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‘The Kerala Story' फिल्म को प्रोपेगंडा फिल्म बताने वाले वामपंथियों की लड़कियों के Love Jehad का शिकार होने पर ले रहे चुपचाप एक्शन

                         लव जिहाद को लेकर वामपंथी नेता का विरोध (फोटो साभार: केरल कौमुदी)
केरल के एक कम्युनिस्ट नेता की बेटी मुस्लिम लड़के से शादी करना चाहती है और अब पिता लव जिहाद का रोना रो रहा है। ये सुनने में अजीब लगता है न? लेकिन यही हकीकत है।

Love Jehad की गाथा 1980 के लगभग केरल से ही शुरू हुई, लेकिन तुष्टिकरण के चलते धर्म-निरपेक्षता के नाम पर दबाया जाता रहा और हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा इस मुद्दे को उठाने पर इसे साम्प्रदायिकता का नाम देकर बदनाम किया जाता रहा। लेकिन जब आज वही आग इनके घरों में घुस गयी तब चुपचाप कार्यवाही की जा रही है। अब कोई 'Love is Love' कहने की हिम्मत नहीं। मामला घर में लगी आग का है। यह सच है कि वामपंथी किसी धर्म या मजहब को नहीं मानते, लेकिन दोगले अपने-अपने घरों में पूजा पाठ और नमाज तक पढ़ते हैं। 

   

केरल के कासरगोड में सीपीएम के एरिया कमिटी मेंबर पीवी भास्करन की बेटी संगीता ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें वो बताती है कि उसके पिता ने उसे घर में कैद कर रखा है, बुरी तरह पीटा जा रहा है, मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं दे रहे। संगीता पैरालाइज्ड है, एक्सीडेंट के बाद कमर से नीचे लकवा मार गया। वो राशिद नाम के मुस्लिम लड़के से शादी करना चाहती है, बस इसी बात पर घर में हंगामा मच गया।

संगीता का कहना है कि तलाक के बाद मिले पैसे उसके पिता और भाई ने हड़प लिए। पिता ने धमकी दी कि ‘कम्युनिज्म यहाँ नहीं चलेगा, मार दूँगा और केस से बच जाऊँगा’। संगीता ने कोर्ट में हैबियस कॉर्पस की पिटीशन डाली, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट में कहा कि वो माता-पिता के साथ है। लोकल पुलिस ने पिता के राजनीतिक प्रभाव से बात नहीं सुनी।

अब पिता भास्करन का दावा है कि राशिद पहले से शादीशुदा है और संगीता की 1.5 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए उसे फँसाया है। भास्करन वही नेता हैं, जो पहले ‘The Kerala Story' फिल्म को संघ परिवार का प्रोपगैंडा बताते थे। ये फिल्म लव जिहाद पर बेस्ड है, जो केरल में नॉन-मुस्लिम लड़कियों को टारगेट करने के नेटवर्क्स को दिखाती है। केरल में लेफ्ट और कांग्रेस दोनों ही लव जिहाद को फर्जी बताते हैं, वोट बैंक के चक्कर में। लेकिन अब जब खुद की बेटी का मामला आया, तो भास्करन को लव जिहाद याद आ गया। ये दोहरा चरित्र नहीं तो क्या है?

सोचिए कि जो वामपंथी नेता जनता को लेक्चर देते हैं कि धर्म के नाम पर कुछ नहीं होता, सब प्रोपगैंडा है। लेकिन जब घर की इज्जत दांव पर लगे, तो वही लव जिहाद का शोर मचाते हैं। ये सिर्फ भास्करन का मामला नहीं। केरल में ही एक और केस हुआ था, जहाँ एक क्रिश्चियन सीपीएम कैडर की बेटी या रिश्तेदार मुस्लिम लड़के से रिलेशनशिप में थी। कोर्ट ने कपल को साथ रहने की इजाजत दी, लेकिन कम्युनिस्टों का ग्रुप ने मुस्लिम लड़के को कोर्ट के सामने पीट दिया।

यही लोग बाहर से कहते हैं कि इंटरफेथ मैरिज फ्रीडम है, लेकिन जब अपना परिवार हो, तो असलियत सामने आ जाती है। वामपंथी खुद को सेकुलर बताते हैं, लेकिन अंदर से परिवार की रक्षा के लिए वही बातें करते हैं जो आम हिंदू या क्रिश्चियन परिवार करते हैं।

