुद्ध सख्त से सख्त निर्णय लेने होंगे, जिन्होंने मुल्लावाद के आगे घुटने टेक देश के वास्तविक इतिहास को धूमिल कर मुग़ल आक्रांताओं के खूनी और हिन्दू महिलाओं के यौन-शोषण से भरे इतिहास पर चादर डाल उनको महान बता दिया। शर्म आनी ऐसे इतिहासकारों और नेताओं और इनको संरक्षण देने वाली पार्टियों को। यदि ऐसा नहीं होता -भारत का गौरवशाली हिन्दू इतिहास पढ़ाया जाता- ऐसी स्थिति ही नहीं आती और न ही ऐसी फिल्में बनती। न कोई टुकड़े-टुकड़े गैंग बनता और न ही कोई 'सिर से तन जुदा' करने वाला गैंग। इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में लाने वाली फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) से जुड़े एक क्रू मेंबर को धमकी दी गई है। धमकी सोमवार (8 मई 2023) को एक अनजान नंबर से मैसेज कर भेजी गई। धमकी देने वाले ने कहा है कि फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया गया है। मुंबई पुलिस ने क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया कराई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 मई को द केरल स्टोरी के एक क्रू मेंबर को एक अनजान नंबर से मैसेज आया। मैसेज करने वाले व्यक्ति ने धमकाते हुए लिखा, “अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया करवाई। हालाँकि शिकायत कॉपी न मिलने के चलते अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है।
फिल्म से जुड़े किस व्यक्ति को धमकी मिली है, यह स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि धमकी फिल्म डायरेक्टर सुदीप्तो सेन को ही दी गई है।
प्रशंसकों को भी मिली हैं धमकियाँ
इससे पहले ‘द केरल स्टोरी’ के प्रशंसकों को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल चुकी है। पुणे में इस फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। साधु ने पुलिस में देश-विदेश के कुछ अनजान नंबरों की शिकायत देते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
इसके अलावा राजस्थान के जोधपुर में VHP से जुड़े राजू सरगरा पर भी इसलिए हमला किया गया, क्योंकि वे लोगों से ‘द केरल स्टोरी’ देखने की अपील कर रहे थे। आरोप है कि कट्टरपंथियों ने राजू सरगरा के व्हाट्सएप स्टेटस को देखने के बाद उन पर हमला किया था। स्टेटस में उन्होंने फिल्म का पोस्टर लगाते हुए उसकी तारीफ की थी। राजू को सिर तन से जुदा की धमकियाँ भी मिली हैं।
हमारा हिंदू धर्म बहुत शानदार है दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जो पूरी तरह विज्ञान पर आधारित है। हमने इस दुनिया को कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर और अजंता और एलोरा के विशाल शिव मंदिर दिए जो आज की टेक्नोलॉजी भी नहीं बना सकती है।
हजारों साल पहले की सभ्यता यानी सिंधु घाटी की सभ्यता हड़प्पा मोहनजोदड़ो की सभ्यता तक्षशिला जिस पर इन सब चीजों पर आज पाकिस्तान गर्व करता है वह हमारे पूर्वजों पूर्वजों की देन है।
पाकिस्तान के एक विद्वान हसन निगार ने जब एक चैनल पर कहा कि हमारे पूर्वजों की ऐसी क्या विरासत है जिस पर हम गर्व कर सकते हैं, तब समूचे हाल में सन्नाटा पसर गया और उन्होंने कहा कि आज जो पूरे दुनिया के पाकिस्तानी दूतावास में हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की बड़ी सी पेंटिंग तस्वीर लगी होती है और नीचे लिखा होता है पाकिस्तान एक 10000 साल पुरानी सभ्यता कितने शर्म की बात है कि वह हमारी सभ्यता नहीं बल्कि हिंदुओं की सभ्यता है... हम हिंदुओं की विरासत पर ही गर्व कर सकते हैं क्योंकि हमने इस दुनिया को कुछ दिया ही नहीं।
हम हिन्दुओ ने 15000 साल पहले गटर सिस्टम कैनाल सिस्टम, ईट बनाने की कला, नगर संयोजन टाउन प्लैनिंग इत्यादि सीख ली थी जबकि मक्का और मदीना जैसे शहरों में यह सारी सुख सुविधाएं पेट्रोल की खोज होने यानी क्रूड की खोज होने के बाद 19वी सदी में बनी।
इजिप्ट के पिरामिड भी हमने बनाएं क्योंकि एकमात्र हिंदू धर्म है जो पुनर्जन्म पर विश्वास करता है और पिरामिड को आज की टेक्नोलॉजी भी नहीं बना सकती... जॉर्डन में पूरे पहाड़ों को काटकर हमने एक नगर बनाया जिसे आज पेट्रा कहते हैं जो आज जार्डन की कमाई का सबसे बड़ा आधार है उसमें कई हिंदू देवी देवताओं के मंदिर हैं।
