Showing posts with label #pseudo-historians. Show all posts
Showing posts with label #pseudo-historians. Show all posts

"वीर हकीकत के बलिदान की प्रासांगिकता” पर गोष्ठी संपन्न : देश धर्म के बलिदानी अमर रहते हैं -आचार्या श्रुति सेतिया


अमन आर्य, उगता भारत, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश  

आज कितने युवा हैं जो युवा "वीर हकीकत राय" के नाम से परिचित होंगे? वर्तमान आबादी का केवल प्रतिशत। जिसका दोषी कोई और नहीं बल्कि आज़ादी से पूर्व और बाद की समस्त सरकारें जिम्मेदार हैं। जिन्हे अपनी कुर्सी और तिजोरी प्यारी थी, भारतीय संस्कृति और प्रतिष्ठा नहीं। "वीर हकीकत राय" हिन्दू धर्म के लिए तुम्हारा बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, जब तक आकाश में चाँद तारे रहेंगे, सनातन धर्म में आपका नाम अमर नहीं जीवित रहेगा। इनका बलिदान पढ़ आँखों से अश्रु बहने लगते हैं। उनके साथ इतनी क्रूरता करने वाले मुग़ल आक्रांता थे, जिन्हें छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेताओं और उनकी पार्टियों ने महान बादशाह बता समस्त देश को भ्रमित किया।  

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के तत्वावधान में गाजियाबाद,सोमवार 5 फरवरी 2024, को ‘वीर हकीकत के बलिदान की प्रासांगिकता ” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह  कोरोना काल से 615 वां वेबिनार था।

वैदिक विदुषी आचार्या श्रुति सेतिया ने कहा कि यूं तो सभी लोग इस नश्वर जगत में पैदा होते हैं,जीते हैं और अंत में मर जाते हैं,पर उन्हीं का जीना और मरना सार्थक होता है जो देश,जाति और धर्म के लिए जीते और मरते हैं। वास्तव में ऐसे ही मनुष्य सच्चे वीर हैं क्योंकि उनका अंत हो जाने पर भी उनकी अमर कीर्ति, उनकी शहादत कभी नहीं भुलाई जा सकती है। वे स्वयं मर कर जाति को अमर कर जाते हैं। ऐसे ही वीरात्मा शहीदो में बालक हकीकत राय का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। इस बालक ने अपनी जान,धर्म के लिए कुर्बान कर दी परंतु इस्लाम धर्म कुबूल नही किया। जब जिस जाति का राज्य होता है,वह जाति अपने धार्मिक सिद्धांतो को सर्वोपरि समझती है। उस समय भारत में मुसलमानों का शासन था। शांति प्रिय हिंदू लोग जबरदस्ती मुसलमान बनाए जाते थे।जो मुसलमान नहीं बनते वे निर्दयता से मार डाले जाते थे।वीर बालक हकीकत राय के समक्ष यही समस्या उपस्थित थी।हकीकत राय को रसूल और कुरान की तौहीन करने की सजा के रूप में मौत के घाट उतार दिया गया।वीर बालक अमरत्व का बीज अपनी आत्मा में धारण किए हुए मृत्यु का प्याला पीने को तैयार हो गया। खुशी खुशी अपने प्राणों की बलि दे दी परंतु इस्लाम धर्म कदापि स्वीकार नहीं किया।बाल हकीकत राय अपने धर्म पर कुर्बान हो गया।इसके बाद लाहौर में हकीकत राय की समाधि बनाई गई।मुसलमानों का शासन अब ना रहा,पर धर्म के लिए बलिदान होने वाले हकीकत राय का नाम आज भी जीवित है और जब तक इस पृथ्वी तल पर हिंदू जाति जीवित है तब तक राम और कृष्ण के प्यारे भक्त हकीकत राय का नाम अमर रहेगा।
मुख्य अतिथि आर्य नेत्री सोनियां आनंद व अध्यक्ष राजश्री यादव ने भी उनके बलिदान की चर्चा कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया उन्होंने कहा कि जो देश धर्म के लिए जीते हैं वह सदा अमर रहते हैं।राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