लव जिहाद क्या है, ये केरल तो जानता ही है। वहाँ सबसे बड़े नेटवर्क्स का खुलासा हो चुका है। ISIS जैसे वैश्विक आतंकवाद से जुड़े केस सामने आए। ‘The Kerala Story' ने इन्हीं हकीकतों को दिखाया, लेकिन वामपंथियों ने विरोध किया। फिल्म को बैन करने की माँग की, प्रोपगैंडा कहा। क्यों? क्योंकि अल्पसंख्यक वोट बैंक को नाराज नहीं करना।

केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट दोनों ही लव जिहाद को झूठ बताते हैं। लेकिन रियलिटी ये है कि मुस्लिम लड़के नॉन-मुस्लिम लड़कियों को टारगेट करते हैं। पहले दोस्ती, फिर लव, फिर कन्वर्जन और निकाह। संपत्ति, परिवार तोड़ना सब इन्वॉल्व। केरल स्टोरी जैसी फिल्में हकीकत बयान करती हैं, लेकिन पॉलिटिशियंस इसे दबाते हैं।

ऐसे मामले सिर्फ केरल तक सीमित नहीं। पूरे देश में फैले हैं। पश्चिम बंगाल में भी वामपंथी शासन के समय कई केस हुए, जहाँ हिंदू लड़कियाँ मुस्लिम लड़कों के जाल में फँसती रहीं। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने भी लव जिहाद को डिबेट ही नहीं होने दिया। लेकिन प्राइवेट में कई लेफ्ट फैमिलीज ने अपनी बेटियों को बचाने के लिए चुपके से एक्शन लिया।

एक उदाहरण लीजिए केरल के ही सीएम पिनारायी विजयन की बेटी वीणा का केस। वो DYFI के मुस्लिम प्रेसिडेंट मुहम्मद रियास से शादी कर ली। ये पॉजिटिव तरीके से पेश किया गया, लेकिन क्या ये असली लव था या पॉलिटिकल वैल्यू? वामपंथी इसे सेकुलरिज्म का प्रतीक बताते हैं, लेकिन अगर कोई आम लड़की ऐसा करे और बाद में परेशानी हो, तो वो प्रोपगैंडा। दोहरा मापदंड साफ दिखता है।

वामपंथियों का असली चेहरा ये केस खोलते हैं। वो खुद को धर्म-विरोधी बताते हैं, लेकिन घर में पूजा-पाठ करते हैं। कई नेता नमाज पढ़ते पकड़े गए। जनता को दिखाने के लिए कट्टर कम्युनिस्ट, लेकिन परिवार बचाने के लिए रिलिजन मैटर्स। ये फर्जीवाड़ा है। सेकुलरिज्म का मतलब ये नहीं कि अपनी बेटी को खतरे में डालो। लव जिहाद एक सिस्टम है- जहाँ लड़के ट्रेनिंग लेते हैं, लड़कियों को फँसाते हैं। केरल, यूपी, हरियाणा हर जगह केस सामने आए हैं। लेकिन वामपंथी मीडिया और पॉलिटिक्स इसे कवर-अप करते हैं। क्यों? वोट के लिए। अल्पसंख्यक वोट बैंक को खुश रखना।

संगीता का केस दुखद है। वो पैरालाइज्ड है, मदद की जरूरत है, लेकिन परिवार संपत्ति के चक्कर में उसे सताने लगा। राशिद का बैकग्राउंड संदिग्ध लगता है- पहले से शादी, प्रॉपर्टी का लालच। भास्करन ने सही कहा हो या गलत, लेकिन उनका डर जायज है। आम परिवारों में यही होता है। लेकिन वही लोग जो बाहर से कहते हैं ‘Love is Love', घर में डरते हैं। ये दिखाता है कि लव जिहाद रियल है, फिल्में झूठ नहीं बोलतीं। पुलिस का रोल भी शक के घेरे में है कि उसने पॉलिटिकल इन्फ्लुएंस से केस को दबा कर रखा। संगीता ने डीएसपी और कलेक्टर तक से शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं। ये केरल के पुलिसिया सिस्टम की भी नाकामी है।

भास्करन का केस एक आईना है। वामपंथी सेकुलरिज्म फेक है। असली सेकुलरिज्म परिवार की सुरक्षा है, न कि वोट बैंक की गुलामी। ऐसे लव जिहाद को नकारना बंद करें और असलियत को स्वीकार कर कार्रवाई के लिए सामने आएँ, वर्ना फर्जी वामपंथ के चक्कर में तमाम परिवार बर्बाद होते ही रहेंगे।

