Showing posts with label #love jihad. Show all posts
Showing posts with label #love jihad. Show all posts

‘The Kerala Story' फिल्म को प्रोपेगंडा फिल्म बताने वाले वामपंथियों की लड़कियों के Love Jehad का शिकार होने पर ले रहे चुपचाप एक्शन

                         लव जिहाद को लेकर वामपंथी नेता का विरोध (फोटो साभार: केरल कौमुदी)
केरल के एक कम्युनिस्ट नेता की बेटी मुस्लिम लड़के से शादी करना चाहती है और अब पिता लव जिहाद का रोना रो रहा है। ये सुनने में अजीब लगता है न? लेकिन यही हकीकत है।

Love Jehad की गाथा 1980 के लगभग केरल से ही शुरू हुई, लेकिन तुष्टिकरण के चलते धर्म-निरपेक्षता के नाम पर दबाया जाता रहा और हिन्दू स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा इस मुद्दे को उठाने पर इसे साम्प्रदायिकता का नाम देकर बदनाम किया जाता रहा। लेकिन जब आज वही आग इनके घरों में घुस गयी तब चुपचाप कार्यवाही की जा रही है। अब कोई 'Love is Love' कहने की हिम्मत नहीं। मामला घर में लगी आग का है। यह सच है कि वामपंथी किसी धर्म या मजहब को नहीं मानते, लेकिन दोगले अपने-अपने घरों में पूजा पाठ और नमाज तक पढ़ते हैं। 

   

केरल के कासरगोड में सीपीएम के एरिया कमिटी मेंबर पीवी भास्करन की बेटी संगीता ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें वो बताती है कि उसके पिता ने उसे घर में कैद कर रखा है, बुरी तरह पीटा जा रहा है, मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं दे रहे। संगीता पैरालाइज्ड है, एक्सीडेंट के बाद कमर से नीचे लकवा मार गया। वो राशिद नाम के मुस्लिम लड़के से शादी करना चाहती है, बस इसी बात पर घर में हंगामा मच गया।

संगीता का कहना है कि तलाक के बाद मिले पैसे उसके पिता और भाई ने हड़प लिए। पिता ने धमकी दी कि ‘कम्युनिज्म यहाँ नहीं चलेगा, मार दूँगा और केस से बच जाऊँगा’। संगीता ने कोर्ट में हैबियस कॉर्पस की पिटीशन डाली, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट में कहा कि वो माता-पिता के साथ है। लोकल पुलिस ने पिता के राजनीतिक प्रभाव से बात नहीं सुनी।

अब पिता भास्करन का दावा है कि राशिद पहले से शादीशुदा है और संगीता की 1.5 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए उसे फँसाया है। भास्करन वही नेता हैं, जो पहले ‘The Kerala Story' फिल्म को संघ परिवार का प्रोपगैंडा बताते थे। ये फिल्म लव जिहाद पर बेस्ड है, जो केरल में नॉन-मुस्लिम लड़कियों को टारगेट करने के नेटवर्क्स को दिखाती है। केरल में लेफ्ट और कांग्रेस दोनों ही लव जिहाद को फर्जी बताते हैं, वोट बैंक के चक्कर में। लेकिन अब जब खुद की बेटी का मामला आया, तो भास्करन को लव जिहाद याद आ गया। ये दोहरा चरित्र नहीं तो क्या है?

सोचिए कि जो वामपंथी नेता जनता को लेक्चर देते हैं कि धर्म के नाम पर कुछ नहीं होता, सब प्रोपगैंडा है। लेकिन जब घर की इज्जत दांव पर लगे, तो वही लव जिहाद का शोर मचाते हैं। ये सिर्फ भास्करन का मामला नहीं। केरल में ही एक और केस हुआ था, जहाँ एक क्रिश्चियन सीपीएम कैडर की बेटी या रिश्तेदार मुस्लिम लड़के से रिलेशनशिप में थी। कोर्ट ने कपल को साथ रहने की इजाजत दी, लेकिन कम्युनिस्टों का ग्रुप ने मुस्लिम लड़के को कोर्ट के सामने पीट दिया।

यही लोग बाहर से कहते हैं कि इंटरफेथ मैरिज फ्रीडम है, लेकिन जब अपना परिवार हो, तो असलियत सामने आ जाती है। वामपंथी खुद को सेकुलर बताते हैं, लेकिन अंदर से परिवार की रक्षा के लिए वही बातें करते हैं जो आम हिंदू या क्रिश्चियन परिवार करते हैं।

लव जिहाद क्या है, ये केरल तो जानता ही है। वहाँ सबसे बड़े नेटवर्क्स का खुलासा हो चुका है। ISIS जैसे वैश्विक आतंकवाद से जुड़े केस सामने आए। ‘The Kerala Story' ने इन्हीं हकीकतों को दिखाया, लेकिन वामपंथियों ने विरोध किया। फिल्म को बैन करने की माँग की, प्रोपगैंडा कहा। क्यों? क्योंकि अल्पसंख्यक वोट बैंक को नाराज नहीं करना।

केरल में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट दोनों ही लव जिहाद को झूठ बताते हैं। लेकिन रियलिटी ये है कि मुस्लिम लड़के नॉन-मुस्लिम लड़कियों को टारगेट करते हैं। पहले दोस्ती, फिर लव, फिर कन्वर्जन और निकाह। संपत्ति, परिवार तोड़ना सब इन्वॉल्व। केरल स्टोरी जैसी फिल्में हकीकत बयान करती हैं, लेकिन पॉलिटिशियंस इसे दबाते हैं।