गायिका कुसुम भंडारी, पिंकी आर्य, प्रवीना ठक्कर, कमला हंस, नरेंद्र आर्य सुमन, विजय खुल्लर, संतोष धर, कौशल्या अरोड़ा, जनक अरोड़ा, प्रतिभा कटारिया आदि के मधुर भजन हुए।

The Kerala Story : क्रू मेंबर को धमकी, कहा- घर से अकेले मत निकलना, ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया

The Kashmir Files हो, Tashkant Files हो या अब The Kerala Story आखिर क्यों हो रहा है विरोध? समय आ गया है, जब इस गंभीर मुद्दे पर जयचन्दी  हिन्दुओं (सच्चाई जानने वाले मुसलमानों की संख्या बहुत ही कम है) को छोड़ समस्त हिन्दू समाज, भारत सरकार, न्यायालय, पुलिस और इतिहासकारों को एक छत के नीचे बैठ उन इतिहासकारों और नेताओं के विरुद्ध सख्त से सख्त निर्णय लेने होंगे, जिन्होंने मुल्लावाद के आगे घुटने टेक देश के वास्तविक इतिहास को धूमिल कर मुग़ल आक्रांताओं के खूनी और हिन्दू महिलाओं के यौन-शोषण से भरे इतिहास पर चादर डाल उनको महान बता दिया। शर्म आनी ऐसे इतिहासकारों और नेताओं और इनको संरक्षण देने वाली पार्टियों को। यदि ऐसा नहीं होता -भारत का गौरवशाली हिन्दू इतिहास पढ़ाया जाता- ऐसी स्थिति ही नहीं आती और न ही ऐसी फिल्में बनती। न कोई टुकड़े-टुकड़े गैंग बनता और न ही कोई 'सिर से तन जुदा' करने वाला गैंग। 
इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में लाने वाली फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) से जुड़े एक क्रू मेंबर को धमकी दी गई है। धमकी सोमवार (8 मई 2023) को एक अनजान नंबर से मैसेज कर भेजी गई। धमकी देने वाले ने कहा है कि फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया गया है। मुंबई पुलिस ने क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया कराई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 मई को द केरल स्टोरी के एक क्रू मेंबर को एक अनजान नंबर से मैसेज आया। मैसेज करने वाले व्यक्ति ने धमकाते हुए लिखा,  “अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया करवाई। हालाँकि शिकायत कॉपी न मिलने के चलते अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है।

फिल्म से जुड़े किस व्यक्ति को धमकी मिली है, यह स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि धमकी फिल्म डायरेक्टर सुदीप्तो सेन को ही दी गई है।

प्रशंसकों को भी मिली हैं धमकियाँ

इससे पहले ‘द केरल स्टोरी’ के प्रशंसकों को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल चुकी है। पुणे में इस फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। साधु ने पुलिस में देश-विदेश के कुछ अनजान नंबरों की शिकायत देते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
इसके अलावा राजस्थान के जोधपुर में VHP से जुड़े राजू सरगरा पर भी इसलिए हमला किया गया, क्योंकि वे लोगों से ‘द केरल स्टोरी’ देखने की अपील कर रहे थे। आरोप है कि कट्टरपंथियों ने राजू सरगरा के व्हाट्सएप स्टेटस को देखने के बाद उन पर हमला किया था। स्टेटस में उन्होंने फिल्म का पोस्टर लगाते हुए उसकी तारीफ की थी। राजू को सिर तन से जुदा की धमकियाँ भी मिली हैं।
अवलोकन करें:-
The Kerala Story