बिहार : ‘The Kerala Story के निर्देशक की आँख निकालने वाले को 21 लाख रूपए का इनाम’: तमन्ना हाशमी का ऐलान, ‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ ने जलाए फिल्म के पोस्टर

'The Kerala Story' के निर्देशक सुदीप्तो सेन को मुजफ्फरपुर में धमकी (फोटो साभार: Zee News)
जब से फिल्म ‘The Kerala Story’ का ट्रेलर आया है, तभी से इससे जुड़े लोगों को धमकियाँ मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। अब फिल्म रिलीज भी हो गई है। पहले हफ्ते में इसने भारत में 82 करोड़ रुपए का नेट कारोबार भी कर लिया है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म शुक्रवार (12 मई, 2023) को 100 करोड़ रुपए के आँकड़े को भी पार कर गई। लेकिन कट्टरपंथी, आतंकवाद और गजवा-ए-हिन्द समर्थक इसे इस्लाम के विरुद्ध बताकर दुष्प्रचार कर रहे हैं, जबकि यह फिल्म इस्लाम नहीं आतंकवाद के खिलाफ है। इधर बिहार के मुजफ्फरपुर में फिर से फिल्म के निर्देशक को धमकी मिली है। साथ ही फिल्म के पोस्टर भी जलाए गए।

‘हक़-ए-हिंदुस्तान’ मोर्चा ने ऐलान किया है कि जो भी ‘The Kerala Story’ के निर्देशक की आँख निकालेगा, उसे 21 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। ये ऐलान मोर्चा के अध्यक्ष तमन्ना हाशमी ने किया है। ये मोर्चा खुद को सामाजिक संस्था बताता रहा है। तमन्ना हाशमी ने ये भी कहा कि इस फिल्म के जरिए मुस्लिमों को बदनाम करने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे उन्माद फैलाने वाली फिल्म बताते हुए माँग की कि बिहार में इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

बुधवार (10 मई, 2023) को शहीद खुदीराम बोस स्मारक के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन में मोर्चा के लोगों ने ये बातें कही। बता दें कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश में फिल्म को टैक्स-फ्री किया जा चुका है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म के निर्देशक, निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और अभिनेत्री अदा शर्मा से मुलाकात की। ‘The Kerala Story’ में दिखाया गया है कि कैसे केरल में एक साजिश के तहत हिन्दू लड़कियों को ‘लव जिहाद’ के जाल में फँसा कर उनका निकाह और इस्लामी धर्मांतरण किया जाता है, फिर उनकी तस्करी कर के ISIS का सेक्स स्लेव बना दिया जाता है।

इससे पहले फिल्म के एक क्रू मेंबर को एक अनजान नंबर से मैसेज आया था। मैसेज करने वाले व्यक्ति ने धमकाते हुए लिखा था,  “अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया करवाई। फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। 


‘The Kerala Story बनाने वाले को सरेआम फाँसी देनी चाहिए’: शहीद इशरत जहाँ एंबुलेंस सेवा की शुरु करने वाले NCP नेता जितेंद्र आव्हाड

             निर्माता विपुल अमृतलाल शाह, निर्देशक सुदीप्तो सेन और एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड (बीच में)
शरद पवार को अपनी पार्टी की ओर ध्यान देना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि 
विधायक जितेंद्र आव्हाड की वजह से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी क्षेत्रीय पार्टी भी न रहे। राष्ट्रीय दर्जा तो समाप्त हो ही चूका है। पार्टी के नेता ऐसी ऊल-जलूल बात करते रहे, फिर वह दिन भी दूर नहीं होगा, जब पार्टी केवल नाम की ही रह जाएगी। जनता की नब्ज को पढ़ लो। तुष्टिकरण और छद्दम धर्म-निरपेक्षता के दिन लदने शुरू हो गए हैं। जितना The Kerala Story का विरोध किया जाता रहेगा, जनता उनको आतंकवाद समर्थक की सूची में डाल चुनावों में उस नेता को ही नहीं बल्कि पार्टी को धूल चटाने का मन बना रही है। 

शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) के निर्माता को सार्वजनिक तौर पर फाँसी देने की डिमांड की है। अतीत में हिंदू त्योहारों को दंगों का कारण बता चुके आव्हाड ने कभी आतंकी इशरत जहाँ के नाम पर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत भी की थी। हाल में जब पवार ने एनसीपी अध्यक्ष पद छोड़ने का ऐलान किया था तो उनके समर्थन में इस्तीफा देने वालों में भी आव्हाड थे।

