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सनातन का अपमान, स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘SHAKTI’ विकसित करने वाले वैज्ञानिक का उड़ाया मजाक


कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की सनातन धर्म में कोई आस्था नहीं है। सनातन संस्कृति, गौ माता और भारतीय वैज्ञानिकों का अपमान करना इनकी आदत बन चुकी है। 7 नवंबर 1966 (गोपाष्टमी) को गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर स्वामी करपात्री जी महाराज और कई हिंदू संगठनों ने संसद भवन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साधु-संतों पर गोली चलाने का निर्देश दिया था, जिसमें सैकड़ों साधु-संत मारे गए थे। पार्लियामेंट स्ट्रीट साधुओं के खून से लाल हो गयी थी। आज फिर इंदिरा गांधी की पोती प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना की याद ताजा कर दी है। उन्होंने संसद में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन, पुलिस लाठीचार्ज और परीक्षा सुधार को लेकर गठित समितियों पर बोलते हुए गौ माता और वैज्ञानिक का अपमान किया।
चुनावों में हिन्दुओं को गुमराह करने रुद्राक्ष की माला पहन मन्दिरों में जाती है लेकिन मुस्लिम क्षेत्रों में हाथ में कलावा तक नहीं होता। आखिर मुस्लिमपरस्त पार्टी से सनातन का गुणगान कैसे कर सकती है? कुछ लोग कहते थे कि प्रियंका गाँधी कांग्रेस के लिए राहुल गाँधी से बेहतर विकल्प हो सकता है, मुझे भी लगता था!
लेकिन शायद कांग्रेस को हकीकत पता थी, शायद इसीलिए राहुल के लगातार फेलियर के बावजूद प्रियंका को कभी कांग्रेस अध्यक्ष या PM मेटेरियल के रूप में प्रोजेक्ट करने का साहस नही किया!
जुलाई 28 को संसद में छात्रों के भविष्य और पेपर लीक विरोधी कानून जैसे गम्भीर मुद्दे पर प्रियंका गाँधी ने सिर्फ एक लाइन बोली कि ये पूरा कानून ही बेकार है, इससे पेपर लीक नही रुक सकता है!
आपको याद होगा इसी मानसिकता से इसने राजस्थान में लगभग हर पेपर लीक पर गहलोत का बचाव करते हुए कहा था कि गहलोत जी प्रयास कर रहे है! फिर भी पेपर लीक हो रहे है तो क्या करे?
क्योकि मंशा छात्रहित न होकर सिर्फ छात्रों के नाम पर राजनीति करना हो तो फिर सुझाव कहाँ से आएंगे?
अपनी योग्यता से IIT मद्रास जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक पद पर बैठे प्रोफेसर कामाकोटी वीझिनाथन को गोमूत्र विशेषज्ञ बताकर हंसने लगी जैसे तो सनातन आस्था का मजाक बना रही हो? और गुलाम हिन्दू कांग्रेसी हंस रहे थे।
प्रियंका का कहना कि IIT मद्रास के निदेशक को शिक्षा बारे में क्या पता, अब कोई इनसे पूछे कि वो इस पद पर किसी खानदान में पैदा होने से नही पँहुचे बल्कि शिक्षा के दम पर ही पँहुचे है!
तुम दोनो बहन भाइयों को शिक्षा के बारे में क्या पता? एक खानदान में पैदा होने के अलावा तुम्हारी क्या योग्यता है जो तुम लोगो की लांचिंग ही सीधे राष्ट्रीय पदों पर होती है?
तुम दोनो भाई बहिन कांग्रेस का लीक नही रोक पा रहे तुम से पेपर लीक पर सुझाव की वैसे भी कोई उम्मीद नही है!
कभी नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर अनर्गल आरोप लगाने लगी!
न किसी क्लोज की बात की, न कोई और सुझाव दिया सीधे बोल दिया, नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा। राधाकृष्णन कमेटी भी बनी थी लेकिन उसकी एक भी सिफारिश लागू नहीं की गई।
यहाँ भी साफ झूठ बोला, राधाकृष्ण कमेटी की 60% सिफारिश लागू हो चुकी है!
अभी तक इस मुद्दे पर विपक्ष के किसी वक्ता की तरफ से इस मुद्दे पर कोई सुझाव नही आया, आएगा भी कैसे, इनके पास सुझाव ही होते तो पहले इनकी सरकारों में ही कोई ठोस कानून बन गए होते, पेपर लीक तो पहले भी होते थे लेकिन इन्होंने तो कोई कानून लाने का प्रयास ही नही किया था!
आज सरकार प्रयास कर रही है तो ये लोग इसे सिर्फ सरकार को गरियाने का मुद्दा समझकर चुनावी भाषण दे रहे है, गम्भीर मुद्दे को सदन में मजाक बनाकर रखा है!
प्रियंका वाड्रा ऐसे बोल रही थी जैसे वो देश के मालिक है और दुनिया मे सब लोग उनके आगे तुच्छ है!
उसका मकसद मुद्दे पर गम्भीर चर्चा के बजाय, इस विषय से जुड़े लोगों की मजाक बनाकर तालिया बजवाने और ठहाके लगवाने के अलावा कुछ नही लगा !  

प्रियंका गांधी ने लोकसभा में गौ माता का किया अपमान
दरअसल नीट (NEET) और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड रिफॉर्म टास्क फोर्स का गठन किया है। लोकसभा में इस कार्यबल पर तंज कसते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि इस नई समिति में तो पूर्व आईबी चीफ, एक आईटी कंपनी के मालिक, और एक गौ-मूत्र के विशेषज्ञ भी है। इन्हें शिक्षा के बारे में क्या पता जी। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा के चेहरे पर कुटिल मुस्कान और लोकसभा में बैठे कांग्रेस सांसदों द्वारा मेज थप-थपाकर हंसना साबित करता हैं कि इन्हें सनातन संस्कृति और गौ-माता का अपमान करने में मजा आता है।

प्रियंका गांधी ने वैज्ञानिक वी.कामकोटि का उड़ाया मजाक
प्रियंका गांधी वाड्रा ने जिस गौ मूत्र विशेषज्ञ पर तंज कसा, उनका नाम प्रो.वी.कामकोटि हैं। इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स में देश के चुनिंदा शिक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसमें आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो.वी.कामकोटि का नाम भी शामिल है। प्रो. कामकोटि सिर्फ एक शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘SHAKTI’के विकास का नेतृत्व करने वाले वैज्ञानिक भी हैं।

विकसित किया भारत का पहला स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘SHAKTI’
प्रो. कामकोटि को सबसे ज्यादा पहचान भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर SHAKTI माइक्रोप्रोसेसर परियोजना से मिली। उन्होंने उस रिसर्च टीम का नेतृत्व किया जिसने भारत का पहला स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया। इस परियोजना का उद्देश्य भारत को चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर तकनीक में आत्मनिर्भर बनाना था। आज SHAKTI को देश की महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धियों में गिना जाता है। प्रो.वी.कामकोटि का कंप्यूटर साइंस, साइबर सुरक्षा और टेक्‍नोलॉजी इनोवेशन के क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। ऐसे में अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे NTA की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

आम दिनों में करो महिलाओं का अपमान, चुनावों के वक्त चिल्लाओ ‘नारीवाद’: कांग्रेसी नेताओं की दोगलई फिर उजागर, फेक वीडियो देख उड़ाया पत्रकार का मजाक

                                                                                        साभार: एक्स @NayakRagini, @chitraaum
कांग्रेस पार्टी जिसका नारा रहा है-‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’, लेकिन उसने कभी लड़कियों, महिलाओं की इज्जत को समाज में उछालने में कोई शर्म नहीं की है। पार्टी के नेता कभी सोशल मीडिया पर तो कभी किसी इंटरव्यू में नारी को मजाक का केंद्र बनाते रहे हैं। अब कांग्रेस नेत्री डॉक्टर रागिनी नायक ने भी इसी नीचता में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।

रागिनी नायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आज तक की एंकर और पत्रकार चित्रा त्रिपाठी का एक वीडियो शेयर करते हुए ना सिर्फ उनका अपमान किया है, बल्कि सच्चाई सामने आने के बावजूद अपने पोस्ट को डिलीट नहीं किया है। आईए जानते हैं कि वीडियो में क्या है और कैसे कांग्रेस पार्टी का इतिहास ही हमेशा महिलाओं के अपमान का रहा है।

इस फेक वीडियो में कथित तौर पर चित्रा कहती दिखती हैं, “बलूचिस्तान को देखिए, खैबर पख्तूनख्वा को देखिए।” इस पर पाकिस्तानी कहता है, “चित्रा जी बलूचिस्तान को देखने के लिए जनरल आसिफ मुनीर काफी हैं, मैं तो सिर्फ आपको ही देखूँगा आज, अगर मेरी नजरें आपसे हटी तो 50 किलो मेकअप, जो आप अपने चेहरे पर थोप के आई हैं उसका क्या फायदा?”

इस पर चित्रा कहती हैं, “मेकअप पर टिप्पणी मत करिए, आपके पाकिस्तान में भी खातूने करती हैं मेकअप।” तो वह कहता है, “बिल्कुल पाकिस्तानी औरतें मेकअप करती हैं, मगर अपने खर्चे से, आपके मेकअप का खर्चा तो मोदी जी का है ना।”

वीडियो के साथ रागिनी नायक ने लिखा, “चित्रा – मेरे Makeup पर टिप्पणी मत करिए..पाकिस्तानी खातूनें भी Makeup करती हैं। Pak पैनलिस्ट- बिल्कुल, पाकिस्तानी औरतें Makeup करती हैं, पर अपने खर्चे से..आपके Makeup का खर्चा मोदी जी का है ना। पाकिस्तानियों को शो पर बुला कर, उनके हाथों यूँ जलील होने की क्या मजबूरी है भला???”

अगले ही ट्वीट में रागिनी नायक ने लिखा, “अब चित्रा कह रही हैं कि ये Video Fake है! चलिए अच्छा है! ऐसी बेइज्जती तो भगवान दुश्मन की भी ना कराए!” सोचने वाली बात है कि अगर चित्रा ने ये पुष्टि कर दी है कि वीडियो फेक है और रागिनी यह मान भी रहीं है तो भी अपना पोस्ट हटाया क्यों नहीं।

दरअसल उनका असल मुद्दा तो केवल एक महिला का मजाक उड़ाना था, बेइज्जती करना था। वो भी तब, जब बेइज्जती कर रहा व्यक्ति पाकिस्तान जैसे आतंकी देश का हो। साफ समझा जा सकता है कि नारीवाद के नाम पर चिल्लाने वाली इस पार्टी की नेताओं की मानसिकता क्या है।

इन्होंने ये बातें एक फर्जी वीडियो पर बोली हैं। यानी इन्हें प्रमाणिकता से लेना-देना नहीं होता, पाकिस्तान ही अगर इनके मतलब की बात कर देगा तो ये उसे कोट करके भारतीयों का मजाक उड़ा लेंगे।

रागिनी के साथ अलका लांबा को भी चित्रा त्रिपाठी ने दी नसीहत

कांग्रेस नेत्री लका लांबा ने भी X पर वहीं वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “चित्रा की क्या मजबूरी होगी जो पाकिस्तान के लोगों को अपने चैनल/शो में बुला कर चर्चा करवाने की? और यूँ उनके हाथों जलील होने की ??” अलका लांबा की पोस्ट पर जवाब देते हुए चित्रा ने लिखा, “अलका लांबा जी पाकिस्तान का यूट्यूबर अपने व्यूज बढ़ाने के लिये मेरे वीडियो में काँट छाँट करके फेक न्यूज तैयार करता है। आजतक कभी भी ये व्यक्ति मेरे शो का हिस्सा नहीं रहा।”

चित्रा ने आगे लिखा, “हैरानी होती हूँ जब कांग्रेस के बड़े पद पर बैठी महिला एक न्यूज एंकर के पीछे पड़ जाये, आप लगातार मेरे उपर टिप्पणी करती हैं और मैं इग्नोर करती हूँ। मगर मैडम पाकिस्तानी फेक न्यूज के एजेंडे में मत पड़ें। पाकिस्तान से आपकी मोहब्बत आपका ही नुकसान करेगी।”

मंडी में रं&… रेट सही मिलता है’: कॉन्ग्रेसियों ने कंगना रनौत पर की थी अभद्र टिप्पणी

भाजपा की ओर से हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से अभिनेत्री कंगना रनौत को टिकट मिलने के बाद उनके खिलाफ भी अभद्र टिप्पणियों की बाढ़ आ गई थी। टिप्पणी करने वालों में कांग्रेस के पदाधिकारी और इस्लामी नामों वाले अकाउंट थे।

खुद को नारीवादी और पत्रकार बताने वाली मृणाल पांडे ने एक्स पर लिखा, “शायद यूँ कि मंडी में सही रेट मिलता है?” हालाँकि चौतरफा छीछालेदर के बाद कांग्रेस मुखपत्र नेशनल हेराल्ड की संपादक मृणाल पांडे ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

कांग्रेस की ही राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के अकाउंट से लिखा गया, “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?” यह पोस्ट भी श्रीनेत के अकाउंट से हटा दिया गया है। इस पर सुप्रिया श्रीनेत ने सफाई दी है कि उनके फेसबुक और इन्स्टाग्राम अकाउंट को किसी और का भी एक्सेस था और उसने यह पोस्ट की। उन्होंने कहा है कि वह ऐसा पोस्ट कभी नहीं करती।

सबसे घटिया बात कि कंगना का विरोध करने वालों ने भाषाई स्तर की बिलकुल भी परवाह नहीं की। एक और ट्विटर यूजर ने कंगना की एक फोटो के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

‘भगवा रंग की ब्रा पहन भक्तों को जवाब दें’: पठान के बचाव में कॉन्ग्रेसी उदित राज का बयान

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की फिल्म पठान (Pathaan) में ‘भगवा रंग’ के गाने को लेकर काफी विवाद हुआ था। इस बीच कांग्रेस के नेता उदित राज (Udit Raj) ने नारीवादियों से भगवा रंग की बिकनी और ब्रा पहनने की सलाह दी थी। इसको लेकर वो सोशल मीडिया यूजर के निशाने पर भी आ गए थे।

अक्सर विवादों में रहने वाले भाजपा के पूर्व नेता और वर्तमान में कांग्रेस पार्टी में शामिल उदित राज ने अपने ट्वीट में लिखा था, “स्त्रीवादियों से मेरी सलाह है बिकनी और ब्रा आदि भगवा रंग का ही पहनकर इन भक्तों को जवाब दें।” सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि इसकी शुरुआत उन्हें अपने घर से करनी चाहिए।

वहीं कुछ यूजर ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताया है। एक अन्य यूजर ने लिखा, “जरा अपनी पार्टी के सबसे बड़े लीडर तक यह जवाब पहुँचा तो दो। यह जानबूझकर खाली सुनवाने के लिए यह ट्वीट किया गया लगता है। कसम खा लिए हो जबतक राहुल गांँधी को कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष नहीं बना देते ऐसे ही passive mode में गाली सुनवाते रहेंगे।”

अपनी असली मानसिकता स्वीकारो: नारीवाद को लेकर ढोंग क्यों?

देखा जाए तो कांग्रेस पार्टी को किसी भी महिला की इज्जत से कोई खास फर्क पड़ता नहीं है, तो फिर सवाल ये है कि नारीवाद-नारीवाद चिल्लाने की जरुरत क्या है? ये वहीं पार्टी है, जिसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवगंत माँ को भी नहीं छोड़ा था। पार्टी अपने फायदे के लिए किसी को भी निशाना बना सकती है, चाहे आधार ही झूठा क्यों ना निकल जाए।

जिस पार्टी में देश की आधी आबादी की भी इज्जत ना हो, वह पार्टी, ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ जैसे नारे देकर ऐसे झूठे दिखावे करती है। सब छोड़िए पार्टी की महिला नेत्री भी खुद महिला होकर जब एक महिला की सरेआम बेइज्जती कर सकती हैं, तो फिर पार्टी के अन्य नेताओं से तो महिलाओं की इज्जत की क्या ही उम्मीद करना।

जिस वायनाड ने राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा को ‘शरण’ देकर लोकसभा पहुँचाया, वहाँ एक-एक कर खुद की ही जान क्यों ले रहे कांग्रेस कार्यकर्ता? कांग्रेस ने कराया जॉब स्कैम, बेरोजगारों से की ठगी


केरल के वायनाड जिले में कांग्रेस पार्टी इन दिनों भारी संकट से जूझ रही है। यह वही इलाका है जहाँ पहले राहुल गाँधी सांसद थे और उन्होंने दो बार यहाँ से चुनाव जीता। बाद में उन्होंने सीट छोड़ दी और अपनी बहन प्रियंका गाँधी वाड्रा को यहाँ से सांसद बनवाया। लेकिन अब वायनाड कांग्रेस का गढ़ कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। पार्टी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता लगातार आत्महत्या कर रहे हैं या सुसाइड की कोशिश कर रहे हैं।

इन सब के पीछे जो वजह हैं, वो हैं- पार्टी के अंदरूनी कलह, भ्रष्टाचार, कर्ज के जाल और वादाखिलाफी। कई कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी के काम के लिए करोड़ों का लोन लिया था, पार्टी ने वादा किया था कि पैसे लौटाने में मदद करेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। कर्ज चुकाने के दबाव में पिता-पुत्र ने जान दे दी, अब बहू ने भी सुसाइड नोट लिखकर पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए जान देने की कोशिश की।

कुछ दिन पहले ही एक नेता को फर्जी केस में फँसाया गया, जिसके बाद दूसरे नेता ने जान दे दी। ये घटनाएँ कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। केरल की वायनाड लोकसभा सीट से राहुल-प्रियंका को लगातार चुनाव जिताने के चक्कर में कार्यकर्ता कर्ज के बोझ तले दब गए और अब जान देने को मजबूर हो रहे हैं। पार्टी ने कर्ज चुकाने का वादा किया था, लेकिन पिता-पुत्र की मौत के बाद भी मदद नहीं की। कर्जदार पैसे माँग रहे थे, तो बहू ने सुसाइड नोट में कांग्रेस को कातिल बताया। ये सब पार्टी की खराब व्यवस्था की वजह से हो रहा है। प्रियंका गाँधी ने हाल ही में वायनाड का दौरा किया, लेकिन इन मुद्दों पर चुप्पी साधे रही।

वायनाड में कांग्रेस ने कराया जॉब स्कैम, बेरोजगारों से की ठगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहली बड़ी घटना दिसंबर 2024 की है, जब पूर्व डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमिटी (डीसीसी) ट्रेजरर एनएम विजयन और उनके बेटे जिजेश ने आत्महत्या कर ली। विजयन लंबे समय से कांग्रेस के वफादार कार्यकर्ता थे। उन्होंने पार्टी के काम के लिए करीब 2.5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।

ये कर्ज सुल्तान बाथेरी कोऑपरेटिव बैंक में नौकरियों के नाम पर लिया गया था। उन पर पार्टी के जिलाध्यक्ष एनडी अप्पाचन, पूर्व डीसीसी प्रेसिडेंट आईसी बालाकृष्णन एमएलए, पूर्व ट्रेजरर केके गोपीनाथन मास्टर और अन्य ने घोटाला करने के लिए दबाव डाला। उनसे जॉब के बदले कैश स्कैम कराया। लोग नौकरी के लिए लाखों रुपये देते थे, लेकिन नौकरी नहीं मिली। स्कैम फेल हो गया तो सारा बोझ विजयन पर आ गया।

विजयन ने अपनी संपत्ति गिरवी रख दी, लेकिन कर्ज चुकाने के लिए पैसे नहीं बचे। पार्टी ने वादा किया था कि कर्ज की जिम्मेदारी लेगी, लेकिन सिर्फ थोड़ी मदद की। केरल प्रदेश कांग्रेस कमिटी (केजेपीसीसी) ने कहा कि वो बाइंडिंग एग्रीमेंट नहीं था, सिर्फ मानवीय मदद है। विजयन ने 25 दिसंबर 2024 को जहर खाकर सुसाइड की कोशिश की, उनके बेटे जिजेश ने भी ऐसा ही किया। दोनों 27 दिसंबर को मर गए।

विजयन ने अपने सुसाइड नोट में सीधे अप्पाचन, बालाकृष्णन और गोपीनाथन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा कि इन नेताओं ने उन्हें फँसाया और अब मदद नहीं कर रहे। परिवार का कहना है कि विजयन ने पार्टी के लिए सब कुछ किया, लेकिन बदले में धोखा मिला।

पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर एमएलए बालाकृष्णन और तीन अन्य पर एबेटमेंट टू सुसाइड का केस दर्ज किया। लेकिन पार्टी ने इन नेताओं को अभी तक कोई सजा नहीं दी। परिवार आज भी कर्ज के बोझ तले दबा है। विजयन के बेटे ने कहा कि पिता ने पार्टी को बचाने के लिए खुद को झोंक दिया, लेकिन पार्टी ने पीठ दिखा दी। ये केस दिखाता है कि कैसे कांग्रेस पार्टी के अंदर के भ्रष्टाचार ने विजयन और उनके बेटे की जान ले ली।

बदनामी से परेशान नेता को देनी पड़ी जान

दूसरी घटना 12 सितंबर 2025 की है, जिसमें मुल्लानकोली पंचायत सदस्य जोस नेलेडम ने आत्महत्या कर ली। जोस कांग्रेस के स्थानीय नेता थे और मुल्लानकोली ग्राम पंचायत के वॉर्ड मेंबर थे। उनकी मौत पार्टी के अंदरूनी कलह की वजह से हुई।

दरअसल, कुछ दिन पहले जुलाई में एक डेवलपमेंट सेमिनार में डीसीसी प्रेसिडेंट अप्पाचन पर हमला हुआ था। ये फैक्शनल फाइट का नतीजा था। उसके बाद कनत्तुमालयिल थंकाचन, जो मारक्काडावु के लोकल कॉन्ग्रेस नेता हैं, को अवैध शराब और कंट्री बॉम्ब्स के केस में गिरफ्तार किया गया। थंकाचन 17 दिनों तक जेल में रहे। बाद में पुलिस ने कोर्ट में कहा कि केस फर्जी था और थंकाचन को रिहा कर दिया।

थंकाचन ने आरोप लगाया कि अप्पाचन गुट ने उन्हें फंसाया, जिसमें जोस भी शामिल थे। इसके बाद जोस पर साइबर अटैक शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर उन्हें बदनाम किया गया, अपमानित किया गया। जोस ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया। सुसाइड से पहले जोस ने जहर खाया, कलाई काटी और तालाब में कूद गए। पड़ोसी ने उन्हें पाया और हॉस्पिटल ले गए, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।

सुसाइड नोट में जोस ने लिखा, “पार्टी ने संकट में साथ नहीं दिया, साइबर अटैक ने तोड़ दिया।” डीसीसी प्रेसिडेंट अप्पाचन ने माना कि पार्टी के अंदर ताकतें जिम्मेदार हैं। लेकिन पार्टी ने इसे कवर-अप करने की कोशिश की। मलयाला मनोरमा और मथ्रुभूमि जैसे अखबारों में जोस के नोट को छिपाया गया। ये सब कुछ प्रियंका गाँधी के वायनाड दौरे के समय हुआ, लेकिन उन्होंने चुप्पी साधे रखी।

विजयन की परेशान बहू ने दी जान देने की कोशिश

वायनाड की तीसरी घटना 13 सितंबर 2025 की है, जब एनएम विजयन की बहू पद्मजा ने सुसाइड की कोशिश की। पद्मजा 2024 में आत्महत्या कर लेने वाले विजयन की बहू हैं। उन्हें उनका बेटा प्राइवेट हॉस्पिटल ले गया।

सुसाइड नोट में पद्मजा ने लिखा, “किलर कांग्रेस, यहाँ एक और विक्टिम।” उन्होंने कहा कि पार्टी ने कर्ज नहीं चुकाया, जिसकी वजह से परिवार टूट रहा है। पद्मजा ने 12 सितंबर को मीडिया से कहा था कि पार्टी ने 30 जून 2025 तक 2.5 करोड़ का कर्ज चुकाने का वादा किया था, लेकिन सिर्फ 20 लाख दिए।

पद्मजा ने एमएलए टी सिद्दीक पर भी आरोप लगाया कि वो लिखित वादों को पूरा नहीं कर रहे। अस्पताल बिल तक के पैसे नहीं दे रहे। प्रियंका गाँधी ने परिवार को सपोर्ट का आश्वासन दिया था, लेकिन 13 सितंबर को वायनाड विजिट के दौरान भी नहीं मिलीं। पद्मजा ने पूछा, “क्या हमें मरना पड़ेगा तभी कांग्रेस को आँखें खुलेगी?”

                                            अस्पताल में पद्मजा (फोटो साभार: Deshabhimani)

पद्मजा ने एक ऑडियो क्लिप जारी की, जिसमें थिरुवनचूर राधाकृष्णन कह रहे हैं कि पार्टी को कर्ज चुकाना चाहिए था। लेकिन पार्टी कह रही है कि कुछ कर्ज सेटल हो गया। ये सुसाइड अटेम्प्ट ने वायनाड में विरोध प्रदर्शन भड़का दिए।

आत्महत्या के कम से कम 5 मामले, लेकिन राहुल-प्रियंका ने साधी चुप्पी

वायनाड में कांग्रेस का ये संकट नया नहीं है। पिछले दशक में कम से कम पाँच कार्यकर्ताओं ने आत्महत्या की है। 2015 में पीवी जॉन, मनांथावादी ब्लॉक कांग्रेस कमिटी के प्रेसिडेंट ने पार्टी ऑफिस में ही फाँसी लगा ली थी। वो लोकल बॉडी इलेक्शन में हार के बाद अपमानित हो रहे थे। इसके अलावा साल 2023 में राजेंद्रन नायर ने सुसाइड किया, क्योंकि कांग्रेस कंट्रोल्ड प्राइमरी कोऑपरेटिव बैंक पुलप्पल्ली में उनके लैंड डॉक्यूमेंट्स का दुरुपयोग करके लोन लिया गया। पूर्व डीसीसी प्रेसिडेंट केएल पौलोस और जनरल सेक्रेटरी केके अब्राहम पर केस हैं। ये सभी घटनाएँ फैक्शनल फाइट, भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी से जुड़ी हैं।

                                   पीवी जॉन, NM विजयन और बेटा जितेश (फोटो साभार: OnManorama)

प्रियंका बदलना चाहती हैं नेता, इतनी जान लेने बाद

प्रियंका गाँधी ने वायनाड की हालत पर नाराजगी जताई है। उन्होंने केपीसीसी से रिपोर्ट माँगी और डिस्ट्रिक्ट लीडरशिप चेंज की माँग की। अप्पाचन को हटाने की बात चल रही है। हटाए जाने वाले नामों में टीजे आइजैक और केई विनयान शामिल हैं। प्रियंका ने कहा कि मंडक्कई-चूरालमाला लैंडस्लाइड विक्टिम्स के लिए हाउसिंग प्रोजेक्ट में देरी हो रही है, क्योंकि डीसीसी साथ नहीं दे रही है। वो फंड्स जुटाने को तैयार थीं, लेकिन लोकल लीडर्स ने काम नहीं किया।

अंडरवर्ल्ड गैंग जैसी हो गई है कांग्रेस 

विपक्षी सीपीएम कह रहा है कि कांग्रेस अंडरवर्ल्ड गैंग जैसी हो गई है। सीपीएम लीडर एमवी जयराजन ने विजयन परिवार का कर्ज चुकाने का ऐलान किया। मंत्री वी शिवंकुट्टा ने कहा कि कांग्रेस मर्डर, सुसाइड एबेटमेंट और वायलेंस का प्रतीक है।

इन सबके बीच, कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हैं। एक नेता ने कहा कि पार्टी ने अपना मास बेस खो दिया। केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पंचायत इलेक्शन की तैयारी कर रहा है, लेकिन ये सुसाइड्स ने पार्टी को पैरालाइज्ड कर दिया।

कांग्रेस को अब अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी होगी। कार्यकर्ता जो पार्टी के लिए जान देते हैं, उन्हें धोखा नहीं मिलना चाहिए। वायनाड जैसे ट्रेडिशनल स्ट्रॉन्गहोल्ड में ये संकट पार्टी की साख को बर्बाद कर रहा है। समाज को ऐसी पार्टी से उम्मीद नहीं करनी चाहिए जो अपने ही लोगों को मार डालती है। ये समय है कि कांग्रेस आँखें खोले और सुधार करे, वरना वायनाड में उनका गढ़ ढह जाएगा।

हमास आतंकियों के लिए बैटिंग कर रही प्रियंका गाँधी को रेवुएन अजार, इजरायल के राजदूत, ने किया बोल्ड

    इजरायल के राजदूत ने प्रियंका को दिया करारा जवाब ( फोटो साभार- x @priyankagandhi @reuvenazar)
देश की सुरक्षा और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस आखिर आतंकियों को क्यों संरक्षण देकर जनता को गुमराह कर रही है? कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या देश की सुरक्षा और संविधान देश में आतंक कर बेगुनाहो के खून की होली खेलने वालों की बात करता है? यदि नहीं फिर क्यों आतंकी चाहे कहीं का हो क्यों समर्थन करती है?   

कांग्रेस की नीति इजरायल विरोध की रही है। ईरान युद्ध हो या फिलिस्तीन से जंग, 
कांग्रेस हमेशा केन्द्र को इजरायल के खिलाफ कदम उठाने की नसीहत देती है। कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा ने इजरायल के बहाने केन्द्र सरकार को घेरने की कोशिश की है। उन्होंने इजरायल पर फिलिस्तीन के नरसंहार का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि केन्द्र सरकार इस पर चुप क्यों है?

जब हमास द्वारा स्कूलों और हॉस्पिटलों में बनाए ठिकानों पर बमबारी करने पर यह कहना कि इजराइल बेकसूर नागरिकों को मार रहा है। हमास को दोष नहीं दिया जा रहा कि क्यों स्कूल और हॉस्पिटलों में ठिकाने बना रहा है? 

प्रियंका के बयान को इजरायल के राजदूत रेवुएन अजार ने कहा, ” आपकी धुर्तता कितनी शर्मनाक है। इजरायल ने 25,000 हमास आतंकवादियों को मारा। मानव जीवन को हुई क्षति के लिए हमास की घिनौनी रणनीति जिम्मेदार है। नागरिकों के पीछे छिप कर कायराना हमला, पलायन करने वालों पर गोली चलाना और रॉकेट दागना हमास कर रहा है।”

इजरायल के राजदूत ने ये भी कहा है कि इजरायल ने गाजा में 20 लाख टन खाद्य सामग्री पहुँचाई। हमास ने उसे जब्त करने की कोशिश की, जिससे भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले 50 सालों में गाजा की आबादी 450% बढ़ी है। वहाँ कोई नरसंहार नहीं हुआ है। हमास के आँकड़ों पर यकीन मत कीजिए।

इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा ने कहा, “इजरायल नरसंहार कर रहा है। उसने 60,000 से ज़्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे। सैकड़ों लोगों को भूख से मरने के लिए मजबूर किया गया। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं। लाखों लोगों को भूखा मारने की धमकी दी जा रही है।”

केन्द्र सरकार पर इस मामले में निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए प्रियंका गाँधी ने कहा, “चुप्पी साधकर और निष्क्रियता से अपराधों को बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराध है। यह शर्मनाक है कि भारत सरकार चुप बैठी है जबकि इजरायल फिलिस्तीन के लोगों पर तबाही मचा रहा है।”

दरअसल कॉन्ग्रेस ने 9 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायली हमले के दूसरे दिन खुले तौर पर फिलिस्तीनियों के समर्थन में प्रस्ताव पास किया था। इसमें फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों का समर्थन किया था।

प्रस्ताव में कहा गया था कि CWC फिलिस्तीनी लोगों के जमीन, स्वशासन और आत्मसम्मान एवं गरिमा के साथ जीवन के अधिकारों के लिए अपने दीर्घकालिक समर्थन को दोहराती है। लेकिन इस प्रस्ताव में हमास के आतंकी हमले का जिक्र तक नहीं किया गया था। कॉन्ग्रेस की नीति में इजरायल का विरोध शुरू से नजर आता है। लेकिन भारत की विदेश नीति निस्पक्ष रही है। इसके तहत बगैर भेदभाव के मानवीय आधार पर सहायता भारत करता रहा है।

सेना के अपमान पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गाँधी को लताड़ा, न्यायपालिका पर झुंड बना कर INDI गठबंधन टूटा: प्रियंका बोलीं- जज नहीं करेंगे तय

                          प्रियंका गाँधी ने राहुल गाँधी का बचाव करते हुए सुप्रीम कोर्ट पर उठाए हैं सवाल
सेना पर आपत्तिजनक बयान मामले में राहुल गाँधी को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा है। इसके बाद कांग्रेस अब सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ ही खड़ी हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गाँधी ने न्यायपालिका को घेरने का प्रयास किया है। उन्होंने एक तरह से यह इशारा कर दिया है कि जज राहुल गाँधी पर टिप्पणी नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस के साथ ही बाक़ी विपक्षी दल भी सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ लामबंद हैं।

आखिरकार INDI गठबंधन ने अपने औकात दिखा ही दी कि उन्हें देश नहीं अपनी कुर्सी प्यारी है। और उस कुर्सी तक पहुँचने के लिए किसी को भी नीचा दिखा जनता को पागल बनाते रहेंगे? INDI गठबंधन में क्या राहुल से यह पूछने की हिम्मत है कि आखिर चीन के साथ क्या MoU किया है? इस मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को संसद में राहुल से इस MoU के बारे में सख्ती पूछना चाहिए।  

प्रियंका गाँधी ने क्या कहा?

प्रियंका गाँधी ने मंगलवार (5 अगस्त,2025) को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट के जजों का पूरा सम्मान रखते हुए मैं ये कहना चाहती हूँ कि वे यह तय नहीं करेंगे कि सच्चा भारतीय कौन है।”
उन्होंने आगे कहा, “विपक्ष के नेता के नाते सरकार से सवाल पूछना उनका (राहुल गाँधी) कर्तव्य है। मेरे भाई कभी भी सेना के खिलाफ नहीं बोलेंगे, वह उनके प्रति बहुत सम्मान रखते हैं। उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया।”

INDI ब्लॉक ने भी सुप्रीम कोर्ट का किया अपमान

कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने एक X पोस्ट में लिखा, “आज सुबह इंडी गठबंधन के नेताओं की बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के एक वर्तमान न्यायाधीश द्वारा राहुल गाँधी जी पर की गई टिप्पणी पर चर्चा हुई।”
श्रीनेत ने आगे लिखा, “इंडी गठबंधन के सभी घटक दल इस बात से सहमत हैं कि वर्तमान न्यायाधीश ने एक ऐसी टिप्पणी की है जो राजनीतिक दलों के लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध है। राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर टिप्पणी करना राजनीतिक दलों, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष का दायित्व है।”
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय माकन ने भी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं। माकन ने एक X पोस्ट में लिखा, “राहुल गाँधी जी और कांग्रेस पार्टी लगातार चीन के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछ रही है, यह हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है… राहुल गाँधी की आवाज़ दबाने की हर कोशिश, सरकार की विफलताओं और उनके डर को उजागर करती है। ओ माई लार्ड।”

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार(4 अगस्त) को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने राहुल गाँधी की याचिका पर सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राहुल गाँधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा था, “आपको कैसे पता चला कि चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया है? क्या आप वहाँ थे?
कोर्ट ने आगे कहा, “आपके पास कोई विश्वसनीय जानकारी है? आप बिना किसी सबूत के ये बयान क्यों दे रहे हैं…अगर आप सच्चे भारतीय होते, तो ये सब नहीं कहते।”
सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि अगर वह प्रेस में छपी ये बातें नहीं कह सकते तो वह विपक्ष के नेता नहीं हो सकते। तो इस पर जस्टिस दत्ता ने पूछा, “आपको जो कुछ भी कहना है, संसद में क्यों नहीं कहते? आपको सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसा क्यों कहना पड़ता है?”

क्या था मामला?

यह मामला लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी की चीन पर भारत के कब्जे और भारतीय सैनिकों के चीनी सैनिकों द्वारा ‘पीटे जाने’ की टिप्पणी से जुड़ा था। उन्होंने कहा था, “लोग भारत जोड़ो यात्रा, अशोक गहलोत और सचिन पायलट वगैरह के बारे में तो पूछेंगे ही। लेकिन चीन द्वारा 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय ज़मीन पर कब्ज़ा करने, 20 भारतीय सैनिकों को पीटने और अरुणाचल प्रदेश में हमारे सैनिकों की पिटाई के बारे में एक भी सवाल नहीं पूछेंगे।”

राहुल के इस बयान के बाद सीमा सड़क संगठन के एक अधिकारी ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में केस दर्ज करने से मना कर दिया था जिसके बाद राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था

पीएम मोदी ने भी किया SC की टिप्पणी का जिक्र

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए की संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट की राहुल गाँधी पर की गई टिप्पणी की जिक्र किया है। पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कल लगाई गई फटकार से बड़ी कोई फटकार नहीं हो सकती है।

उन्होंने कहा, “हम क्या कहें, जब सुप्रीम कोर्ट ने ही कह दिया… ये तो पत्थर मारना ही नहीं, ये ‘आ बैल मुझे मार’ वाली स्थिति है।”

NEET पर जिस आयुषी पटेल के दावों को प्रियंका गाँधी ने दी हवा, उसके दस्तावेज फर्जी: कहा था- NTA ने रिजल्ट नहीं दिया, हाई कोर्ट में झूठी साबित हुई

आयुषी पटेल (बाएँ) का वीडियो प्रियंका गाँधी ने भी साझा किया था (साभार : Sunday Gurdian & @Horizonnews07)
लखनऊ की रहने वाली एक छात्रा आयुषी पटेल ने हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर आरोप लगाया गया था कि एजेंसी ने उनका NEET परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया। आयुषी का आरोप था कि उनकी OMR शीट को NTA द्वारा फटा बताया गया। इसको लेकर आयुषी पटेल ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी। अब आयुषी पटेल के सभी आरोप कोर्ट में झूठे साबित हुए हैं। आयुषी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर NTA पर यह आरोप लगाए थे।

मंगलवार (18 जून, 2024) को इलाहाबाद हाई कोर्ट में इस मामले पर हुई सुनवाई में आयुषी पटेल झूठी साबित हुई हैं। NTA ने आयुषी पटेल की असली OMR शीट भी कोर्ट के सामने रख दी जिसे आयुषी ने भी स्वीकार किया। इस OMR शीट के अनुसार, आयुषी के 720 में से 355 नम्बर हैं।

 इलाहाबाद हाई कोर्ट में झूठी साबित होने के बाद आयुषी पटेल ने अपनी याचिका भी वापस लेने का अनुरोध किया। कोर्ट ने NTA को छूट दी है कि वह आयुषी पटेल के खिलाफ नियमानुसार एक्शन ले। कोर्ट ने यह याचिका भी खारिज कर दी। आयुषी पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी का भी मामला बन रहा है।

दरअसल, NEET परिणाम जारी होने के बाद आयुषी पटेल ने दावा किया था कि उसका परिणाम नहीं जारी किया। आयुषी ने दावा किया था कि जब उन्होंने इस संबंध में NTA को इमेल भेज कर शिकायत की तो उन्हें एक फटी OMR शीट की फोटो भेजी गई और इसी आधार पर उनका परिणाम रोक लिया गया। आयुषी ने इसके बाद एक वीडियो बनाया था जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। आयुषी पटेल के लिए न्याय की माँग की जा रही थी।

NTA ने इसको लेकर स्पष्ट किया था कि उसने आयुषी पटेल को कोई OMR शीट नहीं भेजी है। दूसरी तरफ आयुषी ने जिस फटी OMR शीट के आधार पर NTA पर आरोप लगाए थे उसका नम्बर और आयुषी पटेल की असली OMR शीट का नम्बर भी अलग निकला।

कोर्ट में भी यह बात कही गई कि आयुषी ने NTA की तरफ से सामने रखी गई OMR शीट को अपनी माना है लेकिन वह फिर भी दूसरे नम्बर वाली OMR शीट के आधार पर अपना परिणाम ना दिए जाने का दावा कर रही थीं। आयुषी पटेल ने कोर्ट के समक्ष यही फर्जी दस्तावेज रख कर याचिका लगाई थी।

आयुषी पटेल ने इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार NTA NEET परीक्षा में घोटाले का आरोप लगाया था और खूब सिम्पथी बटोरी थी। आयुषी पटेल का वीडियो कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने भी बिना तथ्यों का मिलान किए एक्स पर डाला था। प्रियंका गाँधी ने इसके जरिए सरकार पर हमला बोला था। हालाँकि, अब जब आयुषी पटेल का दावा झूठा निकला है, तब उन्होंने कोई भी ट्वीट नहीं किया।

गौरलतब है कि हाल ही में NEET परीक्षा का परिणाम NTA ने जारी किया था। इसको लेकर देश भर के कई छात्रों ने प्रश्न उठाए थे। कुछ जगहों पर परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं। इस मामले को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

क्या 4 जून के बाद 2 हिस्सों में टूट जाएगी कांग्रेस? क्या कांग्रेस इतिहास बन जाएगी?


राजनीति और लोकतंत्र में आरोप लगाना कोई गलत बात नहीं, लेकिन उन आरोपों का आधार होना चाहिए। जब आधारहीन आरोप लगाने में समस्त विपक्ष लामबंद नहीं हुआ, बल्कि अपना ही अस्तित्व ख़त्म कर रहे हैं। माना जिन दिनों तुम्हारी तूती बोलती थी, तुमने लगभग 5 अरबों वर्षों से प्राचीन सनातन और गौरवशाली इतिहास को धूमिल एवं कलंकित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आतताई गाज़ियों को महान मुग़ल बादशाह बताकर मुस्लिम तुष्टिकरण की हर पराकाष्ठा को तार-तार करने में शर्म नहीं आयी। भारत में कम्युनिस्ट पार्टी एक अपवाद को छोड़ जितनी भी पार्टियां हैं, सभी कांग्रेस के ही गर्भ से जन्मी हैं, चाहे बीजेपी हो। लेकिन राष्ट्रवाद के मुद्दे को लेकर बनी तत्कालीन भारतीय जनसंघ वर्तमान भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस होश में नहीं आयी। 

परिवार भक्त उस समय भी अंधे हो गए, जब सोनिया गाँधी को अध्यक्ष बनाने के लिए तत्कालीन अध्यक्ष सीताराम केसरी को पार्टी ऑफिस से बाहर फेंक दिया था, उस दिन कांग्रेस ने इतिहास बनने का अध्याय लिख दिया था। तब से देख लो कांग्रेस बैसाखियों पर आ गयी। और अब 2024 लोक सभा चुनाव कांग्रेस के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह लगाने जा रहा है। यह भी अटकलें लगाई जा रही है हैं कि कांग्रेस अपना राष्ट्रीय स्तर का स्थान बनाए रखने में सक्षम होगी?   

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे 4 जून को आएँगे, लेकिन उसके बाद देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के बुरे दिन शुरू हो जाएँगे। गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे नेता ने दावा किया है कि 4 जून के बाद कांग्रेस पार्टी दो हिस्सों में टूट सकती है। ऐसा होने पर कांग्रेस के एक धड़े का नेतृत्व राहुल गाँधी करेंगे, तो दूसरे धड़े का नेतृत्व प्रियंका गाँधी वाड्रा। ये दावा किया है प्रियंका गाँधी वाड्रा के बेहद करीबी रहे नेता प्रमोद कृष्णम ने, जिन्हें कांग्रेस पार्टी से 6 साल के लिए निकाला जा चुका है।

प्रमोद कृष्णम ने दावा किया राहुल गाँधी ने रायबरेली से प्रियंका गाँधी की जगह खुद को चुनाव मैदान में उतार कर बड़ी गलती कर दी है, इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। ये नाराजगी 4 जून के बाद खुलकर सामने आ जाएगी, जब पार्टी दो हिस्सों में टूट जाएगी। 

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्रमोद कृष्णम ने ये दावा किया है। प्रमोद कृष्णम ने दावा किया है कि प्रियंका गाँधी वाड्रा के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के भीतर एक साजिश हो रही है, जिसका वो शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का एक बड़ा धरा नहीं चाहता है कि प्रियंका गाँधी संसद के अंदर पहुँचें। इससे पहले भी आचार्य प्रमोद कृष्णम प्रियंका गाँधी का खुलकर समर्थन कर चुके हैं

   

 https://youtube.com/shorts/XqFL8r6iUw0?si=Shlw1g-TZJ0pkxCv

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गाँधी के अमेठी छोड़ने के बाद रायबरेली से लड़ने के फैसले को गलत फैसला बताया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जब राजा मैदान छोड़कर कर भाग जाता है, तो सेना हार मान लेती है। अभी देखना कांग्रेस पार्टी के बहुत नेता भागेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपमान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा राहुल गाँधी को ये भी नहीं पता होगा द्वारिका कहाँ है? द्वारिकाधीश कौन हैं? उनको तो केवल दिल्ली की द्वारिका का ही पता है।

प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राहुल गाँधी ने प्रियंका गाँधी के खिलाफ साजिश रची है। इसकी वजह से 4 जून के बाद कांग्रेस में एक और टूट होगी। एक कांग्रेस होगी राहुल गाँधी की और एक होगी प्रियंका गाँधी की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अंदर ज्वालामुखी धधक रहा है। इस पूरे षडयंत्र के बारे में प्रियंका गाँधी को जानकारी है।

शायद यही कारण है कि इस चुनाव में प्रियंका प्रचार करेंगी, चुनाव नहीं लड़ रही। राहुल से तेज प्रियंका नज़र आ रही है। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। यानि अब पछताए क्या होय जब चिड़ियाँ खेत चुग जाएं। अब प्रियंका को जनता को इस ज्वलंत प्रश्न का भी जवाब देना पड़ेगा कि जिस अपने पिता राजीव की हत्या को बलिदान की संज्ञा क्यों दी जा रही है? क्यों पिता के हत्यारों को माफ़ किया? क्या कोई अपने पिता के हत्यारों को माफ़ करता है? क्या इस हत्या के पीछे कोई पारिवारिक षड़यंत्र था?     

‘प्रियंका गाँधी ने मेरे पति से कहा- अदिति सिंह के चरित्र को बदनाम करो, तब दूँगी टिकट’: रायबरेली की विधायक का खुलासा

कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने प्रियंका गाँधी को लेकर किया खुलासा
रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गाँधी को लेकर बड़ा दावा किया है। असल में अदिति सिंह और भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ANI की स्मिता प्रकाश के साथ एक पॉडकास्ट शूट किया। इस पॉडकास्ट में अदिति सिंह ने ये भी बताया कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में गाँधी परिवार भी ज़्यादा अकड़ है। अदिति सिंह ने ये भी बताया कि जब वो 2017 में पहली बार विधायक बनी थीं तो संयोग से राहुल गाँधी से भी उनकी मुलाकात हुई थी।

अदिति सिंह ने बताया कि उस दौरान राहुल गाँधी ऐसे दिख रहे थे जैसे उन्हें किसी चीज की खबर न हो और कोई जानकारी न हो। बकौल अदिति सिंह, राहुल गाँधी उस दौरान उनसे पूछा कि उत्तर प्रदेश में हमारे पास कितने विधायक हैं? अदिति सिंह ने जवाब दिया – सात। बकौल महिला विधायक, इसके बाद राहुल गाँधी ने अपना सिर ऊपर की तरफ उठाया और जोर से हँसने लगे। अदिति सिंह उस समय चौंक उठी थीं। अदिति सिंह ने इस दौरान ये खुलासा भी किया कि अंगद सिंह से उनका तलाक हो चुका है।

अंगद सिंह पंजाब के नवाँशहर (शहीद भगत सिंह नगर) से विधायक थे। वो भी 2017 में ही पहली बार MLA चुने गए थे। वो तब कांग्रेस में हुआ करते थे। अदिति सिंह ने बताया कि टिकट बँटवारे के दौरान प्रियंका गाँधी ने उनके तत्कालीन पति के सामने शर्त रखी थी कि वो अपनी पत्नी अदिति सिंह के चरित्र पर लाँछन लगाएँ, तभी उन्हें टिकट दिया जाएगा। बता दें कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में वो निर्दलीय उतरे थे और उनकी हार हुई थी। अदिति सिंह का परिवार कांग्रेसी रहा है, लेकिन उन्होंने 2021 में बगावत के बाद भाजपा का दामन थामा था।

अदिति सिंह का कहना है कि उनके पूर्व पति को उनके खिलाफ अपमानजनक बयान देने के लिए कहा गया। अदिति और अंगद, दोनों ही बड़े राजनीतिक घरानों से आते हैं। उनके पिता अखिलेश कुमार सिंह 24 वर्षों तक विधायक बने, वो लगातार 5 बार चुने गए। उनकी बेटी दूसरी बार विधायक हैं। वहीं अंगद सिंह के दादा दिलबाग सिंह 6 बार नवाँशहर के विधायक रहे। अंगद के पिता प्रकाश सिंह और माँ गरिकबाल कौर भी एक-एक बार विधायक रह चुकी हैं।

2022 में अंगद सिंह ने भी बताया था कि उन पर उनकी पत्नी के खिलाफ जाने का दबाव है। निर्दलीय नामांकन दर्ज कराते समय उन्होंने बताया था कि अदिति सिंह के साथ उनकी शादी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया, ताकि उन्हें टिकट से वंचित किया जा सके। अंगद ने बताया कि उन्हें उन्हें ऐसा महसूस कराया गया जैसे उन्होंने कोई अपराध कर दिया हो। उन्होंने बताया था कि उन पर अदिति सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया में पोस्ट लिखने का दबाव बनाया गया, जबकि तब वो 15 महीने से अलग रह रहे थे।

महिला विरोधी कांग्रेस: दिग्विजय सिंह ने पहले तो महिला नेता को पागल औरत कहकर किया अपमानित फिर गार्ड से कहा- बाहर निकलो, वायरल वीडियो

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के रहते भी पार्टी में महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है। ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा सिर्फ प्रियंका वाड्रा के भाषणों तक ही है। कांग्रेस की ‘कथनी और करनी’ में बड़ा फर्क है। कांग्रेस नेता महिला हितैषी होने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन महिलाओं का अपमान करने का कोई मौका नहीं चूकते हैं। यहां तक कि महिलाओं के प्रति घटिया सोच भी रखते हैं। कांग्रेसी महिला विरोधी मानसिकता की एक झलक आप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भी देख सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी के करीबी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक महिला को डांट-डपट रहे हैं। दिग्विजय सिंह उस महिला को पागल औरत कहकर संबोधित कर रहे हैं। इतना ही नहीं दिग्विजय सिंह अपने सुरक्षा गार्ड से कहते हैं कि बाहर निकालो इस पागल को, यह औरत पागल हो चुकी है।

डॉक्टर लीना शर्मा नाम की यह महिला कांग्रेस कार्यकर्ता है और 21 फरवरी को दिग्विजय सिंह जब ग्वालियर चंबल अंचल के दौरे पर थे तो उनसे मिलने पहुंची थी। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की लेकिन डॉक्टर लीना शर्मा को देखते ही वो भड़क उठे और गार्ड से बाहर निकालने को कहने लगे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को शेयर कर कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर तंज कस रहे हैं।

 आइए आपको दिखाते हैं कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा। कांग्रेस नेताओं की हरकतों से साफ हो जाएगा कि कांग्रेस की नजर में महिलाओं की क्या हैसियत है और वे किस तरह महिलाओं का अपमान करते हैं…

अकेला आदमी रेप नहीं कर सकता- पीड़िता की शिकायत पर कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता महिलाओं के प्रति घटिया सोच भी रखते हैं। ताजा मामला कर्नाटक के कांग्रेस नेता अमरेगौड़ा पाटिल का है। उन्होंने रेप पीड़िता को लेकर विवादित बयान दिया। अमरेगौड़ा पाटिल से जब उनके एक सहयोगी संगनगौड़ा पाटिल के खिलाफ बलात्कार की शिकायत की गई तो उन्होंने पीड़ित परिवार को चुप रहने हिदायत देते हुए कहा कि एक अकेला आदमी रेप नहीं कर सकता, इसके लिए कम से कम 2-3 लोग चाहिए। अमरेगौड़ा का ये ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल ऑडियो में अमरेगौड़ा पाटिल कहते हैं कि ‘एक महिला का रेप करने के लिए आपको कम से कम दो-तीन लोगों की जरूरत होती है। इस दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं है जो अकेले में किसी का रेप कर सके। मुझे दिखाओं। चाहे वह कितना भी ताकतवर क्यों न हो, कोई भी ऐसा नहीं कर सकता।’ इतना ही नहीं अपने सहयोगी का बचाव करते हुए अमरेगौड़ा यह भी कहते हैं कि ‘वह बलात्कार कैसे कर सकता है? वह जरूर चिल्लाई होगी। कोई एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता। इसके लिए दो हाथों की जरूरत होती है। आप एक तंदरूस्त आदमी लाओ, और मैं एक महिला भेजूंगा, उससे पूछो। उसका बलात्कार करो, देखते हैं।’

दलित महिला नेता अर्चना गौतम के साथ हुई बदसलूकी
कांग्रेसियों ने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की पोस्टर गर्ल और दलित महिला नेता अर्चना गौतम से बदसलूकी और मारपीट कर महिला विरोधी होने का प्रमाण दिया है। अर्चना गौतम ने हाल ही में जो आपबीती सुनाया है, वह काफी हैरान करने वाला है। इससे पता चलता है कि कांग्रेसी महिलाओं से कितना नफरत करते हैं। महिलाएं उनके लिए सिर्फ मनोरंजन और वोट का साधन हैं और मकसद पूरा होते ही फेंक देते हैं।

 