हमारा हिंदू धर्म बहुत शानदार है दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जो पूरी तरह विज्ञान पर आधारित है। हमने इस दुनिया को कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर और अजंता और एलोरा के विशाल शिव मंदिर दिए जो आज की टेक्नोलॉजी भी नहीं बना सकती है।
हजारों साल पहले की सभ्यता यानी सिंधु घाटी की सभ्यता हड़प्पा मोहनजोदड़ो की सभ्यता तक्षशिला जिस पर इन सब चीजों पर आज पाकिस्तान गर्व करता है वह हमारे पूर्वजों पूर्वजों की देन है।
पाकिस्तान के एक विद्वान हसन निगार ने जब एक चैनल पर कहा कि हमारे पूर्वजों की ऐसी क्या विरासत है जिस पर हम गर्व कर सकते हैं, तब समूचे हाल में सन्नाटा पसर गया और उन्होंने कहा कि आज जो पूरे दुनिया के पाकिस्तानी दूतावास में हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की बड़ी सी पेंटिंग तस्वीर लगी होती है और नीचे लिखा होता है पाकिस्तान एक 10000 साल पुरानी सभ्यता कितने शर्म की बात है कि वह हमारी सभ्यता नहीं बल्कि हिंदुओं की सभ्यता है... हम हिंदुओं की विरासत पर ही गर्व कर सकते हैं क्योंकि हमने इस दुनिया को कुछ दिया ही नहीं।
हम हिन्दुओ ने 15000 साल पहले गटर सिस्टम कैनाल सिस्टम, ईट बनाने की कला, नगर संयोजन टाउन प्लैनिंग इत्यादि सीख ली थी जबकि मक्का और मदीना जैसे शहरों में यह सारी सुख सुविधाएं पेट्रोल की खोज होने यानी क्रूड की खोज होने के बाद 19वी सदी में  बनी।
इजिप्ट के पिरामिड भी हमने बनाएं क्योंकि एकमात्र हिंदू धर्म है जो पुनर्जन्म पर विश्वास करता है और पिरामिड को आज की टेक्नोलॉजी भी नहीं बना सकती... जॉर्डन में पूरे पहाड़ों को काटकर हमने एक नगर बनाया जिसे आज पेट्रा कहते हैं जो आज जार्डन की कमाई का सबसे बड़ा आधार है उसमें कई हिंदू देवी देवताओं के मंदिर हैं।
हमारे धर्म में जो कालखंड और ग्रहों की गणनाएं हैं उसे जानकर आप चौक जाएंगे आज जब सैटेलाइट और जीपीएस टेक्नोलॉजी इतनी उन्नत हो चुकी है फिर भी आज के लाखों साल पहले हम किस तरह से ग्रहों की चाल की गणना कर लेते थे।
जेनेटिक्स की खोज तो 19 वी सदी में हुई गुणसूत्र यानी क्रोमोसोम्स डीएनए और आरएनए की खोज  हुई 20 वीं सदी में हुई लेकिन उसके पहले हमारे धर्म ग्रंथों में सेपरेशन आफ जींस के बारे में विस्तार से बताया गया है और समस्त हिंदू समुदाय को सात ऋषियो  के नाम पर सात गोत्र में बांट दिया गया है और कहा गया है कि सगोत्रीय विवाह मत करो क्योंकि जींस का सेपरेट होना जरूरी है और आज यही कारण है की जींस लिंकेज बीमारी यानी जींस से रिलेटेड बीमारियां हिंदुओं में नहीं पाई जाती।
और आप अपने शहर के किसी सरकारी बड़े हॉस्पिटल में जाइएगा और वहां देखिएगा की जींस से रिलेटेड बीमारियां जैसे हीमोफीलिया थैलीसिमिया, बार-बार अबॉर्शन, सिस्टिक फाइब्रोसिस, डाउन सिंड्रोम, हीमोफीलिया और मंगोलिज्म  एल्बिनिज्म आदि से कौन पीड़ित है।
अब पाकिस्तान में भी मांग उठने लगी कि नजदीकी रिश्तेदारों से यानी कजिन विवाह पर रोक लगाई जाए क्योंकि पाकिस्तान का पूरा मेडिकल सिस्टम इन बीमारियों से थक चुका है।
यदि कोई हिंदू लड़की या लड़का भी अपने किसी नजदीकी रिश्तेदार से विवाह करता है तब उसके आने वाले बच्चों में भी इन तमाम बीमारियों के होने की संभावना बेहद बढ़ जाती है।

वामपंथियों के प्रोपेगेंडे की कई बार लगा चुके वाट पॉपुलर अकॉउंट True Indology की ट्विटर पर हुई वापसी : सच दिखाने की वजह से निशाने पर था

