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मामला जबरन धर्म परिवर्तन और लव जिहाद का : तुष्टिकरणपस्त मीडिया ने अफाक अहमद के केस को दिया नया एंगल, छिपाई गई आरिफ-सादिक की करतूत

                            मीडिया रिपोर्टों के स्क्रीनशॉट (साभार - ऑपइंडिया इंग्लिश)
हाल में इलाहाबाद कोर्ट की एक टिप्पणी पर मीडिया में जमकर खबरें चल रही हैं। हेडलाइन दी जा रही है कि कोर्ट ने कहा है कि वॉट्सऐप पर भेजे गए ‘अनकहे शब्द’ भी नफरत फैला सकते हैं। कई जगह इस हेडलाइन को ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे अदालत किसी के चुप रहने को भी दोषी बता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि यह पूरा मामला लव जिहाद से जुड़ा है।

कोर्ट ने अपनी टिप्पणी बिजनौर से जुड़े एक केस में की है जहाँ एक मुस्लिम युवक अफाक अहमद ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ये जरूर कहा है, “वॉट्सऐप पर भेजा गया कोई संदेश भले ही सीधे तौर पर धर्म का जिक्र न करे, लेकिन अगर उसमें अनकहे शब्दों और संकेतों के जरिए किसी समुदाय के खिलाफ नफरत, वैमनस्य या दुर्भावना फैलाने का भाव है, तो वह भी अपराध की श्रेणी में आएगा।”

कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा? 

पूरा मामला दरअसल लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। अफाक अहमद का भाई आरिफ अहमद फिलहाल जेल में है। उस पर आरोप है कि उसने एक हिंदू युवती से संबंध बनाकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिश की और उसे दुबई ले जाने की योजना थी।

यह शिकायत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता संदीप कौशिक ने दर्ज कराई थी। शुरुआती तौर पर मामूली धाराओं में दर्ज FIR बाद में गंभीर धाराओं में तब्दील कर दी गई, जिसमें बलात्कार, धोखाधड़ी, जहर देना, फर्जीवाड़ा, और धर्म परिवर्तन अधिनियम, 2021 के तहत अपराध शामिल हैं।

इसी गिरफ्तारी के बाद अफाक अहमद ने अपने परिचितों को एक वॉट्सऐप मैसेज भेजा। उसने लिखा कि उसके भाई को राजनीतिक दबाव में झूठे मामले में फँसाया गया है और उसके परिवार के बहिष्कार की बाट कही जा रही है। उसने यह भी लिखा कि “उसे डर है कि कहीं भीड़ उसे मार न दे” लेकिन साथ ही उसने अदालत और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया।

यह संदेश देखने में साधारण लगा पर अदालत ने इसे बहुत गंभीरता से लिया। जस्टिस जे जे मुनिर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने कहा कि “संदेश के शब्द सीधे तौर पर धर्म का उल्लेख नहीं करते, लेकिन उसमें जो अनकहा संदेश है, वह साफ तौर पर यह धारणा देता है कि आरोपित का भाई मुसलमान होने की वजह से निशाना बनाया गया है।” अदालत ने कहा “यह वही ‘unsaid words’ हैं जो किसी खास समुदाय की धार्मिक भावनाएँ भड़का सकते हैं और दो समुदायों के बीच दुश्मनी, घृणा और अविश्वास का माहौल पैदा कर सकते हैं।”

कोर्ट ने साफ कहा कि भले ही यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(3) (धार्मिक स्थल पर अपराध) के अंतर्गत न आता हो, लेकिन धारा 353(2) के तहत यह अपराध बनता है क्योंकि यह संदेश नफरत फैलाने की क्षमता रखता है। अदालत ने कहा कि “यह मामला केवल एक व्यक्ति की निजी पीड़ा का नहीं है, बल्कि यह समाज के साम्प्रदायिक ताने-बाने को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।”

इसलिए कोर्ट ने अफाक अहमद की याचिका को खारिज करते हुए कहा, “मामला जाँच के योग्य है और इसे शुरुआती चरण में रोका नहीं जा सकता।”

यह पहला मौका नहीं है जब किसी मुस्लिम परिवार पर  लव जिहाद  के आरोपों के बाद ऐसे विवाद खड़े हुए हों। अदालत ने इस बार यह स्पष्ट किया कि धार्मिक पहचान के नाम पर खुद को पीड़ित बताने वाले बयान भी अप्रत्यक्ष रूप से नफरत फैलाने का जरिया बन सकते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अफाक के परिवार पर एक नहीं बल्कि तीन-तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं, एक उसके भाई आरिफ पर, दूसरी खुद अफाक पर और तीसरी उनके चाचा सादिक पर, जिन्होंने स्थानीय चैनल पर बयान दिया था कि “उसके भतीजे को फँसाया गया है।”

अवलोकन करें:-

सुप्रीम कोर्ट की तानाशाही भारत का इस्लामीकरण करने को आमादा है; परदीवाला ने योगी के धर्म परिवर्
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सुभाष चन्द्र आज जिस तरह हिन्दू अपने सनातन के प्रति सजग हो रहा है उसके विपरीत सनातन विरोधी रोड़े अटकाने में लगे हुए ह....

RSS कार्यकर्ता संदीप कौशिक, जिन्होंने सबसे पहले शिकायत दर्ज कराई थी, उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा की “लड़की का परिवार डर के साये में था। मैंने एक जिम्मेदार नागरिक की तरह पुलिस में रिपोर्ट की। यह समाज की सुरक्षा का मामला था।”

जेल में मिल रही जान से मारने की धमकी, पीने को साफ़ पानी तक नहीं: बंगाल पुलिस की कैद में बंद शर्मिष्ठा ने माँगी सुरक्षा

                  शर्मिष्ठा को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था (फोटो साभार: Deccan Herald)
मुस्लिमों की मजहबी भावनाएँ आहत करने के नाम पर गिरफ्तार इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को जेल के भीतर धमकियाँ मिल रही हैं। जेल के भीतर ही लोग उसकी जान के लिए खतरा बने हुए हैं। यह बातें शर्मिष्ठा ने एक याचिका में कहीं हैं। इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने शर्मिष्ठा को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, शर्मिष्ठा की तरफ से अलीपुर (कोलकाता) की जिला अदालत में दायर एक याचिका में समस्याएँ बताई गईं थी। शर्मिष्ठा ने इस याचिका में कहा था कि उन्हें जेल के अंदर अन्य कैदियों से कई तरह की धमकियाँ मिल रही हैं। शर्मिष्ठा ने कहा था कि उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।

शर्मिष्ठा को अलीपुर के महिला सुधार गृह में रखा गया है। उन्होंने याचिका में कहा कि इस महिला सुधार गृह में ना सही से साफ़-सफाई होती है ना ही यहाँ पीने का साफ़ पानी है। शर्मिष्ठा ने यह भी बताया कि उन्हें बीमारियाँ भी हैं और इस महिला सुधार गृह में उन्हें कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है।

शर्मिष्ठा ने अलीपुर कोर्ट में याचिका दायर खुद को सुरक्षा दिए जाने की माँग की है। अलीपुर कोर्ट में इस पर अभी सुनवाई नहीं हुई है। इस बीच शर्मिष्ठा की जमानत याचिका को सोमवार (3 जून, 2025) को कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुना। कलकत्ता हाई कोर्ट ने शर्मिष्ठा को अंतरिम तौर पर जमानत देने से इनकार कर दिया।

हाई कोर्ट ने शर्मिष्ठा के वीडियो ने लोगों की भावनाएँ आहत की हैं। हाई कोर्ट ने राहत माँगने पर यह भी कहा कि अगर शर्मिष्ठा को जेल में दो दिन रहना पड़ेगा तो आसमान नहीं टूट पड़ेगा। कोर्ट ने इस दौरान बोलने की आजादी को लेकर टिप्पणियाँ की।

वहीं इस दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने शर्मिष्ठा को राहत देने का पुरजोर विरोध किया और कहा कि उन्हें यह वीडियो बनाने से पहले सोचना चाहिए था। पश्चिम बंगाल सरकार ने यह भी प्रयास किया कि यह मामला कलकत्ता हाई कोर्ट में अब छुट्टियों के बाद सुना जाए। इस मामले की सुनवाई अब गुरुवार (5 जून, 2025) को है।

शर्मिष्ठा को शुक्रवार (30 मई, 2025) को गिरफ्तार किया था। उसे पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ इस्लामी कट्टरपंथियों ने इससे पहले अभियान चलाया था।

शर्मिष्ठा पनोली मामले में NHRC ने पश्चिम बंगाल पुलिस से माँगा जवाब, कहा- सुरक्षा का रखो पूरा ध्यान: जेल में मिल रहीं थीं रेप-हत्या की धमकियाँ

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पश्चिम बंगाल पुलिस महानिदेशक को आदेश दिया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पानोली की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि शर्मिष्ठा को गिरफ्तार होने के बाद से ‘बलात्कार और जान से मारने की कई धमकियाँ’ मिल रही हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

शर्मिष्ठा को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े उनके कुछ कथित विवादित पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया था। NHRC को एक शिकायत मिली है जिसमें आरोप है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार (30 मई 2025) को हरियाणा के गुरुग्राम से शर्मिष्ठा को गिरफ्तार करते समय सही कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। अब शर्मिष्ठा 13 जून 2025 तक न्यायिक हिरासत में हैं।

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जैसे ही माँ कामाख्या पर गंदी टिप्पणी करने वाले जेहादी वजाहत खान को असम ने माँगा, वैसे ही बंगाल प
जैसे ही माँ कामाख्या पर गंदी टिप्पणी करने वाले जेहादी वजाहत खान को असम ने माँगा, वैसे ही बंगाल प
 

NHRC ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP से शर्मिष्ठा की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, हरियाणा सरकार से भी पूछा गया है कि क्या गिरफ्तारी के दौरान सभी नियम-कानूनों का पालन किया गया था। इन जवाबों के आधार पर ही NHRC आगे की कार्रवाई तय करेगा।

रिद्धि पटेल ने Bakersfield City Council के सदस्यों को हत्या की धमकी दी; तुरंत जेल में डाल दी गई, मोदी को भी जम कर गालियां देने वाली रिद्धि पटेल भारत में बच जाती

सुभाष चन्द्र

पता नहीं कैसे रिद्धि पटेल, 28 साल की लेडी को Indian American कहा जाता है जो पक्की फिलिस्तीनी भक्त है किसी अनस अंसारी से शादी की हुई है और अब मुस्लिम है। उसने कैलिफोर्निया की Bakersfield City Council के मेयर Karen Goh और कौंसिल के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी, जिसके लिए उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और Felony Accounts (गुंडागर्दी) के 16 आरोप लगाए गए जिन्हें सुनकर ये मोहतरमा अदालत में फूट फूट कर रो पड़ी। बाद में उस पर 10 आरोप तय हुए जो 2 संबंधित थे  threatening with intent to terrorize और 8 थे  threatening public officials after her comments at the April 10 meeting.

रिद्धि पटेल अनेक बार हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग करती रही है। लेकिन कौंसिल में सुनवाई के दौरान उसने कहा-

“You guys want to criminalize us with metal detectors — we’ll see you at your house, we’ll murder you”, मीडिया में छपी खबरों में बताया गया कि रिद्धि पटेल ने कौंसिल के सदस्यों से कहा कि “आप सब लोग बहुत बेकार इंसान हो; अगर ईसा मसीह यहां होते तो उन्होंने खुद ही आप सबको  मार दिया होता; आप लोगों को परवाह नहीं है कि फिलिस्तीन में क्या चल रहा है या किसी ऐसे देश में जहां लोगों को सताया जा रहा है; आप लोगों को बिल्कुल भी परवाह नहीं है कि वहां किस तरह लोगों पर जुल्म किया जा रहा है।

लेखक 
रिद्धि पटेल ने आगे कहा कि “कौंसिल के लोग महात्मा गांधी को लेकर परेड करते हैं, चैत्र नवरात्री त्यौहार भी शुरू हो रहा है; जिन छुट्टियों को हम लोग मना रहे हैं, उसे ग्लोबल साउथ में लोग अपने उत्पीड़कों के खिलाफ हिंसक क्रांति के रूप में देखते हैं। उसने मेयर और कौंसिल के सदस्यों के लिए यह भी कहा कि “कोई आकर गर्दन काटने वाली मशीन (गिलोटिन) से आपका गला काट कर मौत के घाट उतार दे”।

16 अप्रैल को उसे जमानत दे दी गई जिसके अनुसार जमानत राशि भी 10 लाख डॉलर से घटा कर 5 लाख डॉलर कर दिया गया और हिदायत दी गई कि शिकायत में जो घर और offices कहे गए हैं उनसे 500 गज दूर रहे।

रिद्धि पटेल का मुकदमा अमेरिका में भारत की तरह 10-15 साल नहीं चलेगा और सजा भी बहुत लंबी होगी। सुना गया है कि जिस फिलिस्तीन के लिए रिद्धि पटेल ने मुसीबत मोल ली, उन्होंने उससे पल्ला झाड़ लिया है और अब उसके माँ-बाप भारत में खोज कर रहे हैं कैसे मोदी तक पहुंच कर रिद्धि को बचाने की गुहार लगाई जाए। लेकिन अपनी बेटी को मोदी को गाली देने और अपमानित करने के लिए सजा भुगतने के नहीं कह रहे। क्या किसी प्रधानमंत्री को अपमानित करना और जान से मारने की धमकी देना उनके परिवार के संस्कार हैं? भारत में रहते तो बचाव संभव था, अमेरिका में नहीं। याद रखो।  

रिद्धि पटेल के वकील Evans ने भारत के कांग्रेस नेताओं और वामपंथियों की तरह लोकतंत्र के अधिकारों का रोना रोते हुए कहा है - ““We all have a constitutional right to free speech ........ “

अगर रिद्धि पटेल भारत में होकर ऐसी बातें करती और किसी को भी धमकी देती तो भारत में पहले तो पुलिस केस दर्ज करती, फिर उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाता लेकिन वो आती नहीं और सीमा हैदर की तरह मीडिया की लाड़ली बन जाती और victim बना कर पेश किया जाता। विपक्षी दल ढोल पीटने लगते कि जनता की आवाज़ दबाई जा रही है, लोकतंत्र का गला होता जा रहा है।

ऐसे हालात में अदालतों बैठे दलाल वकील उसका केस हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में दायर कर देते और मीलॉर्ड उसकी गिरफ़्तारी पर रोक लगाने में कोई चूक नहीं करते।

इस तरह केस बर्फ में लग जाता और 15 साल बाद मीलॉर्ड फैसला देते कि उसके बोलने से किसी को कुछ नुकसान नहीं हुआ और उसने जो भी कहा वह उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अनुसार कहा।

भारत में 80% हिंदुओं को 15 मिनट में मौत के घाट उतारने की और प्रधानमंत्री मोदी को हत्या या बोटी बोटी काटने की धमकी देने वालों को कोई सजा नहीं होती। एक “चुने हुए मुख्यमंत्री” केजरीवाल के “चुने हुए प्रधानमंत्री मोदी” को Coward और Psychopath कहना भी कोर्ट को ठीक लगता है।

अमेरिका : हिन्दू विरोधी एक्टिविस्ट को जेल में ठूँसा : हत्या की धमकी, माँ की गाली, एजेंडे के लिए नवरात्रि का इस्तेमाल

अक्सर देखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले मानसिक रूप से भी कुंठाग्रस्त प्रतीत होते हैं। अब एक मामला अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित बेकर्सफील्ड से सामने आया है, जहाँ रिद्धि पटेल नाम की फिलिस्तीन समर्थक ने वहाँ के मेयर को ही हत्या की धमकी दे डाली। अब शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) को उन्हें कोर्ट में पेश होना पड़ा। सुनवाई के दौरान वो रोने लगीं। उन्होंने सिटी काउंसिल के उन सभी सदस्यों को हत्या की धमकी दी थी, जो फिलिस्तीन के स्टैंड के खिलाफ हैं।

उन्होंने बैठक में सिटी काउंसिल के सदस्यों को माँ की गाली देते कहा था कि हर पीड़ित को अपने अत्याचारी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन का अधिकार है और अच्छा होगा कि कोई गिलोटिन (सिर काटने का यंत्र) लाकर तुम सबका गला काट दे। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने बैठक में कभी मेटल डिटेक्टर नहीं देखा, इतनी पुलिस फ़ोर्स नहीं देखी, ये सब इसीलिए किया जा रहा है ताकि फिलिस्तीनियों को अपराधी साबित किया जा सके।

मेयर करेन गोह ने इसके बाद कहा कि आपने जो कहा है वो एक धमकी है, इसीलिए पुलिस अब आपको बाहर ले जाएगी और मामले को देखेगी। रिद्धि पटेल पर गुंडागर्दी के 16 मामले लगाए गए हैं और उन्हें 1 मिलियन डॉलर (83.61 लाख रुपए) की जमानत पर जेल में रखा गया है। उन्हें अब 16, 24 और 25 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिद्धि पटेल को ‘सेंटर ऑफ रेस, पावर्टी एन्ड एनवायरनमेंट’ संस्था से जुड़ी रही हैं। CRPE कम आय वाले समुदायों को क़ानूनी सहायता देने का दावा करता है।

सिटी काउंसिल की बैठक में सदस्यों को उन्होंने डरावना बताते हुए कहा था कि दुनिया में क्या हो रहा है इसका इनलोगों को कोई अंदाज़ा नहीं है। इस दौरान उन्होंने हिंसक क्रांति को सही साबित करने के लिए नवरात्रि का इस्तेमाल किया और कहा कि ग्लोबल साउथ में भी ये त्योहार मनाया जाता है। रिद्धि पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और ‘हिन्दू फासीवाद’ को ‘फक यू’ कहते हुए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। वो फिलिस्तीन के समर्थन में अक्सर प्रदर्शन करती रही हैं।

दिल्ली : जेलों में कैदियों से होती है वसूली, अरविन्द केजरीवाल हैं इसके मास्टरमाइंड: ठग सुकेश चंद्रशेखर ने फिर फोड़ा लेटर बम

                                                                                                                       साभार : लोकसत्ता
दिल्ली के मंडोली जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली के मास्टरमाइंड हैं। चंद्रशेखर ने यह आरोप एक वीडियो के जरिए लगाया है, जिसमें वह कह रहा है कि दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली का खेल बहुत बड़ा है। जेल प्रशासन के लोग कैदियों से पैसे वसूलते हैं। पैसा न देने पर कैदियों को परेशान किया जाता है।

चंद्रशेखर ने कहा कि दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली का खेल अरविंद केजरीवाल के इशारे पर होता है। मुख्यमंत्री केजरीवाल जेल प्रशासन के लोगों को पैसे बाँटते हैं और फिर वह कैदियों से पैसे वसूलते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि केजरीवाल इस पैसे से अपने राजनीतिक काम करते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि वह खुद भी इस जबरन वसूली का शिकार हुआ है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ठग चंद्रशेखर ने जेल से ही एक लेटर बम फोड़ा है। सुकेश ने यह पत्र केजरीवाल के उस दावे के जवाब में लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वसूली के मामले में सीबीआई जाँच की जानी चाहिए। अब सुकेश ने लिखा है, “केजरीवाल जी, कृपया सीबीआई जाँच में सहयोग करें और मेरे आरोपों पर वन-टू-वन नार्को टेस्ट करा लें।” सुकेश ने पत्र में लिखा है कि ये तो अदालत तय करेगी कि कौन सबसे बड़ा ठग है।

चंद्रशेखर ने लिखा, “आप (अरविंद केजरीवाल) पहले खुद को देखो। आपके तीन प्रमुख साथी जनता का पैसा लूटने और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं। आप भी जल्द ही तिहाड़ क्लब का हिस्सा बनेंगे। आप ही तो मास्टरमाइंड हैं।” सुकेश चंद्रशेखर ने कहा है कि उसने जो आरोप लगाए हैं, उसके समर्थन में उसके पास सारे सबूत मौजूद हैं।

उसने आगे लिखा है, “चिंता मत करो, तुम्हारा नाम और तुम्हारे साथियों का सारा खेल खोलने के लिए पूरे सबूत हैं।” सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी उन्हें चुप कराने के लिए धमकियाँ और ऑफर भेज रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने चुप रहने के लिए उसे राज्यसभा की सीट भी पेशकश की थी।

सुकेश चंद्रशेखर से सत्येंद्र जैन ने की 10 करोड़ रुपए की उगाही

सुकेश 200 करोड़ रुपए की उगाही के मामले में दिल्ली की जेल में बंद है। सुकेश ने आरोप लगाया था कि उसने प्रोटेक्शन मनी के रूप में सत्येंद्र जैन को 10 करोड़ रुपए दिये और फिर आम आदमी पार्टी को 60 करोड़ दिए। इस मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति माँगी है।
आरोप है कि सत्येंद्र जैन और जेल अधिकारियों ने हाई-प्रोफाइल कैदियों से करोड़ों रुपए की उगाही की, जिसमें सुकेश भी शामिल है। सीबीआई का कहना है कि जैन ने 2018-21 के दौरान सिक्योरिटी मनी की किश्तों के तौर पर सुकेश चंद्रशेखर से 10 करोड़ रुपए की उगाही की थी। हालाँकि, अरविंद केजरीवाल ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा कि सुकेश भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।


‘जेलों में PTI की महिला कार्यकर्ताओं से हो रहे बलात्कार’: इमरान खान, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री

पाकिस्तान के पूर्व पीएम और तहरीक ए इंसाफ पार्टी (PTI) के चेयरमैन इमरान खान ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि जेलों में बंद पीटीआई की महिला कार्यकर्ताओं के साथ रेप हो रहा है। शनिवार (27 मई 2023) की देर रात मुल्क के आंतरिक मामलों के मंत्री ( Interior Minister) राणा सनाउल्लाह ने इमरान के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था। उन्होंने इसे पीटीआई कार्यकर्ताओं की साजिश बताया। सनाउल्लाह के इस बयान पर इमरान खान ने पलटवार किया। रविवार (28 मई) को इमरान ने कहा कि सरकार के मंत्री अपने काले कारनामों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

इमरान ने जमान पार्क स्थित अपने घर से पीटीआई समर्थकों को संबोधित किया। इमरान खान ने कहा कि राणा सनाउल्लाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस (शनिवार) के बाद मुझे अपनी बात पर यकीन हो गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की फासीवादी सरकार के मंत्री काले कारनामों को छिपाने के लिए कवर-अप करने की कोशिश कर रहे हैं। इमरान खान ने जेल में बंद अपनी पार्टी के महिला कार्यकर्ताओं के प्रति चिंता जताते हुए न्यायपालिका से स्वतः संज्ञान लेने की माँग की।

सनाउल्लाह का दावा

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान के गृहमंत्री सनाउल्लाह ने इमरान और उनके समर्थकों पर सरकार को बदनाम करने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ख़ुफ़िया एजेंसियों ने एक कॉल इंटरसेप्ट किया है। इस कॉल में पीटीआई के वर्कर्स कथित तौर पर एनकाउंटर और रेप की साजिश रचने की बात करते हुए पाए गए हैं। इसके कुछ ही घंटों के बाद इमरान ने आरोप लगाने शुरू किए।
रिपोर्टों के मुताबिक, राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि इंटरसेप्ट किए गए कॉल में पीटीआई कार्यकर्ता के घर रेड डालने के और गोलीबारी की साजिश की बात सामने आई। कथित तौर पर पीटीआई के लोग यह कह रहे थे कि रेड के बहाने हुई फायरिंग में मौतों को दुनिया में मानवाधिकार उल्लंघन के रूप में दिखाया जा सकता है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून‘ के मुताबिक, राणा ने कहा कि इसी तरह पीटीआई महिला कार्यकर्ताओं की रेप की फर्जी कहानियाँ बनाने को लेकर भी बातचीत हुई थी। सनाउल्लाह के अनुसार कुछ ही देर के बाद इमरान खान ने पीटीआई महिला कार्यकर्ताओं से बलात्कार का आरोप लगा दिया।

क्या कहा था इमरान ने?

दरअसल 9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पूरा पाकिस्तान जल उठा था। पीटीआई कार्यकर्ताओं ने मुल्क भर में प्रदर्शन किया था। पीटीआई कार्यकर्ताओं और इमरान समर्थकों ने देश के सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी हमले कर दिए थे। प्रदर्शनकारियों में बड़े पैमाने पर महिलाएँ भी शामिल थीं। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को जेल में डाला गया। महिलाओं समेत सैकड़ों लोग अब भी हिरासत में है। इमरान ने जेल में बंद इन्हीं महिलाओं के साथ बदसलूकी और बलात्कार का आरोप लगाया था।
इमरान ने कहा था कि जेल में बंद महिला पार्टी वर्कर्स के साथ गलत सलूक किया जा रहा है। रेप की भी खबरें मिल रही हैं।


बच्ची के रेपिस्ट से मालिश कराने वाले पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन का जेल में ‘खेल’ जारी, अब अकेलापन दूर करने को सेल में शिफ्ट कराए दो कैदी

आप नेताओं के पाप रह-रहकर सामने आ रहे हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल में बंद होने के बावजूद दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन अपने ‘रसूख’ का इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे पहले जैन के जेल की सेल से दो वीडियो वायरल हो चुके हैं। इनमें एक में वो बच्ची के रेपिस्ट से मालिश कराते हुए नजर आए, तो दूसरे में जेल में अधिकारियों का दरबार लगाते दिखे। अब एक बार फिर केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे सत्येंद्र जैन सुर्खियों में हैं। तिहाड़ से सत्येंद्र जैन को लेकर एक और नया अपडेट सामने आया है। जेल की सेल में अपना अकेलापन दूर करने के लिए जैन ने फिर अपनी ‘पहुंच’ का इस्तेमाल किया। जैन ने जेल संख्या 7 के सुपरिंटेंडेंट की मदद से उनके सेल में 2 कैदियों को बकायदा ट्रांसफर भी करवा लिया। तिहाड़ जेल के प्रशासन को जैसे ही इस बात की भनक लगी तो वह अलर्ट मोड में आ गया। जेल प्रशासन ने सुपरिंटेंडेंट को नोटिस जारी करके पूछा है कि किसकी इजाजत से दो कैदियों को जैल की सेल में शिफ्ट किया गया?

जैन को जमानत न देने के लिए हाईकोर्ट की आशंका सही साबित, जेल में कर रहे ‘खेल’
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने ईडी मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जैन एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। जमानत मिलने पर वह सबूतों को तोड़-मरोड़ सकते हैं। हाईकोर्ट की आशंका को जैन जेल में रहते ही सही साबित कर रहे हैं। उनके प्रभाव के इस्तेमाल का वीडियो पहले वायरल हो चुका है। एक बार फिर जैन ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपनी मंशा का पूरी करने और अकेलेपन से निजात पाने के लिए जेल सुपरिंटेंडेंट को बकायदा चिठ्ठी लिखी।

पूर्व मंत्री ने अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए दो कैदी सेल में शिफ्ट कराए
चिठ्ठी में जैन ने लिखा है कि उसको जेल में अकेलापन सता रहा है और अपने साथ 2 कैदियों को रखने के लिए तिहाड़ प्रशासन को चिट्ठी लिखी। 11 मई को लिखी गई इस चिट्ठी में सत्येंद्र जैन ने कहा है कि वह जेल में काफी अकेलापन महसूस कर रहे हैं और मनोचिकित्सक ने उन्हें अकेला नहीं रहने की सलाह दी है। इसलिए उनके साथ दो कैदियों और कैदियों को रखा जाए। हैरानी की बात ये है कि सत्येंद्र जैन की इस मांग पर जेल संख्या 7 के सुपरिंटेंडेंट ने उनके सेल में 2 कैदियों को ट्रांसफर भी कर दिया। जैन ने लिखा कि एक मनोचिकित्सक ने मुझे और अधिक सामाजिक संपर्क का सुझाव दिया है। उन्होंने कम से कम दो और लोगों के साथ रहने का अनुरोध किया। जैन ने पत्र में अपनी पसंद के दो कैदियों के नामों का भी जिक्र किया। इसके बाद अधीक्षक ने दो कैदियों को दिल्ली के पूर्व मंत्री के सेल में स्थानांतरित कर दिया।

नियमों के विपरीत शिफ्टिंग से हुआ हंगामा, तिहाड़ प्रशासन ने जारी किया नोटिस
पूर्व मंत्री की सेल में दो कैदियों के ट्रांसफर हो जाने के बाद इसकी जानकारी तिहाड़ जेल को प्रशासन लगी। अधिकारियों के संज्ञान में आया कि जेल संख्या 7 के सुपरिंटेंडेंट ने सत्येंद्र जैन की सेल में 2 कैदियों को ट्रांसफर किया है। नियमों के विपरीत यह काम हो जाने के बाद जेल प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया और दोनों कैदियों को वापस पुरानी जगह भेज दिया। इसके साथ ही तिहाड़ प्रशासन ने जेल सुपरिंटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा है कि किसके आदेश पर और कौनसे नियमों के तहत कैदियों के जैन की सेल में शिफ्ट किया गया ? आपको बता दें कि सत्येंद्र जैन को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से ही कड़ी सुरक्षा वाली जेल में बंद हैं।

तिहाड़ में मसाज करवाते हुए सामने आया था वीडियो
इससे पहले सत्येंद्र जैन का तिहाड़ जेल से एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह मालिश करवाते हुए दिख रहे थे। इसके बाद जैन पर आरोप लगा था कि उन्होंने जेल अधिकारियों को धमकाया भी था कि वो जेल से बाहर निकलने के बाद उन्हें देख लेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तिहाड़ जेल में बंद सत्येंद्र जैन जेल में ही आराम से मालिश करवाते नजर आए।  न केवल मालिश बल्कि हेड मसाज और फुट मसाज भी करवाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है की मंत्री को जुर्म की सजा नहीं, बल्कि VVIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। मालिश और मसाज के साथ ही वे जेल मीटिंग भी करते हैं और तमाम लोग उनसे मिलने आते हैं। सवाल यह उठता है कि जेल में आखिर ये सब कैसे संभव है। और यह तब है जब अदालत ने दो दिन पहले ही यह कहते हुए मंत्री की जमानत याचिका खारिज कर दी कि पहली नजर में वे मनी लॉन्ड्रिंग के दोषी हैं। इससे पहले भी सत्येंद्र जैन जेल में मसाज करवाते पाए गए थे। इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में हलफनामा पेश किया था। उसके बाद जेल के कुछ स्टाफ पर कार्रवाई भी की गई थी।

 

केजरीवाल ने कहा था- अब नेताओं को भी बाकी कैदियों की तरह जेल में रहना पड़ेगा

कट्टर ईमानदार अरविंद केजरीवाल ने कहा था दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद कहा था कि इन नेताओं ने जेल के अंदर VIP रूम रखा था कि कोई नेता जेल में जाएगा तो सुविधा मिलेगी। हमने उसे सील कर दिया। अब चाहे कोई नेता हो, जैसे बाकी कैदी रहते हैं उसे भी वैसे ही रहना पड़ेगा।

हेड मसाज, फुट मसाज और बैक मसाज का वीडियो वायरल

ये वीडियो 13 सितंबर, 2022 का बताया जा रहा है। तिहाड़ जेल के सेल-4 ब्लॉक A की ये सीसीटीवी फुटेज है। ED ने जेल में सत्येंद्र जैन को VIP ट्रीटमेंट की बात कही थी। ED ने अपने हलफनामे में जैन को मसाज की सुविधा मिलने का आरोप लगाया था। ईडी ने कहा था कि सत्येंद्र जैन को हेड मसाज, फुट मसाज और बैक मसाज मिलता है। जो कि सामने आई सीसीटीवी फुटेज में भी दिख रहा है। ED ने तिहाड़ से सत्येंद्र जैन को मसाज दिए जाने वाली फुटेज ली थी, जो अब सबके सामने है। लेकिन जैन ने मसाज कराते फुटेज को रोकने की कोर्ट से अपील की थी।

तिहाड़ जेल में दरबार लगाने का वीडियो भी हो चुका है वायरल

तिहाड़ जेल में बंद  सत्येंद्र जैन का एक और वीडियो वायरल हुआ था।  जेल में दरबार लगाए सत्येंद्र जैन का यह वीडियो 12 सिंतबर, 2022 का है। वीडियो में दिख रहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सत्येंद्र जैन तीन लोगों के साथ बैठकर दरबार लगाए हुए हैं। जेल सुपरिंटेंडेंट अजीत कुमार के आते ही तीनों वहां से उठकर चले जाते हैं। जेल सुपरिंटेंडेंट कुर्सी पर बैठ कर सत्येंद्र जैन से किसी बात को लेकर चर्चा करते रहते हैं। जेल सुपरिंटेंडेंट अजीत कुमार को सस्पेंड किया जा चुका है। उनपर सत्येंद्र जैन को जेल में वीवीआईपी सुविधाएं देने का आरोप है।

इस वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर आम आदमी पार्टी सरकार की खूब थू-थू हुई। सोशल मीडिया पर केजरीवाल, आप सरकार और इसके मंत्री की जमकर किरकिरी हुई।  लोग वीडियो शेयर कर तंज कस रहे हैं।

संसद में चर्चा के दौरान मुस्लिम नेता का जिक्र, सफेद टोपी वाले सांसद ने गर्भवती महिला MP के पेट पर मारी लात: हुई जेल

                     संसद में गर्भवती सांसद के पेट पर मारी लात (फोटो साभार: Sputnik News)
पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल में गर्भवती महिला सांसद के साथ हाथापाई करने और पेट में लात मारने के आरोप में दो सांसदों को 6 महीने की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा, दोषी सांसदों को सरकारी खजाने में जुर्माना और पीड़ित सांसद को मुआवजा भी देना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 को सेनेगल की संसद में न्याय मंत्रालय के बजट पर बहस चल रही थी। इसी दौरान विपक्षी सांसदों ममदौ नियांग और मसाटा सांब ने सत्ताधारी पार्टी की महिला सांसद एमी नदिये के साथ हाथापाई। जवाब में जब नदिये ने कुर्सी फेंकी तो सफेद टोपी में दिख रहे सांसद ने उनके पेट पर लात मार दी। आप नीचे इसका वीडियो देख सकते हैं। नियांग और सांब चर्चा के दौरान एक प्रभावशाली मुस्लिम नेता की चर्चा से नाराज थे। यह मुस्लिम नेता संसद के सदस्य नहीं है, लेकिन विपक्ष के समर्थक हैं।

संसद में गर्भवती महिला सांसद के साथ हुई इस घटना की हर तरफ निंदा हुई थी। वीडियो सामने आने के बाद लोग महिलाओं अधिकारों के बारे में भी बात कर रहे थे। अब नियांग और साब को नदिए को 8100 डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।

संसद सत्र के दौरानगर्भवती महिला सांसद पर हुए इस हमले की सुनवाई 19 दिसंबर 2022 से शुरू हुई थी। अब सांसदों को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई गई है। सजा के अलावा दोनों सांसदों को 1 लाख सीएफए फ्रैंक (करीब 13400 रुपए) बतौर जुर्माना और 5 मिलियन सीएफए फ्रैंक (करीब 673400 रुपए) बतौर मुआवजा भरना पड़ेगा।

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरी दुनिया में सांसदों के इस कृत्य की आलोचना हो रही है। लोग इसे महिलाओं की सुरक्षा से लेकर घरेलू हिंसा तक से जोड़ कर देख रहे हैं।

मारपीट होने के बाद एमी नदिये बेहोश हो गईं थीं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। नदिये के वकील बाबूकर सिसे का कहना है कि वह गर्भवती थीं और उन्हें इस बात का डर था कि वह अपने बच्चे को खो सकती हैं। उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई है। लेकिन अब भी वह बेहद कठिन स्थिति से गुजर रहीं हैं। एक ओर जहाँ घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वहीं, दोषी ठहराए गए सांसदों के वकीलों ने कोर्ट में कहा था कि दोनों सांसदों ने महिला पर हमला नहीं किया था।