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यमुना पानी में जहर के झूठे आरोप का असर चंडीगढ़ में, दिल्ली चुनावों से पहले BJP से हारी AAP, हरप्रीत कौर बाबला बनीं चंडीगढ़ की मेयर

                          AAP को हरप्रीत कौर बाबला ने हराया (साभार: Millenium Post & Times Now)
दिल्ली विधानसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। चंडीगढ़ के मेयर के चुनाव में AAP को भाजपा ने पटखनी दी है। भाजपा की हरप्रीत कौर बाबला ने AAP की प्रेम लता को चुनाव हरा कर मेयर की सीट कब्जाई है। भाजपा ने यह झटका तब दिया है जब चंडीगढ़ में AAP और कांग्रेस एक साथ थे।

30 जनवरी, 2025 को हुई वोटिंग में भाजपा प्रत्याशी हरप्रीत कौर बाबला को 19 वोट मिले जबकि प्रेम लता 17 वोट ही इकट्ठा कर सकीं। यह चुनाव 1 वर्ष के कार्यकाल के लिए हुआ है। इस बार के चुनाव में सीट को महिला के लिए आरक्षित किया गया था। अभी तक AAP का मेयर चंडीगढ़ में था।

अरविन्द केजरीवाल ने समझा था कि यमुना पानी जहर मिलाने की बात कहकर दिल्ली चुनाव जीत जायेंगे। लेकिन इस झूठ का उल्टा ही असर पड़ता दिख रहा है। चंडीगढ़ जहाँ बीजेपी का बहुमत से दूर होने के बावजूद मेयर बनना साबित कर दिया है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस बीजेपी के पक्ष में वोट कर दिया। 

चंडीगढ़ मेयर चुनाव का दिल्ली चुनाव में स्पष्ट संकेत दे रहा है। यमुना पानी में जहर मिलाने के दुष्प्रचार से केजरीवाल पार्टी में ही दो फाड़ हो गए हैं। पार्टी में ही लोग पूछ रहे हैं कि आखिर जहर वाला पानी कहाँ रोका गया और उसका क्या हुआ? जल बोर्ड के ही कुछ कर्मचारियों का कहना है कि कई सालों से यमुना तो क्या water treatment plant तक की सफाई नहीं होने के कारण सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता में गिरावट होने से पानी माफिया फलफूल रहा है। यमुना की सफाई से पहले water treatment plant की सफाई बहुत जरुरी है। पानी में जहर मिलाने की झूठी खबर फैलाकर जनता में डर बैठाने का असर उल्टा पड़ रहा है, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में इसका असर साफ दिख रहा है।    

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि भाजपा प्रत्याशी बाबला को 3 वोट दूसरी पार्टियों के भी मिले हैं। चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद मेयर का चुनाव करते हैं। यहाँ भाजपा के पास 16 पार्षद हैं जबकि AAP के 13 पार्षद हैं। 6 पार्षद कांग्रेस के हैं। बताया गया कि कांग्रेस-AAP के तीन लोगों ने क्रॉस वोट किया है।

35 सदस्यों वाले चंडीगढ़ नगर निगम में जीत के लिए 19 वोट चाहिए होते हैं। वोटिंग में चंडीगढ़ का सांसद भी हिस्सा लेता है। वह चंडीगढ़ नगर निगम का पदेन सदस्य होता है। वर्तमान में चंडीगढ़ के सांसद कांग्रेस के मनीष तिवारी हैं। हालाँकि, उनके रहने से भी कोई फायदा नहीं हुआ।

AAP और कांग्रेस ने चुनाव से पहले अपने पार्षदों को शहर के बाहर भी भेज दिया था। इससे कोई फर्क नहीं पड़ा और AAP-कांग्रेस जीत दर्ज करने में नाकाम रही। इससे पहले 2024 में हुआ चुनाव विवादों में घिर गया था। पहले इसमें भाजपा प्रत्याशी मनोज सोनकर ने जीत हासिल की थी।

बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया था जहाँ पर अनिल मसीह द्वारा बेईमानी किए जाने की बात सामने आई थी। दोबारा हुए चुनाव में AAP के कुलदीप कुमार जीते थे। चंडीगढ़ में AAP एक बार फिर सत्ता से बाहर हो गई है। 2024 में AAP से हारने से पहले भाजपा लगातार 9 बार यहाँ मेयर पद पर काबिज रही थी।

महाराष्ट्र चुनाव : चकमा खाए चाणक्य शरद पवार की ऐसी दुर्गति इससे पहले कभी नहीं हुई


महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को प्रचंड जीत मिली है। राज्य में एक बार फिर बीजेपी, सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाले एनसीपी के महायुति गठबंधन की सरकार बनने जा रही है। महायुति गठबंधन के उम्मीदवार 230 सीटों पर आगे है, जबकि महाविकास अघाड़ी सिर्फ 54 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी 131 सीटों पर, शिवसेना शिंदे 55 सीटों पर और अजीत पवार की एनसीपी 41 सीटों पर आगे है। चुनाव नतीजों के रुझानों से साफ है कि इस चुनाव में महाविकास अघाड़ी को करारी हार मिली है। अगर नतीजों को देखें तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना को जितनी सीटें मिली हैं, महाविकास अघाड़ी को कुल मिलाकर भी उतनी सीटें नहीं मिली है। सीएम शिंदे की शिवसेना जहां 55 सीटों पर आगे हैं, वहीं महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी एक साथ मिलकर भी सिर्फ 54 सीटों पर आगे जाते दिख रही है।

महाविकास अघाड़ी की इस बुरी हार से कथित चाणक्य शरद पवार की छवि को तगड़ा झटका लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार को अपने सियासी करियर में ऐसी हार पहले कभी नहीं मिली थी। महाराष्ट्र और केंद्र की राजनीति में राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार अपने सियासी गढ़ में ही मात खा गए हैं। चुनाव में उनकी ऐसी दुर्गति कभी नहीं हुई थी।

इस हार से शरद पवार को एक झटका यह भी लगा है कि अब उनसे ज्यादा सीटें जीतकर अजीत पवार ने ये साबित कर दिया है कि मतदाताओं के लिए उनकी पार्टी ही असली एनसीपी है। अजीत पवार की एनसीपी को 41 सीटें मिली हैं, जबकि शरद पवार की एनसीपी किसी तरह 10 सीटें बचा पाई है।

इस चुनाव में 145 पर चुनाव लड़ने और 131 पर सफलता के साथ ही बीजेपी ने करीब 85 प्रतिशत की शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज की है। इसी तरह शिंदे की शिवसेना की स्ट्राइक रेट करीब 60 प्रतिशत और अजीत पवार की एसनसीपी की स्ट्राइक रेट करीब 62 प्रतिशत है, जबकि 86 सीटों पर उम्मीदवार उतारने वाले शरद पवार की एनसीपी की स्ट्राइक रेट सिर्फ 11 के करीब है।

इस विधानसभा चुनाव ने शरद पवार की चाणक्य वाली गढ़ी गई छवि को चकनाचूर कर दिया है। शरद पवार के लिए झटके की बात यह भी है कि वे अपने पारंपरिक सियासी गढ़ में भी अपने उम्मीदवार को सफलता नहीं दिला पाए हैं। इस करारी हार ने उन्हें यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि वोटरों के लिए अब असली एनसीपी अजीत पवार ही हैं और अब वो कोई किंगमेकर नहीं रह गए हैं।

जम्मू कश्मीर : कांग्रेस साफ; दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की हार, जम्मू की दोनों सीटों पर लहराया भगवा, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती हार

PDP की महबूबा मुफ़्ती और JKNC के उमर अब्दुल्ला की जम्मू कश्मीर में हार
जम्मू कश्मीर में बड़ा उलटफेर हो गया है। वहाँ दशकों से प्रभावशाली रहीं दोनों प्रमुख दलों के मुखिया चुनाव है गए हैं। ‘जम्मू एन्ड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस’ (JKNF) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुला और ‘जम्मू एन्ड कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी’ (JKPDP) अपने-अपने सीटों से चुनाव हार गए हैं। उमर अब्दुल्ला बारामूला तो महबूबा मुफ़्ती अनंतनाग-राजौरी से लोकसभा चुनाव 2024 में ताल ठोक रही थीं। जम्मू कश्मीर में भाजपा 2 सीटें जीत रही हैं, JKNF 2 और एक पर निर्दलीय की जीत हो रही है।

सबसे पहले बात करते हैं बारामूला की। यहाँ से निर्दलीय अब्दुल रशीद शेख की जीत हो रही है। खबर लिखे जाने तक उन्हें 3.12 लाख वोट मिल चुके थे, वहीं उमर अब्दुल्ला 1.44 लाख वोटों से पीछे 1.68 लाख वोटों पर अटके हुए थे। उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर अपनी हार भी स्वीकार कर ली है। उन्होंने अपने विजय सांसदों रहुल्लाह मेहंदी और मियाँ अल्ताफ को बधाई देते हुए कहा कि वो इसके लिए माफ़ी माँगते हैं कि संसद में उनका साथ नहीं दे पाएँगे, लेकिन उन्हें विश्वास है कि दोनों वहाँ जम्मू कश्मीर का सही तरीके से प्रतिनिधित्व करेंगे।

अब बात करते हैं अनंतनाग-राजौरी सीट की, जहाँ से PDP की मुखिया महबूबा मुफ़्ती लड़ रही हैं। यहाँ से उमर अब्दुल्ला की ही पार्टी के मियाँ अल्ताफ अहमद की जीत हो रही है। उन्हें खबर लिखे जाने तक 4.59 लाख वोट मिले थे, जबकि महबूबा मुफ़्ती 2.22 लाख वोट ही पा सकी थीं। इस तरह से वो 2.36 लाख वोटों से पीछे चल रही हैं। ‘जम्मू एन्ड कश्मीर अपनी पार्टी’ के ज़फर इक़बाल खान मन्हास ने भी इस चुनाव में 1.17 लाख वोट अब तक बटोरे हैं।

उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती, दोनों जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 1998, 1999 और 2004 में लगातार जीत कर जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। उनके पिता फारूख अब्दुल्ला भी 4 बार यहाँ से जीत चुके हैं। वहीं महबूबा मुफ़्ती 2004 और 2014 में अनंतनाग से सांसद रही हैं। उनके पिता भी यहाँ से 1998 में जीत दर्ज कर चुके हैं। फारूख अब्दुल्ला और मुफ़्ती मुहम्मद सईद, दोनों मुख्यमंत्री रह चुके हैं।


विपक्ष से नहीं पच रहे Exit Poll के आँकड़े, बोले- इंडी गठबंधन जीतेगी 300+ सीट

वर्षो से एक चलन रहा है कि लोक सभा चुनाव संपन्न होने के बाद Exit Poll आने शुरू हो जाते हैं। बरहाल, इन Exit Poll में तीसरी बार नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से मोदी विरोधियों में इतनी बेचैनी हो गयी कि आम आदमी पार्टी के सोमनाथ भारती ने तो मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बने तो 'मै सिर मुंडवा लूंगा' बात बोलने पर केंद्रीय मंत्री बाल्यान ने जवाब में कहा दिया कि बता दें कब करवाना है 'मै नाइ भेज दूंगा'।

साल 2024 लोकसभा चुनावों का मतदान खत्म होने के बाद एक्जिट पोल जारी हो गए हैं। लगभग सभी Exit Poll में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनती दिख रही है। Exit Poll के बाद जहाँ NDA गठबंधन के सभी घटक दलों और उनके समर्थकों में ख़ुशी की लहर है तो वहीं विपक्ष के तमाम नेता इसे पचा नहीं पा रहे हैं। इंडी गठबंधन के तमाम नेताओं के बयान भी सामने आने लगे हैं जिसमें उन्होंने एक्जिट पोल को सिरे से नकार दिया है।

कॉन्ग्रेस नेत्री और प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे जनता नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी का एक्जिट पोल करार दे डाला है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन ने इस बार वैज्ञानिक विधि से अनुमान लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि INDI गठबंधन इस बार कम से कम 295 लोकसभा सीटें जीतने जा रहा है। आज जारी हुए एक्जिट पोल को सुप्रिया ने टीवी पर बज रहा झुनझुना बताया है।

पंजाब के कॉन्ग्रेस नेता और गुरुदासपुर से लोकसभा प्रत्याशी सुखजिंदर सिंह रंधवा ने भी इंडी गठबंधन के ही जीतने का दावा किया है। उन्होंने कहा, “एग्जिट पोल कुछ भी हों लेकिन सरकार इंडी गठबंधन की ही बनेगी।”

महाराष्ट्र से कॉन्ग्रेस नेता नाना पटोले का दावा है कि इस बार के चुनावों में इंडी गठबंधन 300 से अधिक सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव भाजपा और जनता के बीच में था। नाना पटोले ने 4 जून को हर हाल में इंडी गठबंधन की जीत का भरोसा जताया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एग्जिट पोल के आंकड़ों से इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जनता मुँह मोड़ चुकी है और आने वाले 4 जून को इंडी गठबंधन ही सरकार बनाएगा। NDA को अखिलेश यादव अधिकतम 140 सीटों पर सिमटता हुआ बता रहे हैं। अखिलेश यादव ने एग्जिट पोल जारी करने वाली मीडिया पर ही आरोप जड़ दिया और कहा कि ये सब अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

1 जून को तमाम मीडिया व सर्वे संस्थानों ने अपने-अपने एक्जिट पोल जारी कर दिए हैं। लगभग सभी संस्थानों के पोल के अनुसार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में आ रही है। अधिकतर अनुमानों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 350 से अधिक सीटें मिलती दिख रहीं हैं। इंडी गठबंधन को इन सभी आंकड़ों में 150 सीटों के आसपास सिमटता दिखाया गया है।


सनातन धर्म का अपमान कांग्रेस को ले डूबा… अपनी ही पार्टी पर बरसे आचार्य प्रमोद कृष्णम, पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद बोले – सनातन को गाली देने का नतीजा

विधानसभा चुनाव 2023 में कॉन्ग्रेस पार्टी को आचार्य प्रमोद कृष्णम और पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने दिखाया आईना
इतिहास साक्षी है कि सनातन विरोधियों का विश्व में कोई नामलेवा नहीं, एक अपवाद भारत को छोड़ कर, वह भी कांग्रेस और वामपंथियों द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण करते गौरवशाली हिन्दू सम्राटों के इतिहास को धूमिल कर आतताई मुगलों को महान बता दिया गया। वही स्थिति इन विधान सभा चुनावों से पूर्व सनातन धर्म पर कितने प्रहार किये सभी ने देखा। 

मानो या न मानो, तेलंगाना में भाजपा द्वारा अपने इकलौते विधायक टी राजा सिंह के विरुद्ध ओवैसी द्वारा बिछाये जाल में फंसने की बजाए राजा के साथ खड़ी होती, तेलंगाना की स्थिति भी कुछ और ही होती। सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि भाजपा ओवैसी को ओवैसी के ही गढ़ शिकस्त दे दी होती।  ओवैसी जो अपने ही राज्य में समस्त सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने में असमर्थ है यानि अपने संसदीय क्षेत्र यानि हैदराबाद क्षेत्र को छोड़ इतने बड़े तेलंगाना में चुनाव लड़ने में पूर्णरूप से असफल हैं। ओवैसी की पार्टी AIMIM को क्षेत्रीय पार्टी भी नहीं कह सकते, ये तो मीडिया ने इसे इतना उठा रखा है। ओवैसी की पार्टी से कहीं सम्मानित समाजवादी, बहुजन समाज, जनता दल और आम आदमी पार्टी आदि पार्टियां हैं, जिनमे अपने राज्य में दबदबा होने के साथ साथ दूसरे राज्यों में जाकर जमकर चुनाव लड़ने की क्षमता रखते हैं, लेकिन ओवैसी अपने राज्य तेलंगाना में नहीं।   

देश के पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजे लगभग आ चुके हैं। रविवार (3 दिसंबर, 2023) को चार राज्यों के चुनाव नतीजों जारी किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के रुझानों की मानें तो तीनों ही राज्यों में भाजपा सत्ता में आ रही है। इन चुनाव परिणामों के साथ ही कांग्रेस पार्टी को याद दिलाई जा रही है कि कैसे पार्टी ने सनातन धर्म का अपमान किया था, सनातन का अपमान करने वालों का जम कर साथ दिया।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पिछड़ने पर पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “सनातन (धर्म) का विरोध करने से पार्टी डूब गई है। यह सनातन (धर्म) का विरोध करने का अभिशाप है।”

उन्होंने कहा, “भारत भावनाओं का देश है और सनातन का विरोध हमें ले डूबा। जातिवादी राजनीति को इस देश ने कभी स्वीकार नहीं किया है। 6 सितंबर, 1990 का राजीव गाँधी जी का भाषण हैं संसद में वो सुन लीजिएगा। देश अगर जातिवादी होता तो विश्वनाथ प्रताप सिंह को गाँव-गाँव पूजा जाता। विश्वनाथ प्रताप सिंह जी जब मंडल लाए थे उनसे बड़ा कोई जातिवाद का कार्ड खेलने वाला नहीं था और न हुआ, लेकिन विश्वनाथ प्रताप सिंह जी की हालत इस देश में क्या हुई ये सबके सामने है। इसीलिए, जातिवादी राजनीति और सनातन का विरोध ये हमें ले डूबे।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है ये कांग्रेस की हार नहीं है बल्कि वामपंथ की हार है। कुछ दिनों से कांग्रेस में कुछ ऐसे नेता घुस आए थे और घुस आए हैं और उनका बड़ा प्रभुत्व हैं। कांग्रेस के सभी फैसलों में उनकी बड़ी भूमिका है। और वो कुछ नेता कांग्रेस को महात्मा गाँधी के रास्ते से हटाकर वामपंथ के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं और ले जा रहे हैं। जो कांग्रेस पार्टी महात्मा गाँधी के रास्ते पर चलकर यहाँ तक आई है।”

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा, “महात्मा गाँधी जी के सभा की शुरुआत रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम से हुई थी। आज उस कांग्रेस को सनातन के विरोधी पार्टी के रूप में देखा जा रहा है। ये दुर्भाग्य है। कांग्रेस पार्टी ने अगर ऐसे नेताओं को नहीं निकाला तो पार्टी की हालत जल्द ही AIMIM जैसी हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस को महात्मा गाँधी, पंडित नेहरू, इंदिरा गाँधी राजीव गाँधी की कांग्रेस  रहने दिया जाए। पार्टी को महात्मा गाँधी के रास्ते से हटाकर मार्क्स के रास्ते पर ले जाने वाले जो नेता है। इनको बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।” आचार्य प्रमोद ने राजस्थान और मध्य प्रदेश की हार पर कहा, “इस हार का पूरा विश्लेषण होगा। फिलहाल तो इन राज्यों के पार्टी प्रभारियों को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। अगर उनमें जरा सी भी शर्म हो। तो खुद ऐसा करना चाहिए।”

वहीं पूर्व क्रिकेटर वेंकटेंश प्रसाद ने भी सनातन धर्म का विरोध करने वालों पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट किया, “सनातन धर्म को गालियाँ देने वालों का बुरा नतीजा भुगतना पक्का था। प्रचंड जीत के लिए भाजपा को बहुत-बहुत बधाई। प्रधानमंत्री के अद्भुत नेतृत्व का एक और प्रमाण नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह और जमीनी स्तर पर पार्टी कैडर के शानदार काम का नतीजा है ये चुनाव परिणाम।”

चंडीगढ़ : नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी पर खिला कमल; AAP और BJP के बराबर-बराबर पार्षद

बीजेपी के अनूप गुप्ता चंडीगढ़ के मेयर बने (फोटो साभार: HT)
बीजेपी ने 1 वोट से आम आदमी पार्टी को हराकर चंडीगढ़ मेयर का चुनाव जीत लिया है। 17 जनवरी 2023 को हुए चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी के अनूप गुप्ता को 15 वोट मिले, जबकि ‘आप’ के जसबीर सिंह लाडी को 14 वोट मिले हैं। इसी तरह डिप्टी मेयर के पद पर भी भाजपा को 1 वोट से जीत हासिल हुई है। भाजपा के कंवरजीत राणा को 15 वोट और ‘आप’ की उम्मीदवार तरुणा मेहता को 14 वोट मिले।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कुल 29 वोट पड़े हैं। यहाँ बीजेपी और ‘आप’ पार्टी के पास 14-14 पार्षद हैं, लेकिन भाजपा के पक्ष में चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर का भी एक वोट गया। वहीं, कॉन्ग्रेस के 6 और शिरोमणि अकाली दल के 1 पार्षद ने इस चुनाव से दूरी बना ली थी। पिछली बार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों पदों पर बीजेपी पार्टी ने ही कब्जा किया था।

मेयर पद जीतने के बाद अनूप गुप्ता ने कहा, “मैं अपनी पार्टी लीडरशिप को धन्यवाद देता हूँ, जिसने मुझ पर अपना भरोसा जताया। मैं सदन को उसी गरिमा के साथ चलाऊँगा जैसे सरबजीत कौर ने चलाया था।”

चंडीगढ़ में हुए मेयर चुनाव में बड़े पैमाने पर पुलिस तैनात की गई थी। मेयर चुनाव जीतने वाले बीजेपी उम्मीदवार अनूप गुप्ता 38 साल के हैं। वह पेशे से कारोबारी हैं। उनका मेयर बनना इसलिए अहम बताया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने बीते साल भी चुनाव जीता था। उस वक्त उन्हें डिप्टी मेयर चुना गया था। उन्हें बीजेपी सांसद किरण खेर और कई दिग्गज नेताओं का करीबी भी माना जाता है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार और बीजेपी की जीत के पीछे एक बड़ी वजह कॉन्ग्रेस के 6 और अकाली दल के 1 पार्षद का दूरी बनाना माना जा रहा है। इसकी वजह से बीजेपी की जीत की राह आसान हो गई।

दिल फेंक पाकिस्तान नायिका शिनवारी की भारत के हारने पर ज़िम्बाब्वे युवक से शादी की घोषणा

पाकिस्तानी नायिका सहर शिनवारी (Pakistani Actress Sehar Shinwari) टी-20 विश्वकप को लेकर एक बार फिर घोषणा की है। शिनवारी ने ट्विटर पर घोषणा कि है कि अगर 6 नवंबर को भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाली मैच में जिम्बाब्वे भारत को हरा देता है तो वह जिम्बाब्वे के युवक से शादी करेंगी। शिनवारी का ट्वीट जिम्बाब्वे द्वारा पाकिस्तान को एक रन से हराने के एक हफ्ते बाद आया है।

सहर शिनवारी ने 3 नवंबर 2022 को किए गए अपने ट्वीट में कहा, “मैं जिम्बाब्वे के लड़के से शादी करूँगी, अगर उनकी टीम अगले मैच में चमत्कारिक ढंग से भारत को हरा देती है।” सोशल मीडिया यूजर ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी है।

इस पर जवाब देते हुए एक बिलोल बोस नाम के एक यूजर ने लिखा, “शादी-वादी तो ठीक है मोहतरमा। वो तो आप किसी से भी करने का शौक फरमाएँगी। मस्क का सोचिए। वो तो आपका ब्लू टिक का भी 8-10 डॉलर में खींचने का खुला ऐलान किया है। आप दे तो देंगी ना जनाब! या आईएमएफ का इंतजार करेंगी!”

योगेश दहिया नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “उफ्फ, आपकी सादगी मैम!”

इससे पहले 23 अक्टूबर 2022 उन्होंने घोषणा की थी कि अगर भारत टी-20 वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को हरा देता है तो वह हमेशा के लिए अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर देंगी और कभी भी इस प्लेटफॉर्म पर नहीं आएँगी। खैर, पाकिस्तान का भारत पर जीत दर्ज करने का उनका सपना अधूरा ही रह गया। हालाँकि, उन्होंने अपना अकाउंट डिलीट नहीं किया।

न्यूजीलैंड खिलाडी से माँ बनने की ख्वाइश थी 

न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर जेम्स नीशम आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) और मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ी है। नीशम ने न्यूजीलैंड को वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। नीशम को एक बार सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान की एक एक्ट्रेस ने उन्हें अपने बच्चों के पिता बनने का ऑफर तक दे दिया था।

नीशम ने न्यूजीलैंड के लिए खेलते हुए पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट में 39 रन बनाने के अलावा एक विकेट लिए थे। वनडे में तीन मैच में 100 रन बनाने के साथ 2 विकेट झटके थे। वहीं, टी20 में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 5 मैच में 30 रन बनाए और 5 विकेट लिए थे। नीशम ने वर्ल्ड कप 2019 के बाद एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘‘मुझे लगता हैं कि एलए (Los Angeles) हवाई अड्डे से कई बार सफर करने के बाद नरक में विनाश के डर को काफी कम कर लिया है।’’ उनके इस ट्वीट पर पाकिस्तान की एक्ट्रेस शेहर शिनवारी (Sehar Shinwari) ने कमेंट किया।