ऐसे मामले सिर्फ केरल तक सीमित नहीं। पूरे देश में फैले हैं। पश्चिम बंगाल में भी वामपंथी शासन के समय कई केस हुए, जहाँ हिंदू लड़कियाँ मुस्लिम लड़कों के जाल में फँसती रहीं। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने भी लव जिहाद को डिबेट ही नहीं होने दिया। लेकिन प्राइवेट में कई लेफ्ट फैमिलीज ने अपनी बेटियों को बचाने के लिए चुपके से एक्शन लिया।

एक उदाहरण लीजिए केरल के ही सीएम पिनारायी विजयन की बेटी वीणा का केस। वो DYFI के मुस्लिम प्रेसिडेंट मुहम्मद रियास से शादी कर ली। ये पॉजिटिव तरीके से पेश किया गया, लेकिन क्या ये असली लव था या पॉलिटिकल वैल्यू? वामपंथी इसे सेकुलरिज्म का प्रतीक बताते हैं, लेकिन अगर कोई आम लड़की ऐसा करे और बाद में परेशानी हो, तो वो प्रोपगैंडा। दोहरा मापदंड साफ दिखता है।

वामपंथियों का असली चेहरा ये केस खोलते हैं। वो खुद को धर्म-विरोधी बताते हैं, लेकिन घर में पूजा-पाठ करते हैं। कई नेता नमाज पढ़ते पकड़े गए। जनता को दिखाने के लिए कट्टर कम्युनिस्ट, लेकिन परिवार बचाने के लिए रिलिजन मैटर्स। ये फर्जीवाड़ा है। सेकुलरिज्म का मतलब ये नहीं कि अपनी बेटी को खतरे में डालो। लव जिहाद एक सिस्टम है- जहाँ लड़के ट्रेनिंग लेते हैं, लड़कियों को फँसाते हैं। केरल, यूपी, हरियाणा हर जगह केस सामने आए हैं। लेकिन वामपंथी मीडिया और पॉलिटिक्स इसे कवर-अप करते हैं। क्यों? वोट के लिए। अल्पसंख्यक वोट बैंक को खुश रखना।

संगीता का केस दुखद है। वो पैरालाइज्ड है, मदद की जरूरत है, लेकिन परिवार संपत्ति के चक्कर में उसे सताने लगा। राशिद का बैकग्राउंड संदिग्ध लगता है- पहले से शादी, प्रॉपर्टी का लालच। भास्करन ने सही कहा हो या गलत, लेकिन उनका डर जायज है। आम परिवारों में यही होता है। लेकिन वही लोग जो बाहर से कहते हैं ‘Love is Love', घर में डरते हैं। ये दिखाता है कि लव जिहाद रियल है, फिल्में झूठ नहीं बोलतीं। पुलिस का रोल भी शक के घेरे में है कि उसने पॉलिटिकल इन्फ्लुएंस से केस को दबा कर रखा। संगीता ने डीएसपी और कलेक्टर तक से शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं। ये केरल के पुलिसिया सिस्टम की भी नाकामी है।

भास्करन का केस एक आईना है। वामपंथी सेकुलरिज्म फेक है। असली सेकुलरिज्म परिवार की सुरक्षा है, न कि वोट बैंक की गुलामी। ऐसे लव जिहाद को नकारना बंद करें और असलियत को स्वीकार कर कार्रवाई के लिए सामने आएँ, वर्ना फर्जी वामपंथ के चक्कर में तमाम परिवार बर्बाद होते ही रहेंगे।

मामला जबरन धर्म परिवर्तन और लव जिहाद का : तुष्टिकरणपस्त मीडिया ने अफाक अहमद के केस को दिया नया एंगल, छिपाई गई आरिफ-सादिक की करतूत

                            मीडिया रिपोर्टों के स्क्रीनशॉट (साभार - ऑपइंडिया इंग्लिश)
हाल में इलाहाबाद कोर्ट की एक टिप्पणी पर मीडिया में जमकर खबरें चल रही हैं। हेडलाइन दी जा रही है कि कोर्ट ने कहा है कि वॉट्सऐप पर भेजे गए ‘अनकहे शब्द’ भी नफरत फैला सकते हैं। कई जगह इस हेडलाइन को ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे अदालत किसी के चुप रहने को भी दोषी बता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि यह पूरा मामला लव जिहाद से जुड़ा है।

कोर्ट ने अपनी टिप्पणी बिजनौर से जुड़े एक केस में की है जहाँ एक मुस्लिम युवक अफाक अहमद ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ये जरूर कहा है, “वॉट्सऐप पर भेजा गया कोई संदेश भले ही सीधे तौर पर धर्म का जिक्र न करे, लेकिन अगर उसमें अनकहे शब्दों और संकेतों के जरिए किसी समुदाय के खिलाफ नफरत, वैमनस्य या दुर्भावना फैलाने का भाव है, तो वह भी अपराध की श्रेणी में आएगा।”

कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा? 

