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जेहादी मोहम्मद जुबैर और कांग्रेसी इकोसिस्टम भारत विरोधी और इस्लामी प्रोपगेंडा से भरी है पाकिस्तानी ‘पत्रकार’ की डॉक्यूमेंट्री के प्रचार में जुटा

हाफ़िज़ सईद के साथ शहजाद हमीद अहमद, प्रतीक सिन्हा के साथ मोहम्मद ज़ुबैर (फोटो साभार: एक्स/द हिंदू)

अरविन्द केजरीवाल ने बिल्कुल ठीक कहा था कि 'कांग्रेस को बर्बाद करने राहुल गाँधी ही बहुत है', क्योकि जब से राहुल के हाथों की बागडोर दी है, निरंतर पतन हो रहा है। पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा जिस भारत विरोधी डाक्यूमेंट्री का कांग्रेस इकोसिस्टम प्रचार कर रहा है, कांग्रेस का भारत विरोधी चेहरा दिखाकर लोक सभा चुनावों के कांग्रेस को डुबोने के लिए बहुत है। अगर कांग्रेस के भारत विरोधी चेहरे को बीजेपी और इसके समर्थकों ने रैलियों में उछालना शुरू कर दिया, निश्चितरूप से कांग्रेस इस चुनाव में हाशिए पर आ जाएगी, क्योकि अभी 543 में से कुल 108 का ही चुनाव हुआ है। 

फेक न्यूज फैक्ट्री होने के बावजूद खुद को ‘फैक्ट चेकर’ कहने वाला मोहम्मद जुबैर पाकिस्तानी ‘पत्रकार’ की डॉक्यूमेंट्री का प्रचार कर रहा है। उसने बुधवार (17 अप्रैल 2024) को शहजाद हमीद अहमद नाम के एक पाकिस्तानी ‘पत्रकार’ द्वारा निर्मित दुष्प्रचार भरी डॉक्यूमेंट्री को प्रमोट किया।

ये डॉक्यूमेंट्री चैनल न्यूजएशिया (NCA) ने 12 अप्रैल 2024 को प्रसारित की थी, जिसका मालिकाना हक सिंगापुर की कंपनी मीडिया कॉर्प के पास है। इस 46 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में दावा किया है कि वो भारत की ‘फेक न्यूज इंडस्ट्री’ को एक्सपोज करती है। इस डॉक्यूमेंट्री का शीर्षक है ‘इंडियाज वॉर ऑन फेक न्यूज: कैसे गलत जानकारियाँ भारत के लिए खतरा नंबर 1’ है। पाकिस्तानी पत्रकार अहमद की बनाई इस डॉक्यूमेंट्री को भारत में इस्लामिक और कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम के रूप में कई खरीदार मिले हैं।

मोहम्मद जुबैर, जो फेक न्यूज फैक्ट्री अल्ट न्यूज चलाता है, उसने इस डॉक्यूमेंट्री की एक क्लिप को ट्वीट किया और लिखा, ‘इंडियन फेक न्यूज इंडस्ट्री पर सिंगापुर बेस्ड @चैनलन्यूजएशिया द्वारा प्रसारित एक मस्ट वॉच डॉक्यूमेंट्री।’

उसने आगे लिखा, “इस वीडियो में दिखे वाला व्यक्ति (इंटरनेट ट्रोल/साइबर सिपाही) दावा कर रहा है कि बीजेपी आईटी सेल ने 40 से 50 हजार रुपए महीने की पगार पर फ्रीलांसर्स को तैनात किया है, जो सरकार समर्थित प्रोपेगेंडा को बढ़ाने और विपक्षी नेताओं को बदनाम करने में जुटे हैं।”

कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता लावण्या बल्लाल जैन, जो फेक न्यूज फैलाने के लिए मशहूर है। उसके जुबैर के ट्वीट को रीट्वीट किया और जुबैर के दावे को आगे बढ़ाने में मदद की कि बीजेपी आईटी सेल अपने विरोधियों के बारे में फेक न्यूज फैलाने में जुटी है।

इस विवादास्पद डॉक्टूमेंट्री को बनाने वाले व्यक्ति शहजाद हमीद अहमद की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वो स्टार एशिया प्राइवेट लिमिलेड. डॉन न्यूज, एल्लाइनेट कॉरपोरेशन, कैपिटल टीवी और इस्लामाबाद की यू-ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के लिए काम कर चुका है।