जितेंद्र आव्हाड ने कहा है, “द केरल स्टोरी के नाम पर एक राज्य और वहाँ की महिलाओं को बदनाम किया जा रहा। आधिकारिक आँकड़ा 3 का था, लेकिन इसे 32000 के तौर पर पेश किया गया। इस काल्पनिक फिल्म को बनाने वाले को सार्वजिनक रूप से फाँसी देना चाहिए।” उल्लेखनीय है कि द केरल स्टोरी का निर्देशन सुदीप्तो सेन ने किया है जबकि इसके निर्माता विपुल अमृतलाल शाह हैं।

इससे पहले जितेंद्र आव्हाड ने एक ट्वीट में केरल की साक्षरता समेत अन्य मुद्दों का जिक्र करते ‘द केरल स्टोरी’ को ‘झूठी फिल्म’ करार दिया था। उन्होंने लिखा था फिल्म में जैसा दिखाया गया है, सच्चाई उसके उलट है। 32000 महिलाओं का आँकड़ा फिल्म चलाने के लिए बताया जा रहा है। इस फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि महिलाएँ मूर्ख हैं और उन्हें कुछ भी समझ नहीं आता। फिल्म में महिलाओं को पुरुषों से कमजोर दिखाया गया है। यही फिल्म की सच्चाई है। इस तरह की फिल्में नफरत और हिंसा फैलाकर चुनाव जीतने के लिए बनाई जाती हैं।

2016 में मुंबई में लश्कर-ए-तैयबा आतंकी इशरत जहाँ के नाम पर एंबुलेंस सेवा शुरू की गई थी। इसकी लॉन्चिंग में भी आव्हाड भी शामिल हुए थे। यही नहीं, आव्हाड हिंदुओं के प्रमुख त्योहार राम नवमी और हनुमान जयंती को दंगों की वजह भी करार दे चुके हैं। न्होंने कहा था कि लगता है जैसे रामनवमी और हनुमान जयंती सिर्फ दंगों के लिए ही मनाई जाती है।

पश्चिम बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ बैन

उत्तर प्रदेश में ‘द केरल स्टोरी’ टैक्स फ्री हो गई है। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिल्म को राज्य में बैन कर दिया है। ममता ने कहा है कि यह फैसला राज्य में नफरत और हिंसा को रोकने तथा शांति बरकरार रखने के लिहाज से लिया गया है।
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‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) फिल्म की कहानी ISIS में शामिल की जाने वाली लड़कियों के साथ घटित घटनाओं पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक एजेंडे के तहत दूसरे धर्म की लड़कियों को बहलाकर इस्लाम कबूल करवाया जाता है, फिर उन्हें आतंकी बनाकर ISIS में भेज दिया जाता है। फिल्म में अदा शर्मा ने शालिनी उन्नीकृष्णन का रोल निभाया है।

The Kerala Story : क्रू मेंबर को धमकी, कहा- घर से अकेले मत निकलना, ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया

The Kashmir Files हो, Tashkant Files हो या अब The Kerala Story आखिर क्यों हो रहा है विरोध? समय आ गया है, जब इस गंभीर मुद्दे पर जयचन्दी  हिन्दुओं (सच्चाई जानने वाले मुसलमानों की संख्या बहुत ही कम है) को छोड़ समस्त हिन्दू समाज, भारत सरकार, न्यायालय, पुलिस और इतिहासकारों को एक छत के नीचे बैठ उन इतिहासकारों और नेताओं के विरुद्ध सख्त से सख्त निर्णय लेने होंगे, जिन्होंने मुल्लावाद के आगे घुटने टेक देश के वास्तविक इतिहास को धूमिल कर मुग़ल आक्रांताओं के खूनी और हिन्दू महिलाओं के यौन-शोषण से भरे इतिहास पर चादर डाल उनको महान बता दिया। शर्म आनी ऐसे इतिहासकारों और नेताओं और इनको संरक्षण देने वाली पार्टियों को। यदि ऐसा नहीं होता -भारत का गौरवशाली हिन्दू इतिहास पढ़ाया जाता- ऐसी स्थिति ही नहीं आती और न ही ऐसी फिल्में बनती। न कोई टुकड़े-टुकड़े गैंग बनता और न ही कोई 'सिर से तन जुदा' करने वाला गैंग। 
इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में लाने वाली फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) से जुड़े एक क्रू मेंबर को धमकी दी गई है। धमकी सोमवार (8 मई 2023) को एक अनजान नंबर से मैसेज कर भेजी गई। धमकी देने वाले ने कहा है कि फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया गया है। मुंबई पुलिस ने क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया कराई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 मई को द केरल स्टोरी के एक क्रू मेंबर को एक अनजान नंबर से मैसेज आया। मैसेज करने वाले व्यक्ति ने धमकाते हुए लिखा,  “अकेले घर से बाहर मत निकलना। तुमने फिल्म में ये कहानी दिखाकर अच्छा नहीं किया।” फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से की है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते क्रू मेंबर को सुरक्षा मुहैया करवाई। हालाँकि शिकायत कॉपी न मिलने के चलते अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है।

