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सनातन धर्म का अपमान कांग्रेस को ले डूबा… अपनी ही पार्टी पर बरसे आचार्य प्रमोद कृष्णम, पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद बोले – सनातन को गाली देने का नतीजा

विधानसभा चुनाव 2023 में कॉन्ग्रेस पार्टी को आचार्य प्रमोद कृष्णम और पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने दिखाया आईना
इतिहास साक्षी है कि सनातन विरोधियों का विश्व में कोई नामलेवा नहीं, एक अपवाद भारत को छोड़ कर, वह भी कांग्रेस और वामपंथियों द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण करते गौरवशाली हिन्दू सम्राटों के इतिहास को धूमिल कर आतताई मुगलों को महान बता दिया गया। वही स्थिति इन विधान सभा चुनावों से पूर्व सनातन धर्म पर कितने प्रहार किये सभी ने देखा। 

मानो या न मानो, तेलंगाना में भाजपा द्वारा अपने इकलौते विधायक टी राजा सिंह के विरुद्ध ओवैसी द्वारा बिछाये जाल में फंसने की बजाए राजा के साथ खड़ी होती, तेलंगाना की स्थिति भी कुछ और ही होती। सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि भाजपा ओवैसी को ओवैसी के ही गढ़ शिकस्त दे दी होती।  ओवैसी जो अपने ही राज्य में समस्त सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने में असमर्थ है यानि अपने संसदीय क्षेत्र यानि हैदराबाद क्षेत्र को छोड़ इतने बड़े तेलंगाना में चुनाव लड़ने में पूर्णरूप से असफल हैं। ओवैसी की पार्टी AIMIM को क्षेत्रीय पार्टी भी नहीं कह सकते, ये तो मीडिया ने इसे इतना उठा रखा है। ओवैसी की पार्टी से कहीं सम्मानित समाजवादी, बहुजन समाज, जनता दल और आम आदमी पार्टी आदि पार्टियां हैं, जिनमे अपने राज्य में दबदबा होने के साथ साथ दूसरे राज्यों में जाकर जमकर चुनाव लड़ने की क्षमता रखते हैं, लेकिन ओवैसी अपने राज्य तेलंगाना में नहीं।   

देश के पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजे लगभग आ चुके हैं। रविवार (3 दिसंबर, 2023) को चार राज्यों के चुनाव नतीजों जारी किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के रुझानों की मानें तो तीनों ही राज्यों में भाजपा सत्ता में आ रही है। इन चुनाव परिणामों के साथ ही कांग्रेस पार्टी को याद दिलाई जा रही है कि कैसे पार्टी ने सनातन धर्म का अपमान किया था, सनातन का अपमान करने वालों का जम कर साथ दिया।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पिछड़ने पर पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “सनातन (धर्म) का विरोध करने से पार्टी डूब गई है। यह सनातन (धर्म) का विरोध करने का अभिशाप है।”

उन्होंने कहा, “भारत भावनाओं का देश है और सनातन का विरोध हमें ले डूबा। जातिवादी राजनीति को इस देश ने कभी स्वीकार नहीं किया है। 6 सितंबर, 1990 का राजीव गाँधी जी का भाषण हैं संसद में वो सुन लीजिएगा। देश अगर जातिवादी होता तो विश्वनाथ प्रताप सिंह को गाँव-गाँव पूजा जाता। विश्वनाथ प्रताप सिंह जी जब मंडल लाए थे उनसे बड़ा कोई जातिवाद का कार्ड खेलने वाला नहीं था और न हुआ, लेकिन विश्वनाथ प्रताप सिंह जी की हालत इस देश में क्या हुई ये सबके सामने है। इसीलिए, जातिवादी राजनीति और सनातन का विरोध ये हमें ले डूबे।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है ये कांग्रेस की हार नहीं है बल्कि वामपंथ की हार है। कुछ दिनों से कांग्रेस में कुछ ऐसे नेता घुस आए थे और घुस आए हैं और उनका बड़ा प्रभुत्व हैं। कांग्रेस के सभी फैसलों में उनकी बड़ी भूमिका है। और वो कुछ नेता कांग्रेस को महात्मा गाँधी के रास्ते से हटाकर वामपंथ के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं और ले जा रहे हैं। जो कांग्रेस पार्टी महात्मा गाँधी के रास्ते पर चलकर यहाँ तक आई है।”

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा, “महात्मा गाँधी जी के सभा की शुरुआत रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम से हुई थी। आज उस कांग्रेस को सनातन के विरोधी पार्टी के रूप में देखा जा रहा है। ये दुर्भाग्य है। कांग्रेस पार्टी ने अगर ऐसे नेताओं को नहीं निकाला तो पार्टी की हालत जल्द ही AIMIM जैसी हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस को महात्मा गाँधी, पंडित नेहरू, इंदिरा गाँधी राजीव गाँधी की कांग्रेस  रहने दिया जाए। पार्टी को महात्मा गाँधी के रास्ते से हटाकर मार्क्स के रास्ते पर ले जाने वाले जो नेता है। इनको बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।” आचार्य प्रमोद ने राजस्थान और मध्य प्रदेश की हार पर कहा, “इस हार का पूरा विश्लेषण होगा। फिलहाल तो इन राज्यों के पार्टी प्रभारियों को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। अगर उनमें जरा सी भी शर्म हो। तो खुद ऐसा करना चाहिए।”

वहीं पूर्व क्रिकेटर वेंकटेंश प्रसाद ने भी सनातन धर्म का विरोध करने वालों पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट किया, “सनातन धर्म को गालियाँ देने वालों का बुरा नतीजा भुगतना पक्का था। प्रचंड जीत के लिए भाजपा को बहुत-बहुत बधाई। प्रधानमंत्री के अद्भुत नेतृत्व का एक और प्रमाण नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह और जमीनी स्तर पर पार्टी कैडर के शानदार काम का नतीजा है ये चुनाव परिणाम।”

‘मुझे कुछ हुआ तो मोहम्मद जुबैर होगा जिम्मेदार’: वेंकटेश प्रसाद के मीडिया मैनेजर ; फेक न्यूज पेडलर जुबैर पर न्यायालय और केंद्र सरकार खामोश क्यों?

फेक न्यूज की फैक्ट्री मोहम्मद जुबैर ने कुछ दिन पहले ही पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद का सोशल मीडिया प्रोफाइल हैंडल करने वाले अमृतांशु गुप्ता की जानकारियाँ एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की थीं। इसके बाद अमृतांशु गुप्ता को ऑनलाइन शिकार बनाया जा रहा था।

अब अमृतांशु गुप्ता ने कहा है कि उन्हें न सिर्फ सोशल मीडिया पर, बल्कि फोन कॉल्स के माध्यम से भी जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने इस बारे में कुछ स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए हैं। अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें कुछ भी होता है, तो उसका जिम्मेदार मोहम्मद जुबैर होगा।

अमृतांशु को मिल रही हैं फोन-सोशल मीडिया पर धमकियाँ

अमृतांशु गुप्ता ने कहा कि मोहम्मद जुबैर ने जानबूझकर उनके कुछ पुराने ट्वीट्स निकाले और उन्हें शेयर कर एंटी मुस्लिम साबित करने की कोशिश की। हालाँकि, अमृतांश के उन ट्वीट्स में इस्लामोफोबिक कंटेंट जैसा कुछ भी नहीं था। एक तो बाकायदा न्यूज लिंक का ट्वीट है। हालाँकि, फेक न्यूज पेडलर जुबैर इसे एंटी-मुस्लिम साबित करने की कोशिश रहा है। इसके बाद से उन्हें फोन और सोशल मीडिया पर धमकियाँ मिल रही हैं।
अमृतांशु ने लिखा, “मोहम्मद जुबैर ने मेरे ट्वीट्स की गलत व्याख्या करके यह सुनिश्चित कर दिया है कि मुझे धमकी भरे कॉल और धमकाने वाले मैसेज मिलें। मैं 14 वर्षों से ट्विटर पर हूँ, लेकिन उन्हें ‘मुस्लिम’ कीवर्ड के साथ 3 ट्वीट मिले। उनमें से 1 एचटी का लेख है, जिसमें पत्रकार पर व्यंग्यात्मक लेख था।”

मुझे कुछ हुआ, तो जिम्मेदार होगा मोहम्मद जुबैर

अमृतांशु ने लिखा है, “मेरे ट्वीट्स का गलत मतलब लोगों को समझाया गया और लोगों को मेरे खिलाफ भड़काया गया।” उन्होंने आरोप लगाया है कि जुबैर इस मामले को हिंदू बनाम मुस्लिम बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यूपी पुलिस को टैग करते हुए लिखा है कि अगर उन्हें कुछ भी होता है तो उसका जिम्मेदार मोहम्मद जुबैर होगा।

नुपूर शर्मा की तर्ज पर अमृतांशु को शिकार बनाने की कोशिश

मोहम्मद जुबैर ने वेंकटेश प्रसाद से डाँट खाने के बाद अमृतांशु गुप्ता को निशाने पर लिया था। जुबैर ने अमृतांशु की डिटेल्स सोशल मीडिया पर शेयर कर दी थी, ताकि उसकी ट्रोल आर्मी अमृतांशु को अपना शिकार बना सके।
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ये ठीक उसी तरह का पैटर्न है, जिसकी शिकार बीजेपी नेता नुपूर शर्मा को बनाया गया था। मोहम्मद जुबैर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के ट्विटर हैंडल को मैनेज करने वाले डिजिटल स्ट्रेटजिस्ट और सलाहकार अमृतांशु गुप्ता पर भी अपनी ट्रोल सेना उतार दी।

नूपुर शर्मा के बाद अब अमृतांशु गुप्ता! मोहम्मद ज़ुबैर ने एक और निर्दोष को इस्लामी कट्टरपंथियों के सामने झोंका; मीडिया खामोश क्यों?

फेक न्यूज की फैक्ट्री चलाने वाले मोहम्मद जुबैर और इसका समर्थन कर देश में उपद्रव मचाने वालों पर केंद्रीय गृह मंत्री कब लगाएंगे? आखिर ये उपद्रवी कितनी नूपुर शर्मा की जान के लिए खतरे बनाता रहेगा? इस गंभीर मुद्दे पर मीडिया भी खामोश है, क्यों? अब इस ज़ुबैर ने पीआर मैनेजर अमृतांशु गुप्ता को निशाना बनाने की ठानी है। जुबैर ने अमृतांशु की डिटेल्स सोशल मीडिया पर शेयर कर दी, ताकि उसकी ट्रोल आर्मी अमृतांशु को अपना शिकार बना सके। ये ठीक उसी तरह का पैटर्न है, जिसकी शिकार बीजेपी नेता नुपूर शर्मा बनी थी। इसके लिए मोहम्मद जुबैर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के ट्विटर हैंडल को मैनेज करने वाले डिजिटल स्ट्रेटजिस्ट और सलाहकार अमृतांशु गुप्ता पर अपनी ट्रोल सेना उतार दी।

मोहम्मद जुबैर ने अपने ट्वीट में कहा कि वेंकटेश प्रसाद के हैंडल से जो ट्वीट उसे एक्सपोज करने के लिए किए गए थे, वो अमृतांशु ने किए थे, क्योंकि वही वेंकटेश प्रसाद का सोशल मीडिया मैनेज करते हैं। चूँकि वेंकटेश प्रसाद के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में ट्वीट किए गए थे, जो जुबैर को नागवार गुजरे थे। जुबैर ने अमृतांशु की डिटेल्स शेयर करते हुए लिखा, “यही व्यक्ति वेंकटेश प्रसाद से लेकर वीरेंद्र सहवाग के ट्विटर/इंस्टा हैंडल मैनेज करता है। स्मृति ईरानी का ऑपइंडिया वेबसाइट के लिए इंटरव्यू करता है।”

जुबैर ने आशीष नेहरा के साथ गौरव कपूर के 2017 के साक्षात्कार का एक वीडियो भी साझा करते हुए लिखा कि अमृतांशु गुप्ता ने भुगतान किए गए ट्वीट के लिए पूर्व क्रिकेटर से संपर्क किया होगा। हालाँकि, वीडियो में आशीष नेहरा ने कहीं भी अमृतांशु का नाम नहीं लिया है।

जुबैर ने ‘आउटलुक’ मैगजीन का एक आर्टिकल भी शेयर किया और कहा, “सेलेब्स अपने सोशल मीडिया अकाउंट को मैनेज करने के लिए ‘प्रोफेशनल्स’ को हायर करते हैं जो उनके नाम से लिखते हैं।”

नुपूर शर्मा जैसा कांड दोहराने की कोशिश!

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा तब इस्लामी कट्टरपंथियों का निशाना बनी थीं, जब मोहम्मद जुबैर जैसे इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम पर अपने विचार रखने के लिए उन्हें धमकियाँ दिलवाई थी। इस मामले में काफी विवाद हुआ था। दरअसल, शर्मा ‘टाइम्स नाउ’ पर एक बहस पैनल का हिस्सा थी, जिसमें ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने और इस खोज के बाद हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने पर चर्चा हो रही थी।
इस कार्यक्रम के दौरान इस्लामवादियों ने दावा किया था कि ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वुज़ुखाने के अंदर जो शिवलिंग मिला है, वह कोई शिवलिंग नहीं बल्कि एक फव्वारा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आलोचकों ने बार-बार कहा था कि ज्ञानवापी परिसर के अंदर पाया गया शिवलिंग एक फव्वारा था, न कि हिंदू भगवान की मूर्ति
हिंदू देवी-देवताओं पर की गई अवमानना ​​और तिरस्कार के जवाब में, भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने उनसे हिंदू देवताओं का अपमान बंद करने को कहा और पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम पर अपनी टिप्पणियों की पुष्टि के लिए इस्लामी धर्मग्रंथों और पवित्र कुरान का हवाला दिया। लेकिन, इसके बाद उनके वीडियो का एडिटेड हिस्सा जुबैर एंड कंपनी की तरफ से वायरल कर दिया गया था। उसी डिबेट में तस्लीम रहमानी ने क्या कहा, इसे छिपा लिया गया। इसके बाद कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे हत्याकांड सामने आया था। नूपुर शर्मा के समर्थन के कारण दोनों को मार डाला गया था।

वेंकटेश प्रसाद ने लगाई थी जमकर लताड़

हाल ही में वेंकटेश प्रसाद को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथियों और इस्लामवादियों के घनिष्ठ और शातिर लेफ्ट लॉबी ने निशाना बनाया था। लेकिन, जब जुबैर ने वेंकटेश प्रसाद को घेरने की कोशिश की, तो उन्होंने जुबैर को एक्सपोज कर दिया था।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के लिए मोहम्मद जुबैर को जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बस कॉन्ग्रेसी, वामपंथी और इस्लामवादी एकजुट होकर फर्जी फैक्ट-चेकर जुबैर के बचाव में उतर आए। दरअसल, वेंकटेश प्रसाद ने ‘भ्रष्ट और अहंकारी व्यक्ति द्वारा पूरे संस्थान को खराब करने’ को लेकर एक पोस्ट किया था। बाद में उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दिया था। इसको लेकर फेक खबर फैलाने के लिए कुख्यात ऑल्टन्यूज के सह-संस्थापक जुबैर ने उन पर निशाना साधा था।
हालाँकि, जब वेंकटेश प्रसाद ने हटाए गए ट्वीट को दोबारा पोस्ट किया, तो संदिग्ध ‘फैक्ट चेकर’ को भी शर्मिंदा होना पड़ा, जिसका इस्तेमाल उन्होंने भारतीय क्रिकेटर को निशाना बनाने के लिए किया था। वेंकटेश प्रसाद के ट्वीट को गलत अर्थ में पेश करने में मोहम्मद ज़ुबैर सबसे आगे था, इसीलिए वेंटकेश प्रसाद ने उसे लताड़ लगाई थी।
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जब वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा तो जुबैर ने वेंकटेश प्रसाद के मीडिया मैनेजर अमृतांशु गुप्ता को ढूँढ लिया और अमृतांशु गुप्ता पर अपनी ट्रोल आर्मी उतार दी। यह उसकी पिछली हरकतों की तरह ही है, जिसमें वो ऑनलाइन लिंचिंग करता है।

आतंकी जैसा, नफरत फैलाने वाला, भीख पर पलने वाला… मोहम्मद जुबैर को क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद द्वारा आईना दिखा, औकात दिखाने पर कांग्रेस और इस्लामिक कट्टरपंथी उतरे बचाव में


क्रिकेट की पिच पर फुदकते पाकिस्तानियों को पेवेलियन भेज औकात दिखाते थे वेंकटेश प्रसाद। वही फास्ट बोलर वेंकटेश अब सोशल मीडिया पर भी उसी फॉर्म में हैं – बेखौफ, बेधड़क! बस मैदान अलग है, टारगेट बदल गया है। मोहम्मद जुबैर नाम के फर्जी फैक्ट-चेकर ने जब वेंकटेश प्रसाद को टारगेट करना चाहा तो उसी की भाषा में चमाटेदार जवाब मिला।
                           वेंकटेश प्रसाद को डिलीट किए गए ट्वीट पर घेरना चाह रहा था जुबैर

इसकी शुरुआत होती है मोहम्मद जुबैर के एक ट्वीट से, जो उसने वेंकटेश प्रसाद को टारगेट कर लिखा। इसमें वेंकटेश प्रसाद के एक डिलीट किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट लगाया गया था। वेंकटेश ने यह ट्वीट 9 सितंबर को किया था, जो किसी कारण से डिलीट किया गया होगा। इसी पर ‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ बनते हुए मोहम्मद जुबैर टूट पड़ा। बिना यह सोचे कि वेंकटेश उसे क्लिन बोल्ड करने वाले हैं। और हुआ भी ऐसा ही।

वेंकटेश प्रसाद ने मोहम्मद जुबैर की भाषा में ही जवाब दिया, उसके डिलीट किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट लगाते हुए। उन्होंने लिखा:

“हाहाहा… हमेशा नफरत फैलाने वाला वो बोल रहा है, जिसने अपने एजेंडे के लिए कई लोगों की जान खतरे में डाल दी। तुम फैक्ट-चेकर के भेष में ठीक वैसे हो, जैसे कोई आतंकी शांति की बात कर रहा हो। अब पोस्ट करो कि तेरे को पैसे की जरूरत है, अपनी वेबसाइट के लिए भीख माँगो… क्योंकि लोगों को बेवकूफ बनाकर पेट पालने में तुम्हे कोई शर्म नहीं।”

राम-भक्त वेंकटेश को घेर रहे थे जुबैर के चमचे, खाए बाउंसर

जुबैर को उसके ट्वीट पर जब करारा जवाब मिल गया तो उसके चमचे वेंकटेश प्रसाद की ट्रोलिंग करने लगे। रोशन राय नाम के एक यूजर ने तो ‘राम-भक्त’ लिखते हुए वेंकटेश को चैलेंज तक कर डाला। लेकिन अफसोस! वेंकटेश ने यहाँ भी फास्ट बोलर वाली तेजी के साथ ही उसे धो डाला।
रोशन राय ने वेंकटेश प्रसाद के डिलीट किए गए ट्वीट के बारे में पूछा था, जिस पर विस्तार से बताते हुए उन्होंने लिखा कि उनका ट्वीट एक सामान्य ट्वीट था। जिसमें उन्होंने एक भ्रष्ट व्यक्ति के कारण उसके संगठन पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव की बात कही थी। वेंकटेश ने यह भी कहा कि वर्ल्ड कप में टिकटों को लेकर वो बीसीसीआई की अक्षमता पर भी खुल कर लिख चुके हैं, इसी कारण से भ्रम पैदा हुआ। और ट्वीट डिलीट करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने लिखा: “वरना नाम लेकर, खुल कर बोलने में रामभक्त किसी को छोड़ते नहीं, जय श्री राम।”
वेंकटेश प्रसाद को 9 सितंबर 2023 वाले ट्वीट को अगर गलत मंशा से डिलीट करना होता तो वो फिर से 10 सितंबर को वही ट्वीट एक लाइन जोड़ कर नहीं करते।
जुबैर ने बिना संदर्भ जाने उनको ट्रोल करना चाहा, जिसने कभी भारत का झंडा बुलंद किया है। और जुबैर ने क्या किया है? फर्जी और एडिट किए गए वीडियो के दम पर ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगवाए, कट्टर इस्लामी लोगों को हिंदुओं की हत्या के लिए उकसाया।

मोहम्मद जुबैर: फैक्ट-चेकर की भेष में इस्लामी कट्टरपंथी

वो मोहम्मद जुबैर ही था जो ‘Times Now’ चैनल पर आए नाविका कुमार की उस डिबेट का एडिट किया हुआ वीडियो इस्लामी संगठनों तक लेकर गया था, जिसमें नूपुर शर्मा ने इस्लामी साहित्य में लिखी किसी बात का उल्लेख किया था। उससे पहले इस्लामी कट्टरपंथी तस्लीम रहमानी क्या कह रहा था, किस तरह शिवलिंग और हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बना रहा था – इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। इसे एक साजिश के तहत एडिट कर दिया था मोहम्मद जुबैर ने।
एडिट वीडियो वायरल होने के बाद क्या हुआ? मोहम्मद ज़ुबैर वामपंथी मीडिया का हीरो बना… लेकिन नूपुर शर्मा और उनके परिवार को छिप कर रहना उनकी मजबूरी है। कन्हैया लाल तेली, उमेश कोल्हे और प्रवीण नेट्टारू को तो मार ही डाला गया।
फर्जी फैक्ट-चेकर जुबैर कैसे खबरों से खेल कर फेक न्यूज फैलाता है, BefittingFacts नाम के ट्विटर (अब X) यूजर ने इस पर लंबा थ्रेड लिखा है। वेंकटेश प्रसाद ने इस थ्रेड पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह अपने मालिक लोगों से सवाल नहीं करेगा और फिर से पत्रकारिता के नाम पर भीख माँग कर पेट पालेगा।
कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने लिखा, “प्रिय वेंकटेश प्रसाद आप हर किसी के लिए हीरो की तरह हैं। इस दुनिया ने आपको बहुत कुछ दिया है। कृपया कृतज्ञ रहें। जिस तरह आप जुबैर के लिए निगेटिव हैं, दूसरों के लिए निगेटिव न बनें। आपके पास जो कुछ भी है उसकी खुशी मनाएँ। आप पॉवर में हैं, उसे टारगेट न करें। ये उचित नहीं है।”
प्रोपेगेंडा कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य ने लिखा, ‘मैं दशकों से आपका फैन रहा हूँ। लेकिन इस भाषा ने मेरा दिल तोड़ दिया, वेंकी सर।”
रेडियो जॉकी से न्यूजपेडलर बनी सायमा ने लिखा, “एक-एक करके सभी हीरो गिर रहे हैं। यह कितना निराशाजनक है। अपनी भाषा देखिए। कैसी बीमार मानसिकता है। यह बेहद शर्मनाक है।”
कथित पत्रकार जोया रसूल ने अपना परमानेंट टाइप ‘विक्टिम कार्ड’ खेलते हुए लिखा, “एक पूर्व क्रिकेटर अब एक ट्रॉल बन गया है। सामूहिक हत्यारों का समर्थक और मॉब लिंचर से सहानुभूति रखने वाला आतंकियों के बारे में बात कर रहा है? आप कायर हैं जो हर दिन हत्या करने वाले आतंकियों को मौन समर्थन देते हुए एक मुस्लिम को आतंकी कहने से पहले दो बार नहीं सोचते।”
कर्नाटक के उडुपी में हुए टॉयलेट कांड में लीपापोती करने की कोशिश करने वाली ‘पत्रकार’ अनुषा रवि सूद ने लिखा कि हमारे बचपन के नायक आखिर कितना नीचे गिरेंगे।

वेंकटेश प्रसाद ने दिया जवाब

कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथियों और इस्लामवादियों के गुट द्वारा वेंकटेश प्रसाद को भला-बुरा कहे जाने के बाद पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने ‘बाउंसर’ के जरिए जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कैसे मोहम्मद जुबैर एक पार्टी विशेष के खिलाफ एजेंडे के तहत काम कर रहा है, पैसे बनाने के लिए। उन्होंने कहा कि वो सब कुछ है, लेकिन फैक्ट-चेकर नहीं।
प्रोपेगेंडाधीश सतीश आचार्य को जवाब देते हुए उन्होंने लिखा, “ऐसे कई उदाहरण हैं जिनसे यह साबित होता है कि यह व्यक्ति अपना एजेंडा आगे बढ़ा रहा है। वीडियो को आसानी से एडिट कर रहा है। पैसे कमाने के लिए किसी राजनीतिक दल के खिलाफ चुनिंदा और पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा है। वह एक फैक्ट-चेकर के अलावा कुछ भी नहीं है। सच्चाई को न देखने के लिए किसी का अंधा होने की जरूरत नहीं है।”
तहसीन पूनावाला को जवाब देते हुए लिखा कि स्वघोषित फैक्ट-चेकर जुबैर फैक्ट-चेक के नाम पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कई लोगों की जान खतरे में डाल चुका है। लेकिन इसके बाद भी वह अब तक नहीं सुधरा है। अनजाने में ही सही लेकिन शायद आप भी उसे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
वेंकटेश ने आगे लिखा, “बीसीसीआई ने विश्व कप की टिकट को लेकर जिस तरह का रवैया अपनाया है। उसकी आलोचना करता रहा हूँ। लेकिन अब इस तरह के एजेंडा पेडलर्स का एक उदाहरण दिखाइए जहाँ वह अपने मालिकों के खिलाफ बोल रहा हो। उनकी गै-रजिम्मेदारी और हरकतों ने कई लोगों के जीवन को खतरे में डाल दिया है।” इन तमाम बातों के बीच वेंकटेश प्रसाद ने डिलीट किए गए पोस्ट को फिर से शेयर किया है।

पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी वेंकटेश प्रसाद का कांग्रेस पर तंज - जब लगता है कि कांग्रेस इससे ज्यादा नीचे नहीं गिर सकती, तब उससे ज्यादा नीचे गिर जाती है

कांग्रेस पार्टी जनता के सेंटिमेंट को समझने में नाकाम साबित हो रही है। यही उसकी दुर्दशा का मुख्य कारण है। जब पूरा देश कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को देखने के बाद आहत महसूस कर रहा है, वहीं कांग्रेस अपने ओछेपन से बाज नहीं आ रही है। वो इस फिल्म को लेकर प्रोपेगंडा पर उतर आई है। वो गलत और झूठे तथ्यों को पेश कर लोगों के सेंटिमेंट के साथ खिलवाड़ कर रही है। कांग्रेस की इस नीच हरकत से दुखी भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी वेंकटेश प्रसाद ने तल्ख अंदाज में कांग्रेस पर कठोर टिप्पणी की है।

वेंकटेश प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा, “जब ऐसा सोचो कि इन्होंने (कांग्रेस) अपनी नीचता के चरम को छू लिया है और अब वह उठना शुरू करेंगे तो ये नए तरीके खोज लेते हैं कि कैसे खुद को और नीचे गिराएं। अफसोस की बात है कि इन्होंने कश्मीरी पंडितों की भावनाओं को आहत करने का विकल्प चुना। कश्मीर फाइल्स आंख खोलने वाली फिल्म है या शायद सिर्फ हिमखंड का एक सिरा है।”

दरअसल, वेंकटेश प्रसाद की यह प्रतिक्रिया ‘कश्मीरी पंडितों के नरसंहार’ पर केरल कांग्रेस के ट्वीट्स के बाद आई। केरल कांग्रेस ने अपने एक ट्वीट में कहा कि ‘कश्मीरी पंडितों के बारे में तथ्य यह है कि 1990 से लेकर 2007 तक हुए आतंकी हमलों में करीब 400 कश्मीरी पंडित मारे गए जबकि इसी दौरान आतंकियों ने 15 हजार मुसलमानों की हत्या की।’ केरल कांग्रेस के इस ट्वीट के बाद बीजेपी के कई नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।

कांग्रेस के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर जमकर विरोध होने लगा। बढ़ते विरोध और हो रही फजीहत को देखते हुए केरल कांग्रेस ने अपना पहला ट्वीट डिलीट कर दिया। अब ये ट्वीट केरल कांग्रेस के ट्विटर हैंडल पर नहीं है जबकि बाकी ट्वीट इस पर अब भी हैं। केरल कांग्रेस लोगों को गुमराह करने के लिए दलील दे रही है कि जिस सयम कश्मीरी पंडितों का कश्मीर से पलायन हुआ उस समय राज्य के गर्वनर जगमोहन थे। केंद्र में उस समय वीपी सिंह की सरकार थी जिसका समर्थन भाजपा कर रही थी।

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‘The Kashmir Files’ की सफलता के बाद राहुल गाँधी छोड़ दें राजनीति, विवेक की अगली फिल्म होगी ‘गोधरा फाइल्स’: K

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‘The Kashmir Files’ की सफलता के बाद राहुल गाँधी छोड़ दें राजनीति, विवेक की अगली फिल्म होगी ‘गोधरा फाइल्स’: K

फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ सिनेमाघरों में 11 मार्च को रिलीज हुई। इस फिल्म को देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। यह फिल्म 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार, उत्पीड़न एवं दुख-दर्द को बयां करती है। इस फिल्म को कई राज्यों में टैक्स फ्री कर दिया गया है। इस फिल्म को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।

‘गहरी साँस ले और नाम बोल डाल’ उस पत्रकार का नाम : रिद्धिमान साहा से बोले सहवाग और वेंकटेश प्रसाद

वीरेंद्र सहवाग, रिद्धिमान साहा और वेंकटेश प्रसाद (साभार: माई खेल)
वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) और वेंकटेश प्रसाद (Venkatesh Prasad) जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने रिद्धिमान साहा (Wriddhiman Saha) को उस पत्रकार का नाम सार्वजनिक करने की सलाह दी है, जिसने उन्हें धमकी दी थी। इससे पहले साहा ने नाम बताने से इनकार करते हुए पोस्ट किया था कि वे उस पत्रकार का करियर बर्बाद नहीं करना चाहते।

साहा के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए सहवाग ने लिखा, “प्रिय रिद्धि, दूसरों को नुकसान पहुँचाना तुम्हारा स्वभाव नहीं है। तुम बहुत ही अच्छे व्यक्ति हो। लेकिन भविष्य में किसी और को इस तरह के नुकसान से बचाने के लिए आपके लिए नाम लेना जरूरी है। गहरी साँस ले और नाम बोल डाल।”

वहीं वेंकटेश प्रसाद ने श्रीमद् भगवद गीता का उद्धरण देते हुए कहा, “गलत को सहना, गलत करने से बड़ा अपराध होता है। ये तुम्हारा कर्तव्य है कि गलत के खिलाफ लड़ो। बहुत जरूरी है कि आप उसका नाम लो। इससे एक अच्छा उदाहरण बनेगा।”

इससे पहले साहा ने ट्विटर के जरिए अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था, “मैं दुखी हूँ। मैंने सोचा इस तरह के व्यवहार को सहन नहीं किया जाना चाहिए औऱ मैं नहीं चाहता कि किसी को इस तरह की धमकी मिले। इसलिए मैंने उन लोगों के चैट को उजागर करने का फैसला किया है, लेकिन उसके नाम का खुलासा नहीं करूँगा।”

अपने अगले ट्वीट में साहा ने कहा कि वो नहीं चाहते हैं कि उनके कार्य से किसी को दुख पहुँचे। साहा का कहना था कि वो किसी के कैरियर को तबाह नहीं करना चाहते हैं। मैं उसके परिवार को देखते हुए उसके नाम का खुलासा नहीं कर रहा हूँ, लेकिन दोबारा से ऐसा किया गया तो मैं पीछे नहीं हटूँगा। इसके साथ ही साहा ने उन सभी लोगों का भी धन्यवाद किया था, जो उनके समर्थन के लिए आगे आए थे।

रिद्धिमान साहा को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर कर दिया गया है। इसके बाद यह पूरा वाकया सामने आया था।