Showing posts with label mayor election. Show all posts
Showing posts with label mayor election. Show all posts

चंडीगढ़ : नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी पर खिला कमल; AAP और BJP के बराबर-बराबर पार्षद

बीजेपी के अनूप गुप्ता चंडीगढ़ के मेयर बने (फोटो साभार: HT)
बीजेपी ने 1 वोट से आम आदमी पार्टी को हराकर चंडीगढ़ मेयर का चुनाव जीत लिया है। 17 जनवरी 2023 को हुए चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी के अनूप गुप्ता को 15 वोट मिले, जबकि ‘आप’ के जसबीर सिंह लाडी को 14 वोट मिले हैं। इसी तरह डिप्टी मेयर के पद पर भी भाजपा को 1 वोट से जीत हासिल हुई है। भाजपा के कंवरजीत राणा को 15 वोट और ‘आप’ की उम्मीदवार तरुणा मेहता को 14 वोट मिले।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कुल 29 वोट पड़े हैं। यहाँ बीजेपी और ‘आप’ पार्टी के पास 14-14 पार्षद हैं, लेकिन भाजपा के पक्ष में चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर का भी एक वोट गया। वहीं, कॉन्ग्रेस के 6 और शिरोमणि अकाली दल के 1 पार्षद ने इस चुनाव से दूरी बना ली थी। पिछली बार मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर तीनों पदों पर बीजेपी पार्टी ने ही कब्जा किया था।

मेयर पद जीतने के बाद अनूप गुप्ता ने कहा, “मैं अपनी पार्टी लीडरशिप को धन्यवाद देता हूँ, जिसने मुझ पर अपना भरोसा जताया। मैं सदन को उसी गरिमा के साथ चलाऊँगा जैसे सरबजीत कौर ने चलाया था।”

चंडीगढ़ में हुए मेयर चुनाव में बड़े पैमाने पर पुलिस तैनात की गई थी। मेयर चुनाव जीतने वाले बीजेपी उम्मीदवार अनूप गुप्ता 38 साल के हैं। वह पेशे से कारोबारी हैं। उनका मेयर बनना इसलिए अहम बताया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने बीते साल भी चुनाव जीता था। उस वक्त उन्हें डिप्टी मेयर चुना गया था। उन्हें बीजेपी सांसद किरण खेर और कई दिग्गज नेताओं का करीबी भी माना जाता है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार और बीजेपी की जीत के पीछे एक बड़ी वजह कॉन्ग्रेस के 6 और अकाली दल के 1 पार्षद का दूरी बनाना माना जा रहा है। इसकी वजह से बीजेपी की जीत की राह आसान हो गई।

उत्तराखंड: दहेज उत्पीड़न के मामले में फंसीं कांग्रेस मेयर प्रत्याशी गिरफ्तार

उत्तराखंड की काशीपुर कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस से मेयर प्रत्याशी रहीं मुक्ता सिंह व उनके पति रविन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में तीन अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
कांग्रेस नेत्री की गिरफ्तारी के विरोध में कार्यकर्ताओ ने कोतवाली गेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। बीती 29 सिंतबर को गिरीताल कॉलोनी निवासी प्रियंका पुत्री महेश वर्मा ने कुंडेश्वरी निवासी मुक्ता सिंह, उनके पति रविन्द्र सिंह, पुत्र शशांक सिंह समेत जेठ जेठानी के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने व जबरन गर्भपात कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में पूर्व विवेचना अधिकारी ने पति के अलावा अन्य के पक्ष में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। एसएसपी ने इस मामले में विवेचना अधिकारी मंजू पवार व दरोगा पीडी जोशी को निलंबित कर दिया था। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जय प्रकाश को सौंपी गई थी। पुलिस ने नवंबर 22 को आरोपी दम्पति को गिरफ्तार कर लिया

बता दें कि दिसंबर 2011 को हिंदू रीति-रिवाज के साथ मुक्ता की शादी शशांक सिंह के साथ हुई थी। इस दौरान पिता ने सामर्थ्य के अनुसार आई-20 कार समेत दहेज भी दिया था। लेकिन कुछ समय बाद ही ससुरालियों ने उसे फिर से दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
ससुरालियों ने दहेज में 50 लाख रुपये और एंडेवर कार की मांग की। इतनी बड़ी डिमांड पूरी न करने पर पति शशांक, ससुर रविंदर सिंह, सास मुक्ता सिंह, जेठ अनुराग व जेठानी दीपाली ने मारना पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद मई 2015 में वह मायके आ गई। आरोप लगाया था कि इस बीच सास मुक्ता सिंह ने पीड़िता का दो बार गर्भपात भी करा दिया था। 

क्या रजनी रावत बिगाड़ सकती है बीजेपी और कांग्रेस के समीकरण?

आम आदमी पार्टी का दामन थामते ही पूर्व दायित्वधारी रजनी रावत ने भाजपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आप के संस्थापक सदस्य अरविंद केजरीवाल ने उनके हाथ में झाड़ू पकड़ाकर देहरादून नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की सफाई का जिम्मा उन्हें सौंपा है। वहीं, रजनी रावत के महापौर पद पर दावेदारी से बीजेपी-कांग्रेस के समीकर बिगाड़ सकती हैं। 

कांग्रेस महापौर की दौड़ से बाहर है, इसलिए बीजेपी को हराने के लिए पूरे शहर का सहयोग लिया जाएगा। आज शहर की मलिन बस्तियों के हजारों लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी पिछले 10 वर्षो से नगर निगम में काबिज है और काम के नाम पर वार्डों में नालियों का निर्माण तक नहीं हो पाया है। 
रजनी रावत ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी किसी परिचय की मोहताज नहीं है। आज भ्रष्ट राजनीति और उत्तराखंड के हित में आम आदमी पार्टी जनता का पहला विकल्प है। 2008 के निकाय चुनाव में जनता ने उन्हें भाजपा-कांग्रेस के भ्रष्टाचार व शोषण से तंग होकर सहयोग दिया था। उन्होंने जनता के लिए एक समाजसेवी के रूप मे हर संभव मदद का प्रयास किया है। 
अवलोकन करें:--
http://nigamrajendra28.blogspot.com/2016/09/aap-51.html 

NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
दिल्‍ली सरकार के पूर्व मंत्री संदीप कुमार के स्‍कैंडल के बाद से लगातार आम आदमी
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार आम आदमी पार्टी (आप) का इंटरनल सर्वे इन दिनों चर्चा
आम आदमी पार्टी में चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सांसद भगवंत मान के विरोधी…
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
मिर्ज़ापुर जिलाधिकारी को ज्ञापन देती कार्यकर्ता अन्ना आन्दोलन से उपजी केजरीवा
आप के प्रदेशध्यक्ष एसएस कलेर ने कहा कि रजनी रावत सैकड़ों समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल हुई हैं। कहा कि आप के पार्षद प्रत्याशियों की पहली सूची रविवार को जारी की जाएगी। इस अवसर पर आप के प्रदेश कोषाध्यक्ष श्यामबाबू पांडे, प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश काला, प्रदेश सचिव डॉ. राकेश नेगी, जिलाध्यक्ष विशाल चौधरी, पुष्पा रावत, राजेश बहुगुणा आदि मौजूद रहे। 
रजनी बिगाड़ सकती हैं कांग्रेस-भाजपा का समीकरण 
रजनी रावत के लगातार तीसरी बार महापौर पद पर दावेदारी से भाजपा और कांग्रेस के समीकरण बिगड़ सकते हैं। वर्ष 2008 व 2013 के नगर निगम चुनावों में रजनी रावत अपनी दमदार उपस्थिति से दोनों पार्टियों को कड़ी टक्कर दे चुकी हैं। वर्ष 2008 के नगर निगम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे विनोद चमोली को 60867 मत पड़े थे। जबकि, रजनी रावत 44294 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रही थीं। 
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रहे सूरत सिंह नेगी को 40643 मतों पर संतोष करना पड़ा था। वर्ष 2013 के चुनाव में बीजेपी से महापौर पद के प्रत्याशी रहे विनोद चमोली को 80530 मत मिले, जबकि कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना को 57618 मत प्राप्त हुए थे। वहीं रजनी रावत 47589 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रही थीं। लेकिन, रजनी रावत की उपस्थिति से कांग्रेस को खासा नुकसान हुआ था। इस बार भी रजनी रावत के मैदान में उतरने के बाद कांग्रेस-भाजपा के वरिष्ठ नेता कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।