फिल्म से जुड़े किस व्यक्ति को धमकी मिली है, यह स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि धमकी फिल्म डायरेक्टर सुदीप्तो सेन को ही दी गई है।

प्रशंसकों को भी मिली हैं धमकियाँ

इससे पहले ‘द केरल स्टोरी’ के प्रशंसकों को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल चुकी है। पुणे में इस फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रहीं हैं। साधु ने पुलिस में देश-विदेश के कुछ अनजान नंबरों की शिकायत देते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
इसके अलावा राजस्थान के जोधपुर में VHP से जुड़े राजू सरगरा पर भी इसलिए हमला किया गया, क्योंकि वे लोगों से ‘द केरल स्टोरी’ देखने की अपील कर रहे थे। आरोप है कि कट्टरपंथियों ने राजू सरगरा के व्हाट्सएप स्टेटस को देखने के बाद उन पर हमला किया था। स्टेटस में उन्होंने फिल्म का पोस्टर लगाते हुए उसकी तारीफ की थी। राजू को सिर तन से जुदा की धमकियाँ भी मिली हैं।
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The Kerala Story

हमारा हिंदू धर्म बहुत शानदार है दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जो पूरी तरह विज्ञान पर आधारित है। हमने इस दुनिया को कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर और अजंता और एलोरा के विशाल शिव मंदिर दिए जो आज की टेक्नोलॉजी भी नहीं बना सकती है।
हजारों साल पहले की सभ्यता यानी सिंधु घाटी की सभ्यता हड़प्पा मोहनजोदड़ो की सभ्यता तक्षशिला जिस पर इन सब चीजों पर आज पाकिस्तान गर्व करता है वह हमारे पूर्वजों पूर्वजों की देन है।
पाकिस्तान के एक विद्वान हसन निगार ने जब एक चैनल पर कहा कि हमारे पूर्वजों की ऐसी क्या विरासत है जिस पर हम गर्व कर सकते हैं, तब समूचे हाल में सन्नाटा पसर गया और उन्होंने कहा कि आज जो पूरे दुनिया के पाकिस्तानी दूतावास में हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की बड़ी सी पेंटिंग तस्वीर लगी होती है और नीचे लिखा होता है पाकिस्तान एक 10000 साल पुरानी सभ्यता कितने शर्म की बात है कि वह हमारी सभ्यता नहीं बल्कि हिंदुओं की सभ्यता है... हम हिंदुओं की विरासत पर ही गर्व कर सकते हैं क्योंकि हमने इस दुनिया को कुछ दिया ही नहीं।
हम हिन्दुओ ने 15000 साल पहले गटर सिस्टम कैनाल सिस्टम, ईट बनाने की कला, नगर संयोजन टाउन प्लैनिंग इत्यादि सीख ली थी जबकि मक्का और मदीना जैसे शहरों में यह सारी सुख सुविधाएं पेट्रोल की खोज होने यानी क्रूड की खोज होने के बाद 19वी सदी में  बनी।
इजिप्ट के पिरामिड भी हमने बनाएं क्योंकि एकमात्र हिंदू धर्म है जो पुनर्जन्म पर विश्वास करता है और पिरामिड को आज की टेक्नोलॉजी भी नहीं बना सकती... जॉर्डन में पूरे पहाड़ों को काटकर हमने एक नगर बनाया जिसे आज पेट्रा कहते हैं जो आज जार्डन की कमाई का सबसे बड़ा आधार है उसमें कई हिंदू देवी देवताओं के मंदिर हैं।
हमारे धर्म में जो कालखंड और ग्रहों की गणनाएं हैं उसे जानकर आप चौक जाएंगे आज जब सैटेलाइट और जीपीएस टेक्नोलॉजी इतनी उन्नत हो चुकी है फिर भी आज के लाखों साल पहले हम किस तरह से ग्रहों की चाल की गणना कर लेते थे।
जेनेटिक्स की खोज तो 19 वी सदी में हुई गुणसूत्र यानी क्रोमोसोम्स डीएनए और आरएनए की खोज  हुई 20 वीं सदी में हुई लेकिन उसके पहले हमारे धर्म ग्रंथों में सेपरेशन आफ जींस के बारे में विस्तार से बताया गया है और समस्त हिंदू समुदाय को सात ऋषियो  के नाम पर सात गोत्र में बांट दिया गया है और कहा गया है कि सगोत्रीय विवाह मत करो क्योंकि जींस का सेपरेट होना जरूरी है और आज यही कारण है की जींस लिंकेज बीमारी यानी जींस से रिलेटेड बीमारियां हिंदुओं में नहीं पाई जाती।
और आप अपने शहर के किसी सरकारी बड़े हॉस्पिटल में जाइएगा और वहां देखिएगा की जींस से रिलेटेड बीमारियां जैसे हीमोफीलिया थैलीसिमिया, बार-बार अबॉर्शन, सिस्टिक फाइब्रोसिस, डाउन सिंड्रोम, हीमोफीलिया और मंगोलिज्म  एल्बिनिज्म आदि से कौन पीड़ित है।
अब पाकिस्तान में भी मांग उठने लगी कि नजदीकी रिश्तेदारों से यानी कजिन विवाह पर रोक लगाई जाए क्योंकि पाकिस्तान का पूरा मेडिकल सिस्टम इन बीमारियों से थक चुका है।
यदि कोई हिंदू लड़की या लड़का भी अपने किसी नजदीकी रिश्तेदार से विवाह करता है तब उसके आने वाले बच्चों में भी इन तमाम बीमारियों के होने की संभावना बेहद बढ़ जाती है।