कथित पाकिस्तानी पत्रकार शहजाद हमीद अहमद भारत में सालों से ‘सेकुलरिज्म’ का ‘प्रचार’ करता रहा है। उसने साल 2021 में ‘इन बैड फेथ‘ नाम की तीन हिस्सों की डॉक्यूमेंट्री भी प्रसारित की थी। उसका एक एपिसोड(50 मिनट) में भारत में भगवाकरण के उभार पर केंद्रित था।

उसके डॉक्यूमेंट्री में दावा किया गया था कि भारत देश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रभाव में आकर ‘धर्मनिरपेक्षता’ से हिंदू-प्रथम बहुसंख्यकवाद की ओर जा रहा है।

इस भारत विरोधी डॉक्यूमेंट्री के लिए उसे लंडन फिल्म फेस्टिवल में एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड 2022 भी मिला था। इसकी कवरेज पाकिस्तानी मीडिया ने भी की थी।

दिलचस्प बात यह है कि वह 2016 में पाकिस्तान का ‘अगाही’ जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर पुरस्कार भी पा चुका है।

लोकप्रिय ओपन सोर्स इंटेलिजेंस हैंडल ‘OSINTwa_com’ के अनुसार, अहमद ने आज तक कभी पाकिस्तान में उत्पीड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों (हिंदू, ईसाई और सिख) की दुर्दशा पर कोई बात नहीं की है।

हाँ, ये जरूर है कि वो भारतीत क्रिकेट टीम को फेसबुक पर ‘पुसी कैट’ बता चुका है और साल 2022 में ब्रिटेन के लीचेस्टर में हुए हिंदुओं के खिलाफ हुए दंगों की सूचना को इस्लामिक नेरेटिव के हिसाब से आगे बढ़ा रहा था।

शहजाद हमीद अहमद को विवादास्पद संयुक्त राज्य धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) द्वारा भारत को काली सूची में डालने की वकालत करते हुए भी देखा गया था।

अपनी डॉक्यूमेंट्री में, पाकिस्तानी ‘पत्रकार’ ने अपने हालिया एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में मोहम्मद जुबैर द्वारा समर्थित इस्लामवादी रकीब हमीद नाइक को भी दिखाया है।

एक शातिर फेक न्यूज पेडलर राकिब हमीद नाइक हिंदू विरोधी दुष्प्रचार करने वाले संस्थान ‘हिंदुत्व वॉच’ का संस्थापक है। वो 1990 के दशक की शुरुआत में कश्मीर घाटी में कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकियों द्वारा हिंदुओं के नरसंहार को भी खारिज कर चुका है। यही नहीं, नाइक ने काशी में ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर मिले ‘शिवलिंग’ का भी  मजाक उड़ाया था।


हिंदू विरोधी दंगा : स्वरा भास्कर से लेकर पूजा भट्ट तक के संपर्क में था उमर खालिद, दिल्ली कोर्ट में पढ़ी गई व्हॉट्सएप चैट: ऑल्ट न्यूज, सुशांत सिंह, योगेंद्र यादव के भी नाम


 दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों की साजिश रचने का आरोपित उमर खालिद बेल के लिए एक से दूसरी अदालतों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसके खिलाफ दायर आरोप पत्र और प्राप्त सबूत उसकी बेल याचिका मंजूर नहीं होने दे रहे। 9 अप्रैल 2024 को भी उसके मामले पर दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में उसकी कई हस्तियों के साथ व्हॉट्सएप चैट पढ़ी गई।

इन चैट्स से खुलासा होता है कि उमर खालिद सोशल मीडिया से लेकर मीडिया में फर्जी का नैरेटिव तैयार करने के लिए सेलीब्रिटियों का सहारा लेता था। उसके संपर्क में वामपंथी स्वरा भास्कर के अलावा अभिनेत्री पूजा भट्ट, अभिनेता सुशांत सिंह समेत कई लोग थे। इसके अलावा अपने गढ़े नैरेटिव को हवा देने के लिए वो ऑल्ट न्यूज जैसे संस्थानों का भी सहारा लेता था।

जानकारी के मुताबिक जिन लोगों के साथ उमर खालिद की चैट सामने आई उसमें जिग्नेश मेवानी हैं। चैट में उमर खालिद अपने मतलब की ‘द वायर’ खबर को ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए जिग्नेश मेवानी को भेज रहा था और उसे कह रहा था कि वो लिंक ट्विटर पर साझा करे।

इसी तरह योगेंद्र यादव और पूजा भट्ट को मैसेज भेजकर उमर खालिद डॉ कफील पर ट्वीट करने की अपील कर रहा था। इसके अलावा उसने सुशांत सिंह को भी द क्विंट की रिपोर्ट भेजकर कहा था कि अभिनेता उसे अपने ट्विटर पर शेयर करें।

इन चैट्स से पता चलता है कि किस तरीके से उमर खालिद अधिक फॉलोवर्स वाले लोगों का इस्तेमाल अपने फर्जी के नैरेटिव को फैलाने के लिए कर रहा था। वो खुद उन्हें बताता था कि उन्हें कौन से लिंक ट्विटर पर साझा करने चाहिए ताकि उनके द्वारा उठाया मुद्दा गरमाए।

कोर्ट में ‘हम भारत के लोग’ नाम के व्हॉट्सएप ग्रुप का जिक्र भी अभियोजन पक्ष द्वारा किया गया। इसमें उमर कह रहा था कि ‘हम भारत के लोग’ को एक बयान जारी करके जामिया के छात्रों की गिरफ्तारी की निंदा करनी चाहिए। उसका कहना था कि अगर वो ऐसा करेंगे तो उनका पक्ष वायर, क्विंट वाले तो जरूर कवर करेंगे। बाद में वो उस लिंक को सोशल मीडिया के जरिए फैला देंगे।

इसी प्रकार से स्वरा भास्कर के साथ उमर खालिद की बात शाहीन बाग में समर्थन देने को लेकर हुई थी।

रसिका के साथ भी जामिया के मुद्दे पर उमर की बात हुई थी। संजुकता बासु के साथ भी खालिद ने द क्विंट की खबर पर चर्चा की थी। उमर खालिद ने ऑल्ट न्यूज के अर्चित से भी बात की थी कि वो लोग उसका पक्ष अपनी रिपोर्ट में दें।

अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में चैट्स को पढ़ते हुए बताया कि किस तरह से उमर खालिद अपने संदेशों को व्यापक स्तर पर पहुँचाने के लिए इन लोगों से संपर्क करता था। ये भी बताया गया कि उसने जो दिल्ली कमिश्नर को पत्र लिखा था वो भी उसने मीडिया को पब्लिश किया था और बाद में वो लिंक फैलाया था। इतना ही नहीं, कोर्ट में खालिद के अब्बा का वीडियो भी चलाया गया जो कि आरफा खानुम के साथ था।

नूपुर शर्मा के बाद अब अमृतांशु गुप्ता! मोहम्मद ज़ुबैर ने एक और निर्दोष को इस्लामी कट्टरपंथियों के सामने झोंका; मीडिया खामोश क्यों?

फेक न्यूज की फैक्ट्री चलाने वाले मोहम्मद जुबैर और इसका समर्थन कर देश में उपद्रव मचाने वालों पर केंद्रीय गृह मंत्री कब लगाएंगे? आखिर ये उपद्रवी कितनी नूपुर शर्मा की जान के लिए खतरे बनाता रहेगा? इस गंभीर मुद्दे पर मीडिया भी खामोश है, क्यों? अब इस ज़ुबैर ने पीआर मैनेजर अमृतांशु गुप्ता को निशाना बनाने की ठानी है। जुबैर ने अमृतांशु की डिटेल्स सोशल मीडिया पर शेयर कर दी, ताकि उसकी ट्रोल आर्मी अमृतांशु को अपना शिकार बना सके। ये ठीक उसी तरह का पैटर्न है, जिसकी शिकार बीजेपी नेता नुपूर शर्मा बनी थी। इसके लिए मोहम्मद जुबैर ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद के ट्विटर हैंडल को मैनेज करने वाले डिजिटल स्ट्रेटजिस्ट और सलाहकार अमृतांशु गुप्ता पर अपनी ट्रोल सेना उतार दी।

मोहम्मद जुबैर ने अपने ट्वीट में कहा कि वेंकटेश प्रसाद के हैंडल से जो ट्वीट उसे एक्सपोज करने के लिए किए गए थे, वो अमृतांशु ने किए थे, क्योंकि वही वेंकटेश प्रसाद का सोशल मीडिया मैनेज करते हैं। चूँकि वेंकटेश प्रसाद के एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में ट्वीट किए गए थे, जो जुबैर को नागवार गुजरे थे। जुबैर ने अमृतांशु की डिटेल्स शेयर करते हुए लिखा, “यही व्यक्ति वेंकटेश प्रसाद से लेकर वीरेंद्र सहवाग के ट्विटर/इंस्टा हैंडल मैनेज करता है। स्मृति ईरानी का ऑपइंडिया वेबसाइट के लिए इंटरव्यू करता है।”

जुबैर ने आशीष नेहरा के साथ गौरव कपूर के 2017 के साक्षात्कार का एक वीडियो भी साझा करते हुए लिखा कि अमृतांशु गुप्ता ने भुगतान किए गए ट्वीट के लिए पूर्व क्रिकेटर से संपर्क किया होगा। हालाँकि, वीडियो में आशीष नेहरा ने कहीं भी अमृतांशु का नाम नहीं लिया है।

जुबैर ने ‘आउटलुक’ मैगजीन का एक आर्टिकल भी शेयर किया और कहा, “सेलेब्स अपने सोशल मीडिया अकाउंट को मैनेज करने के लिए ‘प्रोफेशनल्स’ को हायर करते हैं जो उनके नाम से लिखते हैं।”

नुपूर शर्मा जैसा कांड दोहराने की कोशिश!

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा तब इस्लामी कट्टरपंथियों का निशाना बनी थीं, जब मोहम्मद जुबैर जैसे इस्लामिक कट्टरपंथियों ने पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम पर अपने विचार रखने के लिए उन्हें धमकियाँ दिलवाई थी। इस मामले में काफी विवाद हुआ था। दरअसल, शर्मा ‘टाइम्स नाउ’ पर एक बहस पैनल का हिस्सा थी, जिसमें ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने और इस खोज के बाद हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने पर चर्चा हो रही थी।
इस कार्यक्रम के दौरान इस्लामवादियों ने दावा किया था कि ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वुज़ुखाने के अंदर जो शिवलिंग मिला है, वह कोई शिवलिंग नहीं बल्कि एक फव्वारा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आलोचकों ने बार-बार कहा था कि ज्ञानवापी परिसर के अंदर पाया गया शिवलिंग एक फव्वारा था, न कि हिंदू भगवान की मूर्ति
हिंदू देवी-देवताओं पर की गई अवमानना ​​और तिरस्कार के जवाब में, भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने उनसे हिंदू देवताओं का अपमान बंद करने को कहा और पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम पर अपनी टिप्पणियों की पुष्टि के लिए इस्लामी धर्मग्रंथों और पवित्र कुरान का हवाला दिया। लेकिन, इसके बाद उनके वीडियो का एडिटेड हिस्सा जुबैर एंड कंपनी की तरफ से वायरल कर दिया गया था। उसी डिबेट में तस्लीम रहमानी ने क्या कहा, इसे छिपा लिया गया। इसके बाद कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे हत्याकांड सामने आया था। नूपुर शर्मा के समर्थन के कारण दोनों को मार डाला गया था।

वेंकटेश प्रसाद ने लगाई थी जमकर लताड़

हाल ही में वेंकटेश प्रसाद को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथियों और इस्लामवादियों के घनिष्ठ और शातिर लेफ्ट लॉबी ने निशाना बनाया था। लेकिन, जब जुबैर ने वेंकटेश प्रसाद को घेरने की कोशिश की, तो उन्होंने जुबैर को एक्सपोज कर दिया था।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के लिए मोहम्मद जुबैर को जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बस कॉन्ग्रेसी, वामपंथी और इस्लामवादी एकजुट होकर फर्जी फैक्ट-चेकर जुबैर के बचाव में उतर आए। दरअसल, वेंकटेश प्रसाद ने ‘भ्रष्ट और अहंकारी व्यक्ति द्वारा पूरे संस्थान को खराब करने’ को लेकर एक पोस्ट किया था। बाद में उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दिया था। इसको लेकर फेक खबर फैलाने के लिए कुख्यात ऑल्टन्यूज के सह-संस्थापक जुबैर ने उन पर निशाना साधा था।
हालाँकि, जब वेंकटेश प्रसाद ने हटाए गए ट्वीट को दोबारा पोस्ट किया, तो संदिग्ध ‘फैक्ट चेकर’ को भी शर्मिंदा होना पड़ा, जिसका इस्तेमाल उन्होंने भारतीय क्रिकेटर को निशाना बनाने के लिए किया था। वेंकटेश प्रसाद के ट्वीट को गलत अर्थ में पेश करने में मोहम्मद ज़ुबैर सबसे आगे था, इसीलिए वेंटकेश प्रसाद ने उसे लताड़ लगाई थी।
अवलोकन करें:-
जब वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा तो जुबैर ने वेंकटेश प्रसाद के मीडिया मैनेजर अमृतांशु गुप्ता को ढूँढ लिया और अमृतांशु गुप्ता पर अपनी ट्रोल आर्मी उतार दी। यह उसकी पिछली हरकतों की तरह ही है, जिसमें वो ऑनलाइन लिंचिंग करता है।