                                                                                                                        साभार: फाइल फोटो
विश्व में भारत ऐसा इकलौता देश है, जिसके अधिकांश वासियों को अपना वास्तविक इतिहास ही नहीं मालूम और जो जानकर बताने की कोशिश करता है, उसे गंगा-जमुनी तहजीब जैसे ठोंगी नारे से भ्रमित किया जाता है, फिरकापरस्त आदि से बदनाम किया जाता रहा है। लेकिन बदलते परिवेश में कल तक ट्विटर पर भारत के गौरवशाली इतिहास वाले अकॉउंट को ब्लॉक कर दिया जाता था, पॉपुलर अकॉउंट True Indology तक को ब्लॉक कर दिया गया था, परन्तु अब उसी ट्विटर पर पॉपुलर अकॉउंट True Indology की वापसी से वामपंथियों और छद्दम धर्म-निरपेक्षों की नींद और रोटी हराम होने के दिन आ गए हैं।  
टेस्ला (Tesla) और स्पेएक्स (SpaceX) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) के अधिग्रहण से पहले माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) पर पक्षपात करने और कुछ हैंडल को प्रतिबंधित करने के आरोप लगते रहे हैं। कंपनी का स्वामित्व बदलने के साथ ही ऐसे हैंडलों पर से प्रतिबंध हटाने की कवायद शुरू हो गई है। ऐसे ही एक हैंडल TrueIndology है, जिसे फिर से रिस्टोर कर दिया गया है।

TrueIndology को बहाल करने की जानकारी प्रसिद्ध लेखक आनंद रंगनाथन ने दी है। इस हैंडल की वापसी का स्वागत करते हुए रंगनाथन ने लिखा, “आपका स्वागत है @TrueIndology, नए साल का सबसे अच्छा तोहफा, जिसकी उम्मीद की जा सकती थी। झोलाछाप वामपंथियों और इतिहासकारों के अंत का शुरू हो गया है।”

ट्विटर के प्रबंधन में बदलाव के साथ ही पक्षपातपूर्ण नीतियों की समीक्षा हो रही है। इसकी जानकारी ट्विटर ने दी है। ट्विटर सेफ्टी ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया, “हमने ऐसी कई नीतियों की पहचान की है, जिनमें Twitter के नियमों को तोड़ने के लिए स्थायी निलंबन एक अनुचित कार्रवाई की गई थी।”

Twitter Safety ने आगे कहा, “हमने हाल ही में उन अकाउंट को बहाल करना शुरू किया है, जिन्हें इन नीतियों के उल्लंघन के कारण निलंबित कर दिया गया था और अगले 30 दिनों में साप्ताहिक रूप से और खातों में विस्तार करने की योजना है।”

ट्रूइंडोलॉजी एक प्रसिद्ध ट्विटर हैंडल है, जो वामपंथी और इस्लामवादियों की प्रोपेगेंडा को एक्सपोज करता रहा है। चाहे फर्जी समाचार हो, फर्जी इतिहास हो, हिंदुओं पर गलत आक्षेप हो या मुगलों का महिमामंडन, TrueIndolgy इनका फंडाभोड़ करता रहा है। यही कारण है कि वामपंथी बड़े पैमाने पर इस हैंडल को रिपोर्ट करते रहे हैं और सत्यता की जाँच किए बिना ट्विटर के पूर्व प्रबंधन द्वारा इसे सस्पेंड किया जाता रहा है।

जनवरी 2019 में NDTV की एक खबर को ट्रूइंडोलॉजी ने झूठा साबित किया था। एनडीटीवी ने अपनी खबर में बताया था कि जम्मू-कश्मीर के एक हिंदू बहुल गाँव ने एक मुस्लिम को जीता कर सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल कायम की है। इस पर यह हैंडल ने बताया था कि मुस्लिम बहुसंख्यक जम्मू-कश्मीर में कभी कोई हिंदू मुख्यमंत्री नहीं रहा।

इसी तरह की अप्रैल 2019 में एक फेक न्यूज का खुलासा ट्रूइंडोलॉजी ने किया था, जब द वायर की पत्रकार आरफ़ा खानम शेरवानी ने दावा किया था कि गोरखनाथ मंदिर को बनाने के लिए मुस्लिम नवाब आसिफ़-उद्-दौला ने जमीन दान की थी। तब ट्रूइंडोलॉजी ने आरफ़ा खानम के ट्वीट का फैक्ट-चेक कर बताया था कि यह मंदिर कम-से-कम 800 साल पुराना है, जबकि नवाब आसिफ़-उद्-दौला केवल सवा दो सौ साल पहले आया था।

इसी तरह की फर्जी खबरें और फर्जी इतिहास को ट्रूइंडोलॉजी एक्सपोज करता रहा है। इसके कारण यह वामपंथियों, इस्लामवादियों और फर्जी इतिहासकारों के निशाने पर रहा है। इन लोगों की रिपोर्ट के बाद ट्विटर पक्षपात करते हुए कई बार इस हैंडल को सस्पेंड कर चुका है। हालाँकि, नए प्रबंधन द्वारा ऐसी नीतियों की समीक्षा का हर जगह स्वागत हो रहा है।

भारत के लिए 7 चुनौतियों पर जयपुर डायलॉग में गंभीर चर्चा : मानसिक गुलामी से निकलता भारत, तिलमिलाता लिबरल गिरोह

                                                                                                                   साभार: swarajyamag
आज भारत में इस्लामिक कट्टरपंथी शायद अपनी सीमा को पार कर रही है। 
हैदराबाद में पैंगबर को लेकर निजी चैट सार्वजनिक होने पर हिंदू छात्र को 20 लोगों ने बेरहमी से पीटा। आरोप है कि मुस्लिम लड़कों ने पीटकर लगवाए अल्लाह हू अकबर के नारे। प्राइवेट पार्ट पर लात मारी, वीडियो बनाया और जान से मारने की धमकी दी। कहाँ है #mob lynching, #intolerance, #not in my name,गंगा-जमुनी तहजीब के ढोंगी नारे और संविधान की दुहाई देने वाले आदि गैंग कहाँ है? किसी बीजेपी शासित राज्य किसी मुस्लिम के अप्रिय घटना होने पर पिकनिक मनाने पहुँचने वाले छद्दम धर्म निरपेक्ष किस बिल में घुसे बैठे हैं? क्या इन सबके घरों में कोई मातम है, जो किसी की आवाज़ नहीं निकल रही। क्योकि पिटने वाला हिन्दू है और हैदराबाद भाजपा शासित नहीं।

ऐसी ही गंभीर चुनौतियों पर Jaipur Dialogues पर प्रतिदिन चर्चा करता है। जिसके लिए संजय दीक्षित, आईएएस(रिटायर्ड) प्रशंसा के पात्र हैं। जब देश में नूपुर शर्मा को लेकर मुस्लिम कट्टरपंथियों के सिर पर "तन से सिर जुदा" सवार होने के बावजूद इस्लाम पर गंभीर चर्चाएं करने में संकोच नहीं किया। उन चर्चाओं में इस्लाम पर खुलकर हर आयत पर बहुत ही सार्थक चर्चा हुई। 
जयपुर में भारत की आजादी के अमृत काल के तहत दो दिवसीय जयपुर डायलॉग फोरम आयोजित किया गया। पिछले हफ्ते (5-6 नवंबर 2022) हुए इस फोरम में विभिन्न क्षेत्रों के नामचीन हस्तियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर यहाँ चर्चा की। देश का इतिहास कैसा रहा, वर्तमान किन परिस्थितियों से गुजर रहा है, भविष्य में क्या-क्या चुनौतियाँ आ सकती हैं, इन बिंदुओं पर भी तरह-तरह के मत रखे गए।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, आनंद रंगनाथन, अंबर जैदी, ओमेंद्र रत्नू, नीरज अत्री, गुरु प्रकाश, कपिल मिश्रा, आर जगन्नाथन, शाजिया इल्मी, विक्रम संपत, सुशांत सरीन – ये कुछ चंद बड़े नाम हैं, जिन्होंने जयपुर डायलॉग फोरम में विभिन्न सत्रों में विचार मंथन को धार दिया। बहुत सारी बातें और चर्चाओं के बीच यहीं पर देश के लिए 7 चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

देवी-देवताओं का अपमान, देश को बनाते मजाक का पात्र

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देश अब मानसिक गुलामी के दौर से निकल रहा है। 2014 में आया परिवर्तन का दौर निरंतर जारी है। साथ ही उन्होंने चेताया कि एक समूह के द्वारा देश को मजाक का पात्र बनाया जा रहा है। यहाँ तक कि देवी-देवताओं का अपमान करने से नहीं चूक रहे लोग।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में फिल्मों में सिखों और सेना के जवानों का खुला उपहास किया गया, जो आज भी जारी है। उन्होंने कहा, “जहाँ भी दुनिया में लेफ्ट लिबरल है, वहाँ उदारता नहीं है। वो हमारे दिमाग में बड़े सटीक नैरेटिव भरते हैं। युवा पीढ़ी को इसे समझना होगा।” उन्होंने कहा, “जैसे ही नेरेटिव वाला विष निकलेगा, हमारी शक्ति सामने आ जाएगी।”

‘सभी धर्म एक समान’ सिर्फ दिखावा, एक खास धर्म पर चर्चा भी असंभव

आनंद रंगनाथन ने कथित लिबरलों और वामपंथ पर प्रहार करते हुए कहा कि वे ‘सभी धर्म एक समान’ का ढोल पीटते हैं लेकिन व्यवहार में ऐसा नहीं मानते। इसी मामले पर भरत गुप्त ने कहा कि इस्लाम का इतिहास बताने वाली बहुत अधिक पुस्तकें नहीं हैं। ऐसे में जो उपलब्ध है, उसकी ही ठीक-ठीक व्याख्या होनी चाहिए।
अजय चुंगरू ने इस मामले की तह में जाते हुए कहा कि सभी धर्मों में सवाल उठाने की स्वतंत्रता नहीं है। यहाँ तक कि नास्तिक बनने की स्वतंत्रता भी नहीं है। उन्होंने बताया कि 13 इस्लामिक देश ऐसे हैं, जहाँ नास्तिकों को मार दिया जाता है। जबकि हिंदू धर्म में नास्तिक को भी अभिव्यक्ति की आजादी है।

हिंदुत्व को नीचा दिखाने के लिए इतिहास से खेल

इतिहासकार विक्रम संपत ने तरह-तरह के उदाहरण देकर समझाया कि कैसे देश में विभिन्न तरीकों से हिन्दुत्व का विरोध किया गया… जो मुगल काल से आजादी के बाद भी जारी रहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब नए इतिहास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि फिल्मों में हिन्दुस्तान की बेटी-महिलाओं की नीलामी के दृश्य दिखाकर देश-विदेश में हमारी संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया गया।
‘भारत- भूत, वर्तमान और भविष्य’ विषय पर चर्चा करते हुए ओमेंद्र रत्नू ने कहा कि हिंदू समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। दूसरे धर्म के या कथित लिबरल इतिहासकारों ने लेकिन इसकी गलत जानकारी देकर भ्रमित किया।
इस पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए तुफैल चतुर्वेदी ने कहा कि दूसरे धर्म के लोग भारत में राज और कारोबार करने नहीं, बल्कि धर्म का प्रचार-प्रसार करने आए थे। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की खोज करने वाले भी पादरी ही थे।

आतंक और जिहाद के साए में कश्मीरी हिंदू

‘धारा 370 हटाने के बाद 3 साल का मूल्यांकन’ – जयपुर डायलॉग फोरम में यह भी एक विषय था। इस पर अजय चुंगरू ने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटा दी गई लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने इसका सम्मान नहीं किया। भारत ने इसे विकास से जोड़ जरूर दिया बावजूद कश्मीरी सत्ता की सीढ़ी गिने-चुने मुस्लिमों तक सीमित करने के प्रयास होते रहे।
इसी विषय पर गुरु प्रकाश ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 और 35a हटाने से पहले कश्मीर में संवैधानिक फ्रॉड जारी था। सुशील पंडित ने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए आरोप लगाया कि अब घाटी में पर्यटन के नाम पर जेहाद के लिए फंडिंग की जा रही है।

धर्मांतरण

इस मामले पर पत्रकार अंबर जैदी ने चिंता जताते हुए कहा कि कश्मीर और केरल में व्यापक स्तर पर धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। लड़कियों को सेक्स टॉय बनाकर देश के बाहर भेजा जा रहा है, लेकिन कोई कथित लिबरल उस पर सवाल खड़ा नहीं कर रहा है।
जय आहूजा ने कहा कि देश में मेवात एक ऐसा क्षेत्र है, जहाँ के ढाई सौ गाँव हिंदू-विहीन हो चुके हैं। जिस गाँव में मुस्लिम आबादी अधिक है, वहाँ भारतीय कानून के बजाय शरिया लागू हो चुका है। मुस्लिम-बहुल आबादी वाले क्षेत्रों की समस्या पर उन्होंने याद दिलाया कि धारा 370 हटाने पर भी कश्मीर के कानूनों में बदलाव नहीं आ पाया है।

लोकतंत्र के कमजोर होते खंभे

‘लोकतंत्र या वोट खरीद’ विषय पर चर्चा वाले सत्र में महाराष्ट्र के वरिष्ठ पत्रकार भाऊ तोरसेकर ने कहा कि लोकलुभावन नारे, बातें, उपहार, शराब, नकदी आदि ने लोकतंत्र को चोट पहुँचाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सत्ताधारी को जिम्मेदार बनाना होगा।
कपिल मिश्रा ने इस विषय पर चर्चा में कहा कि भारत दुनिया का सबसे सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था का देश है। लेकिन न्यायपालिका, मीडिया और ब्यूरोक्रेसी ने अपना धर्म नहीं निभाया और इस कारण से विधायिका पथभ्रष्ट हो गई।
ओमकार चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में मुफ्त की बंदरबाँट पर राज्यों पर कई लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो गया है। भारत दुनिया की पाँचवीं सशक्त अर्थव्यवस्था घोषित हुई है, लेकिन अभी इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए।

हिंदुओं का शोषण, मंदिरों पर नियंत्रण

आनंद रंगनाथन ने ‘जिसका साथ उसका विकास’ नारा देते कहा कि भारत में हिंदू 9वें नागरिक हैं। उन्होंने बताया कि जेएनयू में कहा जाता है कि भारत हिंदू राष्ट्र बन गया है जबकि सच्चाई यह है कि भारत में हिंदुओं का निरंतर शोषण हो रहा है। सरकार मंदिरों का नियंत्रण कर रही है। पंडित और पूजा के अधिकार बदल दिए गए हैं। यहाँ तक की दान-दक्षिणा भी सरकारी खजाने में जमा हो रही है। उनके अनुसार हिंदुओं की दुर्दशा का कारण अल्पसंख्यकों का ताकतवर होना नहीं बल्कि बहुसंख्यकों का लगातार कमजोर होना है।
इस चर्चा को आगे बढ़ाते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील विष्णु जैन ने कहा कि समाज की संस्कृति निरंतर प्रदूषित हो रही है। यौन हिंसा बढ़ रही है। सनातन संस्कृति को मजबूत करने से ही देश फिर विश्व गुरु बनेगा।
पंडित सतीश शर्मा ने कहा कि हिंदू विरोधी तंत्र को तोड़ने के लिए अभिमन्यु की बजाए अर्जुन बनना होगा। धार्मिक मामले और न्यायपालिका पर बात करते हुए पत्रकार आर जगन्नाथन ने कहा कि धर्म और आस्था के मामलों में अदालत को निजी राय नहीं देनी चाहिए।
अवलोकन करें:-
नेहरू ने बना दिया शिक्षा मंत्री: इतिहास से मिटाई मुगलों की बर्बरता, तुष्टिकरण का पाठ पढ़ा हिंदु
NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
नेहरू ने बना दिया शिक्षा मंत्री: इतिहास से मिटाई मुगलों की बर्बरता, तुष्टिकरण का पाठ पढ़ा हिंदु
‘जयपुर डायलॉग-2022’ को संबोधित करने, चर्चा में भाग लेने आए सभी वक्ताओं, विद्वानों का पूर्व आईएएस व जयपुर डायलॉग के चेयरमैन संजय दीक्षित और अध्यक्ष सुनील कोठारी ने आभार जताया।