मुस्लिम कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक चुकी ममता के पश्चिम बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ पर रोक

पश्चिम बंगाल में ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म को बैन कर दिया गया है। प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ऐसा फैसला राज्य में नफरत और हिंसा रोकने और शांति बरकरार रखने के लिहाज से लिया गया है।

हैरान करने वाली बात यह है कि संविधान की शपथ लेकर नेतागिरी करने वाले ही आतंकी गतिविधियों को जनता के समक्ष रखने वाली फिल्मों का विरोध करना प्रमाणित करता है कि अपनी कुर्सी की चिन्ता है, जनता की नहीं। बात करते हैं #freedom of expression की। ब्रिटेन से सीरिया गयी 'आतंकी हसीना' के नाम से चर्चित लड़की की ब्रिटेन नागरिकता ही समाप्त नहीं की, बल्कि वापस देश में आने पर भी पाबन्दी लगा दी है। जिसका किसी भी पार्टी ने विरोध नहीं किया। परन्तु यही स्थिति अगर भारत में होती, कट्टरपंथियों के गले में हाथ डाल समस्त छद्दम धर्म-निरपेक्ष पार्टियां आसमान सिर पर उठा रही होती। भारत को खतरा किसी पाकिस्तान, चीन अथवा आतंकवादी से नहीं बल्कि इन छद्दम सेकुलरों से है, जो अपनी कुर्सी की खातिर किसी भी सीमा जाकर इनका समर्थन करने वालों से हैं। फिल्म का विरोध करने वाला फिल्म में गलत क्या है? क्यों सच्चाई से छुपाया जा रहा है? यदि यही मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रही होती, क्या तब भी विरोध करते ? जनता को भी The Kashmir Files और The Kerala Story आदि फिल्मों का विरोध करने वाली पार्टियों और नेताओं का बहिष्कार कर इनकों चारों खाने चित करना होगा। 

यह ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म की कहानी ISIS में शामिल की जाने वाली लड़कियों के साथ घटित घटनाओं पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक एजेंडे के तहत दूसरे धर्म की लड़कियों को बहलाकर इस्लाम कबूल करवाया जाता है, फिर उन्हें आतंकी बनाकर IS भेज दिया जाता है।

फिल्म में अदा शर्मा ने शालिनी उन्नीकृष्णन का रोल निभाया है। शालिनी वो किरदार है जिसे प्यार का झाँसा देकर पहले इस्लाम के करीब लाया जाता है, फिर प्रेगनेंट करके इस्लाम कबूल करवाया जाता है और इसके बाद उसे IS जाने की ट्रेनिंग देकर सीरिया भेज दिया जाता है।

