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कोर्ट के फैसले पर बना मंदिर, तो फिर मोदी ने क्या किया; और मंदिर की जगह मस्जिद बनाते, तो क्या होता ?

सुभाष चन्द्र

ये बातें रह रह कर उठाई जाती रही हैं कि किसी तरह भी राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी को कोई श्रेय न मिल सके कि मंदिर निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेश हो रहा है, फिर इसमें मोदी का क्या योगदान है क्योंकि मंदिर बनाने के आदेश देने में मोदी की तो कोई भूमिका है ही नहीं।

उन्होंने राहुल गाँधी को अपना बयान गलत सिद्ध करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि राहुल गाँधी भाजपा और नरेन्द्र मोदी के विरोधी इसलिए हैं क्योंकि वह सनातन की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गाँधी की दुश्मनी राम से है और अयोध्या तथा हिंदुत्व से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत की संस्कृति के विरुद्ध है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक रहे हैं। उन्होंने 2019 में लखनऊ से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। उनके कुछ दिनों पहले कांग्रेस से मतभेद हो गए थे। इसके बाद उन्होंने यह बड़ा आरोप राहुल गाँधी पर लगाया है। राम मंदिर निर्माण के सम्बन्ध में नवम्बर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया था जिसके बाद इसके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। 

आखिर कब तक फिरकापरस्त बाबरी के नाम पर मुसलमानों को उकसाते रहेंगे? अगर सच्चे मुसलमान है तो मुसलमानों को सच्चाई बताओ। दूसरे, जो बेपेंदी के हिन्दू क्यों सच्चाई से मुंह मोड़ रहे हैं? इन्हीं फिरकापरस्त लोगों द्वारा देश के असली इतिहास को छुपाकर गलत इतिहास हमें पढ़ा दिया। अगर यही काम किसी विदेश में हुआ होता, ये जितने भी हिन्दू धर्म स्थलों को विवादित बनाने के आरोप में जेलों में होते, ये भारत है जहाँ ये खुले सांड की तरह घूम रहे हैं।  

इस संबंध में मैंने एक लेख में लिखा था कि कोर्ट ने बेशक आदेश देकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया लेकिन यदि कांग्रेस सरकार होती तो मंदिर निर्माण किसी हाल में नहीं होने देती क्योंकि जो पार्टी भगवान राम के अस्तित्व को ही नहीं मानती, वह मंदिर निर्माण कैसे होने देती।

और यह बात अब खुल भी गई। कांग्रेस में 32 साल गुजार चुके और अब कांग्रेस छोड़ चुके  वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बताया है कि सैम पित्रोदा की सलाह पर अपने घनिष्ठ साथियों के साथ मीटिंग में राहुल गांधी ने कहा था कि अगर हम सत्ता में आए तो एक Superpower Commission बना कर राम मंदिर पर फैसले को पलट देंगे। जो सरकारी आदेश को फाड दे, कब किस कानून को फाड़ कर फेंक दे। ऐसे आदमी के लिए सुप्रीम कोर्ट आदेश कुछ नहीं। 

लेखक 
चर्चित 
यह बात यदि राहुल गांधी ने न भी कही होती तब भी कांग्रेस पर मुस्लिमों, कांग्रेस के मित्र देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य इस्लामिक देशों का इतना दबाव होता जो कांग्रेस के लिए झेलना असंभव होता और मंदिर की जगह मस्जिद का निर्माण करवा देती कांग्रेस और उसके लिए संसद से प्रस्ताव भी पास करवा लेती। 

लेकिन मोदी के रहते किसी की हिम्मत नहीं हुई कहने की कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में बदलाव कर दो। यह नरेंद्र मोदी का भगवान राम में अटूट विश्वास और निष्ठा है जो मंदिर निर्माण को प्राथमिकता देकर शीघ्रता से मंदिर निर्माण हुआ और अयोध्या जी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक स्थलों में सुशोभित हुईं।

अब दूसरी बात और उठाई जाती है कि “मोदी जी हिंदुओं के लिए मंदिर बना कर भी उनसे झुक झुक कर वोट मांग रहे हैं लेकिन यदि वो मंदिर की जगह मुसलमानों को बाबरी मस्जिद बना कर दे देते तो मुसलमान बिना मांगे वोट देते”।  

यह बिल्कुल एक “कपोल कल्पना” जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। मुसलमान किसी हाल में मोदी को वोट नहीं देते, उनका वोट फिर भी कांग्रेस और “सेकुलर ढक्कनों” को ही जाता, साथ ही हिंदू मानस भी मोदी को उखाड़ फेंकता क्योंकि वह मंदिर न बनने से ज्यादा मुस्लिमों को मस्जिद देने से नाराज़ होता। यह मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मुसलमानों के दिमाग में मोदी और हिंदुओं के लिए इतना जहर भर दिया गया है कि किसी हाल में मोदी को हराना उनका पहला फ़र्ज़ है।

जिस कौम के लोगों को हर सुविधा बिना किसी भेदभाव मोदी दे रहा है, फिर उनके दिमाग में उसकी कोई वैल्यू नहीं है। गरीब मुसलमानों को  पेट भरने को भोजन मिल रहा है जबकि मस्जिद मिलने के बाद कहते इससे हमारा क्या पेट भरेगा, हम तो गरीब हैं, क्या करेंगे मस्जिद जाकर। मुस्लिम औरतों को रात के अंधेरे में शौहर के 3 तलाक कह कर घर से निकालने का खतरा मोदी ने ख़त्म कर दिया लेकिन वोट फिर भी नहीं देती, फ्री गैस कनेक्शन मिले, घर मिले, शौचालय मिले और बीमारी में फ्री इलाज मिला। 

यह सब मस्जिद से बढ़ कर था लेकिन फिर भी वोट नहीं मोदी को। मुसलमान को समझ ही नहीं है कि क्या अच्छा है और क्या बुरा है उनके लिए। अनेक वीडियो बाजार में हैं जिनमे 10-12 साल के बच्चे कहते मिलेंगे कि “हम मोदी को मार देंगे” और “राम मंदिर को तोड़ देंगे”  जबकि उनके साथ मोदी ने कुछ बुरा नहीं किया, लेकिन यह सब सिखाया जाता है मदरसों में। इसलिए यह सोचना बेमानी है कि मोदी बाबरी मस्जिद मुसलमानों को देते तो वोट मांगने की जरूरत न पड़ती। 

कांग्रेस की सरकार बनने पर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट देंगे राहुल गाँधी, करीबियों को बताया था शाहबानो वाला प्लान: आचार्य प्रमोद कृष्णम का दावा

साभार: Economic Times & Rediff
केंद्र में सरकार बनने पर कांग्रेस राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट फैसले को बदलने का इरादा रखती है। इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक बैठक में बात की थी। यह दावा आचार्य प्रमोद कृष्णम ने किया है। वह 3 दशकों तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, उन्होंने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दिया है।

पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि राहुल गाँधी राम मंदिर निर्माण को रोकना चाहते थे। इसके लिए वह सरकार बनने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट देंगे। आचार्य प्रमोद ने आरोप लगाया है कि उनके दिमाग में यह निर्णय पलटने का प्लान है।

यदि ऐसा हुआ तो कांग्रेस इस बात को साबित कर रही है कि कोर्ट जो भी फैसला देगी राहुल से पूछ कर देगी, यानि राहुल के आगे सभी बौने रहेंगे। दूसरे, कांग्रेस अध्यक्ष खड़के पहले ही कह चुके हैं कि मोदी सरकार के वापस आने पर सनातन मजबूत होगा।ये सब बातें साबित कर रही है कि कांग्रेस और INDI गठबंधन कट्टरपंथी मुसलमानों की गोदी में बैठ चूका है। INDI गठबंधन का जो घटक वही बोल रहा है जो इनके आका(कट्टरपंथी) बुलवा रहे हैं। 

वैसे हैरान होने की कोई बात नहीं, यूपीए के कार्यकाल में इन्हीं राम विरोधियों ने कोर्ट में राम को काल्पनिक बताया, रामसेतू को मिथ्या और वकीलों की भीड़ लगाई गयी थी। खुदाई में मिले मंदिर के अवशेषों को छुपाकर केवल एक खम्बा दिखाया गया था। जबकि तत्कालीन पुरातत्व विभाग के निदेशक के के मोहम्मद जिनके संरक्षण में खुदाई हुई थी, ने सेवानिर्वित होने के बाद अपनी पुस्तक में स्पष्ट लिखा कि "मंदिर कभी का बन गया होता, अगर कांग्रेस और वामपंथियों ने मंदिर के इतने सारे अवशेषों को छुपाकर केवल एक ही खम्बा नहीं होता'।   

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मीडिया से बातचीत में यह खुलासा किया है। उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस में 32 वर्ष रहा हूँ। जब राम मंदिर का निर्णय आया तो राहुल गाँधी ने अपने नजदीकी लोगों की बैठक में अमेरिका के अपने एक सलाहकार के कहने पर कहा था कि सरकार बनने पर राम मंदिर का फैसला पलट दिया जाएगा। इसके लिए सुपरपावर कमीशन बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस तरह शाहबानो निर्णय को राजीव गाँधी सरकार ने बदला था तो फिर राम मंदिर का निर्णय क्यों नहीं बदला जा सकता।”

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गाँधी कई बार हिंदुत्व, हिन्दू धर्म की शक्ति बदलने की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता जानते हैं कि कांग्रेस सरकार बनने पर राम मंदिर का फैसला बदला जाना था। यह सब अमेरिका में रहने वाले लोगों की सलाह पर होता है। उन्होंने राहुल गाँधी से इस बात की प्रतिक्रिया लेने की बात भी कही है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि यह बात यदि गलत है तो मुझ पर मुकदमा कर दिया जाए, मैं इसे सिद्ध कर दूँगा।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने यह भी कहा है कि उन्हें राम मंदिर जाने के कारण पार्टी से निकाल दिया गया। उन्होंने हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले प्रवक्ताओं का भी नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सनातन की बात करेगा वह कांग्रेस में नहीं रह सकता। उन्होंने कहा है कि आगे और भी लोग पार्टी छोड़ेंगे।

उन्होंने राहुल गाँधी को अपना बयान गलत सिद्ध करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि राहुल गाँधी भाजपा और नरेन्द्र मोदी के विरोधी इसलिए हैं क्योंकि वह सनातन की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गाँधी की दुश्मनी राम से है और अयोध्या तथा हिंदुत्व से है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत की संस्कृति के विरुद्ध है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक रहे हैं। उन्होंने 2019 में लखनऊ से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। उनके कुछ दिनों पहले कांग्रेस से मतभेद हो गए थे। इसके बाद उन्होंने यह बड़ा आरोप राहुल गाँधी पर लगाया है। राम मंदिर निर्माण के सम्बन्ध में नवम्बर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया था जिसके बाद इसके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था।

उत्तर प्रदेश : ‘एक ओर तीर्थों का विकास, दूसरी ओर हाइटेक इंफ्रास्ट्रक्चर’: मोदी ने रखी कल्किधाम की आधारशिला, बोले – आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसके लिए पिछली सरकारों से लड़ी लड़ाइयाँ

कल्किधाम के शिलान्यास के अवसर पर बोलते पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के संभल में वैदिक पूजन के साथ कल्किधाम की आधारशिला रखी। इस मौके पर यहाँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कल्किधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम मौजूद रहे। यहाँ बड़ी संख्या में संत-महात्मा भी मौजूद रहे।

ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद ने प्रधानमंत्री को कुछ दिन पहले इस धाम की आधारशिला रखने और भूमिपूजन करने के लिए आमंत्रित किया था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया था। सोमवार (19 फरवरी, 2024) को यह पूजन सम्पन्न हो गया। अब विधिवत तरीके से धाम का निर्माण चालू होगा।

प्रधानमंत्री के भूमिपूजन करने के बाद उन्हें आचर्य प्रमोद कृष्णम और राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी ने अंगवस्त्र पहना कर सम्मानित किया। पीएम मोदी को इस दौरान कल्किधाम का एक मिनिएचर मॉडल भी दिया गया। इस आयोजन में 11,000 साधु संत शामिल हुए हैं।

संभल में बनाया जा रहा यह कल्किधाम भगवान विष्णु को समर्पित है। यहाँ उनके दशावतारों की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। यहाँ इन दसों अवतारों के लिए दस गर्भगृह का निर्माण होगा। इसका निर्माण उसी गुलाबी पत्थर से हो रहा है, जिसका उपयोग अयोध्या के राम मंदिर और गुजरात के सोमनाथ मंदिर के निर्माण में किया गया है। बताया गया है कि इस मंदिर में कहीं भी लोहे और स्टील का इस्तेमाल नहीं होगा। मंदिर का शिखर 108 फीट ऊँचा होगा। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसके निर्माण को लेकर आई समस्याओं के विषय में भी पहले बात की थी।

इस पूरे कल्किधाम का क्षेत्रफल लगभग 5 एकड़ है। यहाँ पहले से एक कल्कि मंदिर बना हुआ है जहाँ भगवान कल्कि की एक मूर्ति स्थापित है। कहा जाता है कि यहाँ मूर्ति के नीचे जो वाहन के रूप में घोड़ा है, उसका एक पैर हवा में है। बताया जाता है कि समय के हिसाब से यह पैर नीचे झुक रहा है।

कल्किधाम के भूमिपूजन के मौके पर सीएम योगी और पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित भी किया। सीएम योगी ने इस दौरान पीएम के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा, UAE में मंदिर के उद्घाटन और अब संभल के इस धाम को लेकर कहा कि यह नया भारत है। उन्होंने कहा कि नए भारत में युवा की आजीविका और आस्था, दोनों की गारंटी है, यही मोदी की गांरटी है।

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि इससे पहले ना ही लोग आस्था का सम्मान कर पाए और ना ही आजीविका दे पाए। उन्होंने संभल में किए गए विकास कार्यों की भी चर्चा यहाँ पर की। सीएम योगी ने कहा कि भगवान कल्कि ज़रूर अवतार लेंगे और इस धरती पर सनातन की फिर से स्थापना होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि यह मौक़ा 18 वर्षों के बाद आया है, ऐसे में मुझे लगता है कि सारे अच्छे काम मेरे लिए ही छोड़े गए हैं। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का जिक्र करते हुए वर्तमान समय को सांस्कृतिक उदय का समय बताया।

प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान बोले, “अभी जब वह स्वागत प्रवचन के दौरान बोल रहे थे तब उन्होंने कहा कि मेरे पास भावना के अलावा देने के लिए कुछ नहीं है, अच्छा हुआ आचार्य जी आपने कुछ दिया नहीं, अगर आज के समय में भगवान कृष्ण सुदामा को एक पोटली में चावल देते तो फोटो निकल आती की भगवान कृष्ण ने भृष्टाचार किया, सुप्रीम कोर्ट में PIL हो जाती।”

प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर और अबूधाबी में स्वामीनारायण मंदिर को लेकर कहा कि यह सांस्कृतिक गौरव का पल है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान केदारनाथ मंदिर, सोमनाथ, काशी विश्वनाथ में किए गए विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने इसे विकास और विरासत को साथ लेकर चलना बताया और कहा कि समय का चक्र घूम गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आचार्य प्रमोद ने पिछली सरकारों से कल्किधाम के लिए लड़ाई लड़ी है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के अंतर्गत वह मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह राष्ट्ररूपी मंदिर का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने चंद्रयान, नमो भारत, वन्दे भारत और अर्थव्यवस्था को लेकर भी बात की।


सनातन धर्म का अपमान कांग्रेस को ले डूबा… अपनी ही पार्टी पर बरसे आचार्य प्रमोद कृष्णम, पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद बोले – सनातन को गाली देने का नतीजा

विधानसभा चुनाव 2023 में कॉन्ग्रेस पार्टी को आचार्य प्रमोद कृष्णम और पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने दिखाया आईना
इतिहास साक्षी है कि सनातन विरोधियों का विश्व में कोई नामलेवा नहीं, एक अपवाद भारत को छोड़ कर, वह भी कांग्रेस और वामपंथियों द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण करते गौरवशाली हिन्दू सम्राटों के इतिहास को धूमिल कर आतताई मुगलों को महान बता दिया गया। वही स्थिति इन विधान सभा चुनावों से पूर्व सनातन धर्म पर कितने प्रहार किये सभी ने देखा। 

मानो या न मानो, तेलंगाना में भाजपा द्वारा अपने इकलौते विधायक टी राजा सिंह के विरुद्ध ओवैसी द्वारा बिछाये जाल में फंसने की बजाए राजा के साथ खड़ी होती, तेलंगाना की स्थिति भी कुछ और ही होती। सम्भावना व्यक्त की जा रही है कि भाजपा ओवैसी को ओवैसी के ही गढ़ शिकस्त दे दी होती।  ओवैसी जो अपने ही राज्य में समस्त सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने में असमर्थ है यानि अपने संसदीय क्षेत्र यानि हैदराबाद क्षेत्र को छोड़ इतने बड़े तेलंगाना में चुनाव लड़ने में पूर्णरूप से असफल हैं। ओवैसी की पार्टी AIMIM को क्षेत्रीय पार्टी भी नहीं कह सकते, ये तो मीडिया ने इसे इतना उठा रखा है। ओवैसी की पार्टी से कहीं सम्मानित समाजवादी, बहुजन समाज, जनता दल और आम आदमी पार्टी आदि पार्टियां हैं, जिनमे अपने राज्य में दबदबा होने के साथ साथ दूसरे राज्यों में जाकर जमकर चुनाव लड़ने की क्षमता रखते हैं, लेकिन ओवैसी अपने राज्य तेलंगाना में नहीं।   

देश के पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव 2023 के नतीजे लगभग आ चुके हैं। रविवार (3 दिसंबर, 2023) को चार राज्यों के चुनाव नतीजों जारी किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के रुझानों की मानें तो तीनों ही राज्यों में भाजपा सत्ता में आ रही है। इन चुनाव परिणामों के साथ ही कांग्रेस पार्टी को याद दिलाई जा रही है कि कैसे पार्टी ने सनातन धर्म का अपमान किया था, सनातन का अपमान करने वालों का जम कर साथ दिया।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पिछड़ने पर पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, “सनातन (धर्म) का विरोध करने से पार्टी डूब गई है। यह सनातन (धर्म) का विरोध करने का अभिशाप है।”

उन्होंने कहा, “भारत भावनाओं का देश है और सनातन का विरोध हमें ले डूबा। जातिवादी राजनीति को इस देश ने कभी स्वीकार नहीं किया है। 6 सितंबर, 1990 का राजीव गाँधी जी का भाषण हैं संसद में वो सुन लीजिएगा। देश अगर जातिवादी होता तो विश्वनाथ प्रताप सिंह को गाँव-गाँव पूजा जाता। विश्वनाथ प्रताप सिंह जी जब मंडल लाए थे उनसे बड़ा कोई जातिवाद का कार्ड खेलने वाला नहीं था और न हुआ, लेकिन विश्वनाथ प्रताप सिंह जी की हालत इस देश में क्या हुई ये सबके सामने है। इसीलिए, जातिवादी राजनीति और सनातन का विरोध ये हमें ले डूबे।”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है ये कांग्रेस की हार नहीं है बल्कि वामपंथ की हार है। कुछ दिनों से कांग्रेस में कुछ ऐसे नेता घुस आए थे और घुस आए हैं और उनका बड़ा प्रभुत्व हैं। कांग्रेस के सभी फैसलों में उनकी बड़ी भूमिका है। और वो कुछ नेता कांग्रेस को महात्मा गाँधी के रास्ते से हटाकर वामपंथ के रास्ते पर ले जाना चाहते हैं और ले जा रहे हैं। जो कांग्रेस पार्टी महात्मा गाँधी के रास्ते पर चलकर यहाँ तक आई है।”

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा, “महात्मा गाँधी जी के सभा की शुरुआत रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम से हुई थी। आज उस कांग्रेस को सनातन के विरोधी पार्टी के रूप में देखा जा रहा है। ये दुर्भाग्य है। कांग्रेस पार्टी ने अगर ऐसे नेताओं को नहीं निकाला तो पार्टी की हालत जल्द ही AIMIM जैसी हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस को महात्मा गाँधी, पंडित नेहरू, इंदिरा गाँधी राजीव गाँधी की कांग्रेस  रहने दिया जाए। पार्टी को महात्मा गाँधी के रास्ते से हटाकर मार्क्स के रास्ते पर ले जाने वाले जो नेता है। इनको बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।” आचार्य प्रमोद ने राजस्थान और मध्य प्रदेश की हार पर कहा, “इस हार का पूरा विश्लेषण होगा। फिलहाल तो इन राज्यों के पार्टी प्रभारियों को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। अगर उनमें जरा सी भी शर्म हो। तो खुद ऐसा करना चाहिए।”

वहीं पूर्व क्रिकेटर वेंकटेंश प्रसाद ने भी सनातन धर्म का विरोध करने वालों पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट किया, “सनातन धर्म को गालियाँ देने वालों का बुरा नतीजा भुगतना पक्का था। प्रचंड जीत के लिए भाजपा को बहुत-बहुत बधाई। प्रधानमंत्री के अद्भुत नेतृत्व का एक और प्रमाण नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह और जमीनी स्तर पर पार्टी कैडर के शानदार काम का नतीजा है ये चुनाव परिणाम।”

‘हिन्दुओं को गाली देने की लगी है होड़’: कांग्रेस के प्रमोद कृष्णम् ने स्टालिन को लताड़ा, ISRO का मजाक उड़ाने वाले प्रकाश राज ने अब सनातन धर्म को कहा भला-बुरा

प्रमोद कृष्णम् ने उदयनिधि स्टालिन के बयान का किया विरोध, प्रकाश राज समर्थन में (दाएँ से बाएँ)
उदयनिधि स्टालिन के बाद अब साउथ के एक्टर प्रकाश राज ने सनातनियों का मजाक उड़ाते हुए उन्हें ‘एंटी ह्यूमन’ कहा है। वहीं, तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि के सनातन विरोधी बयान पर कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम ने हमला बोला है। साथ ही सख्त कार्रवाई की माँग की है।

प्रकाश राज ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ईवी रामास्वामी उर्फ पेरियार और डॉ भीमराव अंबेडकर की फोटो शेयर की है। इसके साथ ही प्रकाश राज ने लिखा है, “हिंदू तनतानी नहीं हैं। तनातनी मानवता विरोधी हैं।” तनतानी या TanaThanis शब्द का उपयोग वामपंथी, इस्लामवादी और ईसाई हिंदुओं और सनातन धर्म का मजाक उड़ाने के लिए करते हैं। ऐसे में उन्होंने न केवल इशारे में सनातन धर्म का मजाक उड़ाने की कोशिश की है बल्कि अपना हिंदू विरोधी चेहरा एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है।

हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाला पेरियार

प्रकाश राज ने जिस ईवी रामास्वामी उर्फ पेरियार की फोटो शेयर की है। उसने ताउम्र हिंदू धर्म को लज्जित और अपमानित किया। कभी भगवानों का अपमान किया तो कभी हिन्दुओं के धर्म ग्रंथों को जलाने का संदेश दिया। पेरियार के प्रति हिन्दुओं के प्रति विचार उनके इस एक बयान से भी समझे जा सकते हैं –
“मैंने सब कुछ किया, मैंने गणेश आदि सभी ब्राह्मण देवी-देवताओं की मूर्तियाँ तोड़ डालीं। राम आदि की तस्वीरें भी जला दीं। मेरे इन कामों के बाद भी मेरी सभाओं में मेरे भाषण सुनने के लिए यदि हजारों की गिनती में लोग इकट्ठा होते हैं तो साफ है कि ‘स्वाभिमान तथा बुद्धि का अनुभव होना जनता में, जागृति का सन्देश है।”
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे और राज्य के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया के मच्छर की तरह खत्म करने की अपील की थी। उसके इस बयान पर कॉन्ग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम ने हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर लिखा है, “सत्य ‘सनातन’ के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। सनातन को मिटाने का ख़्वाब देखने वाले भारतीय नहीं हो सकते उदयनिधि स्टालिन ने करोड़ों सनातनियों की आस्था पर कुठाराघात किया है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री कार्यालय उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
वहीं ANI से बातचीत में आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा है, “हिंदुओं को गाली देने की नेताओं में एक होड़ सी मची हुई है। सत्य सनातन धर्म को मिटाने की कोशिशें हजारों सालों से हो रहीं हैं। लेकिन सनातन को लोग मिटा नहीं पाए। 1000 साल भारत गुलाम रहा। इस पूरे समय तक लगातार सनातन को मिटाने की कोशिशें हुईं।”
उन्होंने आगे कहा है, “महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह जी महाराज, छत्रपति शिवाजी महाराज कितने ही महापुरुषों का लहू शामिल है सनातन धर्म की शक्ति में। सनातन को मिटाने का जो ख्वाब है वह अंग्रेजों ने भी देखा, मुगलों ने भी देखा। लेकिन सनातन नहीं मिट पाया।”

उदयनिधि के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत

सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ सनातन धर्म के खिलाफ उत्तेजक, भड़काऊ और मानहानिकारक बयान के लिए दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 120A, 153A, 295, 504 और आईटी एक्ट की धाराएँ शामिल हैं।

ट्विटर पर वायरल हो रहा बयान

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किए गए उनके भाषण की एक वीडियो क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “सनातन धर्म को खत्म करने के लिए इस सम्मेलन में मुझे बोलने का मौका देने के लिए मैं आयोजकों को धन्यवाद देता हूँ। मैं सम्मेलन को ‘सनातन धर्म का विरोध’ करने के बजाय ‘सनातन धर्म को मिटाओ‘ कहने के लिए आयोजकों को बधाई देता हूँ।

‘सनातनम को खत्म करना हमारा पहला काम’

उदयनिधि स्टालिन ने कहा, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”
अवलोकन करें:-
उन्होंने सवालिया लहज़े में पूछा कि “सनातन ​​क्या है? सनातन ​​नाम संस्कृत से आया है। सनातन ​​समानता और सामाजिक न्याय के खिलाफ है। सनातन ​​का अर्थ ‘स्थायित्व’ के अलावा और कुछ नहीं है, जिसे बदला नहीं जा सकता। कोई भी सवाल नहीं उठा सकता। सनातन ​​का यही अर्थ है।”

‘इस जनम में नहीं छोड़ूँगा तिलक, कांग्रेस के बड़े नेताओं को चिढ़’: आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने राजस्थान में गहलोत के हार की भी कर दी भविष्यवाणी


उत्तर प्रदेश के संभल स्थित श्रीकल्कि धाम पीठ के मुख्य महंत आचार्य प्रमोद कृष्णम् के सुर आजकल बदले-बदले लग रहे हैं। वो राज्य में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं में से एक हैं और प्रियंका गाँधी के करीबी माने जाते हैं। टीवी चैनलों पर भी अक्सर उन्हें पार्टी के पक्ष में बहस करते हुए देखा जा सकता है। क्या राजनीति में गहरी रुचि लेने वाले महंत का अब कांग्रेस पार्टी से मोहभंग हो रहा है? ऐसा इसीलिए, क्योंकि उनके कुछ ट्वीट्स ऐसे सामने आए हैं जो इसी तरफ इशारा करते हैं।

असल में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘कांग्रेस वर्किंग कमिटी’ का नए सिरे से गठन किया है, जिसमें 39 सदस्य हैं। साथ ही 32 परमानेंट इंवाइटिज और 13 स्पेशल इंवाइटिज के नामों की भी घोषणा की गई। हालाँकि, इसमें आचार्य प्रमोद कृष्णम् को जगह नहीं मिली। जब एक पत्रकार ने पूछा कि आखिर एक हिन्दू संत को CWC में जगह क्यों नहीं दी, तो कल्कि धाम पीठाधीश्वर के दिल का छिपा हुआ दर्द बाहर आ गया और उन्होंने ट्वीट के जरिए ही पार्टी पर निशाना साधा।

उन्होंने लिखा, “पार्टी के कुछ बड़े नेताओं को मेरी वेशभूषा और तिलक से चिढ़ है, जिन्हें मैं इस जन्म में नहीं छोड़ सकता।” यानी, उन्होंने न सिर्फ बता दिया है कि वो हिन्दू धर्म की पहचान को नहीं छोड़ सकते, बल्कि ये भी खुलासा कर दिया है कि पार्टी में कुछ लोग साधु-संतों की वेशभूषा और तिलक से नफरत करते हैं। हालाँकि, कई ट्वीट्स के माध्यम से उन्होंने होने उन साथी नेताओं को बधाई दी, जिन्हें CWC में शामिल किया गया है। पवन खेड़ा, शशि थरूर, सलमान खुर्शीद, जयराम रमेश, जितेंद्र सिंह अलवर, कुमारी शैलजा, राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा को उन्होंने बधाई दी।

वहीं एक अन्य ट्वीट के माध्यम से उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी निशाना साध दिया। अशोक गहलोत ने विमान में कुछ दस्तावेजों के साथ तस्वीर डालते हुए लिखा था कि वो ‘मिशन 2030’ की तैयारी में लगे हुए हैं। इस पर कटाक्ष करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने लिखा, “भ्रष्टाचार, बलात्कार, लूट खसोट और खनन, नासिर-जुनैद की हत्या ‘लाल डायरी’ और गमन।” यानी, उन्होंने इस ट्वीट के माध्यम से भविष्यवाणी कर दी है कि राजस्थान में कांग्रेस हार रही है और अशोक गहलोत का ‘गमन’ होगा।

यहाँ यह बढ़ाना ज़रूरी है कि राजस्थान में कांग्रेस के मंत्री रहे राजेंद्र सिंह गुढ़ा को बरख़ास्त कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने महिला अपराध में राजस्थान के नंबर-1 होने को लेकर विधानसभा में अपनी ही सरकार पर तंज कसा। इसके बाद उन्होंने बताया कि सीएम अशोक गहलोत एक ‘लाल डायरी’ को जाँच एजेंसियों से छिपाना चाहते थे, जिसमें उनके भ्रष्टाचार का पूरा लेखा-जोखा है। उन्होंने कहा था कि इसी डायरी में लिखा है कि किसे कितने पैसे दिए गए। साथ ही विधानसभा में उन्होंने कांग्रेस के नेताओं पर मारपीट करते हुए ये डायरी छीनने का आरोप भी लगाया था।

ये भी जानकारी देते चलें कि उत्तर प्रदेश के संभल में कल्कि धाम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने निर्माण पर लगी रोक को असंवैधानिक बताया है। मुस्लिमों की आपत्ति के 2016 में निर्माण पर जिलाधिकारी ने रोक लगा दी थी। उस समय उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार थी। मुस्लिमों की आपत्ति के बाद संभल के तत्कालीन डीएम ने कानून-व्‍यवस्‍था बिगड़ने का हवाला देकर मंदिर निर्माण पर रोक लगा दी थी। 

कन्हैया लाल हत्या : प्रियंका गांधी के करीबी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने गहलोत पर साधा निशाना

यह दिलचस्प है कि राजस्थान भर में इंटरनेट इमरजेंसी लगाकर कांग्रेस के मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर प्रदेश की जनता से अमन-चैन की अपील कर रहे हैं !! दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत से अपील कर रहे हैं कि उदयपुर की आतंककारी घटना के दोषियों के खिलाफ दबंगई से कार्रवाई की जाए। चाहे वह अराजक तत्व हों या फिर सिस्टम में बैठे अफसर हों। कृष्णम ने जोर देकर कहा कि अभी के हालात तो चीख-चीखकर कह रहे हैं कि राजस्थान में सरकार का इकबाल ही खत्म हो गया है?

धमकी मिलने के बावजूद सरकार ने कन्हैया को सुरक्षा उपलब्ध क्यों नहीं कराई ?
उदयपुर में कन्हैयालाल के तालिबानी मर्डर के बाद देश-प्रदेश की सियासत गर्माई हुई है। बीजेपी तो सरकार की विफलताओं, इंटेलिजेंस फेल्योर आदि के लिए उसे घेर ही रहे हैं, लेकिन अब कांग्रेस के भीतर से ही राज्य सरकार के खिलाफ बगावती बोल उठने लगे हैं। प्रमोद कृष्णम ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में लिखा- धमकी मिलने के बावजूद कन्हैया को सुरक्षा उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई? कातिलों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी बराबर का दोषी है। SSP DIG के खिलाफ अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या राजस्थान में सरकार का इकबाल बिलकुल खत्म हो गया है? हालांकि इस बीच एसपी और डीआईजी के तबादले हो गए।

अब समय आ गया है कि राजस्थान का सीएम सचिन पायलट को बनाएः प्रमोद
दिलचस्प यह भी है कि प्रमोद कृष्णम ने अशोक गहलोत के ट्वीट को ही रि-ट्वीट करते हुए अपनी टिप्पणी दी थी। इस रि-ट्वीट को 19 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया, जबकि गहलोत के जघन्य ‘हत्या’ की भर्त्सना के मूल ट्वीट को 19 सौ लाइक भी नहीं मिल पाए। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम पहले भी सचिन पायलट की तरफदारी करते हुए गहलोत को निशाने पर ले चुके हैं। कृष्णम ने हाल ही में कहा था कि अब समय आ गया है जबकि गहलोत को राज्य का मोह छोड़कर राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभानी चाहिए। राजस्थान का मुख्यमंत्री सचिन पायलट को बनाया जाना चाहिए। वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की बहुत सेवाएं की हैं।

गहलोत राज्य का मोह त्यागें, राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी के हाथ मजबूत करें,
वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुत वरिष्ठ नेता हो चुके हैं। पूरे देश में उनका सम्मान है। अब उन्हें राज्य का मोह छोड़कर राष्ट्रीय भूमिका निभानी चाहिए। पूरे देश को मोबेलाइज करने के लिए राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने चाहिए। प्रमोद कृष्णम ने कहा – ‘यह सृष्टि का नियम है, जिसको हम कहते हैं कि परिवर्तन संसार का नियम है। एक साइकलिंग है। युवाओं को सत्ता देना, युवाओं को नेतृत्व देना यह तो हमेशा कांग्रेस की की आइडियोलॉजी में शामिल रहा है।’

सचिन को 2018 में ही सीएम बनाना चाहिए था, पर सीएम बन गए गहलोत
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि खुद अशोक गहलोत ने कहा था कि युवाओं को मौका मिलना चाहिए। अब उन्हें भी मुख्यमंत्री के तौर पर सचिन पायलट को मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा- ‘राजस्थान की जनता यह मानती है कि 2018 में ही चुनाव जीतने के बाद सचिन पायलट को ही मुख्यमंत्री होना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व और बड़े नेताओं ने आपसी सलाह से फैसला लिया कि परिवार के सीनियर अशोक गहलोत को मुखिया बनाया जाएगा। अब राजनीति में उथल-पुथल स्वाभाविक है। अब वक्त आ गया है, जब बुजुर्ग नेताओं को नौजवानों को सत्ता देनी चाहिए।

सरकार का इकबाल खत्म होने को लेकर कृष्णम और जयराम रमेश आमने-सामने
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी खींचतान रह-रहकर बाहर आती रहती है। अब इसमें प्रमोद कृष्णम और जयराम नरेश ने भी एंट्री ले ली है। सरकार का इकबाल खत्म होने के मुद्दे पर कांग्रेस के दो नेताओं के बीच ही लड़ाई छिड़ गई है। कांग्रेस कम्युनिकेशन सेल के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश और कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम के बीच ट्विटर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। उदयपुर मर्डर को लेकर प्रमोद कृष्णम के राजस्थान सरकार पर हमला बोलने के बाद जयराम रमेश ने भी आचार्य को लक्ष्मण रेखा नहीं लांघने की नसीहत दे डाली है।

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यहां पर सच बोलने वालों को यहां सूली पर चढ़ाया जाता है
प्रमोद कृष्णम ने जयराम रमेश पर पलटवार करते हुए कई ट्वीट किए। आचार्य प्रमोद ने लिखा- बेरहमी और बर्बरता से कत्ल किए गए कन्हैया के लिए आवाज उठाना राष्ट्र धर्म है प्रभु। और राष्ट्र धर्म का निर्वहन करने से किसी को रोकने की चेष्टा राष्ट्र द्रोह कहलाता है। जयराम रमेश ने जवाबी ट्वीट किया- दूसरी बार लक्ष्मण रेखा पार करने से पहले एक बार तो सोचना चाहिए था। प्रमोद कृष्णम ने जयराम रमेश पर निशाना साधते हुए आगे लिखा- सत्य बोलने वालों को यहां सूली पर चढ़ाया जाता है। ये नास्तिक लोग हैं। ये धर्म का मर्म क्या जानें। तुम दुखी मत हो। ये दंड के नहीं, दया के पात्र हैं। मेरे भाग्य की विडम्बना यही है। मैं कांग्रेसी हूं और ये महाशय मेरा अपमान इसलिए कर रहे हैं कि मैं एक हिंदू धर्माचार्य भी हूं।