कांग्रेस मुख्यालय में दलित महिला नेता और उसके बुजुर्ग पिता से मारपीट 
रियलिटी टीवी शो बिग बॉस से मशहूर हुईं अर्चना गौतम का एक वीडियो सोशिल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो चिल्लाती हुई और भागती हुई नजर आती है। अर्चना के साथ कुछ लोग धक्का-मुक्की कर रहे हैं। दौड़ा-दौड़ाकर मारपीट कर रहे हैं। इस वीडियो में ऑफिस में दोबारा नहीं आने की धमकी देते हुए सुना जा सकता है। अर्चना के साथ उनके बुजुर्ग पिता गौतम बुद्ध भी थे, जो अर्चना को बचाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई, जिसकी वजह से वो सड़क पर गिर पड़े। सड़क पर हो रहा यह हंगामा किस जगह पर हुआ, इसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। यह हंगामा दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हुआ। अर्चना और उसके पिता सड़क पर पार्क की गई गाड़ियों के बीच खुद को बचाते हुए नजर आए।

 

मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मदद नहीं की- अर्चना
जब इस घटना को लेकर अर्चना गौतम से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को कांग्रेस मुख्यालय में उनके बाल खींचे गए और सड़क पर मेरे साथ रेप की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की गई थी। मैं मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अर्चना गौतम ने बताया कि उन्हें कांग्रेस कार्यालय के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हमें बताया गया कि ऊपर से आदेश है कि आपको अंदर जाने की अनुमति नहीं है। मैं इसकी वजह जानने की कोशिश की। लेकिन मेरे साथ बदसलूकी की गई। मैं वहां से किसी तरह बचकर निकली। मैं महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद बधाई देने गई थी। मुझे उम्मीद था कि मेरा अच्छे से स्वागत किया जाएगा, क्योंकि बिग बॉस खत्म होने के बाद मैं कार्यालय नहीं गई थी। मेरे कार्यालय पहुंचते ही कुछ महिलाएं सामने आ गईं और मेरा विरोध करने लगीं। उन्हें मेरा अपमान करने के लिए खास तौर पर भेजा गया था।

  

प्रियंका गांधी के पीए संदीप कुमार महिलाओं की इज्जत नहीं करते- अर्चना
अर्चना गौतम ने संदीप कुमार पर महिलाओं की इज्जत नहीं करने का आरोप लगाया। अर्चना ने कहा कि संदीप की पार्टी में प्रभाव और ताकत की वजह से महिलाएं उसके खिलाफ आवाज तक नहीं उठाती। जो भी आवाज उठाता है, उसको बाहर कर दिया जाता है। अर्चना ने आगे कहा कि संदीप सिंह जैसों की छाती पर बैठकर मूंग दलने का काम करूंगी और उसका हर चिट्ठा खोलूंगी। उसका सबूत मेरे पास हैं। संदीप सिंह ने जो घोटाले किए हैं, जो झूठ बोला है, उसका पर्दाफाश करूंगी। मैंने संदीप के शिकायत के लिए प्रियंका वाड्रा से मिलने के लिए गई थी, लेकिन संदीप ने उन्हें मिलने नहीं दिया। संदीप कुमार ने धमकी दी थी कि ज्यादा बोलेगी तो जेल में डलवा दूंगा।

संदीप कुमार के खिलाफ SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज
गौरतलब है कि अर्चना के पिता गौतम बुद्ध ने मार्च, 2022 में प्रियंका गांधी के निजी सहायक संदीप कुमार के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने संदीप पर अर्चना को जान से मारने की धमकी देने और जाति सूचक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। मेरठ पुलिस ने परतापुर थाने में संदीप कुमार के खिलाफ SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज किया था,लेकिन अभी तक संदीप कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अर्चना गौतम के पिता गौतम बुध का आरोप है कि उनकी बेटी प्रियंका गांधी के बुलावे पर 26 फरवरी 2023 को कांग्रेस के महाधिवेशन में भाग लेने के लिए रायपुर (छत्तीसगढ़) गई थीं। इस दौरान अचर्ना ने प्रियंका गांधी से मिलने का समय संदीप कुमार से मांगा था। लेकिन उन्होंने मिलनवाने से मना कर दिया था।

 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान अर्चना गौतम को ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। 2022 में अर्चना ने मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। वह बिग बॉस 16 के टॉप फाइव में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही थीं।

राहुल गांधी ने की शर्मनाक हरकत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 9 अगस्त, 2023 को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के बाद अभद्रता का परिचय दिया। राहुल ने अपनी हरकतों से महिलाओं का अपमान किया। अपना संबोधन पूरा करने के बाद राहुल गांधी सदन से रवाना हो गए लेकिन जाते समय उन्होंने एक छिछोरी हरकत कर दी। संसद से बाहर जाते समय उन्होंने महिला सांसदों की तरफ फ्लाइंग किस के इशारे किए। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने राहुल पर महिला सांसदों को फ्लाइंग किस देने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक बात पर मैं आपत्ति जाहिर करना चाहती हूं। जिनको आज मुझसे पहले बोलने का अधिकार दिया गया, उन्होंने जाते-जाते एक अभद्र लक्षण के दर्शन दिए। यह कोई अभद्र शख्स ही महिला सांसदों को फ्लाइंग किस दे सकता है। ऐसे गरिमाविहीन आचरण को इस देश के सदन में कभी नहीं देखा गया। यह उस खानदान के लक्षण हैं ये आज देश को पता चल गया।

कांग्रेस नेता का अश्लील वीडियो हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर झारखंड के कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता का अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में बन्ना गुप्ता एक महिला के साथ अश्लील बातचीत करते नजर आ रहे हैं। बन्ना गुप्ता कांग्रेस कोटे से राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री हैं। हालांकि उनका कहना है कि वीडियो फर्जी है, लेकिन इससे राजनीतिक गलियारे में फोन पर वीडियो कॉल से की गई अश्लील बातचीत से सनसनी फैल गई है।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर परेशान करने का आरोप
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी पर गंभीर आरोप लगे हैं। यूथ कांग्रेस असम की अध्यक्ष अंगकिता दत्ता ने आरोप लगाया है कि श्रीनिवास बीवी ने मुझे लगातार परेशान किया और लिंग के आधार पर मेरे साथ भेदभाव किया। मेरे मूल्य और संस्कार अब मुझे इसकी अनुमति नहीं देते। मामले को कई बार सामने लाने के बावजूद नेतृत्व में इसे अनसुना कर दिया। अंगकिता दत्ता ने कहा है कि बीवी श्रीनिवास को लगता है कि वह बहुत शक्तिशाली हैं और उन्हें पार्टी बड़े नेताओं का आशीर्वाद है इसलिए वह संगठन में एक महिला को परेशान और नीचा दिखा सकता है। युवा कांग्रेस की असम अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है उन्हें राहुल गांधी पर बहुत ज्यादा विश्वास था और भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जम्मू में श्रीनिवास के उत्पीड़न और अपमानजनक बर्ताव के बारे में बताया भी था लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस महिलाओं के लिए सुरक्षित जगह नहीं है।

महिला कार्यकर्ता ने कांग्रेस नेता पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक महिला कार्यकर्ता ने कांग्रेस नेता जयंत साहू पर बड़ा आरोप लगाया है। महिला ने जयंत साहू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। बेमेतरा इलाके की रहने वाली महिला कार्यकर्ता ने इसकी लिखित शिकायत रायपुर एसपी से की है। कांग्रेस नेता जयंत साहू धरसींवा से कांग्रेस पार्टी से पूर्व जनपद सदस्य रह चुके हैं। धरसींवा में ही वह काफी सक्रिय है। जयंत साहू पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कथित रूप से महिला को उच्च पद पर पहुंचाने का लालच दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जयंत मेरे साथ फिजिकल रिलेशन बनाना चाहता था। इतना ही नहीं महिला ने एसपी को शिकायत करते हुए यह भी कहा कि जयंत ने मुझसे ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए लिए हैं। फिलहाल मामला रायपुर पुलिस के पास है। पुलिस दोनों ही मामलों की जांच करने में जुट गई है।