इस फिल्म को लेकर कई राज्यों में बवाल है। कहीं इस फिल्म के पोस्टर फाड़कर नारा-ए-तकबीर और अल्लाहु अकबर के नारे लगाए जा रहे हैं तो कहीं पर इसका पोस्टर लगाने पर धमकी दी जा रही है। तमिलनाडु में तो सरकार से अपील हो रही है कि इस फिल्म को बैन किया जाए जबकि थिएटर मालिकों ने खुद ही इसे चलाने से मना कर दिया है। वहीं अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने खुद इस पर प्रतिबंध का ऐलान कर दिया है।

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‘The Kerala Story’ का स्टेटस लगाने पर बजरंग दल कार्यकर्ता को सिर कलम करने की धमकी

इससे पहले ममता बनर्जी ने रामनवमी पर हिंदुओं से कहा था कि वो मुस्लिम इलाकों में न जाएँ क्योंकि ऐसा करने से माहौल बिगड़ सकता है। उन्होंने शिबपुर में भड़की हिंसा के बाद अपने बयान में यह भी कहा था कि रमजान में मुस्लिम कोई गलत काम नहीं करते। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से ये भी कहा था कि वो अल्लाह से दुआ करें कि दंगा करने वाले किसी कीमत पर न बचें।


‘The Kerala Story’ का स्टेटस लगाने पर बजरंग दल कार्यकर्ता को सिर कलम करने की धमकी

पीड़ित अभिषेक सरगरा (फोटो साभार: पत्रिका)
पहलवान, अभिनेता,निर्माता-निर्देशक दारा सिंह की फिल्म 'भक्ति में शक्ति' के लगभग 40 वर्षों बाद The Kashmir Files और The Kerala Story ऐसी फिल्में प्रदर्शित हुई हैं जिनमें इस्लामिक जुल्मों को परदे पर दिखाया है। सच हमेशा कड़वा होता है। अगर दारा सिंह की 'भक्ति में शक्ति' अगर आज प्रदर्शित होती, उसे भी कट्टरपंथियों की जेहादी हरकतों का सामना करना पड़ता। इस फिल्म को उन मंदबुद्धि और अशिक्षित बने शिक्षितों को देखनी चाहिए जो अकबर को महान बताते हैं।

    

राजस्थान के जोधपुर में फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ (The Kerala Story) का स्टेटस लगाने पर अभिषेक सरगरा नामक व्यक्ति के साथ कथित रूप से मारपीट की गई है। उसे सिर कलम करने की भी धमकी दी गई। अभिषेक बजरंग दल का कार्यकर्ता है। पीड़ित ने आरोपित अली, अमन और पिंटू के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई है।

जब तक न्याय पालिकाएं, राज्य और केंद्र सरकारें इस 'सर तन से जुदा' करने वाले गैंग और इनको प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने वालों पर पहाड़ बन नहीं टूटेंगे, देश में जेहादी हरकतें बंद नहीं होगी। इन लोगों को मिलने वाली हर सरकारी सुविधा से वंचित किया जाए। 

मामला जोधपुर के उदयपुर थाना क्षेत्र का है। भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित अभिषेक सरगरा का कहना है कि वह शुक्रवार (5 मई 2023) को ‘द केरला स्टोरी’ देखने के लिए थिएटर गया था। फिल्म देखने के बाद उसने फिल्म का पोस्टर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया था। फिल्म की सराहना करते हुए उसने लिखा कि यह बहुत अच्छी फिल्म है और (इस्लामिक) धर्मांतरण से सुरक्षित रहने के लिए दुनिया की हर लड़की को इसे देखना चाहिए।

6 मई 2023 की रात वह अपने घर जा रहा था। इसी दौरान काली टंकी, मेड़ती गेट के पास अली, अमन और पिंटू ने उसका रास्ता रोक लिया। उन लोगों ने अभिषेक से कहा, “तुमने स्टेटस क्यों लगाया? तुम हमारे महजब को बदनाम कर रहे हो?” इस पर अभिषेक ने कहा कि उसने जो स्टेटस लगाया है, उस पर गलत क्या है? पीड़ित अभिषेक ने आगे कहा है कि उन लोगों ने फोन दिखाने के लिए कहा। उस समय उसका फोन घर पर चार्ज हो रहा था। इसलिए वह अपना स्टेटस दिखाने के लिए उन लोगों को घर ले आया।