हमारे धर्म में जो कालखंड और ग्रहों की गणनाएं हैं उसे जानकर आप चौक जाएंगे आज जब सैटेलाइट और जीपीएस टेक्नोलॉजी इतनी उन्नत हो चुकी है फिर भी आज के लाखों साल पहले हम किस तरह से ग्रहों की चाल की गणना कर लेते थे।
जेनेटिक्स की खोज तो 19 वी सदी में हुई गुणसूत्र यानी क्रोमोसोम्स डीएनए और आरएनए की खोज हुई 20 वीं सदी में हुई लेकिन उसके पहले हमारे धर्म ग्रंथों में सेपरेशन आफ जींस के बारे में विस्तार से बताया गया है और समस्त हिंदू समुदाय को सात ऋषियो के नाम पर सात गोत्र में बांट दिया गया है और कहा गया है कि सगोत्रीय विवाह मत करो क्योंकि जींस का सेपरेट होना जरूरी है और आज यही कारण है की जींस लिंकेज बीमारी यानी जींस से रिलेटेड बीमारियां हिंदुओं में नहीं पाई जाती।
और आप अपने शहर के किसी सरकारी बड़े हॉस्पिटल में जाइएगा और वहां देखिएगा की जींस से रिलेटेड बीमारियां जैसे हीमोफीलिया थैलीसिमिया, बार-बार अबॉर्शन, सिस्टिक फाइब्रोसिस, डाउन सिंड्रोम, हीमोफीलिया और मंगोलिज्म एल्बिनिज्म आदि से कौन पीड़ित है।
अब पाकिस्तान में भी मांग उठने लगी कि नजदीकी रिश्तेदारों से यानी कजिन विवाह पर रोक लगाई जाए क्योंकि पाकिस्तान का पूरा मेडिकल सिस्टम इन बीमारियों से थक चुका है।
यदि कोई हिंदू लड़की या लड़का भी अपने किसी नजदीकी रिश्तेदार से विवाह करता है तब उसके आने वाले बच्चों में भी इन तमाम बीमारियों के होने की संभावना बेहद बढ़ जाती है।
जिस तरह आतंकी सरगना हाफिज सईद धमकियाँ दे रहा है, उसे देख नहीं लगता कि पाकिस्तान कंगाली के दौर से गुजर रहा है, या फिर हो सकता है कि कंगाली का स्वांग कर victim card खेलकर दुनिया की सहानुभूति लेकर आतंकवादियों को पालने के लिए खैरात मांगी जा रही हो। पाकिस्तान के सरगना हाफिज सईद ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गीदड़-भभकी दी है। उसका एक वीडियो सामने आया है, जिसके बारे में ये नहीं पता चल रहा है कि ये कब का है। लेकिन, इसमें वो भड़काऊ बातें करता हुए दिख रहा है। हाफिज सईद ने इस वीडियो में पीएम मोदी को धमकी देता हुआ दिख रहा है कि अगर पाकिस्तान का पानी रोका गया, तो वो उनकी साँसें रोक देगा। हाफिज सईद 26/11 मुंबई हमले का साजिशकर्ता है।
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैइय्याबा का मुख्य सरगना है। हाफिज सईद ने कहा कि तुम ढाका (बांग्लादेश की राजधानी) की यूनिवर्सिटी में खड़े होकर कह रहे हो कि तुमने पाकिस्तान को तोड़ा है और एक नया मुल्क बनाया है। हाफिज सईद ने पीएम मोदी को धमकाते हुए कहा कि हम चुप नहीं रहेंगे और तुम्हारी जुबान खींच कर ही रहेंगे। फ़िलहाल ये पुष्ट नहीं हुआ है कि ये वीडियो पाकिस्तान में कहाँ का है, लेकिन इससे इतना ज़रूर साफ़ होता है कि आतंकी वहाँ बेख़ौफ़ घूम रहे हैं।
— Ramesh Naidu Nagothu/రమేశ్/रमेश नायडू (@RNagothu) February 23, 2023
हाफिज सईद ने इस वीडियो में किया कि पीएम मोदी ने ढाका यूनिवर्सिटी में बकवास किया। उसने दावा किया कि इस्लामाबाद पर दबाव बनाया जाता है कि हाफिज सईद क्यों बोल रहा है, लेकिन वो बोलता रहेगा। उसने दावा किया कि पानी रोक कर पाकिस्तान को तबाह करने के मंसूबे हैं। उसने कहा कि अगर तू चाहेगा कि तू चुप रहे, तो ऐसा नहीं हो सकता। उसने ‘दरियाओं में खून बहाने’ की भी धमकी दे डाली। हाफिज सईद के इस वीडियो पर लोग उसे खरी-खोटी सुना रहे हैं और पाकिस्तान को आईना दिखा रहे हैं।
पाकिस्तान कंगाली की स्थिति में पहुँच गया है, ऊपर से तालिबान ने एक के बाद एक हमले कर के उसकी नाक में दम कर रखा है। खाने वाली वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं और नौकरियाँ जा रही हैं। पेट्रोलियम उत्पाद की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है। टैक्स का बोझ भी बढ़ रहा है। कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने कम सैलरी में काम करने की शर्त रख कर अपनी नौकरी बचाई। महँगाई 35% से भी अधिक जा सकती है।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से होय कांग्रेस पर शत-प्रतिशत लागू हो रही है। जिस भीम सेना को मोदी विरोध में पाला, आज वही उसे जूते मारने को तैयार है। राजस्थान के बाड़मेर से भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर (Bhim Sena Chief Nawab Satpal Tanwar) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा के खिलाफ अपशब्द बोल रहा है। सतपाल तंवर ने कहा, “राजस्थान में अशोक गहलोत की खाल उतारकर उसका जूता बनाऊँगा और प्रियंका गाँधी के सिर में मारूँगा।”
भीम सेना प्रमुख सतपाल तंवर बोल रहे कि अशोक गहलोत की खाल उतारकर उसका जूता बनवाऊंगा और प्रियंका गांधी के सर में मारूंगा..... एक CM के लिए इतनी घिनौनी टिप्पणी, साथ ही प्रियंका गांधी, जो एक महिला हैं उनके लिए ऐसी भाषा का प्रयोग....वो भी कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में। pic.twitter.com/ZahMLck4th
भाई ये जितने जहरीले नाग (नक्सल,PFI, भीम+मीम) भारत में उन्मुक्त विचरण कर रहे है,सबको कांग्रेस ने ही दूध पिला कर बड़ा किया है,ये जिस प्रियंका गांधी को मारने की बात कर रहे है,इसके बड़े भाई रावण से अस्पताल में मिलकर प्रियंका गांधी मायावती का जवाब तैयार कर रही थी पिछले चुनाव में।
यह वीडियो बाड़मेर में हुए एक कार्यक्रम है। ‘Ambedkarite People’s Voice’ नाम के फेसबुक पेज पर सोमवार (20 फरवरी, 2023) को नवाब सतपाल तंवर का पूरा वीडियो शेयर किया गया है। इसमें वह लोगों को सम्बोधित करते हुए कहता है, “राजस्थान में अगर एक भी दलित भाई-बहन का पसीना भी गिरा, तो राजस्थान में खून की नदियाँ बहा दूँगा। हम पूरा देश हिलाना जानते हैं। कॉन्ग्रेस सरकार किसी वहम में ना रहें, वरना सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी को इटली भेज देंगे।”
तंवर आगे कहता है, “भाजपा वालों को पाकिस्तान से बहुत प्यार है, उन्हें सीधा पाकिस्तान भेज देंगे। कहने का मतलब साफ है। ये भारत देश हमारा है। ये राजस्थान प्रदेश हमारा है। यहाँ पर इटली वाले क्यों राज करेंगे? भाजपा और कॉन्ग्रेस दोनों ही आरएसएस (RSS) की पैदाइश है। एक की जगह इटली में और दूसरे की पाकिस्तान में है। राजस्थान में सिर्फ दलित राज करेगा। मेघवाल राज करेगा। राजस्थान में चमार राज करेगा, वाल्मीकि राज करेगा। हम राजस्थान और देश को बँटने नहीं देंगे। हम यहाँ के मूल निवासी हैं। गुलामी की जिंदगी हमें बर्दाश्त नहीं है। कान खोलकर सुन ले अशोक गहलोत, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी। मैं राजस्थान में अशोक गहलोत की खाल उतारने आया हूँ। अशोक गहलोत की खाल उतारकर उसका जूता बनाऊँगा और उसे प्रियंका गाँधी के सिर पर मारूँगा।”
दलित नेता सतपाल तंवर राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी की खाल उतारने की धमकी दे रहा है @PoliceRajasthan ऐसे असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई करे ये अपराध अक्षम्य है।
भीम सेना चीफ ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, “अब वो दलित नहीं रहा, जो अत्याचार को सहन करेगा। जो दलितों पर अत्याचार करेगा चूर-चूर हो जाएगा। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अब दलित कलम भी चलाएगा, अब दलित गाड़ी भी चलाएगा। अब दलित मूँछ भी रखेगा, कोट-पेंट पहनेगा और साफ कपड़े भी पहनेगा। अब किसी मनुवादी में हिम्मत है तो भिड़ के दिखा दे। दलितों का शोषण करने वाले मनुवादियों का अब शोषण होगा।”
इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अंकित तिवारी नाम के यूजर ने लिखा, “दलित नेता सतपाल तंवर राजस्थान के मुख्यमंत्री को खाल उतारने की धमकी दे रहा है। राजस्थान की पुलिस ऐसे असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई करे, ये अपराध अक्षम्य है।”
‘नूपुर शर्मा को पेश करो, उस नचनिया से मुजरा कराऊँगा’
सतपाल ने 8 जून 2022 को नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। इससे पहले उसने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा से सबके सामने ‘मुजरा करवाने’ का आपत्तिजनक एवं स्त्री-विरोधी बयान दिया था। तंवर ने अपने बयान में कहा था, “नूपुर शर्मा ने नबी की ईशनिंदा की है। उसने देश में रह रहे करोड़ों मुस्लिमों को आहत किया है। वह माफी के लायक नहीं, फाँसी के लायक है। वह उसे उसके सामने मुजरा करवाएगा।”