पूरा मामला दरअसल लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। अफाक अहमद का भाई आरिफ अहमद फिलहाल जेल में है। उस पर आरोप है कि उसने एक हिंदू युवती से संबंध बनाकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिश की और उसे दुबई ले जाने की योजना थी।

यह शिकायत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता संदीप कौशिक ने दर्ज कराई थी। शुरुआती तौर पर मामूली धाराओं में दर्ज FIR बाद में गंभीर धाराओं में तब्दील कर दी गई, जिसमें बलात्कार, धोखाधड़ी, जहर देना, फर्जीवाड़ा, और धर्म परिवर्तन अधिनियम, 2021 के तहत अपराध शामिल हैं।

इसी गिरफ्तारी के बाद अफाक अहमद ने अपने परिचितों को एक वॉट्सऐप मैसेज भेजा। उसने लिखा कि उसके भाई को राजनीतिक दबाव में झूठे मामले में फँसाया गया है और उसके परिवार के बहिष्कार की बाट कही जा रही है। उसने यह भी लिखा कि “उसे डर है कि कहीं भीड़ उसे मार न दे” लेकिन साथ ही उसने अदालत और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया।

यह संदेश देखने में साधारण लगा पर अदालत ने इसे बहुत गंभीरता से लिया। जस्टिस जे जे मुनिर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने कहा कि “संदेश के शब्द सीधे तौर पर धर्म का उल्लेख नहीं करते, लेकिन उसमें जो अनकहा संदेश है, वह साफ तौर पर यह धारणा देता है कि आरोपित का भाई मुसलमान होने की वजह से निशाना बनाया गया है।” अदालत ने कहा “यह वही ‘unsaid words’ हैं जो किसी खास समुदाय की धार्मिक भावनाएँ भड़का सकते हैं और दो समुदायों के बीच दुश्मनी, घृणा और अविश्वास का माहौल पैदा कर सकते हैं।”

कोर्ट ने साफ कहा कि भले ही यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(3) (धार्मिक स्थल पर अपराध) के अंतर्गत न आता हो, लेकिन धारा 353(2) के तहत यह अपराध बनता है क्योंकि यह संदेश नफरत फैलाने की क्षमता रखता है। अदालत ने कहा कि “यह मामला केवल एक व्यक्ति की निजी पीड़ा का नहीं है, बल्कि यह समाज के साम्प्रदायिक ताने-बाने को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।”

इसलिए कोर्ट ने अफाक अहमद की याचिका को खारिज करते हुए कहा, “मामला जाँच के योग्य है और इसे शुरुआती चरण में रोका नहीं जा सकता।”

यह पहला मौका नहीं है जब किसी मुस्लिम परिवार पर  लव जिहाद  के आरोपों के बाद ऐसे विवाद खड़े हुए हों। अदालत ने इस बार यह स्पष्ट किया कि धार्मिक पहचान के नाम पर खुद को पीड़ित बताने वाले बयान भी अप्रत्यक्ष रूप से नफरत फैलाने का जरिया बन सकते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अफाक के परिवार पर एक नहीं बल्कि तीन-तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं, एक उसके भाई आरिफ पर, दूसरी खुद अफाक पर और तीसरी उनके चाचा सादिक पर, जिन्होंने स्थानीय चैनल पर बयान दिया था कि “उसके भतीजे को फँसाया गया है।”

अवलोकन करें:-

सुप्रीम कोर्ट की तानाशाही भारत का इस्लामीकरण करने को आमादा है; परदीवाला ने योगी के धर्म परिवर्
nigamrajendra.blogspot.com
सुप्रीम कोर्ट की तानाशाही भारत का इस्लामीकरण करने को आमादा है; परदीवाला ने योगी के धर्म परिवर्
सुभाष चन्द्र आज जिस तरह हिन्दू अपने सनातन के प्रति सजग हो रहा है उसके विपरीत सनातन विरोधी रोड़े अटकाने में लगे हुए ह....

RSS कार्यकर्ता संदीप कौशिक, जिन्होंने सबसे पहले शिकायत दर्ज कराई थी, उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा की “लड़की का परिवार डर के साये में था। मैंने एक जिम्मेदार नागरिक की तरह पुलिस में रिपोर्ट की। यह समाज की सुरक्षा का मामला था।”

उत्तर प्रदेश : "हलाल" मार्का उत्पाद बेचने वाला दुकानदार और खरीदार दोनों ही आतंकवाद/दंगों के समर्थक; योगी आदित्यनाथ ने कहा- “सामान खरीदते समय हलाल सर्टिफिकेट जरूर चेक करें। धर्मांतरण-लव जिहाद-आतंकवाद के लिए होती है फंडिंग, कैसे मिलता है हलाल-सर्टिफिकेशन?

                                                                            उत्तर प्रदेश में हलाल उत्पाद बैन

जिस आतंकवाद ने इतने सालों तक भारत की पावन धरती को लाल किया, उसे समर्थन देने मुस्लिम कट्टरपंथियों ने "हलाल" के नाम से वसूली कर आतंकवाद को समर्थन देने का काम किया जा रहा है, जिसे हर शांतिप्रिय खासतौर से हिन्दुओं को "हलाल" मार्का वाले उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए। मांसाहारी उत्पाद को छोड़ अन्य उत्पाद कैसे "हलाल" हो सकते हैं इस गहरे षड़यंत्र से सतर्क होने की जरुरत है। अगर हिन्दू "गंगा-जमुनी तहजीब" के गुमराह करने वाले नारों के मकड़जाल में फंस "हलाल" मार्का शरबत, आटा, चावल, लोहा, दाल और नमक आदि खरीदता है तो आतंकवाद/दंगों का रोना नहीं रोए। सरकार को बदनाम नहीं करे। खुद भी खुलकर सामने आओ। इस "हलाल" मार्का उत्पाद बेचने वाला दुकानदार और खरीदार दोनों ही आतंकवाद/दंगों  के समर्थक है। दंगाइयों के लिए अदालतों में खड़े होने वाले कपिल सिबल, प्रशांत भूषण और अभिषेक मनु सिंघवी आदि वकीलों की फ़ीस इसी "हलाल" के  नाम पर हो रही वसूली से होती है।            