इसके बाद जब उसने अपना स्टेस्ट आरोपितों को दिखाया तो उन लोगों ने अभिषेक के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। यही नहीं अली, अमन और पिंटू ने उसे सिर कलम करने की भी धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि उसके स्टेटस में कुछ भी गलत नहीं था। किसी की मजहबी भावनाओं को ठेस पहुँचाने का भी उसका इरादा नहीं था। स्टेस्ट में सभी को ‘The Kerala Story’ देखने के लिए कहा गया था।

विहिप, बजरंग दल ने थाने पहुँच की कार्रवाई की माँग

इस घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उदय मंदिर थाने पहुँचकर आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग की। विहिप नेता जितेंद्र शर्मा ने कहा है कि वह आरोपितों को उन्हीं की भाषा में जवाब देंगे। वहीं, पुलिस मामले की जाँच कर कार्रवाई करने की की बात कर रही है। अब तक तीनों ही आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

The Kashmir Files जैसा विरोध : The Kerala Story को रोकने के लिए एक हुए वामपंथी-कांग्रेसी

अदा शर्मा अभिनीत 'द केरल स्टोरी' में महिलाओं की तस्करी और
धर्मांतरण कोउजागर किया गया है
(फोटो साभार: अदा शर्मा का इंस्टाग्राम )
जैसे द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) के विरोध में सेकुलर-लिबरल खेमा एक हो गया था, वैसा ही द केरल स्टोरी (The Kerala Story) को लेकर भी देखने को मिल रहा है। दोनों ही फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है। विवेक अग्निहोत्री ने अपनी फिल्म में कश्मीर में हिंदुओं दमन को पर्दे पर उतारा था तो विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म केरल की उन महिलाओं की पीड़ा दिखाती है जो इस्लामी धर्मांतरण और तस्करी की शिकार हुईं।

द केरल स्टोरी का टीजर गुरुवार (3 नवंबर 2022) को यूट्यूब पर रिलीज किया गया था। टीजर में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है जो नर्स बनने का सपना देखती थी। लेकिन घर से अगवा कर उसे आईएसआईएस आतंकवादी बना दिया गया। फिल्म में एक्ट्रेस अदा शर्मा लीड रोल में हैं। टीजर में बुर्का पहने हुए वह कहती हैं, “मेरा नाम शालीनी उन्नीकृष्णन था। मैं नर्स बनकर लोगों की मदद करना चाहती थी। अब मैं फातिमा बा हूँ। एक आईएसआईएस (ISIS) आतंकवादी, जो अफगानिस्तान की जेल में बंद है। मैं अकेली नहीं हूँ। मेरी जैसी 32000 और लड़कियाँ कन्वर्ट होकर सीरिया और यमन में दफन हो चुकी हैं।”

इसके बाद से ही इस फिल्म को रोकने के लिए पूरा गिरोह सक्रिय हो गया है। केरल में राजनीतिक तौर पर कांग्रेस और वाम दल भले दो छोर पर खड़े दिखते हों, लेकिन इस फिल्म के विरोध पर दोनों एक सुर में बात कर रहे हैं। वे इस फिल्म को राज्य की छवि को धूमिल करने का प्रयास बता रहे हैं।

कांग्रेस ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है। केरल विधानसभा में कांग्रेस के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि फिल्म गलत सूचना फैलाती है और इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैंने टीज़र देखा है। यह गलत सूचना का एक स्पष्ट मामला है। केरल में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। यह अन्य राज्यों के सामने केरल की छवि खराब करने के लिए है। यह नफरत फैला रहा है, इसलिए इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। सामान्य तौर पर, हम फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ हैं, लेकिन इस प्रकार की गलत सूचना से सांप्रदायिक मुद्दे पैदा होंगे। राज्य पुलिस के पास भी ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है।”

वहीं सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ‘द केरल स्टोरी’ के टीजर के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि फिल्म का टीजर झूठी सूचना का प्रसार कर रहा है। यह सार्वजनिक शांति को भंग कर सकता है और इसके पीछे केरल को बदनाम करने की मंशा है।

वहीं केरल के पुलिस महानिदेशक अनिल कांत ने मंगलवार (7 अक्टूबर 2022) को तिरुवनंतपुरम के पुलिस आयुक्त स्पर्जन कुमार को फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के क्रू मेंबर के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। इससे पहले सोमवार को तमिलनाडु के एक पत्रकार बीआर अरविंदक्षण ने फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी और अन्य को पत्र लिखकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी । उन्होंने कहा था कि जब तक कि निर्माता अपने दावों के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं करते, फिल्म पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए।