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एक ‘पत्रकार’ ने कहा- रं#@, दूसरे ने कहा- गला काट देंगे: महाराष्ट्र की एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान को इस्लामी कट्टरपंथियों ने दी जान से मारने की धमकी, शेयर किए वीडियो


महाराष्ट्र की एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान को इस्लामी कट्टरपंथियों ने जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। नाजिया इलाही खान ने कहा कि दो मुस्लिम युवक ने अलग-अलग वीडियो बनाकर उन्हें धमकियाँ और गालियाँ दीं। अपने एक्स अकाउंट पर क्लिप शेयर करते हुए नाजिया खान ने लिखा कि उनमें से एक व्यक्ति मुस्लिम पत्रकार था और दूसरे ने खुलेआम गला काटने की धमकी दी।

सुप्रीम कोर्ट की वकील नाज़िया वो दबंग महिला है जो मुस्लिम कुरीतियों पर बड़ी बेबाकी से बोलती हैं, जिस वजह से कट्टरपंथी इनसे बहुत दुखी रहते हैं। वैसे मुस्लिम कुरीतियों पर पाकिस्तान की आरजू काज़मी आदि और भी अनेक मुस्लिम महिलाएं है जो कट्टरपंथियों पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ती। 72 हूरों, सर तन से जुदा, बुर्का/हिजाब हो या नकाब या फिर औरतों का मर्दों के साथ खड़े होकर नमाज नहीं पढ़ने पर कट्टरपंथियों पर जब जोरदार हमला करती हैं देखते ही बनता है।  

इन बेबाक महिलाओं और जितने भी exMuslim हैं सभी का मानना है कि मुल्लाओं ने मुसलमानों को इतना ज्यादा डरा कर रखा हुआ है कि सच सुनने की आदत नहीं। जो सच बोलता है सर तन से जुदा गैंग को सड़क पर उतर माहौल ख़राब कर देते हैं। और आम मुसलमान समझता है कि इस्लाम की तौहीन हुई है।       

नाजिया ने गाली-गलौज करने वाले मुस्लिम ‘पत्रकार’ का वीडियो किया शेयर

पहली वीडियो शेयर करते हुए नाजिया ने लिखा, “ये सलमान हैं, एक मुस्लिम पत्रकार! ये शायद महाराष्ट्र से हैं! ये पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का प्रतिनिधित्व करते हैं, फिर भी इस रिपोर्ट में ये मुझे वेश्या कह रहे हैं! क्या किसी मुस्लिम पत्रकार के लिए किसी महिला पर गंदी और अपमानजनक बातें कहना जायज है? इसीलिए ये खुलेआम मुझे वेश्या कह रहे हैं!”

नाजिया द्वारा शेयर किए गए वीडियो में सलमान नाम का व्यक्ति को अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते सुना जा सकता है। वह कहता है कि नाजिया की हरकतों ने उसे इतना गुस्सा दिलाया कि उसका मन उसे मारने का हुआ, लेकिन वह मजबूर था इसीलिए ऐसा नहीं कर सका। इसके बाद उसने नाजिया के परिवार और परवरिश पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर यह ऐसी है तो इसकी माँ कैसी होगी।”

नाजिया का नाम लेते हुए सलमान ने कहा, “पीछे जो महिला दिखाई दे रही है, वह नाजिया इलाही खान है। वह न तो खान है, न नाजिया है और न ही उसका इलाही नाम से कोई नाता है।” इसके बाद उसने नाजिया के लिए एक अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्हें ‘रं**’ कहा। उसने यह भी कहा कि वह यह शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहता था, लेकिन उसे ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

एक मुस्लिम युवक ने गला काटने की दी धमकी

ऐसी ही धमकी भरी एक और वाडियो नाजिया इलाही खान ने शेयर की, जिसकी पहचान उन्होंने महाराष्ट्र के औरंगाबाद के अब्दुल के रूप में बताई। अब्दुल ने नाजिया को सीधे जान से मारने की धमकी दी।

वीडियो शेयर करते हुए नाजिया ने लिखा, “यह महाराष्ट्र के औरंगाबाद का अब्दुल है, जो मेरा गला काटने की धमकी देते हुए वीडियो बना रहा है! और वह जेल जाने को भी तैयार है!”

वीडियो में अब्दुल कहता है, “तू कौन होती है हमरा नबी के खिलाफ बोलने वाली। तेरा ऐसा हाल करूँगा कि कभी नहीं भूलेगी। चाहे जेल क्यों न जाना पड़े।”

एक्टिविस्ट नाजिया इलाही खान ने इन दोनों वीडियो को उन धमकियों और गालियों के उदाहरण के रूप में साझा किया, जो उनके अनुसार उन्हें सोशल मीडिया पर कुछ मुस्लिम यूजर्स की ओर से मिल रही हैं। ये घटनाएँ नाजिया इलाही खान से जुड़े विवादों की लंबी श्रृंखला में एक नया अध्याय हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर होने वाली तीखी बहसों के केंद्र में रही हैं। फिलहाल, उनके द्वारा साझा किए गए इन दोनों वीडियो पर कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

जेल में मिल रही जान से मारने की धमकी, पीने को साफ़ पानी तक नहीं: बंगाल पुलिस की कैद में बंद शर्मिष्ठा ने माँगी सुरक्षा

                  शर्मिष्ठा को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था (फोटो साभार: Deccan Herald)
मुस्लिमों की मजहबी भावनाएँ आहत करने के नाम पर गिरफ्तार इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को जेल के भीतर धमकियाँ मिल रही हैं। जेल के भीतर ही लोग उसकी जान के लिए खतरा बने हुए हैं। यह बातें शर्मिष्ठा ने एक याचिका में कहीं हैं। इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने शर्मिष्ठा को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, शर्मिष्ठा की तरफ से अलीपुर (कोलकाता) की जिला अदालत में दायर एक याचिका में समस्याएँ बताई गईं थी। शर्मिष्ठा ने इस याचिका में कहा था कि उन्हें जेल के अंदर अन्य कैदियों से कई तरह की धमकियाँ मिल रही हैं। शर्मिष्ठा ने कहा था कि उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।

शर्मिष्ठा को अलीपुर के महिला सुधार गृह में रखा गया है। उन्होंने याचिका में कहा कि इस महिला सुधार गृह में ना सही से साफ़-सफाई होती है ना ही यहाँ पीने का साफ़ पानी है। शर्मिष्ठा ने यह भी बताया कि उन्हें बीमारियाँ भी हैं और इस महिला सुधार गृह में उन्हें कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है।

शर्मिष्ठा ने अलीपुर कोर्ट में याचिका दायर खुद को सुरक्षा दिए जाने की माँग की है। अलीपुर कोर्ट में इस पर अभी सुनवाई नहीं हुई है। इस बीच शर्मिष्ठा की जमानत याचिका को सोमवार (3 जून, 2025) को कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुना। कलकत्ता हाई कोर्ट ने शर्मिष्ठा को अंतरिम तौर पर जमानत देने से इनकार कर दिया।

हाई कोर्ट ने शर्मिष्ठा के वीडियो ने लोगों की भावनाएँ आहत की हैं। हाई कोर्ट ने राहत माँगने पर यह भी कहा कि अगर शर्मिष्ठा को जेल में दो दिन रहना पड़ेगा तो आसमान नहीं टूट पड़ेगा। कोर्ट ने इस दौरान बोलने की आजादी को लेकर टिप्पणियाँ की।

वहीं इस दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने शर्मिष्ठा को राहत देने का पुरजोर विरोध किया और कहा कि उन्हें यह वीडियो बनाने से पहले सोचना चाहिए था। पश्चिम बंगाल सरकार ने यह भी प्रयास किया कि यह मामला कलकत्ता हाई कोर्ट में अब छुट्टियों के बाद सुना जाए। इस मामले की सुनवाई अब गुरुवार (5 जून, 2025) को है।

शर्मिष्ठा को शुक्रवार (30 मई, 2025) को गिरफ्तार किया था। उसे पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ इस्लामी कट्टरपंथियों ने इससे पहले अभियान चलाया था।

शर्मिष्ठा पनोली मामले में NHRC ने पश्चिम बंगाल पुलिस से माँगा जवाब, कहा- सुरक्षा का रखो पूरा ध्यान: जेल में मिल रहीं थीं रेप-हत्या की धमकियाँ

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पश्चिम बंगाल पुलिस महानिदेशक को आदेश दिया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पानोली की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि शर्मिष्ठा को गिरफ्तार होने के बाद से ‘बलात्कार और जान से मारने की कई धमकियाँ’ मिल रही हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

शर्मिष्ठा को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े उनके कुछ कथित विवादित पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया था। NHRC को एक शिकायत मिली है जिसमें आरोप है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार (30 मई 2025) को हरियाणा के गुरुग्राम से शर्मिष्ठा को गिरफ्तार करते समय सही कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। अब शर्मिष्ठा 13 जून 2025 तक न्यायिक हिरासत में हैं।

अवलोकन करें:-

जैसे ही माँ कामाख्या पर गंदी टिप्पणी करने वाले जेहादी वजाहत खान को असम ने माँगा, वैसे ही बंगाल प
जैसे ही माँ कामाख्या पर गंदी टिप्पणी करने वाले जेहादी वजाहत खान को असम ने माँगा, वैसे ही बंगाल प
 

NHRC ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और DGP से शर्मिष्ठा की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही, हरियाणा सरकार से भी पूछा गया है कि क्या गिरफ्तारी के दौरान सभी नियम-कानूनों का पालन किया गया था। इन जवाबों के आधार पर ही NHRC आगे की कार्रवाई तय करेगा।

‘मा$₹चो$ हो तुम स्वाति मालीवाल’: यूट्यूबर ध्रुव राठी की वीडियो के बाद मालीवाल को मिल रही रेप-हत्या की धमकी – दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की माँग

स्वाति मालीवाल ने ध्रुव राठी पर एकतरफा जानकारी देने के आरोप लगाए हैं (साभार: ANI & Opindia english)
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने बताया है कि यूट्यूबर ध्रुव राठी के वीडियो के बाद उन्हें रेप-हत्या की धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा है कि ध्रुव राठी ने बिना उनका पक्ष लिए एकतरफा वीडियो बना दिया है। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी की तरफ से उन्हें शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है।

स्वाति मालीवाल ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट लिख बताया है कि उनका पहले ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने चरित्र हनन किया और उनके पीड़ित होते हुए भी उन्हीं को दोषी ठहराया। इसके बाद जब यूट्यूबर ध्रुव राठी ने इस पर वीडियो बनाया तो उनको हत्या और रेप की धमकियाँ मिलने लगीं।

स्वाति मालीवाल ने बताया कि उन्होंने ध्रुव राठी को अपना पक्ष बताने के लिए कॉल और मैसेज किए लेकिन राठी ने उनका पक्ष बिना जाने ही वीडियो बना दी। उन्होंने कहा है कि ध्रुव राठी को इस बात पर शर्मिन्दा होना चाहिए कि वह AAP के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं और पीड़ित पर ही प्रश्न उठा रहे हैं।

स्वाति मालीवाल ने ध्रुव राठी से उनके वीडियो में कई जानकारियाँ ना देने को लेकर कई प्रश्न भी पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि आखिर जब AAP ने एक दिन उनके साथ बदसलूकी की बात मान ली थी तो आखिर बाद में उस स्टैंड से यू टर्न क्यों ले लिया। मालीवाल ने ध्रुव राठी से पूछा कि आखिर उन्होंने अपनी वीडियो में उनकी मेडिकल रिपोर्ट का जिक्र क्यों नहीं किया। उन्होंने जानबूझ कर छोटा वीडियो रिलीज किए जाए और विभव कुमार के फोन फॉर्मेट होने को लेकर प्रश्न पूछे।

स्वाति मालीवाल ने कहा कि ध्रुव राठी ने अपनी वीडियो में यह नहीं बताया कि विभव कुमार को मुख्यमंत्री आवास से गिरफ्तार किया गया, उन्हें घटनास्थल पर सबूत मिटाने का मौक़ा क्यों दिया गया। मालीवाल ने भाजपा के लिए काम करने के आरोपों पर कहा कि वह महिलाओं के लिए काम करती रही हैं, आखिर वह भाजपा द्वारा कैसे खरीदी जा सकती हैं।

स्वाति मालीवाल ने उनको भेजी गईं रेप और हत्या की धमकियों के स्क्रीनशॉट भी डाले और कहा कि वह इस मामले को दिल्ली पुलिस के पास लेकर जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ होता है तो जिस व्यक्ति ने इसे चालू किया है, वह इसका जिम्मेदार होगा।

13 मई, 2024 को दिल्ली CM आवास में स्वाति मालीवाल के साथ अरविन्द केजरीवाल के पूर्व PS विभव कुमार ने मारपीट की थी और उनको अभद्र गालियाँ दी थी। इस मामले में स्वाति मालीवाल ने FIR दर्ज करवाई थी जिसके बाद विभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था। वर्तमान में विभव कुमार न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की जाँच के लिए दिल्ली पुलिस ने एक SIT बनाई है, जो इसमें आगे कार्रवाई कर रही है।


मुस्लिम कट्टरपंथियों को मोसाब हसन की फटकार, उसने कहा- निर्दोष हिन्दू के पीछे क्यों पड़े हो, मेरे पीछे लगो, वीडियो मेरा है, तंग आ गया हूँ मुस्लिमों की धमकी से

NIT श्रीनगर में हुए बवाल पर बोले मोसाब हसन युसूफ
श्रीनगर के NIT में पढ़ने वाले हिंदू छात्र प्रथमेश शिंदे द्वारा एक वीडियो स्टेटस पर लगाने के बाद जिस तरह कट्टरपंथी उन पर हमलावर हुए हैं, उसे देख मोसाब हसन युसूफ का बयान आया है। मोसाब वहीं शख्स हैं जो उस वीडियो में थे जो प्रथमेश ने लगाई। इसके अलावा हमास नेता का बेटा होने के नाते भी उनकी पहचान होती है।

हमास नेता के बेटे मोसाब हसन ने प्रथमेश को टारगेट करने वाले कट्टरपंथियों को लेकर लिखा- “कश्मीर के इस्लामी कट्टरपंथी हिंदू छात्र को मारने के लिए धमकी दे रहे हैं जिसने मेरे एक बयान को अपने सोशल मीडिया पर लगा दिया था। क्या ये कट्टरपंथी भूल चुके हैं कि ये हिंदू बहुल देश में अल्पसंख्यक हैं। मेरे पीछे लग जाओ, लेकिन हिंदू छात्र को छोड़ दो”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ मुस्लिमों की धमकी से तंग आ गया हूँ। एक निर्दोष हिंदू छात्र और कश्मीर की पूरी आबादी।”

कश्मीर में हिंदू छात्र के खिलाफ ईशनिंदा मामले में केस हुआ है। निग्नीन पुलिस थाने में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए, 153ए, 153 लगाकर केस दर्ज किया गया है। इस मामले पर राजनीति भी हो रही है और पूर्व मेयर शेख इमरान ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। NIT की अनुशासनात्मक समिति ने उक्त हिंदू छात्र को कॉलेज से 1 साल के लिए निकाल दिया है।

इन एक्शन के बावजूद कट्टरपंथी शांत नहीं हैं। हिंदू छात्र को मारने की धमकियाँ आ रही हैं। उससे पहले ये कट्टरपंथी ‘अल्लाहू अकबर, सर तन से जुदा, लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगाते हुए घूम रहे थे।

लड़के की गलती बस इतनी थी कि उसने मोसाब हसन के कॉन्फ्रेंस की क्लिप को अपने सोशल मीडिया पर डाल दिया। स्टोरी के साथ उसने कुछ लिखा नहीं लेकिन फिर भी कट्टरपंथी बिदक ही गए। इसके अतिरिक्त उसपर ये भी इल्जाम लगाए जा रहे हैं कि उसका संबंध मुस्लिम लड़की से था। स्थानीय मुस्लिमों ये कहकर आग में घी डाल रहे हैं कि प्रथमेश मुस्लिम लड़की को भगवा ट्रैप में फँसाना चाहता था।

मोसाब की विवादित वीडियो क्लिप साल 2012 की है। लॉस एजेंल्स में उन्होंने एक कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए पैगंबर पर कुछ टिप्पणी की थी। इसके अलावा उन्होंने शरीया लॉ की भी आलोचना की थी।


‘मुझे कुछ हुआ तो मोहम्मद जुबैर होगा जिम्मेदार’: वेंकटेश प्रसाद के मीडिया मैनेजर ; फेक न्यूज पेडलर जुबैर पर न्यायालय और केंद्र सरकार खामोश क्यों?

फेक न्यूज की फैक्ट्री मोहम्मद जुबैर ने कुछ दिन पहले ही पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद का सोशल मीडिया प्रोफाइल हैंडल करने वाले अमृतांशु गुप्ता की जानकारियाँ एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की थीं। इसके बाद अमृतांशु गुप्ता को ऑनलाइन शिकार बनाया जा रहा था।

अब अमृतांशु गुप्ता ने कहा है कि उन्हें न सिर्फ सोशल मीडिया पर, बल्कि फोन कॉल्स के माध्यम से भी जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने इस बारे में कुछ स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं। अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें कुछ भी होता है, तो उसका जिम्मेदार मोहम्मद जुबैर होगा।

अमृतांशु को मिल रही हैं फोन-सोशल मीडिया पर धमकियाँ

अमृतांशु गुप्ता ने कहा कि मोहम्मद जुबैर ने जानबूझकर उनके कुछ पुराने ट्वीट्स निकाले और उन्हें शेयर कर एंटी मुस्लिम साबित करने की कोशिश की। हालाँकि, अमृतांश के उन ट्वीट्स में इस्लामोफोबिक कंटेंट जैसा कुछ भी नहीं था। एक तो बाकायदा न्यूज लिंक का ट्वीट है। हालाँकि, फेक न्यूज पेडलर जुबैर इसे एंटी-मुस्लिम साबित करने की कोशिश रहा है। इसके बाद से उन्हें फोन और सोशल मीडिया पर धमकियाँ मिल रही हैं।
अमृतांशु ने लिखा, “मोहम्मद जुबैर ने मेरे ट्वीट्स की गलत व्याख्या करके यह सुनिश्चित कर दिया है कि मुझे धमकी भरे कॉल और धमकाने वाले मैसेज मिलें। मैं 14 वर्षों से ट्विटर पर हूँ, लेकिन उन्हें ‘मुस्लिम’ कीवर्ड के साथ 3 ट्वीट मिले। उनमें से 1 एचटी का लेख है, जिसमें पत्रकार पर व्यंग्यात्मक लेख था।”

मुझे कुछ हुआ, तो जिम्मेदार होगा मोहम्मद जुबैर

अमृतांशु ने लिखा है, “मेरे ट्वीट्स का गलत मतलब लोगों को समझाया गया और लोगों को मेरे खिलाफ भड़काया गया।” उन्होंने आरोप लगाया है कि जुबैर इस मामले को हिंदू बनाम मुस्लिम बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यूपी पुलिस को टैग करते हुए लिखा है कि अगर उन्हें कुछ भी होता है तो उसका जिम्मेदार मोहम्मद जुबैर होगा।

नुपूर शर्मा की तर्ज पर अमृतांशु को शिकार बनाने की कोशिश

मोहम्मद जुबैर ने वेंकटेश प्रसाद से डाँट खाने के बाद अमृतांशु गुप्ता को निशाने पर लिया था। जुबैर ने अमृतांशु की डिटेल्स सोशल मीडिया पर शेयर कर दी थी, ताकि उसकी ट्रोल आर्मी अमृतांशु को अपना शिकार बना सके।
अवलोकन करें:-
ये ठीक उसी तरह का पैटर्न है, जिसकी शिकार बीजेपी नेता नुपूर शर्मा को बनाया गया था। मोहम्मद जुबैर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के ट्विटर हैंडल को मैनेज करने वाले डिजिटल स्ट्रेटजिस्ट और सलाहकार अमृतांशु गुप्ता पर भी अपनी ट्रोल सेना उतार दी।

PFI प्रतिबंध का सम​र्थन करने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी को जबान काटने की धमकी

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर प्रतिबंध का समर्थन करने वाले बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी को जुबान काटने की धमकी मिली है। मौलाना ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि धमकी भरा कॉल गुरुवार (29 सितंबर 2022) को किया गया था। फोन करने वाले ने उन्हें पीएफआई का विरोध करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मौलाना को धमकी देने वाले ने अपना नाम अब्दुल समद बताया। यह भी बताया कि वह दिल्ली के शाहीन बाग का रहने वाला है। उसने मौलाना से कहा, “ज्यादा बोल रहे हो। बोलना कम कर दो, नहीं तो जबान काट दी जाएगी।”

मौलाना ने अपने ट्वीट में कहा है, “PFI की कट्टरपंथी विचारधारा के खिलाफ आवाज बुलंद करने पर आज (गुरुवार) दोपहर मुझे एक फोन आया। मुझे जान से मारने की धमकी दी गई। फोन करने वाले ने कहा- PFI के खिलाफ बोलना बंद कर दो मौलाना, वरना हम तुम्हारा वजूद खत्म कर देंगे।” बरेली पुलिस ने इस ट्वीट का जवाब देते हुए कहा है कि मामले की जाँच की जा रही है।

 मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी, दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष भी हैं। उनका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें धमकी मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा है कि वे खामोश बैठने वालों में से नहीं हैं। वे गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं।

मौलाना शहाबुद्दीन का यह भी कहना है कि जब उन्होंने राजस्थान के उदयपुर में हुई घटना (कन्हैयालाल हत्याकांड) पर फतवा जारी किया था, तब भी उन्हें धमकियाँ मिली थी। उन्होंने उस समय पुलिस-प्रशासन पर सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि उस समय मिली धमकियों की जानकारी मैंने प्रशासनिक अधिकारियों को देते हुए सुरक्षा माँगी थी। लेकिन, किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं दी गई।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने PFI पर बैन को मोदी सरकार का अच्छा कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि सरकार ने कट्‌टरपंथी संगठन PFI पर बैन लगाकर अच्छा कदम उठाया है। भारत की कट्‌टरपंथी विचारधारा की धरती नहीं है। इस देश की एकता और अखंडता पर संकट पैदा करने वाले संगठन पर प्रतिबंध लगाना उचित है।

असदुद्दीन ओवैसी और लालू यादव जैसे नेताओं ने PFI पर बैन को लेकर आपत्ति जताई है। केरल से कॉन्ग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने भी इस फैसले का विरोध किया है। विरोध करने वालों में सपा सांसद शफीकुर्रहमान भी शामिल हैं।