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर सरकार का रुख साफ किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हलाल सर्टिफिकेशन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा, “सामान खरीदते समय हलाल सर्टिफिकेट जरूर चेक करें। इसके नाम पर साजिश चल रही है। हलाल के नाम पर आतंकवाद के लिए पैसे जुटाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल धर्मांतरण और लव जिहाद के लिए होता है।”

योगी ने ये बात गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के तहत विचार-परिवार कुटुम्ब स्नेह मिलन कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा, “आपको आश्चर्य होगा कि साबुन और कपड़ों का भी हलाल। दियासलाई का भी हलाल। मैं भौचक था। मैंने कहा कि ये तो षड़यंत्र है। मैंने कहा कि माचिस तो झटका वाला है, आप एक झटके में लगाएँगे, तभी जलेगा। आप हलाल करते रहेंगे तो कभी नहीं जलेगी माचिस।”

सीएम योगी ने कहा, “जब हमने कार्रवाई की तो देखा कि ₹25 हजार करोड़ देश के अंदर हलाल सर्टिफिकेशन से होता है। और भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी भी एजेंसी ने उसे मान्यता नहीं दी है। ये सारा का सारा पैसा आतंकवाद के लिए, लव जिहाद के लिए, धर्मांतरण के लिए दुरुपयोग होता है। इसीलिए यूपी सरकार ने इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर एक फूटी-कौड़ी भी नहीं देना चाहिए।”

हलाल क्या होता है?

हलाल या झटका मीट किसी जानवर के माँस को नहीं बल्कि काटने के तरीके को कहा जाता है। हलाल सिर्फ एक अरबी शब्द है जिसका मतलब मुस्लिमों के लिए जायज होता है। यानी जायज ढंग से काटा गया जानवर ही वो लोग खा सकते हैं।

क्या है हलाल सर्टिफिकेशन?

जब किसी खाने या प्रोडक्ट को हलाल सर्टिफिकेट मिलता है तो इसका मतलब है कि उसे बनाने में कोई ऐसी चीज इस्तेमाल नहीं हुई जो इस्लाम में हराम (मना) है। अगर बात मांस की हो तो हलाल सर्टिफिकेशन तब मिलता है जब जानवर को इस्लामी तरीके से जबह किया गया हो।

भारत में जमीयत उलमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट नाम की संस्था है, जो ये सर्टिफिकेशन देती है। ये लोग जाँचते हैं कि कोई प्रोडक्ट इस्लामिक नियमों के हिसाब से बना है या नहीं। जाँच में प्रोडक्ट के हर हिस्से को देखा जाता है, उसमें क्या-क्या चीजें डाली गई, उसे बनाने का तरीका क्या था, पैकिंग का तरीका आदि।

कैसे होता है जानवर हलाल

जानवर को हलाल करने का एक खास तरीका होता है। इस प्रक्रिया में छुरी से जानवर की गर्दन की नस और सांस लेने वाली नली को काटा जाता है। इस वक्त एक दुआ भी पढ़ी जाती है। गर्दन पर छुरी चलाने के बाद जानवर का पूरा खून निकलने का इंतजार किया जाता है। हलाल करने के दौरान जानवर की गर्दन को फौरन अलग नहीं किया जाता बल्कि जब जानवर मर जाता है तो उसके हिस्से किए जाते हैं। इस्लाम में इसे ‘ज़िबाह’ करना भी कहते हैं।

हलाल कानून के नियम

हलाल मीट का अर्थ केवल जानवर को उस ढंग से काटना नहीं होता बल्कि उस माँस की पैकेजिंग के भी नियम होते हैं। जैसे एक नियम होता है कि केवल एक मुस्लिम व्यक्ति ही जानवर को मार सकता है। जानवर हलाल करते हुए तेज चाकू की मदद से गर्दन की नस इस तरह काटी जाती है कि जानवर का सिर धड़ से अलग न हो। जानवर मारने के बाद उसकी नसों से अधिक से अधिक खून निकलने दिया जाता है।

इसके अलावा इस्लाम में मीट खाने का यह भी नियम है कि मुस्लिम ऐसा जानवर नहीं खा सकते हैं जो कि हलाल प्रक्रिया के अनुसार न मारा गया हो।

कौन-सी वस्तुएँ इस्लाम में ‘हराम’?

इस्लाम में कई चीजों को ‘हराम’ माना गया है, जिन्हें हलाम प्रमाण-पत्र नहीं दिया जाता है। उनमें शामिल हैं:

  • सूअर, जंगली सूअर, कुत्ते और इनकी नस्लों वाले सभी जानवर
  • पंजे और दाँतों से शिकार करने वाले जानवर जैसे शेर, बाघ, भालू, साँप, बंदर आदि
  • शिकारी पक्षी जैसे चील, गिद्ध और इसी तरह के दूसरे पक्षी
  • हानिकारक या गंदे जीव-जंतु जैसे चूहे, बिच्छू, सेंटीपीड आदि
  • वो जानवर जिन्हें इस्लाम में मारना मना है, जैसे चींटी, मधुमक्खी और कठफोड़वा (लकड़हारा पक्षी) भी हराम हैं
  • गंदे या घृणित कीड़े-मकोड़े जैसे जुएँ, मक्खियाँ, कीड़े और मैगॉट्स (सड़ने वाले कीड़े)
  • जो जीव जमीन और पानी दोनों में रहते हैं (उभयचर) जैसे मेंढक, मगरमच्छ आदि
  • घोड़े-खच्चर और घरेलू गधे
  • सभी जहरीले और खतरनाक समुद्री जीव
  • वो जानवर जो इस्लामी तरीके से ज़बह नहीं किए गए, उनका मांस हराम है
  • जो जानवर गला घोंटने, चोट लगने, गिरने, प्राकृतिक मौत या किसी जानवर के हमले से मरे हों
  • खून का सेवन
  • इंसान के शरीर का कोई हिस्सा या उससे बने पदार्थ (जैसे प्लेसेंटा)
  • इंसान या जानवर के शरीर से निकली चीजें जैसे पेशाब, मल, उल्टी, मवाद (पस) आदि
  • नशे वाले या जहरीले पौधे, जब तक उनका जहर या हानिकारक असर पूरी तरह हटाया न जाए
  • शराब और सभी तरह के मादक पेय जैसे वाइन, एथिल अल्कोहल, स्पिरिट आदि
  • सभी नशे वाले और खतरनाक पेय पदार्थ
  • हराम चीजों से बने फूड एडिटिव्स (खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले तत्व)
  • नशे वाले या हानिकारक रसायन और प्राकृतिक खनिज

यूपी में हलाल उत्पादों पर बैन क्यों?

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने साल 2023 में हलाल-सर्टिफाइड उत्पादों पर बैन लगा दिया था। यूपी सरकार ने तय किया था कि राज्य की सीमा के भीतर हलाल उत्पादों के उत्पादन, वितरण, भण्डारण पर संपूर्ण बैन लागू हो। ये बैन 18 नवंबर 2023 से लागू है।
हलाल-सर्टिफाइड उत्पादों को बैन करने के पीछे यूपी सरकार की मंशा उपभोक्ताओं के बीच फैला भ्रम था। सरकार का कहना था कि हलाल-सर्टिफिकेशन एक अलग पंथी-प्रणाली बन गई है, जिसमें खाद्य पदार्थों के लिए पहले से मौजूद मानक और प्रक्रिया FSSAI के अलावा दूसरी जाँच प्रमाणन हो रहा था, जिससे सामान्य उपभोक्ता को भ्रम हो रहा था।
सरकार ने यह भी कहा था कि कुछ संस्थाएँ बिना मान्यता के हलाल सर्टिफिकेशन जारी कर रही थीं। इनमें अधिकतर खाद्य, दवाइयाँ और कॉस्मेटिक्स के सामान शामिल थे। सरकार ने कहा कि यह व्यापार-मानदंज और सामाजित संतुलन के लिए समस्या पैदा कर रहा था।

‘लव जिहाद देश के लिए खतरा’, "एक षड़यंत्र" : हरियाणा की अदालत ने शहबाज को सुनाई 7 साल की जेल; CAA विरोध में मोदी विरोध में हिन्दुत्व के अपमान का विरोध नहीं करना देश को पड़ रहा भारी

                                                                                                                                                                                            साभार 
हरियाणा की एक अदालत ने लव जिहाद को देश के लिए खतरा करार दिया है। अदालत ने कहा है कि भले ही कानून में इसको लेकर कुछ ना कहा गया हो लेकिन यह एक षड्यंत्र है। यह टिप्पणियाँ अदालत ने एक नाबालिग हिन्दू लड़की की FIR पर दायर मुकदमे में सुनाई है।

क्या ऐसी भाषा का इस्तेमाल इस्लाम के खिलाफ किया जा सकता था?
बेशर्म हिन्दू बर्दाश्त करते रहे 
 
जिस तरह देश में लव जिहाद और इस्लामिक धर्मांतरण का खेल चल रहा है, पक्ष और विपक्ष के हिन्दुओं में इस बात पर चर्चा शुरू हो रही है कि लव जिहाद की शिकार लड़की के पक्ष में खड़ा होने की बजाये पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाये। जब तक हिन्दू महिलाओं में इसके दुष्परिणामों से सचेत किया जायेगा वह दिन दूर नहीं देश गज़वा-ए-हिन्द बन जायेगा। CAA विरोध में बने शाहीन बागों में हिन्दुत्व के विरोध में उठी आवाज़ों को मोदी विरोध में नज़रअंदाज़ करना दुर्भाग्यपूर्ण था। मोदी विरोध में हिन्दुत्व को दांव पर नहीं लगाना था। जिस तरह शाहीन बागों में हिन्दुत्व के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था अगर इस्लाम के विरुद्ध कर दिए होते कत्लेआम हो गया होता। बेशर्म हिन्दू सुनते रहे।       

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा के यमुनानगर में जगाधरी की एक अदालत ने 17 जुलाई, 2025 को यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि उसके सामने आया मामला लव जिहाद है। अदालत ने लव जिहाद को देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया।

अदालत ने कहा कि भले ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO में लव जिहाद को लेकर कोई परिभाषा नहीं दी गई है लेकिन यह असल में मुस्लिम पुरुषों का गैर-मुस्लिम महिलाओं के साथ प्रेम में होकर उन्हें इस्लाम में धर्मांतरित करने का एक षड्यंत्र है।

यह फैसला जज रंजना अग्रवाल ने सुनाया। उन्होंने इस मामले में दोषी शहबाज को कुल 7 साल की सजा सुनाई। उसे एक मामले में 4 साल, एक में 2 साल और एक में 1 साल की सजा सुनाई गई है। उस पर POCSO समेत बाकी धाराओं में लगाए गए आरोप में यह सजाए सुनाई गईं।

अदालत ने उस पर ₹1 लाख का जुर्माना भी ठोंका। शहबाज एक 14 वर्षीय हिन्दू बच्ची को स्कूल जाते समय परेशान करता था। वह हिन्दू बच्ची पर दबाव बनाता था कि वह एक मुस्लिम नाबालिग के साथ रिश्ते में आ जाए।

वह इसके लिए लगातार बच्ची का पीछा करता था और उसका उत्पीड़न करता था। बच्ची ने इस मामले में नवम्बर, 2024 में मामला दर्ज करवाया था। अब कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया है।

अवलोकन करें:-

सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
nigamrajendra.blogspot.com
सेकुलरिज्म सिर्फ तब तक, जब तक भारत में इस्लाम की हुकूमत नहीं ले आते : अरफ़ा खानुम, मुस्लिम पत्रकार
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार ऐसा लगता है मानो जैसे-जैसे समय बीत रहा है, CAA-NRC का विरोध अब शाहीन बाग़ से होते हुए अपने असल.... 
विपक्ष में हिन्दुओं को सताया गज़वा-ए-हिन्द का डर; आगरा का धर्मांतरण गिरोह निकला ‘छांगुर पीर’ से भ

गौरतलब है कि लम्बे समय से मुस्लिम युवक, हिन्दू युवतियों को फँसाने के लिए पहचान बदल कर, कलावा पहन और तिलक आदि लगा कर भ्रमित करते रहे हैं। ऐसे मामलों में पहचान तब सामने आती है जब हिन्दू पीड़िता पूरी तरह से फँस चुकी होती है। केरल में ईसाई युवतियाँ भी इसकी शिकार हुई हैं।

मध्य प्रदेश : इंदौर में लव जिहाद की फंडिंग करने वाला कांग्रेसी पार्षद अनवर कादरी उर्फ़ ‘अनवर डकैत‘ ही नहीं, उसके दोस्त-रिश्तेदार भी फरार : हिंदू महिलाओं को फँसाकर कराता था धंधा; महिला वर्ग खामोश क्यों?

                                        अनवर कादरी प्रोफाइल फोटो (साभार : Bhaskar)
मध्य प्रदेश साबित कर रहा कांग्रेस का हिन्दू विरोधी और मुस्लिमपरस्त चेहरा। कांग्रेस नेता 
अनवर कादरी उर्फ़ ‘अनवर डकैत‘ के अलावा अन्य राज्यों में कांग्रेस खुद इन आरोपों को साबित करती रही है। वैसे तो पाकिस्तान, फिलिस्तीन और अब ईरान के लिए उपजा प्रेम मुस्लिम तुष्टिकरण का सबूत दे रहा है। इजराइल ने आम नागरिकों पर बमबारी नहीं की जबकि हमास और ईरान द्वारा आम नागरिकों पर बमबारी की जा रही है। लेकिन कादरी के इस घिनौने काम पर कांग्रेस में महिला वर्ग की चुप्पी को क्या समझा जाए?   

इंदौर में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर पहले से ही 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें जानलेवा हमला, डकैती, बलवा, अवैध हथियार रखना और जमीन कब्जा करना शामिल है। अनवर कादरी और उसका भाई साल 2011 में जानलेवा हमले के आरोप में एक-एक साल की सजा भी काट चुके है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ‘लव जिहाद’ के लिए फंडिंग करने के गंभीर आरोप के बाद से कादरी फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की है और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर पुलिस को खुली छूट देते हुए कादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और उस पर बुलडोजर कार्रवाई की भी आशंका जताई जा रही है।

आरोपों का पुलिंदा और पुलिस की दबिश

कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, जिसे ‘अनवर डकैत‘ के नाम से भी जाना जाता है, ‘लव जिहाद’ के मामले में आरोपित बनने के बाद से अपने परिवार समेत फरार है। अनवर कादरी मुस्लिम लड़कों को हिंदू युवतियों को फँसाने के लिए पैसे देता था।

पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार उसके संभावित ठिकानों, घर और ससुराल पर दबिश दे रही है, लेकिन अब तक वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कादरी के घर पर ताला लगा हुआ है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अनवर कादरी पर सिमी (Students Islamic Movement of India) से जुड़े होने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि कादरी ने कई प्लॉट और मकानों पर जबरदस्ती कब्जा किया है।

मंत्री ने दोहराया कि कादरी जैसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सख्त सजा मिलेगी।

वहीं, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया है कि उन्होंने संभाग आयुक्त को कादरी की पार्षदी खत्म करने के लिए पत्र लिखा है, और जल्द ही उसकी पार्षदी समाप्त कर दी जाएगी।

इसके अलावा, ‘लव जिहाद’ की फंडिंग के मामले में भी उस पर गहन जाँच चल रही है। जाँच पूरी होने के बाद उस पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शहर में कई जगहों पर अनवर कादरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इंदौर के राजवाड़ा पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अनवर कादरी का पुतला फूँका। करणी सेना ने आरोप लगाया कि कादरी ‘लव जिहाद’ को फंडिंग करता है, उसने कई हिंदू परिवारों को धमकाया है और अवैध वसूली के मामलों में उसका नाम दर्ज है।

दोस्त-रिश्तेदार भी फरार

मध्यप्रदेश के इंदौर में हिंदू युवतियों से रेप और लव जिहाद के मामले के आरोपित अनवर कादरी की तलाश अभी जारी है। इसी बीच अब पता चला है कि उसके घरवाले और दोस्त भी घर छोड़कर भाग गए हैं।

अवलोकन करें :-

‘मुस्लिम तुष्टिकरण’ के लिए भारत को ‘कुर्बान’ करना चाहती हैं सोनिया गाँधी, चाहती हैं इजरायल-ईरा

महिला विरोधी कांग्रेस की काली करतूत : लव जिहाद को हो रही फंडिंग : हिंदू लड़कियों को फँसाओ, उनसे नि

कॉन्ग्रेस पार्षद अनवर कादरी की खोज में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। इसी क्रम में बाणगंगा और सदर बाजार थाने की पुलिस शनिवार (21 जून 2025) को संयुक्त रूप से अनवर के दोस्त और रिश्तेदारों के घर पहुँची तो घर में ताला लगा हुआ था।

बाणगंगा पुलिस के अनुसार अनवर कादरी ने आरोपित अल्ताफ और साहिल को हिंदू लड़कियों को फँसाकर उनसे शादी करने और फिर उन्हें देह व्यापार में लगा देने के लिए फंडिंग की है। 13 जून को पुलिस ने अल्ताफ और साहिल शेख को गिरफ्तार किया था।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि अनवर कादरी ने उन्हें हिंदू लड़कियों से शादी कर धर्म परिवर्तन और देह व्यापार कराने के लिए कहा था, जिसके लिए कादरी ने अल्ताफ को एक लाख और साहिल को दो लाख रुपए भी दिए थे।

इस मामले में जब पुलिस एक-एक कर भिस्ती मोहल्ला, मूसाखेड़ी और सदर बाजार में उसके दोस्तों के घर गई तो देखा कि उनमें से एक भी घर पर नहीं थे, सभी के घरों में ताला लगा हुआ था।

महिला विरोधी कांग्रेस की काली करतूत : लव जिहाद को हो रही फंडिंग : हिंदू लड़कियों को फँसाओ, उनसे निकाह करके धंधा करवाओ: इंदौर में लव जिहाद केस के लिए मुस्लिम लड़कों को पैसे दे रहा था कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, खुलासा होते ही हुआ फरार

इंदौर लव जिहाद में फंडिंग करने वाला कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी (बाएँ), आरोपित अल्ताफ खान और साहिल शेख (दाएँ) ( साभार: R.bharat/DainikBhaskar)
ऐसा आभास होता है कि कांग्रेस का मध्य प्रदेश से सफाया होना निश्चित हो रहा है, जिसका निशाना मध्य प्रदेश से बाहर निकल अन्य राज्यों में भी होने वाला है। आतंकवाद की लड़ाई में कांग्रेस की असलियत तो सामने पहले ही आ चुकी है, बाकि की कसर लव जिहाद में हिन्दू लड़कियों को फंसाकर उनसे धंधा करवाने का पर्दाफाश हो गया है। एक लम्बे समय से मांग थी कि लव जिहाद में पकडे जाने वालों से इनको वित्तीय सहायता देने वालों की जानकारी लेनी चाहिए। जो अब तक नहीं हुआ। लेकिन अब एक financer कांग्रेस पार्षद का नाम आ गया है। इसी को पकड़ कर सारी जानकारी लेनी चाहिए ताकि बिकाऊ गैंग के हाथों हिन्दू लड़कियों की सुरक्षा प्रदान की जा सके। राज्य सरकार को इस पार्षद के विरुद्ध सख्त रुख अपनाना चाहिए। जब बिल्ली भागों छीका टूटा है तो सरकार को उसका फायदा उठाना चाहिए। अन्यथा बेकार है पूर्ण बहुमत वाली बीजेपी सरकार।     

मध्य प्रदेश के इंदौर लव जिहाद मामले में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत का नाम उजागर हुआ है। आरोप है कि उसने हिंदू लड़कियों को फँसवाने के लिए अपने दो गुर्गे साहिल शेख और अल्ताफ खान को लाख-लाख रुपए दिए थे। उसने इन दोनों को पैसे देकर कहा था कि हिंदू लड़कियों को शादी करके फँसाओ और फिर देह व्यापार में धकेल दो। अब पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पार्षद फरार है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

पुलिस ने शुक्रवार को आरोपित साहिल और अल्ताफ को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने कांग्रेस पार्षद से पैसे लेने की बात स्वीकारी है। साहिल ने बताया कि उसे हिंदू लड़की से शादी करने के 2 लाख रुपए दिए गए थे। वहीं, अल्ताफ ने भी माना कि उसे भी 1 लाख रुपए ही मिले थे। पार्षद ने काम पूरा होने के बाद बाकी पैसे देने का वादा किया था। दोनों के बयान का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में लव जिहादी साहिल और अल्ताफ अपने फोन में कुछ हिंदू लड़कियों की तस्वीरें भी दिखाते हैं। इन लड़कियों को उन्होंने सोशल मीडिया पर हिंदू आईडी बनाकर फँसाया था। फिर मिलने के लिए बुलाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद शादी कर धर्म परिवर्तन करवाने की योजना थी। लव जिहादियों ने बताया कि कांग्रेस पार्षद ने उन्हें इन लड़कियों से ‘धंधा’ करवाने के लिए भी कहा था।

पुलिस ने लव जिहादियों के बयान के आधार पर कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए घर पहुँचे, तो वह फरार हो चुका था। अब पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने बताया कि साहिल और अल्ताफ को सोमवार (16 जून 2025) तक रिमांड में रखकर पूछताछ की जा रही है।

बजरंग दल ने लव जिहादियों को रंगे हाथों पकड़ा

साहिल शेख और अल्ताफ खान को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रंगे हाथों पकड़ा था। जब वह हिंदू लड़की के साथ सार्वजनिक जगह पर मिलने गए थे। बजरंग दल ने साहिल को सुपर कॉरिडोर इलाके में दबोचा। इसके बाद लड़की को घर के लिए रवाना कर दोनों जिहादियों को खूब पीटा।

साहिल और अल्ताफ ने कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी के कहने पर हिंदू लड़कियों को फँसाने की बात कही। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। कार्यकर्ताओं ने दोनों को पकड़कर बाणगंगा पुलिस के हवाले कर दिया। इनमे साहिल कार शोरूम में काम करता है और अल्ताफ पेंटर है।

बजरंग दल के कार्यकर्ता ने बताया कि एक लव जिहादी के मोबाइल फोन में चैट खुली मिली थी। इसमें वो किसी हिंदू युवक से बात करते हुए धमकी दे रहा है। जिहादी कहता है, “मैं लड़की का बॉयफ्रेंड हूँ और नरवल में रहता हूँ। तुझसे जो बने कर लेना। इसे इस्लाम धर्म कबूल करवाऊँगा और तू मेरा कुछ नहीं कर पाएगा।” युवक ने जब कारण पूछा तो कहने लगा, “हमारे धर्म में ऐसा ही लिखा है।”

                                   जिहादी की इंस्टाग्राम पर धमकी देते हुए चैट्स (साभार: R.Bharat)

जिहादी ने आगे कहा, “तू इतना सब क्यों पूछ रहा है। तू संगठन का आदमी है, मुझे सब पता चल जाता है। तुम्हारे संगठन के आदमी मुझसे भी जुड़े हैं।” इसके बाद बजरंग दल ने जब उसका फोन खंगाला तो हिंदू युवतियों के साथ महाकाल दर्शन के फोटो भी मिले। ये जिहादी इंस्टाग्राम पर हिंदू नाम से आईडी बनाकर लड़कियों को फँसाते थे।

बताया गया कि साहिल ने अर्जुन और अल्ताफ ने राज नाम से फेक आईडी बनाई हैं। इन आईडी का इस्तेमाल कर वे हिंदू लड़कियों से दोस्ती करते थे। बजरंग दल ने इन दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, इस साजिश में फंडिंग करने वाला कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की जल्द गिरफ्तारी की माँग भी उठाई जा रही है।

दो हिंदू युवतियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज

पुलिस ने बताया कि दो पीड़िताओं ने साहिल और अल्ताफ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई हैं। इसके आधार पर मौनी बाबा आश्रम के पीछे सांवेर रोड बाणगंगा के रहने वाले 20 वर्षीय अल्ताफ खान और नरवल निवासी साहिल शेख पर दुष्कर्म और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पार्लर में काम करने वाली युवती से बनाए अवैध संबंध

19 वर्षीय पीड़िता ने माँ के साथ पहुँचकर बाणगंगा पुलिस में अल्ताफ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि वह पार्लर में काम करती है। अल्ताफ उसका पड़ोसी है। साल 2020 में अल्ताफ से मकान खरीदा था। पड़ोने होने के चलते दोनों के बीच आम बातचीत शुरू हुई।

फिर अल्ताफ ने युवती को प्रपोज कर दिया। कहा कि वह युवती से शादी करना चाहता है। साथ ही बात करने के लिए कीपैड मोबाइल भी दिलाया। लेकिन अल्ताफ की हरकतों के चलते युवती ने उससे दूरी बना ली। ये देख अल्ताफ ने उसके घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी और दुष्कर्म किया।

बुर्का पहनने को कहा, कैफे में ले जाकर किया दुष्कर्म

वहीं, एक अन्य हिंदू युवती केयरटेकर का काम करती है। पीड़िता ने साहिल शेख के खिलाफ शिकायत की है। पीड़ित युवती ने बताया कि पाँच महीने पहले इंस्टाग्राम पर साहिल से बातचीत शुरू हुई थी। उसने खुद को हिंदू बताकर दोस्ती की थी। इस बीच 12 मई 2025 को पीड़िता को मिलने बुलाया और सांवेर रोड स्थित दोस्त के कमरे पर ले गया।

यहाँ साहिल ने युवती से कहा कि वो उससे बहुत प्यार करता है। शादी का झाँसा देकर शारीरिक संबंध भी बनाए। पीड़िता ने बदनामी के डर के यह बात किसी से नहीं कही थी। फिर सच सामने आने पर साहिल से दूरी बना ली। लेकिन 30 मई 2025 को साहिल ने विजय नगर स्थित कैफे में मिलने बुलाकर दुष्कर्म किया।

अवलोकन करें:-

जब तक इस्लाम है दुनिया में आतंकवाद रहेगा, गैर-मुस्लिम और महिलाएँ रहेंगी असुरक्षित: तस्लीमा नसर
जब तक इस्लाम है दुनिया में आतंकवाद रहेगा, गैर-मुस्लिम और महिलाएँ रहेंगी असुरक्षित: तस्लीमा नसर
 

युवती ने कहा कि उसके विरोध करने पर साहिल ने उसे पैसे का लालच दिया। साहिल ने कहा, “तू सिर्फ एक बार धर्म परिवर्तन कर ले, तुझे जितना बोलेगी उतना पैसा दूँगा।” युवती ने बताया कि साहिल ने उस पर जबरन बुर्का पहनने का दबाव भी बनाया।